राजस्थान: डॉक्टर की आत्महत्या मामले में मांगों पर सरकार से बनी सहमति

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29 मार्च को दौसा ज़िले के लालसोट में डॉक्टर अर्चना शर्मा के आत्महत्या करने के बाद से राज्य भर में डॉक्टर्स का विरोध जारी रहा और काम का बहिष्कार भी किया गया.
आखिरकार छह दिन से जारी निजी डॉक्टर्स की हड़ताल खत्म हो गई है. डॉक्टर्स की मांगों पर सरकार से सहमति बन गई है, जिसके बाद निजी अस्पतालों के डॉक्टर्स ने हड़ताल ख़त्म करने का भी ऐलान किया है.
अब पांच अप्रैल से राज्य के सभी अस्पतालों में इमरजेंसी, ओपीडी और आइपीडी शुरू हो जाएंगी. सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बातचीत के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम सोसाइटी के पदाधिकारियों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की है.
डॉ. अर्चना शर्मा आत्महत्या मामले में बाक़ी बचे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग थी. साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की मांग की गई थी कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं दोहराई जाएं.

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इससे पहले डॉक्टर्स की अन्य एसोसिएशन भी हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर चुके थे.
मृतक डॉक्टर अर्चना शर्मा का लालसोट में डॉक्टर अर्चना शर्मा के निजी अस्पताल में एक गर्भवती ने बच्चे को जन्म देने के बाद मौत हो गई थी.
जिसके बाद अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन कर डॉक्टर पर हत्या का मामला दर्ज कराया गया था, जिससे आहत हो कर डॉक्टर अर्चना शर्मा ने आत्महत्या कर ली थी.
इस मामले में पुलिस ने अब तक भाजपा नेता समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है. लेकिन, मुख्य आरोपी बाल्य जोशी अभी भी फरार है, जिस पर पांच हज़ार रुपए का इनाम घोषित किया है. लालसोट थानाधिकारी, डिप्टी एसपी को निलंबित कर दिया गया है और एसपी का तबादला किया गया है.




