Zomato और Swiggy के ख़िलाफ़ प्रतिस्पर्धा आयोग ने दिया जांच का आदेश

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भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने फूड डिलेवरी करने वाली दो यूनिकॉर्न कंपनियों ज़ोमैटो और स्विगी के ख़िलाफ़ व्यापार में अनुचित तौर-तरीक़े अपनाने को लेकर जांच के आदेश दिए हैं.
भारत में तेज़ी से उभरते ऐप आधारित फूड डिलेवरी के कारोबार में इन दोनों कंपनियों की 95 फ़ीसदी हिस्सेदारी है.
देश में रेस्तरां कारोबार का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था 'नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया' (एनआरएआई) ने पिछले साल जुलाई महीने में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग में इन कंपनियों के ख़िलाफ़ शिकायत दायर की थी.
इस याचिका पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने जांच के आदेश दिए हैं. इन कंपनियों ने आयोग के फ़ैसले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि ये कंपनियां उन पर लगाए गए आरोपों से इनकार करती हैं. एनआरएआई देश के पांच लाख से भी अधिक रेस्तराओं का प्रतिनिधित्व करती है.
एनआरएआई ने सीसीआई में दायर की गई शिकायत में आरोप लगाया था कि ये दोनों कंपनियां कुछ रेस्तराओं को तरजीह दे रही है और इसकी जांच कराई जाए. एसोसिएशन ने ये भी आरोप लगाया है कि दोनों कंपनियां ऐसे रेस्तराओं से 'मोटा कमीशन' लेकर डिस्काउंट देती हैं.
बाक़ी रेस्तरां के लिए ये कमीशन इतना अधिक होता है कि वे मुकाबले में टिक नहीं पाती हैं. सीसीआई ने अपने आदेश में कहा है कि रेस्तरां के साथ फूड कंपनियों का जो करार है वो नए खिलाड़ियों को कारोबार में आने से रोकता है.






















