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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कर्नाटक के उडुपी के कुंदापुर इलाक़े में स्थित इस कॉलेज की छात्राओं का कहना है कि हिजाब उनके जीवन का हिस्सा है.
छात्राओं ने कहा, "हिजाब हमारे जीवन का हिस्सा है. हमारे सीनियर भी इसी कॉलेज में हिजाब पहनते हुए ही पढ़े. अब अचानक से यह नया नियम कैसे आ गया? अगर हम हिजाब पहनते हैं तो समस्या क्या है? अभी तक तो कोई दिक़्क़त नहीं थी."
इसे लेकर कई छात्र और छात्राएँ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
‘बुल्ली बाई’ ऐप पर मोदी सरकार के मंत्री ने संसद में क्या कहा
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मुस्लिम
महिलाओं का ऑनलाइन उत्पीड़न करने वाले ‘बुल्ली बाई’ और
‘सुल्ली डील्स’ ऐप को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी के सवाल के जवाब
में आईटी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा है कि महिलाओं के गरिमा की रक्षा करना हमारे
लिए सर्वोपरि है.
उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं कर सकते चाहे महिला का मजहब जो भी हो.
अपने
जवाब में वैष्णव ने कहा, ‘’ जो भी मुद्दे हमारे सामने आए हैं उन पर तेज़ी
के साथ कार्रवाई की गई है. जब भी सरकार सोशल मीडिया की जवाबदेह तय करने के
लिए कोई क़दम उठाती है तो विपक्ष
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले का आरोप लगाता है, जो सच नहीं है. हमें संतुलन बनाना होगा.‘’
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बुल्ली ऐप एक ऐप है जिसे वेब प्लेटफ़ॉर्म गिटहब पर तैयार किया गया था. इस ऐप पर 100 से ज़्यादा मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें शेयर की जा रही थीं और ये कहा जा रहा था कि वे 'बिक' सकती हैं. इनमें कई प्रमुख महिला पत्रकारों और कार्यकर्ताओं की भी तस्वीरें शामिल थीं
इस मामले पर हंगामे के बाद ऐप को हटा लिया गया है. अब पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है.
बुल्ली बाई ऐप से पहले पिछले वर्ष भी जुलाई में इसी तरह से मुस्लिम महिलाओं की ऑनलाइन "नीलामी" का एक मामला सामने आया था.
इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ़्तार भी किया है.
सिद्धू ने कहा- शीर्ष पर बैठे लोग पंजाब में कमज़ोर सीएम चाहते हैं
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पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि पार्टी के शीर्ष नेता पंजाब में कमज़ोर मुख्यमंत्री चाहते हैं.
अपने समर्थकों की नारेबाज़ी के बीच सिद्धू ने कहा- अगर नया पंजाब बनाना है, तो ये मुख्यमंत्री के हाथों में हैं. इस बार आपको सीएम चुनना है. शीर्ष पर बैठे लोग एक कमज़ोर सीएम चाहते हैं, जो उनके हिसाब से चले. क्या आपको ऐसा सीएम चाहिए?
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माना जा रहा है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी जल्द ही पंजाब में सीएम पद का चेहरा घोषित करने वाले हैं. पंजाब में कई दिनों से ये मांग उठ रही है कि कांग्रेस को अपने सीएम पद का चेहरा सामने लाना चाहिए. पिछले दिनों पंजाब के दौरे पर गए राहुल गांधी के कार्यक्रम के दौरान ख़ुद सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने इसकी मांग की थी.
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उस समय राहुल गांधी ने कहा था कि जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी. इस कार्यक्रम में नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद थे, जिन्होंने मंच कर जाकर चन्नी को गले लगाया और कहा कि उन दोनों में कोई मतभेद नहीं है. अमरिंदर सिंह के पद छोड़ने के बाद कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य की कमान सौंपी थी. लेकिन सिद्धू कई मौक़े पर चन्नी सरकार के फ़ैसले पर अपनी नाराज़गी जता चुके हैं.
बीजेपी ने कहा- अखिलेश को तो जनता ने 2017 में ही ठंडा कर दिया था
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गर्मी शांत करने वाले बयान पर विवाद लगातार जारी है.
गुरुवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था कि वो कोई कंप्रेसर थोड़ी हैं, जो हमें ठंडा कर देंगे.
अब यूपी में योगी सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "अखिलेश जी आपको तो 2017 में ही ठंडा कर दिया गया और इसके लिए मुख्यमंत्री की ज़रूरत नहीं पड़ी, आपको तो जनता ने ही ठंडा कर दिया. पहले जनता के बीच जाकर गर्म तो हो जाओ, वो 2022 के बाद ठंडे ही रहेंगे."
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गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गर्मी शांत करने वाले बयान पर एआईएमआईएम के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने भी प्रतिक्रिया दी थी.
मेरठ में ओवैसी ने कहा था-असदउद्दीन ओवैसी ने युवाओं, अल्पसंख्यक समाज और पिछड़ों में जो गर्मी पैदा की है, वो आग से कम नहीं है, वो क़यामत तक रहेगी. अब आप अपनी फ़िक्र कीजिए.
हाल ही में मथुरा में एक जनसभा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सूची निकलते ही जितने भी पेशेवर माफिया और अपराधी थे वे फिर से अपने बिलों से बाहर निकलकर रेंगते हुए दिखाई दे रहे हैं. उनकी गर्माहट धमकी दे रही है, वो 10 मार्च के बाद फिर से ठीक हो जाएगी. इससे पहले भी वे गर्मी शांत करने वाले बयान दे चुके हैं, जिसे लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त कर चुके हैं.
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कुछ दिनों पहले योगी आदित्यनाथ ने ये भी कहा था- ये गर्मी जो अभी कैराना में और मुजफ्फरनगर में कुछ जगह दिखाई दे रही है न, ये सब शांत हो जाएगी. क्योंकि गर्मी कैसे शांत होगी, ये तो मैं मई और जून में भी इसको शिमला बना देता हूँ.
अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई थी और गुरुवार को समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शिकायत की है और आयोग से अनुरोध किया है कि वो इस पर रोक लगाने के लिए निर्देश दे.
दिल्ली में सोमवार से 9वीं से 12वीं के स्कूल खुलेंगे, नाइट कर्फ़्यू में भी ढील
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दिल्ली
में 9वीं से 12वीं के बच्चों के स्कूल सोमवार से खोले जाने का फ़ैसला किया गया है.
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने प्रेस
कॉन्फ्रेंस कर बताया कि राजधानी में कम होते कोरोना के मामलों को देखते
हुए डीडीएमए की बैठक में अहम फ़ैसले लिए गए हैं ताकि आम लोगों के जीवन को दोबारा
पटरी पर लाया जा सके.
उन्होंने
बताया, ‘’ सोमवार यानी 7 फरवरी से 9वीं से 12वीं
के बच्चों के स्कूल खोले जाएँगे. इन उम्र के बच्चों के वैक्सीनेशन में काफ़ी बेहतरी
आई है. हालाँकि फ़िलहाल हाइब्रिड क्लासेज़ चलती रहेंगी. 14 तारीख से नर्सरी से
लेकर आठवीं तक के स्कूल भी खोल दिए जाएँगे.‘’
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मनीष सिसोदिया ने बताया कि 7 फरवरी से दिल्ली के सभी कॉलेज भी खोल दिए जाएँगे और उनकी ऑनलाइन क्लास नहीं चलेगी बल्कि फ़िज़िकल क्लास होगी.
उन्होंने बताया, "नाइट कर्फ्यू रात 10 बजे की जगह 11 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू होगा. रेस्टोरेंट अब 11 बजे तक खुल सकेंगे. इससे पहले कोई रेस्टोरेंट बंद नहीं होंगे."
‘’ सभी सरकारी और निजी दफ्तर पूरी क्षमता के साथ संचालन कर सकते हैं. स्पा, जिम और स्विमिंग पूलसोमवार से खुलेंगे.‘’
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यूपी में बीजेपी इस बार 300 का आँकड़ा पार करने वाली है- अमित शाह
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गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नामांकन से पहले
आयोजित बीजेपी की रैली में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि बीजेपी 300 का आँकड़ा
पार कर रही है.
जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘हाथ उठाइए और मेरे साथ बोलिए कि बीजेपी इस बार 300 का आँकड़ा पार
कर रही है.’’
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अमित शाह ने कहा- बीजेपी इतिहास दोहराने वाली है, 2014, 2017 और 2019 में जनता ने मोदी जी के नेतृत्व में विकास का रास्ता अख़्तियार किया है.’’
‘’हम ये ऐतिहासिक निर्णय करके नामांकन भरने जा रहे हैं कि हम 300 सीटें पार करेंगे.’
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उन्होंने कहा- जब मुझे यहाँ का प्रभारी बनाया गया तो लोग कहते थे कि भाजपा डबल डिजिट पार नहीं कर पाएगी और हुआ ये कि विपक्ष डबल डिजिट पर पहुँच गया.
‘’उत्तर प्रदेश जो माफ़ियाओं के लिए जाने जाता था, योगी जी के राज में माफ़िया खुद पुलिस के सामने जा कर सरेंडर कर रहे हैं.’’
‘’आज माफ़िया तीन जगहों पर दिखते हैं- जेल में, राज्य से बाहर या सपा की विधायक उम्मीदवारों की सूची में.''
गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ ने भरा नामांकन, साथ में मौजूद रहे अमित शाह
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इमेज कैप्शन, फ़ाइल फ़ोटो
उत्तर
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर से नामांकन दाखिल कर
दिया है. इस दौरान उनके साथ गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद थे.
प्रदेश
में 10 फ़रवरी से शुरू होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तहत चार फरवरी से नामांकन
की प्रक्रिया शुरू हो गई है. प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
गोरखपुर
योगी आदित्यनाथ का गढ़ माना जाता है. 1998 से लेकर 2017 तक योगी आदित्यनाथ यहां से
सांसद रहे. गोरखपुर स्थित गोरक्षनाथ मठ के प्रमुख होने के कारण इस इलाके में उनका
काफ़ी प्रभाव है.
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उत्तरप्रदेश में गोरखपुर सीट बीजेपी के लिए सबसे सुरक्षित सीटों में से एक है. 1991 से लेकर 2014 तक तमाम विरोधी माहौल में भी पूर्वांचल में जो एक सीट हमेशा बीजेपी की होती रही वह है गोरखपुर.
ऐसे में इस सीट को उत्तर प्रदेश की वीवीआईपी सीट माना जाता है.इस बार योगी आदित्यनाथ को इस सीट पर आजाद समाज पार्टी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद चुनौती दे रहे हैं.
हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट के इस फ़ैसले को दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
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हरियाणा सरकार ने स्थानीय लोगों के लिए निजी नौकरियों में 75% कोटा रोकने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुवार को निजी नौकरियों में
स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण पर रोक लगाने का फ़ैसला सुनाया था, लेकिन राज्य सरकार
ने इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. सुप्रीम कोर्ट सोमवार को इस
याचिका पर सुनवाई करेगा.
हरियाणा स्थानीय उम्मीदवार रोजगार अधिनियम, 2020 पिछले साल नवंबर में पारित किया गया था. जो इस साल 15
जनवरी से लागू हुआ है.
कानून लागू होने के बाद उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा
था कि इससे हजारों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे.
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पाकिस्तान के इस तेज़ गेंदबाज़ पर आईसीसी ने क्यों लगाई पाबंदी
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पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद हसनैन के गेंदबाज़ी करने पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने रोक लगा दी है.
आईसीसी का कहना है कि उनके एक्शन को ग़लत पाया गया है और इसके बाद उन्हें गेंदबाज़ी करने से रोक दिया गया है.
जनवरी के आख़िर में हसनैन के गेंदबाज़ी एक्शन का टेस्ट हुआ था. ऑस्ट्रेलिया में घरेलू क्रिकेट खेलते हुए उनके एक्शन पर सवाल उठे थे.
लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैनेजमेंट साइंसेज़ ने जाँच के बाद इसकी पुष्टि की है कि हसनैन का एक्शन आईसीसी की 15 डिग्री की सीमा का उल्लंघन करता है.
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21 वर्षीय हसैनन के एक्शन की जाँच पहले आईसीसी स्वीकृत संस्था में ब्रिसबेन में होना था. लेकिन मध्य जनवरी में वे ऑस्ट्रेलिया से लौट आए और उसके बाद ये तय हुआ कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से स्वीकृत किसी भी संस्था में उनके एक्शन की जाँच होगी. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने लाहौर की संस्था की रिपोर्ट की पुष्टि की है और ये भी बताया है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से उसे विस्तृत रिपोर्ट मिली है.
आईसीसी के नियमों के मुताबिक़ उनके एक्शन में सुधार के बाद उनकी फिर जाँच होगी. आईसीसी की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद ही वे दोबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाज़ी कर पाएँगे. पीसीबी ने उम्मीद जताई है कि हसनैन के एक्शन को लेकर हो रही समस्या हल कर ली जाएगी. पाकिस्तान की ओर से हसनैन ने 26 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 29 विकेट लिए हैं.
बीजिंग ओलंपिक पर भारत के फ़ैसले की अमेरिकी सीनेट कमेटी ने की सराहना
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अमेरिका में सीनेट की विदेशी मामलों की समिति ने बीजिंग विंटर ओलंपिक के उदघाटन और समापन समारोह के बहिष्कार के भारत के फ़ैसले का स्वागत किया है.
समिति के चेयरमैन बॉब मेनेन्डीज़ ने ट्वीट कर लिखा है कि वे उन सभी देशों के साथ खड़े हैं, जो चीन के मानवाधिकार हनन को ख़ारिज करते हैं. उन्होंने कहा कि चीन ओलंपिक 2022 को अपनी राजनीतिक जीत के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहा है.
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गलवान घाटी की झड़प में शामिल अपने सैनिक को ओलंपिक की मशाल देने को लेकर चीन पर भारत ने कड़ा रुख़ अपनाया था. गुरुवार को भारत सरकार ने चीन के इस क़दम के बाद ओलंपिक उद्घाटन और समापन समारोहों में अपने दूत को न भेजने का निर्णय लिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बाग़ची ने गुरुवार को इस संबंध में कहा था, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चीन ने ओलंपिक का भी राजनीतिकरण करने का फैसला लिया है. भारतीय दूत बीजिंग विंटर ओलंपिक के उद्घाटन या समापन समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे."
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बुधवार को बीजिंग विंटर ओलंपिक के पारंपरिक मशाल रिले में गलवान हिंसा में शामिल एक सैनिक की फ़बाओ को शामिल किया गया था. यह सैनिक झड़प में घायल हुआ था. विदेश मंत्रालय के इस फ़ैसले के बाद प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर ने ट्वीट कर कहा था कि दूरदर्शन का स्पोर्ट्स चैनल बीजिंग विंटर ओलंपिक के उदघाटन और समापन समारोह का लाइव प्रसारण नहीं करेगा.
अमेरिका ने गलवान पर फिर चीन को आड़े हाथों लिया, यूक्रेन पर भारत के रुख़ पर भी की टिप्पणी
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गलवान के कमांडर को ओलंपिक मशाल रिले में शामिल करने को लेकर एक बार फिर अमेरिका ने चीन की आलोचना की है.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने नियमित प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि अमेरिका ने पहले भी अपने पड़ोसियों को धमकाने के चीन की कोशिशों के पैटर्न पर चिंता व्यक्त की है.
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उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि सीमा विवाद को लेकर दोनों देश सीधी बात करें और इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालें. नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका अपने दोस्तों, अपने पार्टनर्स और गठबंधन के सहयोगियों के साथ है. अमेरिका इंडो-पैसेफ़िक में अपनी साझा सुरक्षा और मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए दोस्तों के साथ है. पिछले दिनों चीन ने गलवान में भारत के साथ हुई हिंसक झड़प में शामिल एक कमांडर को ओलंपिक मशाल रिले में शामिल किया था. गलवान में मई 2020 में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इस झड़प में भारत के 20 सैनिक मारे गए थे. चीन ने कभी भी आधिकारिक रूप से ये स्वीकार नहीं किया है कि उसके कितने सैनिक मारे गए. हालाँकि वहाँ की सरकारी मीडिया ने कई बार सिर्फ़ चार सैनिकों के मारे जाने की बात कही है. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के एक अख़बार 'द क्लैक्सन' ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि चीन की तरफ़ से चार सैनिकों की मौत का आँकड़ा बताया गया था लेकिन इससे 9 गुना ज़्यादा, कम-से-कम 38 पीएलए जवानों की मौत हुई थी.
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने यूक्रेन मामले में रूस को लेकर भारत के साथ संबंधों पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मामले को भारत पर छोड़ता है कि वो यूएन में यूक्रेन मामले को लेकर क्या रुख़ अपनाता है. पिछले दिनों यूएन सुरक्षा परिषद में यूक्रेन के मामले पर हुई वोटिंग में भारत ने हिस्सा नहीं लिया था.
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नेड प्राइस ने एक बार फिर दोहराया कि रूस यूक्रेन की सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती कर रहा है और इस कारण वहाँ तनाव की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ-साथ अन्य देशों के साथ भी इस मुद्दे पर संपर्क में है. नेड प्राइस ने स्पष्ट किया कि रूस पर भारत के रुख़ को लेकर अमेरिका के साथ उसके रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते अलग हैं, जो अपनी ख़ूबियों और दम पर टिके हुए हैं.
NEET PG की परीक्षा टली, स्वास्थ्य मंत्रालय का फ़ैसला
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केंद्रीय
स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीट की पोस्ट-ग्रेजुएशन परीक्षा 2022 को छह से आठ सप्ताह के लिए टाल दिया है.
गुरुवार
को जारी एक आदेश में लिखा
गया, "नीट पीजी-2022 परीक्षा तारीख 12.03.22 में को टालने को लेकर कई डॉक्टरों की ओर से अनुरोध किया गया है.
क्योंकि यह तारीख नीट पीजी
2021 की काउंसलिंग के साथ टकरा रही है. साथ ही, कई इंटर्न मई 2022 तक पीजी कीकाउंसलिंग
में भाग नहीं ले पाएंगे.’’
‘’ इस तथ्यों को देखते हुए स्वास्थ्य
मंत्री ने परीक्षा की तारीख़ छह से आठसप्ताह
तक टालने का फ़ैसला लिया है.‘’
सुप्रीम
कोर्ट शुक्रवार को परीक्षा स्थगित करने की याचिका पर सुनवाई करने वाला था. याचिका
25 जनवरी को दायर की गई थी, लेकिन उससे पहले ही परीक्षा टाल दी गई है.
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पंजाब के सीएम चन्नी के भतीजे को ईडी ने किया गिरफ़्तार
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पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव
से पहले प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भतीजे भूपिंदर
सिंह हनी को गिरफ़्तार किया है.
ईडी ने उन्हें अवैध बालू खनन मामले से
जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ़्तार किया है.
गिरफ़्तारी से पहले ईडी ने गुरुवार की
शाम को भूपिंदर सिंह हनी को हिरासत में लिया था और उनसे क़रीब आठ घंटे की पूछताछ के
बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया.
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस
के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस गिरफ़्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है,
‘’यह राजनीतिक गिरफ़्तारी है, दबाव बनाने के लिए की जा रही है. अगर किसी के ख़िलाफ़
कार्रवाई करनी होती तो यह एक दिन में नहीं बल्कि 4-5 महीने में की
जानी चाहिए थी. यह जानबूझकर किया जा रहा है. चन्नी अनुसूचित जाति के मुख्यमंत्री
हैं, वे उन्हें परेशान कर रहे हैं और उनका मनोबल गिराना चाहते हैं.‘’
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बीजिंग शीत ओलंपिक का हुआ आगाज़, विवादों से घिरा रहा है इवेंट
बीते कुछ दशकों में सबसे विवादित माने जाने वाले शीतकालीन ओलंपिक
2022 का आगाज़ बीजिंग में शुक्रवार से हो गया है. इसके साथ ही बीजिंग अकेला ऐसा
शहर बन गया है जिसने ग्रीष्म और शीत दोनों ही ओलंपिक खेलों का आयोजन किया है.
कोविड-19 के कड़े प्रतिबंधों के साथ-साथ ये ओलंपिक राजनीतिक तनावों
से घिरा रहा. अमेरिका सहित कई देशों ने चीन के शिनजियांग में मानवाधिकार के
उल्लंधन के आरोपों के कारण इस आयोजन का कूटनीतिक स्तर पर बहिष्कार किया है.
एथलीट और अधिकारी कोविड के प्रसार से बचने के लिए तैयार किए गए ‘बबल’
के अंदर ही रह रहे हैं, उन्हें इस बबल से बाहर जाने की इजाज़त नहीं है.
जो लोग एक बबल से दूसरे बबल तक जा रहे हैं वे आधिकारिक कारों का
इस्तेमाल कर रहे हैं. भारत ने राजनयिक स्तर पर इस आयोजन का बहिष्कार किया है.
चीन के इस क़दम के ख़िलाफ़ भारत के समर्थन में अमेरिका
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बीजिंग में हो रहे शीतकालीन ओलंपिक के लिए गलवान घाटी में
हुई मुठभेड़ में शामिल चीनी सेना के कमांडर को टॉर्च बियरर बनाए जाने पर अमेरिका
ने आपत्ति जताई है.
अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने चीन
के इस क़दम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘’ हम भारत-चीन सीमा पर स्थिति को लेकर प्रत्यक्ष
वार्ता और सीमा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करना जारी रखेंगे.‘’
''हमने पहले भी चीन के अपने पड़ोसियों को डराने-धमकाने के प्रयासों के पैटर्न पर
अपनी चिंता व्यक्त की है. हम इंडो पैसिफ़िक क्षेत्र में अपनी साझा समृद्धि, सुरक्षा और मूल्यों को
आगे बढ़ाने के लिए भागीदारों और सहयोगियों के साथ खड़े हैं.''
इससे पहले अमेरिकी सीनेट फ़ॉरेन रिलेशन कमेटी ने चीन के इस
क़दम को शर्मनाक बताया है.
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इस कमेटी के प्रमुख सीनेटर जिम रिश ने ट्वीट कर कहा, ‘’यह शर्मनाक है कि चीन ने ओलंपिक 2022 के लिए एक ऐसे टॉर्च बियरर को चुना जो भारत में साल 2020 में हुए हमले के दौरान सैन्य टुकड़ी में शामिल था. चीन वीगरों के ख़िलाफ़ नरसंहार करता है.‘’
‘’अमेरिका वीगरों का समर्थन जारी रखेगा और और हम भारत की संप्रभुता का समर्थन करते हैं.‘’
चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स की ख़बर के अनुसार चीन ने गलवान घाटी में घायल हुए पीएलए के कमांडर क्यूयी फ़बाओ को बीजिंग 2022 का टॉर्च बियरर बनाया.
गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ हुई झड़प में फ़बाओ को सिर में चोट आई थी.
फ़बाओ झिंजांग सैन्य कमान में रेजिमेंटल कमांडर हैं. 15 जून 2020 को गलवान घाटी में दोनों देशों की झड़प में फ़बाओ को सिर में गंभीर चोटें आयी थीं.
मई 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी.
भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में हुई हिंसा में 20 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई थी. चीन ने कभी आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया कि उसके कितने सैनिक मारे गए.
चीन दौरे से ठीक पहले पुतिन ने कहा- गहरे रिश्ते कायम होंगे
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बीजिंग में आज से शुरू हो रहे शीतकालीन ओलंपिक 2022 के उद्घाटन समारोह में भाग लेने से एक दिन पहले रूसी
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीनी मीडिया से कहा कि दोनों देशों के नेताओं की
बैठक से रूस और चीन के बीच आपसी राजनीतिक विश्वास के आधार पर धनिष्ठ सहयोग स्थापित
होगा.
चीन के अख़बार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दोनों देश आज की
चुनौतीपूर्ण दुनिया में स्थिरता की सुरक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका
निभाएंगे.
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के
निमंत्रण पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन 4 फ़रवरी को बीजिंग दौरे पर होंगे और शीतकालीन ओलंपिक खेलों के
उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे.
इस दौरान दोनों देशों के नेता
द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत और गहन वार्ता करेंगे.
पुतिन पहले विदेशी राजनेता
हैं जिन्होंने बीते साल ही 2022 में होने वाले ओलंपिक में
अपने शामिल होने की पुष्टि की थी.
तालिबान पर एक महिला प्रदर्शनकारी को जबरन 'अगवा' करने का आरोप
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अफ़ग़ानिस्तान की राज़धानी काबुल में हुए विरोध प्रदर्शन में भाग
लेने के बाद तालिबान ने कथित तौर पर एक महिला प्रदर्शनकारी को उसके घर से जबरन
अगवा कर लिया है.
बीबीसी को एक सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक़ मुरसल अयार को
बुधवार को उनके घर से गिरफ़्तार कर लिया गया. उनकी गिरफ़्तारी महिलाओं के लिए समान
अधिकार की मांग करने वाले प्रदर्शनों में भाग लेने के बाद हुई.
अफ़ग़ान महिलाएं कई विरोध प्रदर्शनों के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान में
महिलाओं के समान अधिकार की मांग कर रही हैं. उनके इन प्रदर्शनों ने अंतरराष्ट्रीय
स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है.
माना जाता है कि बीते कुछ
सप्ताह में अयार छठवीं ऐसी प्रर्दशनकारी हैं जो लापता हुई हैं.
हालांकि तालिबान ने किसी भी महिला को हिरासत में लेने की ख़बरों से
इंकार किया है.
तालिबान के प्रवक्ता ने कहा है कि वह अयार के मामले पर नज़र बनाए हुए
हैं.
तालिबान के प्रवक्ता बिलाल करीमी ने बीबीसी से कहा, ‘’ये मामला अभी तुरंत सामने आया है, हम इसकी जांच कर रहे हैं.‘’
अयार के अलावा, परवाना
इब्राहिमख़ाइल, तमना परयानी और परयानी की तीन बहनें
ज़रमीना, शफ़ीक़ा और करीमा के भी हिरासत में
होने की आशंका है, ये सभी 19 जनवरी से लापता हैं.
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