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डूरंड विवाद के हल के लिए तालिबान सरकार बना रही समिति

डूरंड रेखा से जुड़े विवाद के हल के लिए इस्लामिक अमीरात कई मंत्रालयों की एक संयुक्त समिति बना रहा है. सोमवार को अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and अभय कुमार सिंह

  1. डूरंड विवाद के हल के लिए तालिबान सरकार बना रही समिति

    डूरंड रेखा से जुड़े विवाद के हल के लिए इस्लामिक अमीरात कई मंत्रालयों की एक संयुक्त समिति बना रहा है.

    सोमवार को अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है.

    पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बीते दिनों काबुल की यात्रा की थी और उसके बाद ही यह घोषणा की गई है.

    इस संयुक्त समिति के गठन का फ़ैसला दूसरे डिप्टी पीएम अब्दुल सलाम हनफ़ी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में किया गया.

    इस्लामिक अमीरात के उप-प्रवक्ता इमानुल्लाह सामांगानी ने बताया कि इस समिति को बनाने का उद्देश्य डूरंड रेखा के जुड़ी समस्याओं का निपटारा करना है और साथ ही भविष्य के लिहाज़ से संभावित सुरक्षा समस्याओं का हल खोजना है. इसके अलावा उन सुरक्षा समस्याओं को भी दूर करना है जो बीते वक़्त में पेश आई हैं.

    उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि इस तरह के मसलों का हल आपसी समझ से ही किया जाना चाहिए.

    इससे पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ़ के नेतृत्व में पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय यात्रा पर काबुल गया हुआ था. वहां उन्होंने इस्लामिक अमीरात के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी. यह प्रतिनिधिमंडल रविवार को वापस लौट आया था.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया है कि इस यात्रा का मक़सद दोनों देशों के आर्थिक संबंध को और गहरा करना है.

    बयान में कहा गया है कि इस यात्रा के दौरान, पाकिस्तान ने स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, सीमा शुल्क, रेलवे और दूसरे कई मामलों में अफ़ग़ानिस्तान को सहायता की पेशकश की.

    टोलो न्यूज़ की ख़बर के मुताबिक़, डूरंड रेखा पर फेंसिंग करने को लेकर पाकिस्तानी सेना के क़दम पर अफ़ग़ानिस्तान कई बार टिप्पणी कर चुका है. इससे पूर्व सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो भी देखने को मिले थे जिसमें इस्लामिक अमीरात की सेना डूरंड रेखा पर फ़ेंसिंग को लेकर विवाद कर रही है.

  2. यूक्रेन संकट: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और अमेरिका के बीच टकराव

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और अमेरिका के राजदूतों के बीच जमकर झड़प हुई. दरअसल, अमेरिका ने यूक्रेन की सीमा पर तैनात रूसी सैनिकों की स्थिति और हमले की आशंका को लेकर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलायी थी. उसमें दोनों देशों के राजदूत आपस में भिड़ बैठे.

    अमेरिका की ओर से इस बैठक में मौजूद लिंडा थॉमस ग्रीनफ़ील्ड ने कहा कि जिस तरह से रूस ने यूक्रेन की सीमा पर अपने सैनिकों को तैनात कर रखा है, वो यूरोप में अपने तरह की सबसे बड़ी तैनाती है. दशकों बाद ऐसा देखा गया है.

    इस पर उनके रूसी समकक्ष ने अमेरिका पर उन्माद फैलाने का आरोप लगाया.साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका रूस के मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है, जिसे किसी भी क़ीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

    अमेरिका और ब्रिटेन ने एकबार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर रूस, यूक्रेन पर हमला करता है तो वे उस पर और प्रतिबंध लगा सकते हैं.

    ब्रिटेन के विदेश मंत्री लिज़ ट्रस ने कहा कि इस संबंध में क़ानून तैयार किया जा रहा है जिससे क्रेमलिन के ख़ास लोगों और व्यवसाय पर व्यापक असर पड़ेगा. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि वॉशिंगटन के प्रतिबंधों का मतलब यह होगा कि क्रेमलिन के नज़दीकी इंटरनेशनल फ़ाइनेंस सिस्टम से कट जाएँगे.

    रूस ने यूक्रेन की सीमा पर क़रीब एक लाख सैनिक तैनात कर रखे हैं.जिसे लेकर अमेरिका चेतावनी दे रहा है कि रूस, यूक्रेन पर हमले की योजना बना रहा है. हालाँकि रूस कई बार यह दावा कर चुका है कि उसकी यूक्रेन पर हमले की कोई योजना नहीं है.

  3. ब्रिटेन: लॉकडाउन उल्लंघनों पर बोरिस ने कहा 'सॉरी', विपक्ष ने की इस्तीफ़े की मांग

    कोरोना महामारी की पाबंदियों के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के सरकारी आवास '10, डाउनिंग स्ट्रीट' में हुई पार्टी को लेकर बोरिस जॉनसन ने संसद में माफ़ी मांगी है. इस पार्टी को लेकर सू ग्रे नाम की एक नौकरशाह ने रिपोर्ट तैयार की है.

    लेकिन विपक्षी लेबर पार्टी ने प्रधानमंत्री को 'शर्म न करने वाला इंसान' कहते हुए इस्तीफ़े की मांग की है.

    प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संसद में कहा कि वो रिपोर्ट की पड़ताल को स्वीकार करते हैं और ये मानते हैं कि उनकी तरफ़ से गलती हुई है.

    उन्होंने कहा, "हमें आईना देखना चाहिए और सीखना चाहिए, ये कहने का कोई मतलब नहीं कि सभी चीजें नियमों के भीतर थीं."

    जॉनसन ने अपनी सफ़ाई में कहा कि अब वो 'डाउनिंग स्ट्रीट' और कैबिनेट ऑफिस को चलाने के तरीक़े में बदलाव कर रहे हैं, जिससे चीज़ें सुधरेंगी.

    उनका कहना है कि सरकार के तौर-तरीक़ों में सुधार के लिए वो आने वाले दिनों में घोषणाएं करेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में उनका सिर्फ़ माफ़ी मांग लेना ही काफ़ी नहीं है.

    विपक्ष ने की इस्तीफ़े की मांग

    दूसरी तरफ़ विपक्ष ने प्रधानमंत्री को ''बेशर्म'' बताते हुए इस्तीफ़े की मांग की है. लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर पहले भी बोरिस जॉनसन के इस्तीफ़े की मांग कर चुके हैं.

    अब संसद में उन्होंने कहा कि पीएम और इस स्कैम से जुड़े सभी लोग ख़ुद को और अपने ऑफिस को नीचा दिखा रहे हैं. साथ ही इन लोगों ने सरकार और जनता के बीच के भरोसे के बंधन को तोड़ दिया है.

    ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने संसद में कहा कि कोविड के नियमों से लोगों पर प्रतिबंध लगे थे, लोगों को ये जानने का हक़ है कि क्या प्रधानमंत्री इन नियमों को समझते हैं.

    टेरीज़ा मे ने कहा कि सू ग्रे की रिपोर्ट से पता चलता है कि 'डाउनिंग स्ट्रीट' नियमों का पालन नहीं कर रहा था. उन्होंने प्रधानमंत्री जॉनसन से पूछा कि क्या उन्हें नियमों के बारे में पता था या वो नज़रअंदाज़ कर रहे थे?

  4. जनता का दर्द नहीं खजाना दिखता है, टैक्स कलेक्शन उपलब्धि लगती है-राहुल गांधी

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आर्थिक सर्वे-2022 संसद के पटल पर रखा. इस सर्वे में देश की अर्थव्यवस्था का पूरा लेखा-जोखा रहता है.

    अब आर्थिक सर्वे के पेश होने के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट करके टैक्स कलेक्शन पर निशाना साधा है.

    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का कहना है कि मोदी सरकार टैक्स की कमाई को एक उपलब्धि के तौर पर पेश करती है और सरकार को जनता का दर्द नहीं दिखता है.

    उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ''देश की जनता टैक्स वसूली के बोझ से परेशान है जबकि मोदी सरकार के लिए ये टैक्स की कमाई एक बड़ी उपलब्धि है. नज़रिए का अंतर है- उन्हें जनता का दर्द नहीं सिर्फ़ अपना ख़ज़ाना दिखता है.''

    इस बीच न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने वित्त मंत्रालय के हवाले से बताया है कि चौथी बार जीएसटी कलेक्शन 1 करोड़ 30 लाख के आंकड़े को पार कर गया है.

    जनवरी 2022 के लिए 1,38,394 करोड़ का कुल जीएसटी कलेक्शन किया गया है. जनवरी 2021 के मुक़ाबले ये कलेक्शन 15 फ़ीसदी और जनवरी 2020 के मुक़ाबले 25 फ़ीसदी अधिक है.

  5. दिल्ली में 24 घंटे में 2,779 नए कोरोना केस, 38 मौतें

    देश की राजधानी दिल्ली में बीते 24 घंटे में 2,779 कोरोना के केस सामने आए हैं. शहर में 38 लोगों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हुई है.

    दिल्ली में बीते कुछ दिनों से कोरोना के मामले लगातार घटते जा रहे हैं. यही कारण था कि शहर में बीते कुछ हफ़्तों से चालू वीकेंड कर्फ़्यू भी बीते सप्ताह से हटा दिया गया था.

    लेकिन शहर के स्कूल और जिम आदि अब भी बंद हैं.

    दिल्ली में इस वक्त कुल एक्टिव केसों की संख्या 18,729 है और पॉज़िटिविटी रेट 6.20% है.

  6. चंडीगढ़ में कल से खुलेंगे 10वीं से 12वीं तक के स्कूल, कोचिंग के लिए नई गाइडलाइंस

    चंडीगढ़ में अब स्कूल ऑफ़लाइन मोड में खोले जाएंगे. 1 फ़रवरी से 10वीं से 12वीं तक के सभी स्कूल ऑफलाइन मोड में काम करना शुरू कर देंगे.न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के हवाले से बताया है कि छात्रों के पास ऑनलाइन मोड में पढ़ाई जारी रखने का भी विकल्प होगा.

    इसकेअलावा एक फ़रवरी से सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और उच्च शिक्षा के दूसरे संस्थानों को कुछ प्रतिबंधों और कोरोना के सभी प्रोटोकॉल के पालन के साथ फिर से खोलने की अनुमति दी जा रही है. इस बात का ध्यान रखना कि 15 से 18 साल के सभी बच्चों को कोरोना की पहली डोज़ लगी हो और 18 साल के उपर के सभी छात्र, शिक्षक, कर्मचारी कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ ले चुके हों.

    कोचिंग-लाइब्रेरी को भी छूट

    सभी पब्लिक लाइब्रेरी को 50 फ़ीसदी क्षमता के साथ खोले जाने की अनुमति दी जा रही है. कोचिंग क्लासेज भी 50 फ़ीसदी क्षमता के साथ चलाए जा सकते हैं. हॉस्टल भी संचालित किए जा सकते हैं, जो लोग हॉस्टल में बाहर से आ रहे हैं उन्हें 72 घंटे के बीच कराया गया आरटीपीसीआर टेस्ट दिखाना होगा.

  7. तरुण तेजपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक और जज ने ख़ुद को सुनवाई से किया अलग

    सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस यूयू ललित ने तरुण तेजपाल मामले से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई से ख़ुद को अलग कर लिया है.

    इस याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को तहलका पत्रिका के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल ने चुनौती है.

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में इन-कैमरा सुनवाई के आवेदन को ख़ारिज़ कर दिया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में तरुण तेजपाल ने याचिका दायर की थी.

    जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ में आज सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध था. जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने कहा, "जस्टिस ललित इस मामले की सुनवाई करने वाले नहीं हैं.''

    इस पीठ में जस्टिस एस रवींद्र भट्ट भी शामिल थे. इससे पहले जस्टिस एल नागेश्वर राव भी ख़ुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर चुके हैं, उनका कहना था कि वो इस मामले में गोवा के एडवोकेट के तौर पर 2015 में पेश हुए थे.

    बता दें कि तरुण तेजपाल ने अपनी याचिका में यौन उत्पीड़न मामले की बंद कमरे में सुनवाई की अपील की है.

    दरअसल, गोवा के एक कोर्ट ने 21 मई 2021 को तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था. गोवा पुलिस ने इस आदेश के ख़िलाफ हाईकोर्ट का रुख किया.

    तरुण तेजपाल ये चाहते हैं कि मामले की सुनवाई बंद कमरे में की जाए, इसलिए बॉम्बे हाईकोर्ट में उनकी तरफ़ से याचिका दायर की गई थी जो कि ख़ारिज हो गई. अब तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया है.

    तरुण तेजपाल पर क्या आरोप हैं?

    तरुण तेजपाल पर एक युवा महिला सहकर्मी ने आरोप लगाया था. पीड़िता का आरोप था कि नवंबर, 2013 में तहलका मैगज़ीन की तरफ़ से गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तरुण तेजपाल ने उनके साथ लिफ्ट में बदसलूकी की.

    गोवा पुलिस ने लगभग तीन हज़ार पन्नों का आरोपपत्र दायर किया था. जिसमें तेजपाल पर "ग़लत तरीक़े से नियंत्रण, ग़लत तरीक़े से बंधक बनाने, यौन उत्पीड़न, हमला, पद का दुरुपयोग करके यौन शोषण" जैसे आरोप लगाए गए हैं.

  8. टीएमसी सांसद का आरोप, जम्मू और कश्मीर को चीन-पाकिस्तान का हिस्सा दिखा रहा है WHO

    टीएमसी सांसद शांतनु सेन का आरोप है कि WHO की वेबसाइट पर जम्मू और कश्मीर को पाकिस्तान और चीन के हिस्से के तौर पर दिखाया जा रहा है.

    सेन ने वेबसाइट के कुछ स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर को अलग कलर में दिखाया गया है. उनका कहना है कि अरुणाचल प्रदेश के हिस्से को भी अलग दिखाया गया है.

    टीएमसी सांसद ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है.

    साथ ही केंद्र सरकार पर सवाल भी उठाए हैं, उनका कहना है कि WHO जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था की वेबसाइट पर ऐसी गलती गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है और ये गलती पहले ही पकड़ी जानी चाहिए थी साथ ही इस मुद्दे को उठाया जाना चाहिए था.

    शांतनु सेन ने पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार दूसरे अंतराष्ट्रीय मुद्दों में दिलचस्पी रखती है तो ये भी बताया जाना चाहिए कि ऐसी बड़ी चूक कैसे हो गई और इसे तुरंत सही करना चाहिए.

  9. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 31 जनवरी 2022, सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली के साथ

  10. कज़ाख़स्तान की सबसे बड़ी क्रिप्टो-माइन देखिए

    कज़ाख़स्तान की सबसे बड़ी क्रिप्टो-माइन देखिए.

    उत्तरी कज़ाख़स्तान का ये सबसे सुरक्षित संयंत्र दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो माइंस में से है.

    इसमें दसियों करोड़ डॉलर के उपकरण लगे हैं.

    कज़ाख़स्तान बिटकॉइन माइनिंग के लिहाज़ से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है.

  11. सर्वदलीय बैठक में 25 दलों ने लिया हिस्सा, कई पार्टियों ने उठाया पेगासस का मुद्दा- प्रल्हाद जोशी

    बजट सत्र से पहले संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. वर्चुअल तऱीके से हुई इस बैठक में 25 दलों ने भाग लिया.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने संसदीय कार्य मंत्री के हवाले से बताया कि सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि बजट सत्र के पहले आधे हिस्से में राष्ट्रपति के अभिभाषण और बज़ट से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.

    प्रल्हाद जोशी ने बताया कि सभी दलों ने अपने मुद्दे रखे हैं. कई पार्टियों ने पेगासस का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि ये साफ़ कर दिया गया है कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति कर रही है.

    संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सभी दलों को ये बताया गया है कि पार्टियां अगर संसद को सही तरीक़े से चलने में सहयोग करती हैं तो सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है.

    उन्होंने संसद के सुचारू रूप से चलने की उम्मीद जताई है.

    इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी उम्मीद जताई है कि बजट सत्र के दौरान संसद सुचारू रूप से चलेगी. उन्होंने कहा कि सभी दलों ने सदन को चलाने में सकारात्मक सहयोग देने का भरोसा दिया है.

  12. कोविड वैक्सीन की अनिवार्यता से किसी ने कुछ भी नहीं खोया है: केंद्र सरकार

    केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में उस तर्क का विरोध किया है, जिसमें कहा गया कि वैक्सीन को अनिवार्य किए जाने की वजह से कई लोगों ने अपनी नौकरियाँ और राशन गंवा दिए.

    सरकार का कहना है कि किसी ने इस वजह से कुछ भी नहीं गंवाया है. जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बी आर गवई की पीठ कोरोना वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल और वैक्सीन सर्टिफ़िकेट को लेकर एक मामले की सुनवाई कर रही थी, इसी मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार की तरफ़ से बात रखी.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, याचिकाकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट प्रशांत भूषण ने कहा कि वैक्सीन को अनिवार्य किए जाने से जुड़े पहलू बेहद ज़रूरी है क्योंकि इसी वजह से लोग अपनी नौकरी खो रहे हैं.

    उन्होंने कहा, ''अभी जो जरूरी है वो है वैक्सीन मैंडेट क्योंकि लोग अपनी नौकरी गंवा रहे हैं. वो अपना राशन गंवा रहे हैं. वैक्सीन मैंडेट की वजह से वो आज़ाद होकर घूम नहीं पा रहे हैं.''

    तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि याचिकाकर्ता ने इस मामले में एक अर्ज़ी दाख़िल कर दावा किया है कि इससे लोगों की नौकरी जा रही है.

    मेहता ने कहा, "भूषण कह रहे हैं कि बहुत से लोग अपनी नौकरी खो रहे हैं, और भी बहुत कुछ. कोई कुछ भी नहीं खो रहा है और कोई भी आपके (कोर्ट) सामने नहीं आया है."

    सुनवाई के दौरान, पीठ ने भूषण से कहा कि ये सभी मामले जो याचिकाकर्ता की तरफ़ से संज्ञान में लाया गया है उसपर कोर्ट के लिए तय करना संभव नहीं हो सकता है क्योंकि कई स्थितियां हो सकती हैं.

    कोर्ट का कहना है कि वो इस मामले की सुनवाई आख़िर तक करेगा और फिर तय करेगा.

    वैक्सीन को अनिवार्य किए जाने को लेकर प्रशांत भूषण ने कहा कि कई ऐसी अथॉरिटीज हैं जो लोगों के सभी तरह के मौलिक अधिकारों को वैक्सीन नहीं लिए जाने के कारण प्रतिबंधित कर रही हैं.

    भूषण का कहना है कि हर शख्स अपने हिसाब से वैक्सीन का फ़ायदा-नुकसान देखे और फिर अपने लिए सही चुनाव करे.

    भूषण का तर्क है कि वैक्सीन को अनिवार्य उसी हाल में करना चाहिए जब इस बात के साफ़ सबूत मिल जाएं कि वैक्सीन लगवाने वाले से बिना वैक्सीन लगवाया हुआ शख्स दूसरों के लिए ज्यादा बड़ा ख़तरा है.

    भूषण ने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि अगर किसी व्यक्ति को संक्रमण होता है, तो दोबारा संक्रमण से उसकी सुरक्षा, वैक्सीन के मुक़ाबले बेहतर होती है. पीठ ने कहा कि वो इस मामले को सुनवाई के लिए लिस्ट करेगा और फिर तय करेगा.

  13. ब्रिटेन: प्रधानमंत्री कार्यालय में कोविड लॉकडाउन के उल्लंघनों की जांच वाली रिपोर्ट तैयार

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के कार्यालय और निवास पर कोविड पर जारी पाबंदियों के बीच हुई पार्टी पर एक जांच रिपोर्ट उन्हें सौंप दी गई है.

    सू ग्रे नाम की नौकरशाह ने ये रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट को आज ही सार्वजनिक किया जाएगा. सू ग्रे की इस बात की जांच करनी थी कि कोविड के दौरान एक सरकारी इमारत में पाबंदियों का उल्लंघन किया गया या नहीं.

    ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री कार्यालय पर कोरोना के कारण ब्रिटेन में जारी लॉकडाउन के दौरान 10 डाउनिंग स्ट्रीट में पार्टी की ख़बर आई थी. लंदन की पुलिस इसकी जांच कर रही है.

    फ़िलहाल ये साफ़ नहीं है कि सू ग्रे की रिपोर्ट किस निष्कर्ष पर पहुँची है.

    ब्रिटेन में विपक्ष इस पूरी रिपोर्ट को जनता के सामने लाने की मांग कर चुका है.

    कैबिनेट कार्यालय ने कहा है कि सू ग्रे ने रिपोर्ट और अपनी जांच के विषय में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को जानकारी दे दी है.

    प्रधानमंत्री जॉनसन पहले ही इस रिपोर्ट में संभावित लीपापोती की बहस में पड़ने से बचते रहे हैं.

    उन्होंने दोहराया है कि वो प्रधानमंत्री कार्यालय में लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन के बारे में वहीं कहेंगे जो पहले कह चुके हैं.

  14. उत्तर प्रदेश चुनाव: मुज़फ़्फ़रनगर में कितनी बाकी है 'दंगे की आंच'- ग्राउंड रिपोर्ट

    "वोट देने में ग़लती मत करना नहीं तो मुज़फ़्फ़रनगर फिर से जल उठेगा. "

    गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को मुज़फ़्फ़रनगर आए तो यही संदेश दिया. संदेश सिर्फ़ वोटरों ही नहीं, अपने कार्यकर्ताओं के लिए भी था.

    साल 2013 के बाद से मुज़फ़्फ़रनगर के ज़िक्र के साथ सियासी गलियारों में भले ही दंगों पर चर्चा शुरू हो जाती हो लेकिन इस ज़िले की पहचान गन्ने और गुड़ की मिठास के लिए भी रही है.

    'डोर टू डोर' जनसंपर्क में अमित शाह जहां घूमे वहां से महज कुछ किलोमीटर पर वो गुड़ मंडी है, जिसे एशिया की तमाम गुड़ मंडियों में अव्वल बताया जाता है.

    शाह के दौरे के कुछ ही घंटे बाद गुड मंडी के कारोबारी सुरेश चंद जैन ने बीबीसी से कहा, "ख़तरा है कि इस बार छह में से दो सीट हाथ से जा सकती है."

  15. ममता बनर्जी ने ट्विटर पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ को ब्लॉक किया

      • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
      • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्विटर पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ को ब्लाक कर दिया है. सोमवार को ममता ने खुद इसकी जानकारी दी. उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "मैंने राज्यपाल को ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया है. मैं ऐसा करने पर मजबूर हुई हूं."

    बीते कुछ दिनों में राज्यपाल अपने ट्वीट्स के जरिए लगातार सरकार और मुख्यमंत्री पर हमले करते रहे हैं.

    ममता ने कहा, “राज्यपाल के पास कई फाइलें और विधेयक लंबित हैं. मैंने उनसे मुलाकात कर इस मुद्दे पर बात की है. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य़पाल के कारण सरकार के कई काम अटके पड़े हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसकी जानकारी दी गई थी. लेकिन बात नहीं बनी.”

    मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्यपाल पुलिस और प्रशासन के तमाम शीर्ष अधिकारियों को राजभवन बुला कर डरा रहे हैं. हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की फाइलें राज्यपाल के पास अटकी पड़ी हैं.

    दूसरी ओर, इस मामले पर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “राज्यपाल संविधान के अनुरूप काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री उनसे बचना चाहती हैं.

    इस बीच, सोमवार को ही राज्यपाल का मामला दिल्ली भी पहुंच गया है. लोकसभा में टीएमसी के नेता सुदीप बनर्जी ने सीधे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से धनखड़ के बारे में शिकायत की है. उन्होंने बंगाल में लोकतंत्र की रक्षा के लिए धनखड़ को शीघ्र उनके पद से हटाने की मांग की है.

  16. इमरान ख़ान ने वीगर मुसलमानों पर चीन को दी क्लीन चिट

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने वीगर मुसलमानों और कश्मीर का ज़िक्र किया.

    इमरान ख़ान इस्लामाबाद में चीन के पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे.

    इस दौरान वीगर मुसलमानों से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने क्या जवाब दिया?

  17. अमेरिका के अनुरोध पर सोमवार को पहली बार यूक्रेन संकट के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य मिलने वाले हैं.

    यूक्रेन की सीमा पर रूसी फ़ौजों की तैनाती और यूक्रेन पर संभावित हमले की आशंकाओं के बीच तीनों पक्ष अपनी-अपनी बात रखेंगे.

    बैठक के एलान के बाद गुरुवार को अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने कहा कि रूस की कार्रवाई ''अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के लिए साफ़ तौर पर ख़तरा है.''

    उन्होंने कहा, ''परिषद के सदस्यों को तथ्यों की जांच करनी चाहिए और इस बात पर सोचना चाहिए कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है तो यूक्रेन, रूस, यूरोप के लिए क्या दांव पर लगा है.''

    वहीं संयुक्त राष्ट्र में रूस के उप राजदूत ने ट्वीट कर नाराज़गी ज़ाहिर की है. उन्होंने कहा है, ''मुझे कोई भी मौका ऐसा याद नहीं है जब किसी सुरक्षा परिषद के सदस्य ने अंतरराष्ट्रीय ख़तरा बताते हुए ख़ुद के निराधार आरोपों और धारणाओं की चर्चा के लिए प्रस्ताव रखा हो. आशा है कि सुरक्षा परिषद की प्रतिष्ठा के लिए दूसरे सदस्य इस शर्मनाक पीआर स्टंट का समर्थन नहीं करेंगे.''

    रूस की तरफ़ से इस प्रतिक्रिया से संकेत मिलते हैं कि बैठक को आगे बढ़ाना है या नहीं इसके लिए रूस वोटिंग करा सकता है. बैठक को रोकने के लिए रूस को 15 में से 9 सदस्य देशों का समर्थन हासिल करना होगा.

    दूसरी तरफ़ बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अमेरिका दूसरे सदस्य देशों से लगातार संपर्क में है और बैठक के लिए उसके पास पर्याप्त समर्थन है.

    रूस-यूक्रेन के बीच क्या चल रहा है?

    रूस ने यूक्रेन की सीमा पर करीब एक लाख सैनिक इकट्ठा किए हैं. अमेरिका, ब्रिटेन समेत पश्चिमी देशों से रूस को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है. वहीं रूस बार-बार यूक्रेन पर हमला करने की अपनी योजना से इनक़ार कर रहा है.

    रूस की मांग है कि नेटो ये वादा करे कि यूक्रेन को कभी नेटो की सदस्यता नहीं दी जाएगी. साथ ही नेटो की तरफ़ से रूस की सीमा पर हथियारों की तैनाती नहीं होगी और पूर्वी यूरोप से नेटो अपनी सेना वापस लेगा. अमेरिका और नेटो दोनों ने ही रूस की मांग को ख़ारिज कर दिया है.

    ऐसा माना जा रहा कि बैठक के आगे बढ़ने पर परिषद पहले संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा ब्रीफिंग सुनेगी. इसके रूस, अमेरिका और यूरोप के देशों फ्रांस, आयरलैंड, यूके और अल्बानिया समेत 15 सदस्यों के बयान आएंगे. परिषद के नियमों के तहत यूक्रेन भी बोलेगा. चीन की तरफ़ से ऐसा संकेत दिया गया है कि वो रूस के समर्थन में बैठक का विरोध करेगा.

  18. प्रिंटिंग प्रेस ने गुजरात की इन महिलाओं की ज़िंदगी बदल दी

    गुजरात के मेहसाणा तालुका के विसनगर में एक प्रिटिंग प्रेस से कई महिलाओं को रोज़गार मिल रहा है. इस प्रिंटिंग प्रेस को महिलाओं ने ही शुरू किया.

    साल 1990 में 229 महिलाओं ने मिलकर यह सोचा कि उन्हें यह प्रिंटिंग प्रेस शुरू करनी चाहिए. उनका लक्ष्य महिलाओं को रोज़गार देने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना था.

  19. चुनावी रैलियों, रोड शो पर अब 11 फ़रवरी तक प्रतिबंध, EC की नई गाइडलाइंस

    पाँच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए अब चुनाव आयोग ने नई गाइडलाइंस जारी की है.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, 11 फ़रवरी तक चुनावी रैलियों, रोड शो पर रोक लगा दी गई है.

    हालांकि, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए आयोग ने कुछ छूट भी दी है.

    अब 1000 लोगों के साथ राजनीतिक रैली, इनडोर मीटिंग में 500 लोग और डोर टू डोर कैम्पेन में 20 लोग शामिल हो सकेंगे.

    जैसे इनडोर मीटिंग के लिए अब अधिकतम 500 लोगों को अनुमति है या हॉल की क्षमता का 50 फ़ीसदी ही इस्तेमाल किया जा सकेगा या राज्‍य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के द्वारा तय की गई क्षमता का पालन राजनीतिक दलों को करना होगा.

    पहले ये संख्या 300 लोगों की थी. इसके अलावा खुली जगहों पर होने वाली बैठकों में ज़्यादा से ज़्यादा 1000 लोग शामिल हो सकेंगे. पहले ये संख्या 500 की थी. डोर टू डोर कैंपेन में अब 10 की जगह 20 लोग शामिल हो सकेंगे.

    बता दें कि 5 राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 10 फरवरी को शुरू होंगे. नतीजे 10 मार्च को आएंगे.

  20. महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी को क्या क्या किया था?

    74 वर्ष पूर्व नाथू राम गोडसे ने गोली मार कर गांधी की हत्या की थी.

    उस दिन गांधी और गोडसे ने क्या क्या किया बता रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में.