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डूरंड विवाद के हल के लिए तालिबान सरकार बना रही समिति

डूरंड रेखा से जुड़े विवाद के हल के लिए इस्लामिक अमीरात कई मंत्रालयों की एक संयुक्त समिति बना रहा है. सोमवार को अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and अभय कुमार सिंह

  1. यूएई ने हूती विद्रोहियों के बैलस्टिक मिसाइल हमले को किया नाकाम

    संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि उनकी वायु सेना ने हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई एक बैलस्टिक मिसाइल को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया है.

    हूती विद्रोहियों का ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब इसराइल के राष्ट्रपति इज़ाक हेरज़ोग संयुक्त अरब अमीरात के ऐतिहासिक दौरे पर हैं.

    यूएई की सरकारी न्यूज़ एजेंसी डब्ल्यूएएम को दिए बयान में रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है और बैलस्टिक मिसाइल के अवेशष रिहाइशी इलाकों के बाहर गिरे हैं.

    बयान में कहा गया है, "यूएई की वायु सेना और कोएलिशन कमांड (यमन में हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ रही अरब देशों की गठबंधन सेना) ने बैलस्टिक मिसाइल यमन में जिस जगह से दागी गई थी, उसका पता लगाकर उसे सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है."

    एक ट्वीट में यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यमन के अल-जवाफ़ के बैलस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को स्थानीय समयानुसार सुबह 12.50 बजे नष्ट कर दिया. इसे नष्ट किए जाने का वीडियो भी शेयर किया गया है.

    मंत्रालय ने अपने बयान में ये भी कहा है कि वो किसी भी ख़तरे का सामना करने के लिए तैयार हैं और किसी हमले से यूएई की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे.

    सरकारी बयान में जनता से ताज़ा मिसाइल हमले को लेकर यूएई के सरकारी अधिकारियों के हवाले से आने वाली ख़बरों पर ही यकीन करने की अपील की गई है.

    इस बीच यूएई के नागरिक उड्डयन प्रशासन ने जानकारी दी है कि एयर ट्रैफिक सामान्य है और यात्री उड़ान सेवाएं पहले की तरह जारी हैं.

  2. पेगासस जासूसी पर नई रिपोर्ट के बीच आज से संसद का बजट सत्र शुरू

    आज से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है. पेगासस जासूसी मामले में न्यूयॉर्क टाइम्स की नई रिपोर्ट, संसद के बजट सत्र में नया 'तूफ़ान' ला सकती है. विपक्षी पार्टियां संसद में नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में हैं.

    अंग्रेज़ी अख़बारद हिन्दूने पेगासस जासूसी मामले में नई रिपोर्ट के बीच बजट सत्र की शुरुआत की ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है.

    द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को सूचना एवं तकनीक मंत्री अश्विनी वैष्णव के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है. अधीर रंजन चौधरी ने लिखा है कि आईटी मंत्री ने पेगासस जासूसी मामले में संसद को गुमराह किया था.

    चौधरी ने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा है कि मोदी सरकार ने जुलाई 2017 में इसराइली समूह एनएसओ से पेगासस जासूसी सॉफ़्टवेयर ख़रीदा था. पिछले साल जुलाई में पेगासस मुद्दे पर आईटी मंत्री ने संसद में कहा था कि कोई भी अनाधिकृत निगरानी नहीं हो सकती है.

  3. जयंत चौधरी पर बीजेपी का पलटवार- बच्चे हैं,राजनीति के अखाड़े में नए आए हैं

    राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के 'चवन्नी' वाले बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि वह बच्चे हैं और राजनीति के अखाड़े में नए आए हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ प्रधान ने कहा,‘’वह (जयंत चौधरी) बच्चे हैं. उनके पिता ने कई बार पार्टी बदली. जब वह पहली बार चुनाव जीते तो किसके साथ गठबंधन में थे?लगता है उन्हें (जयंत चौधरी) इतिहास का ज्ञान कम है. बच्चों को माफ़ कर देना चाहिए.‘’

    पश्चिमी यूपी में मजबूत स्थिति में नज़र आने वाली राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने बीते दिनों बीजेपी की ओर मिल रहे ऑफ़र पर कहा था कि मैं कोई चवन्नी नहीं हूं,जो पलट जाऊंगा.

    मुज़फ़्फ़रनगर से चुनावी प्रचार के दौरान जयंत चौधरी ने कहा हम लोग इतने हल्के नहीं हैं,जो फ़ैसला लिया है उस पर अडिग हैं.

    प्रदेश के पश्चिमी इलाके में जाटों का गहरा प्रभाव है. यूपी में 17% जाट वोटर्स हैं और लगभग 40 से अधिक सीटों पर उनकी भूमिका निर्णायक होती है. ऐसे में इस वोट बैंक को लुभाने की कोशिश सत्तारूढ़ बीजेपी और समाजवादी- राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन दोनों की ओर से ज़ोरों पर है.

  4. ट्रंप ने कहा- चुनाव जीता तो कैपिटल हिल हमले के अभियुक्तों को माफ़ कर दूंगा

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात के संकेत दिए हैं कि अगर वह साल 2024 में सत्ता में वापस आए तो कैपिटल हिल हमले में शामिल अपने समर्थकों को माफ़ कर देंगे.

    बीते साल अमेरिका के कैपिटल हिल पर ट्रंप समर्थकों ने हमला किया था और इस हिंसक झड़प में पांच लोगों की मौत हो गई.

    शनिवार को टेक्सस की एक रैली में ट्रंप ने कहा,‘’अगर मैं चुनाव लड़ा और जीत गया तो हम 6 जनवरी की घटना में शामिल लोगोंके साथ निष्पक्ष बर्ताव करेंगे. यदि इसके लिए माफ़ी की आवश्यकता होगी,तो हम उन्हें माफ़ कर देंगे,क्योंकि उनके साथ अन्याय किया जा रहा है‘’

    6 जनवरी 2021 को ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल में घुस कर हिंसा और तोड़-फोड़ की थी,जिसमें 100 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल हो गए था. इस हिंसक भीड़ का बेबुनियाद दावा था कि अमेरिकी चुनाव में धोखाधड़ी हुई और इसलिए राष्ट्रपति जो बाइडन ने चुनाव जीता.

    हिंसा से एक दिन पहले ट्रंप ने एक रैली में कहा था "फ़ाइट लाइक हेल",जिसे लेकर ट्रंप पर अव्यवस्था फैलाने और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगता रहा है.

    कैपिटल हिल हिंसा के मामले में 700 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया,इनमें से 150 लोगों पर पुलिस अधिकारियों पर हमला करने का आरोप है,और 50 से अधिक लोगों पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया है.

    अमेरिका के न्याय विभाग के इतिहास में ये सबसे बड़ी जांच में से एक मानी जाती है.

  5. अफ़ग़ानिस्तान: करज़ई ने तालिबान को राजनीतिक सुलह के लिए लिखी चिट्ठी

    अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में एक समावेशी सरकार का गठन और महिलाओं के अधिकारों का सम्मान अफ़ग़ानों की इच्छा है,न कि केवल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की.

    अफ़ग़ानिस्तान के न्यूज़ चैनल टोलो न्यूज़ को दिए गए एक इंटरव्यू में करज़ई ने कहा कि उन्होंने और चेयरमैन अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने इस्लामिक अमीरात को एक पत्र में राजनीतिक सुलह प्रक्रिया और राजनीतिक नेताओं के साथ एक लोया जिरगा (नेशनल असेंबली) को लेकर मुलाक़ात का प्रस्ताव दिया है ताकि देश के लिए भविष्य का मार्ग तय किया जा सके.

    पूर्व राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि अफ़ग़ानों को विदेशियों के प्रस्तावों की प्रतीक्षा करने के बजाय देश की मौजूदा स्थितियों का ख़ुद समाधान खोजना चाहिए.

    उन्होंने बताया, ‘’हमने कुछ अफ़ग़ान राजनेताओं को राजनीति और राष्ट्रीय जुड़ाव को लेकर बातचीत की पेशकश की. एक ऐसा शिखर सम्मेलन हो जिसमें अफ़ग़ानिस्तान की महिलाएं और पुरुष दोनों मौजूद हों और लोया जिरगा को आयोजित करने की हमारी राष्ट्रीय और ऐतिहासिक परंपरा शुरू हो सके.‘’

    एक समावेशी सरकार का गठन और मानवाधिकार और महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करना वर्तमान अफ़ग़ान सरकार की मान्यता पर विचार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की पहली शर्त है.

    करज़ई ने कहा, ‘’दुनिया चाहती है या नहीं? संयुक्त राष्ट्र अफ़ग़ानों को बुलाता है या नहीं?संयुक्त राष्ट्र कार्यवाहक सरकार को बुलाता है या नहीं?इन सबसे पहले,यह अफ़ग़ानों की पहली इच्छा है कि एक समावेशी और राष्ट्रीय सरकार हो जो सभी का प्रतिनिधित्व करे और महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका और शिक्षा तक लड़कियों की पहुँच सुनिश्चित करे. ये हमारे बुनियादी सिद्धांत हैं और ये होना ही चाहिए.‘’

  6. कानपुर में इलेक्ट्रिक सिटी बस से बड़ा हादसा, 6 की मौत

      • Author, रवि, कानपुर से बीबीसी हिंदी के लिए

    कानपुर में रविवार रात टाटमिल चौराहे पर तेज़ रफ़्तार इलेक्ट्रिक सिटी बस से बड़ा हादसा हो गया. पुलिस के मुताबिक़,बस ने 3 कार और कई बाइक सवारों को रौंदते हुए 6 लोगों की जान ले ली और 10 से ज़्यादा लोग हादसे में घायल हो गए.

    पूर्वी पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुमार के मुताबिक़ अब तक हादसे में 6 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है जिनमें 3 लोगों की शिनाख़्त हुई है.

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज़ रफ़्तार बस सीओडी पुल की ओर से झकरकटी बस अड्डे की तरफ़ जा रही थी. बस की गति इतनी तेज़ थी कि वो अनियंत्रित हो गई और टाटमिल चौराहे के ट्रैफ़िक बूथ को हवा में उड़ा दिया.

    पुलिस के अनुसार,इसके बाद बस ने एक के बाद एक दो कारों में टक्कर मारी फिर बस अड्डे की तरफ़ आने-जाने वाले पैदल राहगीरों को भी उड़ा दिया. बेकाबू बस,ट्रक में टक्कर मारते हुए डिवाइडर पर जा घुसी और मौके पर ही 6 लोगों की मौत हो गई. जबकि 10 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

    हादसे की सूचना मिलते ही बाबूपुरवा थाना,रेल बाजार थाना और रायपुरवा थाने से पुलिस की टीम मौके पर पहुंची,जिसके बाद एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया.

    कानपुर पुलिस कमिश्नर विजय मीणा ने बीबीसी से बताया कि घायलों को अस्पताल भेजा गया है. उनकी शिनाख़्त करने का प्रयास किया जा रहा है. इसके साथ ही बस चालक की तलाश की जा रही है. पूरे हादसे की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है. दोषी बस चालक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करके सख़्त कार्रवाई की जाएगी.

    इस साल जनवरी की शुरुआत में ही इलेक्ट्रिक सिटी बसों का संचालन कानपुर में शुरू किया गया है.

  7. नमस्कार!

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