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डूरंड विवाद के हल के लिए तालिबान सरकार बना रही समिति

डूरंड रेखा से जुड़े विवाद के हल के लिए इस्लामिक अमीरात कई मंत्रालयों की एक संयुक्त समिति बना रहा है. सोमवार को अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and अभय कुमार सिंह

  1. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान से पनाह लेने वाली गर्भवती महिला पत्रकार पर न्यूज़ीलैंड ने क्या कहा

    अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान हुकूमत से पनाह लेने वाली पत्रकार शार्लेट बैलिस के इस दावे के बाद कि उन्हें उनके अपने ही मुल्क ने घर लौटने नहीं दिया गया, न्यूज़ीलैंड ने अपने फ़ैसले का बचाव किया है.

    दरअसल, न्यूज़ीलैंड की रहने वालीं शार्लेट बैलिस को क़तर में रहते हुए पता चला था कि वो गर्भवती हैं. लेकिन, क़तर में अविवाहित महिला का गर्भवती होना गैरक़ानूनी है और कोरोना महामारी में सख़्त नियमों के कारण उन्हें अपने देश न्यूजीलैंड में आने की अनुमति नहीं दी गई थी.

    न्यूज़ीलैंड में कोविड रिस्पॉन्स मिनिस्टर क्रिस हिपकिंस ने कहा कि शार्लेट बैलिस जैसी विशेष परिस्थितियों वाले लोगों के लिए गुंजाइश थी.

    शार्लेट बैलिस के मामले ने न्यूज़ीलैंड में कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए अपनाए सख़्त क़ायदे क़ानूनों को एक बार फिर से बहस के केंद्र में लाकर रख दिया है.

    हालांकि शार्लेट के तालिबान हुकूमत से विशेष रिश्तों को लेकर भी चर्चा की जा रही है. महिलाओं के अधिकारों के दमन के मुद्दे पर तालिबान हुकूमत की लगातार आलोचना होती रही है.

    महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं पर अफ़ग़ानिस्तान में गिरफ़्तारी और सताये जाने का ख़तरा रहता है और यहां तक कि उनकी हत्याएं भी करा दी जाती हैं.

    शार्लेट बैलिस ने तालिबान से क्या कहा था?

    न्यूज़ीलैंड हेराल्ड अख़बार में लिखे अपने कॉलम में शार्लेट बैलिस ने लिखा था कि बच्चे को जन्म देने के लिए घर वापस लौटने के उनके आवेदन को सरकार ने पिछले हफ़्ते खारिज कर दिया था.

    इस समय न्यूज़ीलैंड में नागरिकों और स्थाई निवासियों को वापस लौटने की तभी इजाजत दी जाती है बशर्ते वे क्वारंटीन होटल में 10 दिन आइसोलेशन में रह लें. लेकिन न्यूज़ीलैंड में ये क्वारंटीन सुविधा सीमित रूप से उपलब्ध है और बहुत से लोग वापस लौटना चाह रहे हैं.

    इसका नतीजा ये हुआ है कि न्यूज़ीलैंड के बहुत से लोगों का देश वापस लौटना लगभग नामुमकिन हो गया है. शार्लेट बैलिस ने इस अनुभव की तुलना तालिबान से मिले बर्ताव से की.

    शार्लेट ने तालिबान से पूछा था कि क्या एक अविवाहित गर्भवती महिला के रूप में अफ़ग़ानिस्तान में उनका स्वागत किया जाएगा? शार्लेट और उनके पार्टनर पिछले साल अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की वापसी के वक़्त रिपोर्टिंग कर रहे थे.

    शार्लेट के पार्टनर बेल्जियम मूल के फोटोजर्नलिस्ट हैं. शार्लेट का कहना है कि उनके पास केवल अफ़ग़ानिस्तान का वीज़ा है.

    शार्लेट ने तालिबान हुकूमत के एक अनाम अधिकारी के हवाले से बताया कि उन्हें ये जवाब मिला, "आप आ सकती हैं और आपको कोई समस्या नहीं होगी. बस लोगों से कह दीजिएगा कि आप शादीशुदा हैं और अगर बात बढ़ी तो हमें फोन कीजिएगा."

    "जब एक गर्भवती और अविवाहित महिला को तालिबान से सुरक्षित पनाह मिले तो समझ जाइए कि आपकी हालत कितनी खराब है."

    अफ़ग़ानिस्तान में अविवाहित गर्भवती महिलाओं के साथ कैसा सुलूक होता है, इस पर तस्वीर साफ़ नहीं है लेकिन अपने बच्चों की अकेली परवरिश कर रही औरतों को तालिबान अधिकारियों द्वारा सताए जाने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं. उनसे उनके बच्चों को छोड़ने के लिए कहा जाता है और यहां तक कि बच्चा छीनने की भी धमकी दी जाती है.

    शार्लेट बैलिस के लेख पर क्या प्रतिक्रिया मिली?

    शार्लेट के लेख के प्रकाशित होने के बाद न्यूज़ीलैंड में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष क्वारंटीन व्यवस्था के इंतज़ाम की मांग उठी है.

    लेकिन क्रिस हिपकिंस ने सरकार की मौजूदा नीति का बचाव करते हुए कहा है कि इससे न्यूज़ीलैंड में कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने में बहुत मदद मिली है. लोगों की जानें बची हैं और अस्पतालों पर कम दबाव पड़ा है.

    उन्होंने ये भी बताया कि न्यूज़ीलैंड के अधिकारियों ने शार्लेट को इमर्जेंसी कैटगिरी में फिर से वीज़ा आवेदन के लिए कहा गया है. उधर, शार्लेट बैलिस का कहना है कि एक और देश ने उन्हें पनाह देने की पेशकश की है लेकिन उन्होंने उस देश का नाम नहीं बताया है.

    लेकिन शार्लेट के मामले की कई लोग आलोचना भी कर रहे हैं और ऐसी आवाज़ें अफ़ग़ान लोगों की तरफ़ से भी उठ रही हैं.

    ऑस्ट्रिया में रह रहे अफ़ग़ान पत्रकार इमरान फिरोज़ ने ट्विटर पर कहा कि ये मामला बताया है कि तालिबान हुकूमत अफ़ग़ानों की तुलना में ग़ैर अफ़ग़ानों के साथ किस तरह से अलग बर्ताव कर रही है.

  2. बिहार के छात्रों ने बताया परीक्षा की तैयारी का दर्द

    पटना में रहकर कई सालों से तैयारी कर रहे छात्रों ने बिहार और केंद्र सरकार से नाराज़गी जताई.

    बीबीसी से बातचीत में उन्होंने अपने आर्थिक हालात को लेकर कई बातें साझा की और सरकार को चेतावनी दी कि अगर वो नहीं सुधरी तो छात्र आंदोलन से 2024 में उसे उखाड़ फेंका जाएगा.

    संवाददाता दिलनवाज़ पाशा के साथ उनकी बातचीत सुनिए.

  3. योगी सरकार ने यूपी को 5 साल में 'माफ़िया राज' से बाहर निकाला है- पीएम मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पांच साल पहले ग़रीब, दलित, वंचित, पिछड़ों के घर-ज़मीन-दुकान पर अवैध कब्ज़ा, समाजवाद का प्रतीक था, योगी सरकार उत्तर प्रदेश को इस तरह की स्थिति से बाहर लाई है.

    ''जन चौपाल कार्यक्रम'' में यूपी के शामली, मुज़फ़्फ़रनगर, बाग़पत, सहारनपुर और गौतमबुद्ध नगर के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा.

    उन्होंने कहा, ''पश्चिमी यूपी के लोग कभी नहीं भूल सकते कि जब ये क्षेत्र दंगे की आग में जल रहा था, तो पहले वाली सरकार उत्सव मना रही थी.''

    प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पाँच साल पहले ''दंबग'' और ''दंगाई'' ही कानून थे, उन्हीं का कहा ही शासन का आदेश था.

    उन्होंने आरोप लगाया, ''5 साल पहले- व्यापारी लुटता था, बेटी घर से बाहर निकलने में घबराती थी और माफिया, सरकारी संरक्षण में खुलेआम घूमते थे.'' प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में इस तरह के हालातों से प्रदेशो को बाहर लाया गया है.

    उन्होंने कहा, ''इन पांच वर्षों में योगी जी के नेतृत्व में, यूपी सरकार ने पूरी ईमानदारी से, पूरी निष्ठा से, आपकी सेवा करने का, यूपी के विकास का प्रयास किया है.''

    आधी-अधूरी परियोजना बनाने में माहिर थी पिछली सरकार- प्रधानमंत्री

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा कि पिछली सरकार आधी-अधूरी परियोजनाएं बनाने और उनके शिलान्यास में माहिर थी.

    उन्होंने कहा, ''अस्पताल हों, सड़कें हों, एक्सप्रेव वे हों, ये लोग सालों-साल परियोजनाओं को खींचते थे ताकि उनकी कमाई होती रहे.''

    पिछली सरकारों पर रियल एस्टेट सेक्टर में धांधली का भी आरोप प्रधानमंत्री मोदी ने लगाया.

    उन्होंने कहा, ''यूपी के लोग तो पहले की सरकार में रहने वालों की बदनीयत को अच्छी तरह जानते हैं. इन लोगों ने भ्रष्टाचार और रियल एस्टेट माफ़िया का ऐसा गठबंधन कराया कि NCR के हजारों फ्लैट खरीदारों के जीवन भर की पूंजी लुट गई.''

    5 साल में योगी सरकार ने बनवाए 33 लाख घर- प्रधानमंत्री

    प्रधानमंत्री मोदी पिछली सरकार के मुक़ाबले योगी सरकार के कामकाज के आंकड़ों को भी गिनाते नज़र आए. उनका कहना है कि एक तरफ पिछली सरकार (समाजवादी पार्टी) पूरे यूपी में कुछ हज़ार ही घर बना पाई थी. योगी सरकार ने पिछले 5 साल में 33 लाख घर गरीबों को बनाकर दिए हैं.

    उन्होंने कहा, ''शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत शहर में भी कुल मिलाकर 800 घर ही पिछली सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में बनवाए थे. योगी की सरकार ने इन तीन शहरों में 33 हज़ार से ज्यादा गरीबों को घर बनवाकर दिए हैं. सहारनपुर शहर में भी पहले वाली सरकार ने सिर्फ 221 घर गरीबों के लिए बनवाए थे. योगी सरकार ने इन्हीं पांच सालों में 18 हज़ार से ज्यादा घर बनाकर सहारनपुर के गरीबों को दिए हैं. पहले वाली सरकार ने अपने 5 साल में गौतमबुद्ध नगर में सिर्फ 73 घर बनाए थे. योगी सरकार ने इन्हीं 5 साल में करीब 23 हज़ार घर बनाकर शहरी गरीबों को दिए हैं.''

    बता दें कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है. यहाँ सात चरणों में मतदान होंगे. पहले चरण का मतदान 10 फ़रवरी को होना है, आख़िरी चरण का मतदान 7 मार्च को होगा. मतगणना 10 मार्च को है.

  4. 'यूपी में का बा' वाली नेहा राठौर का इंटरव्यू

    उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है. ऐसे में नेहा सिंह राठौर का गाना यूपी में का बा की चर्चा भी खूब हो रही है.

    इस गाने के ज़रिए नेहा सिंह राठौर ने सरकार पर तंज कसा है. जहां विपक्ष उनके गाने की तारीफ कर रहा है और उस गाने को अपने चुनावी कैम्पेन शामिल कर रहा है.

    वहीं बीजेपी ने इसका विरोध किया है और अपनी तरफ से गाने चलाए हैं. देखिए नेहा सिंह राठौर के साथ बीबीसी संवाददाता सारिका सिंह की यह ख़ास बातचीत.

  5. बीजेपी नेता ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, नाना पटोले पर महात्मा गांधी के अपमान का लगाया आरोप

    महाराष्ट्र बीजेपी महासचिव चंद्रशेखर बावनकुले ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले पर महात्मा गांधी के अपमान का आरोप लगाया है.

    चंद्रशेखर ने कांग्रेस की अंतरिम सोनिया गांधी को पत्र लिखकर नाना पटोले को बर्ख़ास्त करने की मांग की है. आरोप है कि नाना पटोले ने महात्मा गांधी की हत्या को ''वध'' बताया है.

    बावनकुले ने पटोले के बयान पर निराशा ज़ाहिर करते हुए कहा कि महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ऐसी ही टिप्पणी करके देश के प्रतिष्ठित नेताओं का अपमान करते हैं.

    उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के दिन पटोले ने उनकी हत्या को वध बताया है, इस शब्द का इस्तेमाल बुराई के अंत के लिए किया जाता है."

    चंद्रशेखर ने आगे कहा कि इससे पहले नाना पटोले पीएम मोदी के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी कर चुके हैं, बाद में उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी. अब उनकी सोनिया गांधी से मांग है कि नाना पटोले को पद से बर्ख़ास्त किया जाए और उन पर कार्रवाई की जाए.

  6. नौकरी की तैयारी कर रही एक लड़की ने बताया दर्द

    श्वेता एक साल पहले अपने घर-गांव से एसडीएम बनने का सपना लेकर निकलीं थीं.

    वो पटना में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रही हैं. देखिए उनके संघर्ष की कहानी.

  7. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मद्रास हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस के लिए मुनीश्वर नाथ भंडारी के नाम की सिफारिश की

    चीफ़ जस्टिस एन वी रमन्ना की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने केंद्र से सिफारिश की है कि न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी को मद्रास होईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाए.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कॉलेजियम, जिसमें वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस यू यू ललित और ए एम खानविलकर शामिल हैं, उसने 14 दिसंबर, 2021 और 29 जनवरी, 2022 को विचार-विमर्श किया और आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और उड़ीसा को हाई कोर्ट में भी न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए 17 नामों की सिफारिश की.

    जस्टिस भंडारी, जिनका पैरेंट कोर्ट राजस्थान हाई कोर्ट है लेकिन इस समय वे मद्रास उच्च न्यायालय के कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस के रूप में कार्यरत हैं.

    कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट में जजों के लिए 17 नामों में की सिफ़ारिश की है, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायाधीशों के रूप में सात अधिवक्ताओं के नामों की सिफारिश करने का फ़ैसला लिया गया है.

    आधिकारिक बयान के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 29 जनवरी,2022 को अपनी बैठक में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में निम्नलिखित अधिवक्ताओं को न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरीदी है- श्री कोनाकांति श्रीनिवास रेड्डी, गन्नामनेनी रामकृष्ण प्रसाद, वेंकटेश्वरलु निम्मगड्डा, तरलदा राजशेखर राव, सत्ती सुब्बा रेड्डी, रवि चीमालापति और वद्दीबोयाना सुजाता.

  8. जूही सिंह-सूरज सिंह: पिता-बेटी के दिलकश गाने सुने?

    जम्मू के पिता और बेटी की ये जोड़ी इन दिनों लोगों को सोशल मीडिया पर खूब भा रही है.

    ये जोड़ी न केवल पुरानी हिंदी फिल्मों के गीत गाते हैं बल्कि डोगरी गीतों को भी बढ़ावा दे रहे हैं.

    देखिए यह रिपोर्ट.

  9. वित्त वर्ष 2022-23 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 8 से 8.5 फीसदी- आर्थिक सर्वेक्षण

    आर्थिक सर्वेक्षण में वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत की जीडीपी 9.2 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान लगाया गया है.

    सोमवार से संसद के बजट सत्र की शुरुआत हुई. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ सत्र आरंभ हुआ. इससे साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वे पेश किया.

    वित्तीय वर्ष 2021-22 में देश की वास्तविक जीडीपी का अनुमान 9.2 फ़ीसदी पर रखा है. ये आरबीआई के 9.5 फीसदी के अनुमान से कुछ कम है. साथ ही वित्त वर्ष 2022-23 के लिए देश की अर्थव्यवस्था का 8-8.5 फीसदी की दर से जीडीपी की बढ़त हासिल करने का अनुमान है.

    साल 2021-22 में कृषि सेक्टर की ग्रोथ का अनुमान 3.9 फीसदी पर रखा गया है. इसके अलावा इंडस्ट्रियल सेक्टर में 11.8 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान है.

    सर्वे के मुताबिक लगभग सूचकांक ये दर्शाते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर का पहली तिमाही में असर पहले लॉकडाउन के अपेक्षाकृत बेहद कम रहा है.

    आर्थिक सर्वेक्षण,अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति के साथ-साथ विकास में तेजी लाने के लिए किए जाने वाले सुधारों का विस्तृत दस्तावेज़ होता है.

  10. रूस-यूक्रेन के तनाव के बीच क्या है युद्ध की आशंका ?

    यूक्रेन की सीमा पर बढ़ती रूसी फ़ौजों की तैनाती के साथ अंदेशा और तनाव भी बढ़ रहा है.

    एक तरफ़ हैं अमेरिका जो कह रहा है कि रूस यूक्रेन पर हमला कर सकता है, दूसरी तरफ़ है रूस जो कह रहा है कि फिलहाल हमले की तैयारी तो नहीं है.

    इन सबके बीच बहुत कछ चल रहा है - चेतावनी का दौर, प्रतिबंध की धमकी, आपसी गोलबंदी और कूटनीति.

    क्या रूस और युक्रेन में वाकई युद्ध की तैयारी चल रही है? देखिए इस पर कवर स्टोरी.

  11. आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के कुछ पहलुओं की सीबीआई जांच हो- केरल हाई कोर्ट

    केरल हाई कोर्ट ने सोमवार को कहा कि पिछले साल नवंबर में राज्य के पलक्कड़ जिले में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के कुछ पहलुओं की जांच सीबीआई को करनी चाहिए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ हाई कोर्ट ने कहा कि मामले के कुछ आरोपियों के ठिकाने राज्य के बाहर हैं इसलिए, "सीबीआई को इसकी जांच करने देना चाहिए."

    आरएसएस कार्यकर्ता की पत्नी की ओर से मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति के. हरिपाल ने कहा कि हाल ही में राज्य के पुलिस प्रमुख ने भी मामले को लेकर कुछ चिंताएं जताई थीं और इसलिए सीबीआई भी मामले की जांच कर सकती है.

    हालांकि राज्य ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उसकी अंतिम रिपोर्ट लगभग तैयार है और 18 अभियुक्तों में से केवल एक को गिरफ़्तार किया जाना बाकी है.

    राज्य पुलिस का कहना है कि मामले में अंतिम रिपोर्ट 10 फरवरी या उससे पहले दायर की जा सकती है.

  12. बीबीसी पड़ताल: रोमानिया से लड़कियों की यौन तस्करी

    एक ख़ास पड़ताल में बीबीसी को पता चला है कि रोमानिया से 10 साल की उम्र की छोटी बच्चियों तक को ब्रिटेन में यौन तस्करी के लिए भेजा जा रहा है.

    किशोरों के रूप में जब इन्हें ब्रिटेन भेजा जाएगा तो उन्हें ग़ुलामों की तरह रखा जाएगा और ग्राहकों तक भेजा जाएगा.

    पुलिस ने हमें बताया है कि यौन-तस्कर यहां पर इस कदर फैले हुए हैं कि उन्हें सज़ा दिलाने में काफ़ी मशक्कत करनी पड़ रही है...

    बीते साल रोमानिया से सबसे ज़्यादा संदिग्ध यौन तस्कर पीड़ित दुनियाभर में गए थे. इस क्रूर व्यापार के फलने-फूलने की वजह पता लगाने के लिए बीबीसी संवाददाता जीन मैकेंज़ी ने रोमानिया से ब्रिटेन के बीच का सफ़र तय किया.

    रिपोर्ट के कुछ दृश्य आपको विचलित कर सकते हैं.

  13. संयुक्त किसान मोर्चा का 'विश्वासघात दिवस', पंजाब में जलाए गए मोदी सरकार के पुतले

    संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को देश भर में 'विश्वासघात दिवस' का एलान किया है और इस दौरान पूरे देश में जिला और तहसील स्तर पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं.

    मोर्चे से जुड़े सभी किसान संगठन इस प्रदर्शन में शामिल हैं.

    भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सोमवार ट्वीट करते हुए लिखा, "देश के किसानों के साथ वादाखिलाफी कर किसानों के घाव पर नमक छिड़कने का काम किया गया है. किसानों के साथ हुए इस विश्वासघात से यह स्पष्ट है कि देश का किसान एक लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहें. #विश्वासघात_दिवस"

    किसान मजदूर संघर्ष कमेटी से जुड़े सरवन सिंह पंधेर और उनके साथी किसानों ने केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ अमृतसर में विरोध प्रदर्शन किया और पुतले जलाए.

    बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, "आज अमृतसर सहित पूरे पंजाब में हम मोदी सरकार के पुतले जला रहे हैं क्योंकि इस सरकार ने दिल्ली में जो तीन वादे किए थे- एमएसपी कानून लाना, सभी किसानों के खिलाफ़ केस वापस सेना और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय टेनी को मंत्रिमंडल से बर्ख़्तास्त करना. ये तीनों ही वादे सरकार ने अब तक पूरे नहीं किए हैं."

  14. लाइब्रेरी ऑन व्हील्स: 1 रुपये में पढ़िए चाहे जितनी क़िताबें

    30 जनवरी को महात्मा गांधी की 74वीं पुण्यतिथि है. ऐसे में देखिए यह रिपोर्ट- एक गांधीवादी की जिनके पिता भी स्वतंत्रता सेनानी रह चुके हैं.

    जीवन इंगले महाराष्ट्र के सतारा ज़िले में बीते 12 सालों से ‘लाइब्रेरी ऑन व्हील्स’ चला रहे हैं. उनके पास एक इमारत में लाइब्रेरी भी है जिसकी सदस्यता मात्र एक रुपये है.

    लाइब्रेरी में महात्मा गांधी से लेकर नाथूराम गोडसे तक पर किताबें हैं. बीबीसी संवाददाता शाहिद शेख़, शरद बढे और प्राजक्ता धुलप की रिपोर्ट.

  15. यूपी चुनाव: रवि किशन के ख़िलाफ़ नोएडा में चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज

    भारतीय जनता पार्टी के सांसद और फ़िल्म अभिनेता रवि किशन के ख़िलाफ़ एक इलेक्शन कैम्पेन के दौरान कोविड प्रोटोकॉल और चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि गोरखपुर के सांसद रविवार को भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान विधायक पंकज सिंह के लिए नोएडा में चुनाव प्रचार कर रहे थे.

    पंकज सिंह एक बार फिर से इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं. निर्वाचन आयोग ने कोरोना महामारी को देखते हुए चुनावी रैलियों पर रोक लगाई हुई है और केवल डोर-टू-डोर इलेक्शन कैम्पेन को मंज़ूरी दे रखी है.

    लेकिन नोएडा के एक गांव में रवि किशन की मौजूदगी में बड़ी संख्या में लोग उमड़ आए थे जबकि सरकारी इजाजत केवल 10 लोगों के एक साथ इकट्ठा होने की है.

    रवि किशन के कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी साफ़ तौर से देखी जा सकती थी.

    सेंट्रल नोएडा के पुलिस विभाग के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर इलामरन जी ने बताया कि पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो का संज्ञान लिया है और पहली नज़र में ये निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों और कोविड प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन लगता है. सेक्टर 63 के पुलिस स्टेशन के प्रभारी ने नोएडा के रिटर्निंग ऑफ़िसर के समक्ष आगे की कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट दाखिल की है.

    उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर ज़िले में 10 फरवरी को वोटिंग है. उत्तर प्रदेश में सात चरणों में चुनाव होंगे और 10 मार्च को नतीजे आ जाएंगे.

  16. चीन में बेहद मुश्किल हो चुका है पत्रकारों के लिए काम करना: रिपोर्ट

    चीन में मीडिया की आज़ादी बेहद तेज़ी से घटती जा रही है. विदेशी पत्रकारों के एक समूह फ़ॉरेन कॉरेस्प़न्डेंट क्लब की ओर से जारी रिपोर्ट में ये बात सामने आई है.

    चीन के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब (एफ़सीसी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां पत्रकारों को शारीरिक हमले, हैकिंग, ऑनलाइन ट्रोलिंग और वीज़ा से इनकार का सामना करना पड़ता है.

    चीन और हांगकांग में स्थानीय पत्रकारों को भी निशाना बनाया जा रहा है.

    चीन ने एफ़सीसी को "अवैध संगठन" करार दिया है.

    ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर का मीडिया बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक पर फ़ोकस बनाए हुए है, बीजिंग ओलंपिक पहले ही शिनजियांग में मानवाधिकारों के कथित हनन और हांगकांग में की गई कार्रवाई के कारण विवादों के घेरे में है.

    रिपोर्ट में पाया गया है कि विदेशी पत्रकारों को चीन में इतने गंभीर रूप से परेशान किया जा रहा है कि कई संवाददाताओं ने चीन छोड़ दिया है.

    कई दूसरे पत्रकार एहतियात के तौर पर आपातकालीन निकास योजनाएं तैयार करने को मजबूर है.

    रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी पत्रकारों के चीनी सहयोगियों और उनके परिवारों को भी चीनी अधिकारियों की ओर से डराया धमकाया जा रहा है.

    चीनी मूल की ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार चेंग लेई और चीनी पत्रकार हेज़ फ़ैन जैसे अन्य पत्रकारों को राज्य सुरक्षा मामलों में शामिल होने के आरोप में एक साल से अधिक समय से हिरासत में रखा गया है.

  17. 2007 की याद और सोशल इंजीनियरिंग के दम पर बसपा की छुपा रुस्तम बनने की उम्मीद कितनी सही?

    पिछले साल 9 अक्टूबर को पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर बहुजन समाज पार्टी ने लखनऊ में एक बड़ी जन सभा की.

    इस सभा में भाषण देते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से दुखी रही है और अब बसपा के शासन काल को याद कर रही है. साथ ही मायावती ने दावा किया कि जनता सत्ता परिवर्तन के लिए अपना मन बना चुकी है और इस बार उनकी पार्टी की सरकार बनना तय है.

    इस जनसभा के बाद कई हफ़्तों तक मायावती किसी बड़े चुनावी आयोजन में नज़र नहीं आईं और ये चर्चा ज़ोर पकड़ने लगी कि मायावती चुनाव प्रचार से नदारद क्यों हैं?

    कुछ दिन पहले जब बीबीसी की टीम लखनऊ में बसपा के मुख्यालय पहुंची तो वहां सन्नाटा पसरा था. तीन चार पार्टी कर्मचारियों के सिवा वहां कोई नहीं था. पार्टी मुख्यालय को देख कर ये कहना मुश्किल था कि ये एक ऐसी राजनीतिक पार्टी का दफ्तर है जो उत्तर प्रदेश में अगली सरकार बनाने का दावा कर रही है.

    लेकिन बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा का ये कहना था कि ज़मीनी स्तर पर उनकी पार्टी का चुनाव प्रचार उसके प्रतिद्वंद्वियों से मीलों आगे है.

  18. अफ़ग़ानिस्तान, तेजस फाइटर प्लेन, ट्रिपल तलाक़... मोदी सरकार की ओर से क्या-क्या बोले राष्ट्रपति

    संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से अपना भाषण दिया.

    उन्होंने कोरोना महामारी, अफ़ग़ानिस्तान, तेजस फाइटर प्लेन, ट्रिपल तलाक़ और अन्य कई मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का ब्योरा रखा.

    उन्होंने कहा, "कोरोना वायरस से उत्पन्न वैश्विक महामारी का ये तीसरा वर्ष है, इस दौरान हमने भारत के लोगों की लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को और मजबूत होते देखा है."

    "मैं देश के उन लाखों स्वाधीनता सेनानियों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और भारत को उसके अधिकार दिलाए।.आज़ादी के इन 75 वर्षों में देश की विकास यात्रा में अपना योगदान देने वाले सभी महानुभावों का भी मैं श्रद्धा-पूर्वक स्मरण करता हूं."

    राष्ट्रपति के भाषण की ख़ास बातें

    • "कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत के सामर्थ्य का प्रमाण वैक्सीनेशन प्रोग्राम में नजर आया है. हमने एक साल से भी कम समय में 150 करोड़ से भी ज्यादा वैक्सीन डोज़ लगाने का रिकॉर्ड पार किया. आज हम पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा वैक्सीन डोज़ देने वाले अग्रणी देशों में से एक हैं."
    • "सरकार द्वारा 64 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से शुरू किया गया प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इनफ्रास्ट्रक्चर मिशन एक सराहनीय उदाहरण है. इससे न केवल वर्तमान की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि आने वाले संकटों के लिए भी देश को तैयार किया जा सकेगा."
    • "मेरी सरकार की संवेदनशील नीतियों के कारण देश में अब स्वास्थ्य सेवाएं जन साधारण तक आसानी से पहुंच रही हैं. 80 हजार से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स और करोड़ों की संख्या में जारी आयुष्मान भारत कार्ड से गरीबों को इलाज में मदद मिली है."
    • "कोरोना के इस महासंकट में हमने बड़े-बड़े देशों में खाद्यान्न की कमी और भूख की परेशानी देखी है लेकिन मेरी संवेदनशील सरकार ने इस बात का पूरा प्रयास किया कि 100 साल के इस सबसे बड़े संकट में कोई गरीब भूखा न रहे."
    • "डिजिटल इंडिया और डिजिटल इकॉनमी के बढ़ते प्रसार के संदर्भ में देश के UPI प्लेटफॉर्म की सफलता के लिए मैं सरकार के विज़न की प्रशंसा करूंगा. दिसबंर 2021 में देश में 8 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा का लेन-देन UPI के माध्यम से हुआ है."
    • "मेरी सरकार के नीतिगत निर्णय और प्रोत्साहन से विभिन्न पुलिस बलों में महिला पुलिस-कर्मियों की संख्या में, 2014 के मुकाबले दोगुनी से ज़्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है."
    • "महिला सशक्तीकरण मेरी सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में से एक है. बेटे-बेटी को समानता का दर्जा देते हुए मेरी सरकार ने महिलाओं के विवाह के लिए न्यूनतम आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर पुरूषों के समान 21 वर्ष करने का विधेयक भी संसद में प्रस्तुत किया है."
    • "सरकार ने तीन तलाक को कानूनन अपराध घोषित कर समाज को इस कुप्रथा से मुक्त करने की शुरुआत की है. मुस्लिम महिलाओं पर केवल मेहरम के साथ ही हज यात्रा करने जैसे प्रतिबंधों को भी हटाया गया है."
    • "मेरी सरकार की नीतियों की वजह से आज भारत उन देशों में है जहां इंटरनेट की कीमत सबसे कम है तथा स्मार्ट फोन की कीमत भी सबसे कम है. इसका बहुत बड़ा लाभ भारत की नौजवान पीढ़ी को मिल रहा है."
    • "सरकार के निरंतर प्रयासों से भारत एक बार फिर विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है. इस वित्त वर्ष के पहले 7 महीनों में 48 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आना, इसका प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक भारत के विकास को लेकर आश्वस्त हैं."
    • "आज़ादी की लड़ाई में बापू के नेतृत्व में देश की चेतना का प्रतीक रही खादी एक बार फिर छोटे उद्यमियों का संबल बन रही है. सरकार के प्रयासों से 2014 की तुलना में देश में खादी की बिक्री तीन गुना बढ़ी है."
    • "मेरी सरकार देश की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित होकर काम कर रही है. सरकार की नीतियों की वजह से डिफेंस सेक्टर में, विशेषकर रक्षा उत्पादन में, देश की आत्म-निर्भरता लगातार बढ़ रही है."
    • "हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 83 एलसीए तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट के निर्माण हेतु अनुबंध किए गए हैं. सरकार ने ऑर्डिनेन्स फैक्ट्रियों को 7 डिफेंस PSU का रूप देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं."
    • "हमने अपने पड़ोसी देश अफगानिस्तान में अस्थिरता और नाजुक हालात को देखा है, भारत ने इन परिस्थितियों में मानवता को सर्वोपरि रखते हुए ऑपरेशन देवी शक्ति को संचालित किया. हमने हमारे कई नागरिकों और कई अफगान हिन्दू, सिख, अल्पसंख्यकों को काबुल से सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट किया."
  19. राष्ट्रपति के अभिभाषण से पहले द्रमुक और कांग्रेस सांसदों का नीट बिल पर प्रदर्शन

    संसद में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भाषण शुरू होने से पहले तमिलनाडु से आने वाले द्रमुक और कांग्रेस सांसदों ने 'राज्यपाल द्वारा नीट बिल को मंज़ूरी दिए जाने में की जा रही देरी' के मुद्दे पर प्रदर्शन किया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा ने एक विधेयक पारित कर राज्य में नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट (नीट) व्यवस्था लागू नहीं करने का प्रस्ताव रखा है.

    द्रमुक का आरोप है कि तमिलनाडु के राज्यपाल इस विधेयक को मंज़ूरी देने में देरी कर रहे हैं.

    द्रमुक और कांग्रेस के सांसदों ने राष्ट्रपति का भाषण शुरू होने से पहले हाथों में प्लेकार्ड लेकर प्रदर्शन किया.

    हालांकि राष्ट्रपति का भाषण शुरू होने से पहले जब उन्हें बैठने के लिए कहा गया तो वे अपनी जगह पर बैठ गए.

  20. मुज़फ़्फ़रनगर में जब महिलाओं ने बीबीसी टीम को रोका और बोलीं...

    "सुनो, एक सिलेंडर वाली बात है. कितना महंगा सिलेंडर कर रखा है सरकार ने."

    रीना की ढेरों शिकायतों में से एक शिकवा ये भी था. उनके साथ ही बैठी गीता के पास भी था समस्याओं और शिकायतों का पिटारा.

    माइक उनकी तरफ घूमा तो वो बोलीं, "बस ये सोचकर वोट देने जाएंगे कि हम जिसे वोट देंगे. वो हमारा साथ देवे और एक तो हमारी गली को अच्छा कर देवे."

    ये दोनों महिलाएं काकड़ा गांव की रहने वाली हैं. ये गांव पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले में है और 'पर्दा' अब भी यहां चलन में है. गांव की गलियों में, सड़कों पर महिलाएं ख़ूब दिखती हैं.

    कई महिलाएं रोज़मर्रा के काम करती भी नज़र आती हैं लेकिन गांवों में अधिकांश महिलाओं के लिए घूंघट या बुर्का पहनावे का ज़रूरी हिस्सा नज़र आता है.