डूरंड विवाद के हल के लिए तालिबान सरकार बना रही समिति

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डूरंड रेखा से जुड़े विवाद के हल के लिए इस्लामिक अमीरात कई मंत्रालयों की एक संयुक्त समिति बना रहा है.
सोमवार को अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है.
पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बीते दिनों काबुल की यात्रा की थी और उसके बाद ही यह घोषणा की गई है.
इस संयुक्त समिति के गठन का फ़ैसला दूसरे डिप्टी पीएम अब्दुल सलाम हनफ़ी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में किया गया.
इस्लामिक अमीरात के उप-प्रवक्ता इमानुल्लाह सामांगानी ने बताया कि इस समिति को बनाने का उद्देश्य डूरंड रेखा के जुड़ी समस्याओं का निपटारा करना है और साथ ही भविष्य के लिहाज़ से संभावित सुरक्षा समस्याओं का हल खोजना है. इसके अलावा उन सुरक्षा समस्याओं को भी दूर करना है जो बीते वक़्त में पेश आई हैं.
उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि इस तरह के मसलों का हल आपसी समझ से ही किया जाना चाहिए.
इससे पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ़ के नेतृत्व में पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय यात्रा पर काबुल गया हुआ था. वहां उन्होंने इस्लामिक अमीरात के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी. यह प्रतिनिधिमंडल रविवार को वापस लौट आया था.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया है कि इस यात्रा का मक़सद दोनों देशों के आर्थिक संबंध को और गहरा करना है.
बयान में कहा गया है कि इस यात्रा के दौरान, पाकिस्तान ने स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, सीमा शुल्क, रेलवे और दूसरे कई मामलों में अफ़ग़ानिस्तान को सहायता की पेशकश की.
टोलो न्यूज़ की ख़बर के मुताबिक़, डूरंड रेखा पर फेंसिंग करने को लेकर पाकिस्तानी सेना के क़दम पर अफ़ग़ानिस्तान कई बार टिप्पणी कर चुका है. इससे पूर्व सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो भी देखने को मिले थे जिसमें इस्लामिक अमीरात की सेना डूरंड रेखा पर फ़ेंसिंग को लेकर विवाद कर रही है.
















