ओमिक्रॉन से हालात ख़राब हुए तो फंसे कर्ज़ की समस्या और गहरा सकती है: आरबीआई
भारतीय रिज़र्व बैंक की बुधवार को आई एक रिपोर्ट में इस साल फंसे हुए कर्ज़ के काफ़ी बढ़ जाने की आशंका जताई है. इसकी मुख्य वजह कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के चलते अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन के प्रभावित होने की आशंका है.
लाइव कवरेज
पंकज प्रियदर्शी, मोहम्मद शाहिद and विभुराज
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 9,195 नए मामले, कल से 44% अधिक
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भारत में कोरोना वायरस के
ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले बढ़कर 781 हो गए हैं. इसके सबसे अधिक 238 मामले दिल्ली
और 167 मामले महाराष्ट्र में हैं.
वहीं बुधवार को बीते 24
घंटों के दौरान भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 9,195 मामले सामने आए जो कि
मंगलवार के मुक़ाबले 44 फ़ीसदी अधिक थे.
एक दिन पहले भारत में
संक्रमण के नए मामले 6,358 पाए गए थे.
हालांकि, भारत में इस
बीमारी से ठीक होने का रिकवरी रेट 98.40 फ़ीसदी बना हुआ है जो मार्च 2020 से सबसे
अधिक है.
बीते 24 घंटों में कोरोना
वायरस संक्रमण से 7,347 लोग ठीक हुए हैं.
हिंदू धर्म और हिंदुत्व की तुलना वाले दो साल पुराने ट्वीट पर बोले थरूर
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कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व
के बीच तुलना पर तक़रीबन दो साल पुराने अपने ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा है कि यह 'अभी भी प्रासंगिक है.'
उन्होंने इस ट्वीट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अपनी
पार्टी को भी टैग किया है.
शशि थरूर की पोस्ट में बताया गया है कि कैसे 'हिंदू धर्म विभिन्न
भारतीय संस्कृतियों, परंपराओं और विविधता का समागम है जबकि हिंदुत्व सावरकर के ज़रिए प्रचारित की गई एक सजातीय-नस्लीय-क्षेत्रीय
श्रेणी है.'
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हिंदू धर्म और हिंदुत्व की तुलना वाले इस ट्वीट में उन्होंने
बताया था कि कैसे 'हिंदू धर्म हज़ारों साल पुराना है जबकि हिंदुत्व को एक राजनीतिक
विचार के तौर पर साल 1923 में सावरकर ने पहली बार पेश किया था.'
थरूर ने बताया था कि 'हिंदू धर्म में वेद, पुराण जैसे ग्रंथ हैं
जबकि हिंदुत्व कासिर्फ़ एक केंद्रीय राजनीतिक पम्फ़लैट है- ‘हिंदुत्व: हिंदू कौन है?’ जिसे 1928 में प्रकाशित किया गया था.'
पाकिस्तान के मंत्री ने कहा- नवाज़ शरीफ़ ख़ुद नहीं लौटे तो उन्हें वापस लाया जाएगा
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इमेज कैप्शन, फ़वाद चौधरी और इमरान ख़ान
पाकिस्तान
के सूचना मंत्री फ़वाद चौधरी ने कहा है कि आत्म निर्वासन में रह रहे पूर्व
प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ अगर ख़ुद वापस नहीं आए तो सरकार उनको लेकर आएगी.
साथ
ही चौधरी ने कहा कि पूरा विपक्ष पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के तैयार किए
गए शासन को गिरा पाने में असमर्थ है.
मंगलवार
को देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ़ के साथ साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस
में चौधरी ने कहा, “नवाज़
शरीफ़ ख़ुद से कभी घर वापस नहीं लौटेंगे जब तक कि सरकार ब्रिटिश सरकार के साथ
समझौते के बाद उन्हें वापस नहीं लाएगी.”
हाल
ही में संसद के स्पीकर आयाज़ सादिक़ ने काह था कि वो लंदन जा रहे हैं और नवाज़ शरीफ़
को वापस लेकर आएंगे. इसके बाद से शरीफ़ परिवार में चिंताएं बढ़ गई थीं.
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फ़वाद
चौधरी ने कहा है कि नवाज़ शरीफ़ की वापसी को लेकर सरकार ने ब्रिटेन के साथ इस
मामले को अंतिम रूप दे दिया है.
वहीं
हाल ही में ऐसे संकेत मिले थे कि नवाज़ शरीफ़ अपने वतन वापस लौटेंगे.
भ्रष्टाचार
मामले में अदालत से ज़मानत पर रिहा हुए नवाज़ शरीफ़ इलाज के लिए लंदन गए थे और फिर
उसके बाद वापस नहीं लौटे हैं. उनकी पार्टी पीएमल-एन की ज़िम्मेदारी उनके भाई
शाहबाज़ शरीफ़ और बेटी मरियम शरीफ़ के हाथों में है.
फ़वाद
चौधरी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ही केवल असली विपक्ष के तौर पर काम
कर सकते हैं.
उन्होंने
कहा, “लोकतांत्रिक
रूप से चुनी गई वर्तमान सरकार को विपक्षी पार्टियां अपने तथाकथित विरोधी आंदोलनों
से हटा नहीं सकती हैं.”
महात्मा गांधी को गाली देने वाले 'कालीचरण महाराज' कौन हैं?
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कालीचरण महाराज पहली बार सुर्ख़ियों में तब आए थे जब शिव तांडव पर उनका भजन सोशल मीडिया में वायरल हो गया था. उनका वास्तविक नाम अभिजीत सराग है.
वे मूल रूप से महाराष्ट्र के अकोला ज़िले के हैं और शिवाजी नगर के भवसर पंचबंगला इलाके में रहते हैं. स्थानीय पत्रकार उमेश अकेला के मुताबिक़ उनका बचपन अकोला में ही गुज़रा है.
कालीचरण महाराज की शिक्षा को लेकर विश्वसनीय और एकदम सटीक जानकारी तो नहीं मिल सकी है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि वे आठवीं तक पढ़े हैं.
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हरिद्वार धर्म संसद: वसीम रिज़वी ने धमकियों को लेकर पुलिस को दी शिकायत
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हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर के बीच हुई ‘धर्म संसद’ में भड़काऊ भाषण मामले में
एफ़आईआर होने के बाद उत्तर प्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी
उर्फ़ जितेंद्र नारायण त्यागी ने एक क्रॉस एफ़आईआर के लिए शिकायत दर्ज कराई है.
त्यागी समेत अन्य लोगों ने उत्तराखंड पुलिस को शिकायत
देकर कहा है कि उनको ‘मुस्लिम कट्टरपंथियों की ओर से
जान से मारने की धमकी मिल रही है.’
पुलिस उनकी शिकायत की जांच कर रही है जिसके बाद कार्रवाई
की जाएगी.
‘हिंदुस्तान टाइम्स’ अख़बार के मुताबिक़ मंगलवार को उत्तराखंड पुलिस ने वसीम
रिज़वी उर्फ़ जितेंद्र नारायण त्यागी और पूजा शकुन पांडे उर्फ़ अन्नपूर्णा मां को
भड़काऊ भाषण मामले में पूछताछ में शामिल होने के लिए समन जारी किया.
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अख़बार के मुताबिक़ स्टेशन हाउस ऑफ़िसर राकेश कठैत ने
कहा है कि दोनों को समन दिया गया है लेकिन तीसरे अभियुक्त और हिंदू महासभा के महासचिव
धर्मदास महाराज को समन नहीं दिया जा सका क्योंकि वो हरिद्वार में अपने घर पर नहीं
थे.
मुस्लिम
समुदाय के ख़िलाफ़ भड़काऊ बयान देने को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने सबसे पहले वसीम रिज़वी उर्फ़ जितेंद्र नारायण त्यागी के ख़िलाफ़ मुक़दमा
दर्ज किया था.
पुलिस ने जांच के बाद संत धर्मदास और
साध्वी अन्नपूर्णा के ख़िलाफ़ भी मुक़दमा दर्ज कर लिया था. दोनों अभियुक्त
हरिद्वार के संत हैं.
नसीरुद्दीन शाह बोले, 'मुसलमान इनके डराने से डरेंगे नहीं'
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जाने-माने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि जो मुसलमानों के जनसंहार के लिए कह रहे हैं, वे गृह युद्ध कराना चाहते हैं.
कोलकाता से प्रकाशित होने वाले अंग्रेज़ी दैनिक द टेलिग्राफ़ ने नसीरुद्दीन शाह की इस टिप्पणी को प्रमुखता से जगह दी है.
नसीरुद्दीन शाह से जाने-माने पत्रकार करण थापर ने 'द वायर' के लिए इंटरव्यू किया है. इंटरव्यू में शाह ने हरिद्वार में धर्म संसद को लेकर विस्तार से बात की है.
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इसराइल में एवियन फ़्लू को रोकने के लिए मारे जाएंगे 10 हज़ार टर्की
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इसराइल में एवियन फ़्लू की महामारी को रोकने के लिए वो 10 हज़ार से
अधिक टर्की को मारेगा.
हुला नेचर रिज़र्व में इस बीमारी के कारण 5,000 से अधिक प्रवासी सारस
पक्षी मारे गए हैं.
पर्यावरण मंत्री तमर ज़ैंडबर्ग ने इसे इसराइल के इतिहास में ‘वन्यजीव के लिए सबसे बड़ा झटका’ बताया
है.
स्थानीय किसानों को भी तक़रीबन 5 लाख मुर्ग़ियों
को भी मारने को कहा गया है जिसके कारण अंडों की कमी हो सकती है.
हालांकि, अभी तक A(H5N1) वायरस के इंसान में पहुंचने का कोई
मामला नहीं मिला है.
प्रधानमंत्री नेफ़्टाली बेनेट ने
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और बाक़ी विशेषज्ञों से मुलाक़ात कर इसे रोकने के
तरीक़ों पर चर्चा की है.
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संक्रमित पक्षियों के संपर्क में
रहे लोगों का सुरक्षा के तौर पर इलाज किया जा रहा है.
विश्व स्वास्थ संगठन के मुताबिक़,
पक्षियों से इंसानों में किसी वायरस का पहुंचना बेहद दुर्लभ घटना है, साल 2003 में
ऐसा हुआ था जब दुनियाभर में 456 लोग मारे गए थे.
इसराइल नेचर एंड पार्क्स अथॉरिटी
ने जो तस्वीरें जारी की हैं उनमें रेंजर्स प्रोटेक्टिव सूट पहनकर हुला झील में मरे
हुए सारसों को निकाल रहे हैं ताकि बाकी वन्यजीवों को संक्रमित होने से बचाया जा
सके.
प्राधिकरण का कहना है कि मरे हुए
250 सारस हुला घाटी में पड़े हैं और देश में 30 बीमार सारसों को देखा गया है.
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