डेसमंड टूटू: दक्षिण अफ़्रीका में हफ़्ते भर श्रद्धांजलि कार्यक्रम

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रंगभेद के खिलाफ़ लड़ने वाले नेता आर्कबिशप डेसमंड टूटू का शनिवार को 90 साल की उम्र में निधन हो गया,उनके सम्मान में दक्षिण अफ़्रीका में एक सप्ताह के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
एक जनवरी को केप टाउन में अंतिम संस्कार से पहले उनके शव को लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा.उनके निधन पर दुनियाभर के नेता पोप फ्रांसिस से लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय ने श्रद्धांजलि अर्पित की है.
टूटू देश-विदेश में दक्षिण अफ्रीका के सबसे मशहूर शख़्सियतों में से एक थे. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने एक बयान में कहा कि टूटू ने " दक्षिण अफ्रीका को आज़ाद" करने में मदद की थी.
नेल्सन मंडेला के समकालीन,टूटू को 1948-91 में दक्षिण अफ्रीका में काले बहुमत के ख़िलाफ़ गोरी अल्पसंख्यक सरकार की ओर से लागू रंगभेदी प्रणाली को ख़त्म करने के उनके संघर्ष के लिए 1984 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
रविवार को,सभी उम्र और पृष्ठभूमि के दक्षिण अफ्रीकी लोगों ने केप टाउन के सेंट जॉर्ज कैथेड्रल में राष्ट्रीय नायक को फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि दी.
दुनिया भर के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि वह "भगवान और लोगों के एक सच्चे सेवक के निधन के बारे में जानकर हतप्रभ हूं. टूटू की विरासत सीमाओं को पार करती हैं और वह युगों तक गूंजती रहेगी."
वहीं एक शोक संदेश में महारानी एलीज़ाबेथ द्वितीय ने कहा कि उन्हें टूटू के साथ अपनी मुलाक़ातें,उनकी गर्मजोशी और हास्य हमेशा याद रहेगा.

