त्रिपुरा पर टीएमसी की याचिका की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज, ममता दिल्ली में

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सुप्रीम कोर्ट आज त्रिपुरा में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले कानून व्यवस्था बिगड़ने के संबंध में दायर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगा.
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि त्रिपुरा में उसके कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ हिंसा हो रही है और राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार उसके कार्यकर्ताओं पर कई झूठे मामले भी दर्ज कर रही है.
इससे पहले सोमवार को टीएमसी के लगभग 16 सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिये समय माँगा था. फ़ौरन समय नहीं मिलने पर सभी सांसदों ने गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन भी किया और धरने पर भी बैठे.
बाद में गृह मंत्री अमित शाह टीएमसी सांसदों के प्रतिनिधि मंडल से मुलाक़ात की.
उधर त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस की युवा नेता और बांग्ला फ़िल्मों की अभिनेत्री सयानी घोष को अगरतला की एक अदालत ने सोमवार को जमानत दे दी.
उन्हें रविवार दोपहर गिरफ़्तार किया गया था. उन पर ग़ैर-जमानती धाराओं के तहत हत्या की साजिश रचने और शत्रुता फैलाने के आरोप लगाए गए. और इसके लिए उनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153, 153ए, 307, 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया.
टीएमसी का आरोप है कि रविवार को अगरतला में उनके नेता सुबल भौमिक के घर पर हुए हमले में कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं. लेकिन बीजेपी का कहना है कि टीएमसी बंगाल से हज़ार के करीब लोग त्रिपुरा लेकर आई है ताकि वहां अशांति फैलाई जा सके.
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी कल शाम को दिल्ली पहुंच गई हैं. दिल्ली के रवाना होने से पहले ममता बनर्जी ने कहा, " त्रिपुरा के मुख्यमंत्री और उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद, राजनीतिक दलों को मीटिंग और रैलियां करने से रोका जा रहा है."
उन्होंने कहा कि वे ये मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने भी उठाएंगी.
