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महाराष्ट्र सरकार ने ये घोषणा की है कि राज्य के 18 साल से 44 साल तक की उम्र के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन फ्री में दी जाएगी.
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की कैबिनेट ने इस फ़ैसले को मंज़ूरी दे दी है.
इस योजना में महाराष्ट्र के 5.71 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जाएगी.
स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है.
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लोगों से आग्रह किया है कि वे बेवजह बाहर न निकलें.
उन्होंने प्रशासन को ये आदेश दिया है कि टीकाकरण अभियान को सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ाया जाए.
दक्षिण कोरिया से लेकर सिंगापुर तकः भारत को कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में इस तरह से मिल रही है मदद
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दक्षिण कोरिया की सरकार ने कहा है कि वो कोरोना संकट से जूझ रहे भारत को फौरन मेडिकल सप्लाई भेजेगा ताकि लोगों की ज़िंदगियां बचाई जा सके.
दक्षिण कोरिया के दूतावास ने कहा है कि ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स जैसी मेडिकल इस्तेमाल की चीज़ों और अन्य ज़रूरतों के बारे में बात की जा रही है.
दूतावास ने कहा कि दक्षिण कोरिया की सरकार कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के साथ अपना करीबी सहयोग जारी रखेगी.
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इस बीच सिंगापुर के मंत्री मलिक उस्मान ने 256 ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई रवाना की है. ये ऑक्सीजन सिलिंडर सिंगापुर एयरफोर्स के दो विमानों से भारत लाए जा रहे हैं.
ये सप्लाई बुधवार को ही भारत पहुंच जाएगी.
इससे पहले भारत के गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बताया था कि भारतीय वायु सेना के कुछ विमान सिंगापुर से अतिरिक्त ऑक्सीजन कंटेनर लाने के लिए वहां जाने की तैयारी कर रहे हैं.
ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका और यूरोपीय संघ पहले ही भारत को कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ उसकी लड़ाई में साथ दे रहे हैं.
भारत में कोविड-19 महामारी का विज़ुअल गाइड
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भारत में कोरोना वायरस की दूसरी घातक लहर के दौरान अस्पतालों और श्मशान में भारी भीड़ और ऑक्सीजन और दवाओं की भारी कमी देखी जा रही है.
यह एक विज़ुअल गाइड है, जिसमें बताया जा रहा है कि भारत में क्या हो रहा है और इस संकट से निपटने के लिए अधिकारी क्या कर रहे हैं.
कोरोना मरीज़ों की संख्या और मौत ने रिकॉर्ड बना दिया है
नए वैरिएंट्स के चलते भारत में कोरोना के मरीज़ों की संख्या और मौतों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है.
देश में सोमवार को लगातार पाँचवें दिन कोरोना के रिकॉर्ड मामले और मौतें दर्ज की गईं.
हालांकि मरीज़ों और मौतों की असल संख्या अधिकारियों द्वारा बताई गई संख्या से कहीं अधिक होने की आशंका जताई जा रही है. कई लोग कोरोना की जाँच से बचने या इसे कराने के लिए जूझ रहे हैं. वहीं गांवों में इससे होने वाली अधिकतर मौतें रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पा रही.
कोरोना से मेरी जंग: ‘स्थानीय अस्पताल से बहुत मदद मिली’
वीडियो कैप्शन, कोरोना से मेरी जंग: ‘स्थानीय अस्पताल से बहुत मदद मिली’
असम में काम करने वाले चंद्र शेखर प्रसाद अपनी छुट्टियों के दौरान यूपी के गोरखपुर गए थे.
वहाँ ट्रेन से उतरते ही उनका कोरोना टेस्ट किया गया और वो पॉज़िटिव पाए गए.
ये जानकारी मिलने के बाद वो काफ़ी घबरा गए थे लेकिन उनका कहना है कि स्थानीय अस्पताल और लोगों ने उनकी बहुत मदद की. प्रसाद अब स्वस्थ हो चुके हैं.
गोवा में तीन मई तक के लिए लॉकडाउन के कड़े प्रतिबंध लागू
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इमेज कैप्शन, गोवा के मुख्यमंत्री एक अस्पताल के दौरे पर (फ़ाइल फोटो)
गोवा की सरकार ने बुधवार को ये फैसला किया कि राज्य में 29 अप्रैल से तीन मई तक के लिए लॉकडाउन के कड़े प्रतिबंध लागू किए जाएंगे.
राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने संवाददाताओं से कहा कि अनिवार्य सेवाओं और उद्योगों को इस फ़ैसले से राहत दी गई है लेकिन सार्वजनिक यातायात पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी.
उन्होंने कहा, "लॉकडाउन गुरुवार से लागू हो जाएगा और सोमवार तक जारी रहेगा ताकि कोरोना संक्रमण का चेन तोड़ा जा सके."
गोवा में मंगलवार को कोरोना संक्रमण के 2110 नए मामले रिपोर्ट हुए हैं जबकि वहां 31 लोगों की मौत हुई.
राज्य में अब तक 81,098 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और वहां 1086 लोग इस महामारी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं.
कोरोना से मेरी जंग: ‘मैं अपने बच्चों को गले लगाने के लिए बैचैन थी’
वीडियो कैप्शन, कोरोना से मेरी जंग: ‘मैं अपने बच्चों को ग़ले लगाने के लिए बैचैन थी’
शिमला की रहने वालीं डॉक्टर किमी सूद पिछले साल कोरोना पॉज़िटिव हुई थीं.
उनके मुताबिक शुरू में वो घबरा गईं थीं लेकिन फिर उन्होंने सकारात्मक किताबें पढ़ना शुरू किया और निगेटिव चीज़ों से दूर रहीं.
वो दूसरों को भी ऐसा ही करने की सलाह देती हैं.
उन्होंने कहा कि ठीक होने के बाद सबसे पहले उन्होंने अपने बच्चों को गले लगाया.
सिद्दीक़ कप्पन को इलाज के लिए दिल्ली लाया जाए, सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को निर्देश
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सुप्रीम कोर्ट ने केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजने का आदेश दिया है. सिद्दीक़ कप्पन कोरोना संक्रमित हैं. कोर्ट का ये भी कहना है कि ठीक हो जाने पर उन्हें वापस मथुरा जेल भेज दिया जाएगा.
मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हम याचिका का निपटारा कर रहे हैं. हालाँकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया है, लेकिन हम उत्तर प्रदेश राज्य को आदेश दे रहे हैं कि अभियुक्त को या तो राम मनोहर लोहिया अस्पताल या एम्स में इलाज के लिए ले जाया जाए.
सिद्दीक़ कप्पन को पाँच अक्तूबर 2020 को उत्तर प्रदेश पुलिस ने उस वक़्त गिरफ़्तार किया था जब वे हाथरस में एक 19 वर्षीय दलित महिला के साथ हुए 'सामूहिक बलात्कार' और हत्या के मामले को कवर करने जा रहे थे. कप्पन और उनके तीन साथियों पर यूएपीए के तहत आरोप लगाए गए और उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन पर पर चरमपंथी इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया से संबंध रखने का आरोप लगाया.
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पिछले दिनों केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे एक पत्र में कहा था कि कप्पन की तबीयत काफ़ी गंभीर है. विजयन ने आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था ताकि कप्पन के साथ मानवीय व्यवहार हो सके. विजयन ने यह भी लिखा है कि कप्पन को एक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में स्थानांतरित करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए जहाँ उनकी जान बचाई जा सके.
महाराष्ट्र का अमरावतीः संक्रमण के 700 मामले रोज़ रिपोर्ट हो रहे हैं
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नितेश राउत
बीबीसी मराठी
महाराष्ट्र का अमरावती शहर फरवरी में ख़बरों के केंद्र में आ गया था.
कोरोना की दूसरी लहर अभी शुरू ही हुई थी और शहर में संक्रमित मरीज़ों की संख्या नई ऊंचाइयों पर पहुंचने लगी थी.
संक्रमण के मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि को देखते हुए शहर में 15 दिनों की कड़ी पाबंदी लगा दी गई.
लॉकडाउन लगाने के बाद संक्रमण के मामलों में कमी तो आई पर अब हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं.
यहां रोज़ संक्रमण के 700 नए मामले रिपोर्ट हो रहे हैं.
मृत्यु दर के आंकड़े भी बढ़े हैं. शहर के लोगों को अस्पताल में बिस्तर मिलना मुश्किल हो गया है. अन्य शहरों की तरह यहां भी ऑक्सीजन की समस्या है
कर्नाटक: 14 दिनों के लॉकडाउन से ठीक पहले मज़दूरों का पलायन
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इमरान क़ुरैशी, बेंगलूरू से
कर्नाटक में मंगलवार की रात से 14 दिनों का लॉकडाउन लग गया है. हालांकि इस दौरान सुबह 6 बजे से 10 बजे तक की छूट दी गई है ताकि लोग ज़रूरत की चीज़े ख़रीद सकें. बीते 24 घंटों में राज्य में 31,830 नए केस सामने आए हैं और 180 लोगों की मौत हुई है.
राज्य के कुल संक्रमण मामले का सबसे बड़ा हिस्सा बेंगलुरु से सामने आया है जहां 24 घंटे के भीतर 17,550 नए मामले रिपोर्ट हुए हैं.
राज्य की भाजपा सरकार को तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) के सुझाव मानने पर मजबूर होना पड़ा.
दरअसल विशेषज्ञ वायरोलॉजिस्ट, महामारी विज्ञानियों और अन्य जानकारों के एक पैनल ने ये सिफ़रिश की थी कि बढ़ते संक्रमण को रोकने में लॉकडाउन ही मदद कर सकता है जिसके बाद राज्य में लॉकडाउन का फ़ैसला किया गया.
सरकारी और निजी में बेड उपलब्ध नहीं हैं, ऑक्सीज़न की भारी कमी है और ज़रूरी दवा का भी अभाव है, बताया जा रहा है कि 500 से 700 लोग अस्पतालों में बेड खोज रहे हैं.
बीते 24 घंटों में लॉकडाउन से ठीक पहले कर्नाटक में बड़ा पलायन देखा गया जहां लोग बड़े शहर छोड़ कर अपने गांवों और कस्बों के लिए निकल पड़े.
गुजरातः अस्पतालों के बाहर एंबुलेंस की लंबी क़तारें और ऑक्सीजन की किल्लत
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तेजस बैद्य, अहमदाबाद से
गुजरात की व्यवसायिक राज़धानी माने जाने वाले अहमदबाद, पूरे राज्य में कोरोना संक्रमण से सबसे बुरी तरह प्रभावित शहर है.
बीते सप्ताह के आंकड़े देखे जाएं तो शहर में हर दिन 5,500 नए मामले सामने आए हैं और मरने वालों का सरकारी आंकड़ा 20 से 25 हर दिन रहा है.
राज्य सरकार पर संक्रमण और मौत के आँकड़ों को घटा कर रिपोर्ट करने का आरोप लग रहा है. अस्पतालों के बाहर बेड का इंतज़ार करती एंबुलेंस की क़तारें हर दिन बढ़ती ही जा रही हैं.
राज्य सरकार ने अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई तो है लेकिन जानकारों का कहना है कि ये नाकाफ़ी है. अस्पतालों में मरीज़ों की बाढ़ सी आ गई है और पूरे शहर में अफ़रा-तफ़री का माहौल साफ़ देखा जा सकता है.
निजी अस्पतालों में अभी तो ऑक्सीज़न की सप्लाई है लेकिन अस्पताल प्रबंधन को इस बात की चिंता है कि ऑक्सीज़न खत्म होने पर नई सप्लाई कैसे मिलेगी. कई निजी अस्पताल भर्ती करने से पहले ही ये शर्त रख रहे हैं कि अगर मरीज़ का ऑक्सीज़न लेवल 94-95 से कम है तो वह भर्ती नहीं करेंगे.
अहमदाबाद के कुछ बाज़ारों ने मिल कर ये फ़ैसला लिया है कि जब तक हालात काबू में नहीं आते वह व्यापार रोके रखेंगे.
अहमदाबाद शहर के नागरिक केंद्र 4 मई तक बंद रहेंगे और शहर में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जो 24 घंटे की ऑक्सीज़न सप्लाई सुनिश्चित करने का काम करती है लेकिन इसके बाद भी अस्पतालों को खासी तकलीफ़ का सामना करना पड़ रहा है.
कोरोना से मेरी जंग: ‘मैं खुश हूं कि मैं ठीक हो गया’
ओडिशा: बढ़ते संक्रमण के बीच 1 मई से शुरू होने वाले टीकाकरण में हो सकती है देरी
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संदीप साहू, भुवनेश्वर से
मंगलवार को 6,073 नए मामलों के साथ ओडिशा में अब तक कोरोना से लोगों की कुल संख्या 4 लाख 20 हजार से अधिक हो गई है, जिनमें वर्तमान समय में 50, 000 से ज्यादा एक्टिव मामले है.
मंगलवार को 10 मौतों के साथ राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या 2, 007 तक जा पहुंची है.
पिछले पाँच दिनों से रोज़ाना नए मामलों की संख्या 6 से 7 हजार के बीच रही है.
राज्य के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह इस बात का संकेत है कि राज्य में संक्रमण अब ‘ऊंचे’ स्तर पर आ गया है. लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसा कहना जल्दबाजी होगी.
राज्य में अभी तक बेड, मेडिकल उपकरण या आक्सीज़न की कमी नहीं है. लेकिन पर्याप्त वैक्सीन न होने के कारण टीकाकरण कार्यक्रम गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है.
रविवार को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 18 से 44 वर्ष उम्र के लगभग 2 करोड़ नौजवानों के लिए मुफ़्त टीकाकरण की घोषणा की लेकिन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण निदेशक बिजय पाणिग्राही ने मंगलवार को कहा कि वैक्सीन उपलब्ध ने होने के कारण टीकाकरण शुरू होने में देर हो सकती है.
राज्य में इस समय कोविशील्ड के केवल 1.23 लाख डोज ही उपलब्ध है, जो एक दिन के लिए भी पर्याप्त नहीं है.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत की कोवैक्सीन कोरोना के B.1.617 वैरिएंट पर असरदार: डॉ फाउची
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समाचार एजेंसी पीटीआई
के अनुसार व्हाइट हाउस के मेडिकल सलाहकार और अमेरिका के शीर्ष के महामारी विशेषज्ञ
डॉ एंथनी फाउची ने कहा है कि भारत में बनी कोवैक्सीन कोरोना वायरस के जानलेवा वैरिएंट
B.1.617 को निष्क्रिय करने में कामयाब रही है. डॉ फाउची ने मंगलवार
को एक कॉन्फ़्रेंस में ये बात कही.
समाचार एजेंसी पीटीआई
के अनुसार डॉ फाउची ने कहा, ''हमलोग दैनिक आधार पर डेटा अब भी देख रहे हैं. लेकिन
ताजा डेटा से पता चला है कि कोवैक्सीन इस्तेमाल करने वालों को फ़ायदा हुआ है. यह B.1.617 वैरिएंट पर भी कामयाब रही है. ऐसे में भारत में टीकाकरण बहुत ही अहम है.''
न्यूयॉर्क टाइम्स
की रिपोर्ट में भी मंगलवार को कहा गया कि कोवैक्सीन इम्युन को मज़बूत करने और एंटीबॉडी
बनाने मदद कर रही है. कोवैक्सीन को भारत बायोटेक ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी
और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साथ मिलकर मिलकर तैयार किया है. कोवैक्सीन के
आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति तीन जनवरी को मिली थी. ट्रायल नतीजों में इसकी प्रभावी
दर 78 फ़ीसदी बताई गई है.
डॉ फाउची ने कहा, ''हमलोग वैक्सीन के
लिए रॉ मटीरियल भारत में भेज रहे हैं ताकि वहाँ और वैक्सीन का उत्पादन किया जा सके.
हमें लगता है कि यह बहुत ही अहम मदद है.''
इससे पहले भारत में ही कोवैक्सीन की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठते रहे हैं. छत्तीसगढ़ ने तो इसके इस्तेमाल से इनकार कर दिया था.
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कोरोना से मेरी जंग: ‘ऐसा लग रहा है कोई जंग जीत ली’
राजस्थान: कोरोना के बढ़ते मामले और कम पड़ते सभी इंतज़ाम
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मोहर सिंह मीणा, जयपुर से
राजस्थान में कोरोना संक्रमण के हर दिन रिकॉर्ड मामले और मौतें हो रही हैं. सरकारी डॉक्टर, श्मशान घाट व एंबुलेंस कर्मचारियों समेत अन्य जानकार वर्तमान स्थितियों को सरकारी आंकड़ों से कहीं ज़्यादा भयावह बता रहे हैं. मरीज़ों की संख्या अचानक बढ़ने से मरीजों को बेड, ऑक्सीजन और दवाइयों की समस्या हो रही है.
राज्यभर से चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में मरीजों की मौत की खबरों का आना बदस्तूर जारी है. डॉक्टर्स की मानें तो शहरों से ज़्यादा ग्रामीण इलाक़ों की स्थिति चिंताजनक हैं. राज्य के 429 अस्पतालों में कोविड का इलाज चल रहा है, लेकिन यह अस्पताल भी कम पड़ गए हैं.
जयपुर समेत अन्य जगह अस्थाई कोविड केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं. सरकारें आपस में आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं और लोग सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं.
राज्य में अब तक 84 लाख 11 हज़ार 797 सैंपल में से 5 लाख 46 हज़ार 964 पॉज़िटिव पाए गए. वर्तमान में 1 लाख 55 हज़ार 182 एक्टिव केस हैं और 3806 मौत हुई हैं. राज्य में 24 घंटे में सर्वाधिक मामले 27 अप्रैल को आए जब 16 हज़ार 089 केस सामने आए और 121 मौत हुई.
राजस्थान जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा में सर्वाधिक मामले मिल रहे हैं.
सरकार का कहना है राज्य में प्रतिदिन 6500 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत थी, जो बढ़कर अब 31 हजार 425 सिलेंडर हो गई है.
राज्य में कोविड इलाज के 429 चिकित्सालयों में से 282 कोविड केयर सेंटर, 87 डेडीकेटेड कोविड अस्पताल औऱ 225 निजी चिकित्सालयों को कोविड इलाज के लिए अधिकृत किया गया है. लेकिन, मरीज़ों की बढ़ रही संख्या के लिए यह सुविधाएं कम नज़र आ रही हैं.
कोरोना से मेरी जंग: ‘मानवता के लिए चैलेंज है ये बीमारी’
जम्मू में भी कोविड से हाल बेहाल
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मोहित कांधारी, जम्मू से
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में कोरोना महामारी धीरे-धीरे विकराल रूप धारण करती जा रही है.
पिछले तीन दिनों से जम्मू-कश्मीर में हर एक घंटे बाद एक कोरोना संक्रमित की मौत हो रही है.
मंगलवार को भी लगातार तीसरे दिन 25 कोरोना संक्रमित मरीज़ों ने दम तोड़ दिया.
इनमें से 15 मौतें जम्मू संभाग में हुई हैं. अब तक जम्मू कश्मीर में 2197 कोरोना संक्रमित मरीज़ मर चुके हैं. पिछले पाँच दिनों में 11,000 से अधिक सक्रिय पॉजिटिव
मामले दर्ज किये गए हैं.
जम्मू कश्मीर में 22283 सक्रिय पॉजिटिव मामलों में से लगभग 54 प्रतिशत 12251 जम्मू और श्रीनगर ज़िले में दर्ज किए गए हैं.
झारखंड में कोविड से स्थिति चिंताजनक
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आनंद दत्त, राँची से
झारखंड में कोविड-19 की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है. बीते 27 अप्रैल की रात 9 बजे तक 51,252 एक्टिव केस थे. एक अप्रैल से 26 अप्रैल तक 1000 से अधिक लोगों की मौत हुई है. वहीं अब तक कुल 2246 लोगों की मौत पूरे राज्य में कोविड से हो चुकी है.
बीते मंगलवार को कुल 103 कोविड मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया. राज्य के रांची, पूर्वी सिंहभूम, रामगढ़, धनबाद, बोकारो में सबसे अधिक मौतें हुई हैं. आंकड़ों के मुताबिक़ इन पाँच ज़िलों में 72 फ़ीसदी यानी 1627 मौतें हुई हैं.
बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने 22 से 29 अप्रैल तक लॉकडाउन लगा दिया था. बुधवार को सीएम हेमंत सोरेन स्थिति की समीक्षा करेंगे.
उम्मीद जताई जा रही है कि इसकी अवधि बढ़ाई जाएगी.
इधर राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति पहले से थोड़ी बेहतर हुई है. लेकिन मरीजों की परेशानी बहुत कम नहीं हुई है.
राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के पेइंग वार्ड में मंगलवार को आधा घंटा के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई रुक गई थी. इस दौरान वहां 69 मरीज भर्ती थे. हालांकि बाद में आपूर्ति बहाल कर दी गई.
इधर दिल्ली सरकार के अनुरोध पर हेमंत सोरेन ने 58 टन ऑक्सीजन जमशेदपुर से दिल्ली भेजा. इसके लिए राजस्थान सरकार की तरफ से भी अनुरोध किया गया है. वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने घरों में ऑक्सीजन सिलेंडर स्टॉक कर रखा है. इस वक्त एक सिलेंडर 12-15000 रुपए में मिल रहा है.
कोरोना से मेरी जंग: ‘गाँवों की स्थिति ख़राब, कोई सुविधा उपलब्ध नहीं’