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'ममता दूसरी से नहीं लड़ेंगी चुनाव, मोदी सुरक्षित सीट ढूंढें'

पश्चिम बंगाल और असम में दूसरे चरण के चुनाव के दौरान भारी मतदान हुआ है.

लाइव कवरेज

  1. ब्याज़ दरें कम करने का फ़ैसला वापस: वित्त मंत्रालय की 'भूल' पर बोले नेता

    भारत सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें घटाने का अपना फ़ैसला वापस ले लिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि 'यह आदेश भूल से जारी हुआ था.'

    वित्त मंत्रालय की इस ‘भूल’ पर विपक्षी पार्टियों के नेता और आम लोग तंज़ कस रहे हैं. सीतारमण ने अपने ट्वीट में जिस अंग्रेज़ी शब्द oversight (भूल) का ज़िक्र किया था, वो भी ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है.

    डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट किया, ''एक बार फिर शर्मिंदगी. क्योंकि मो-शा (मोदी शाह) चुनावी रैलियों में ट्रकों से पंखुड़ियां फेंकने, अप्रैल फूल के चुटकुलों वाले झूठे वादे करने में व्यस्त हैं.''

    प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, ''क्या वाक़ई सरकार की स्कीम पर ब्याज दरें घटाने का फैसला भूल से हुआ? या फ़ैसला वापस लेने की बुद्धि क्या चुनाव के कारण आई है?''

    टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, ''सबसे बड़ा अप्रैल फूल का चुटकुला क्या है? ये कि छोटी बचत की स्कीम पर घटाई गई ब्याज़ दरों का फैसला भूल से लिया गया था? या ये कि निर्मला सीतारमण देश की वित्त मंत्री हैं?''

    कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल किया, ''माननीय वित्त मंत्री जी, आप सर्कस चला रही हैं या सरकार? लोग अर्थव्यवस्था का हाल समझ सकते हैं, जब करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाला फैसला भूल से लिया जाता है. बतौर वित्त मंत्री आप पद पर बने रहने का अधिकार खो चुकी हैं.''

    सरकार के फैसले को वापस लेने पर आम लोगों की राय

    सौरभ ने लिखा, ''निर्मला सीतारमण ने फ़ैसला वापस लेने पर कहा- कैसा लगा मेरा मज़ाक?''

    नीरव पांचाल लिखते हैं, ''ये यू-टर्न सरकार है. पांच राज्यों के चुनावों के बाद यही फैसला लागू करेंगे.''

    कमलेश कुमार ने लिखा, ''मैडम वित्त मंत्रालय भूल से फैसला कैसे कर लेता है? ज़िम्मेदार व्यक्ति को सज़ा दीजिए ताकि वो मई में ये भूल दोबारा ना करे.''

    अमन जैन लिखते हैं, ''निर्मला सीतारमण को दशक की बेस्ट परफॉर्मिंग वित्त मंत्री का पुरस्कार एक अप्रैल को दिया जाना चाहिए.''

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, रजनीकांत को साल 2019 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार

    जाने-माने अभिनेता रजनीकांत को साल 2019 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा हुई है.

    सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है.

    दादा साहब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है.

    पुरस्कार के लिए इस बार की जूरी में आशा भोसले, सुभाष घई, मोहनलाल, शंकर महादेवन और विश्वजीत चटर्जी शामिल थे.

  3. असम: 39 सीटों पर वोटिंग जारी, सुबह 9 बजे तक 10.51 फ़ीसदी मतदान

    दिलीप कुमार शर्मा

    असम से बीबीसी हिंदी के लिए

    असम में दूसरे चरण के तहत 39 सीटों पर आज वोट डाले जा रहें है. सुबह 9 बजे तक 10.51 फीसदी मतदान रिकार्ड किया गया है.

    इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये गए है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलो की 310 कंपनियाँ और असम पुलिस की 90 कंपनियों को तैनात किया गया है.

    इसके साथ ही सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के शरीर का तापमान चेक किया जा रहा है और उन्हें हैंड सैनिटाइजर और हैंड ग्लव्स देने की व्यवस्था की गई है.

    दूसरे चरण के इस चुनाव में मतदाता 345 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे.

    असम में इस बार का चुनावी मुक़ाबला सतारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस के नेतृत्व में बने गठबंधन के बीच है.

    बीजेपी सरकार में रेलवे राज्यमंत्री रहे राजेन गोहाईं ने अपना वोट डालने के बाद पत्रकारों से कहा कि असम में बीजेपी 75 अधिक सीटों के साथ एक बार फिर सरकार बनाएगी.

    दूसरे चरण के चुनाव में बराक घाटी की 15 विधानसभा सीटों को बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. 2016 के चुनाव में बीजेपी ने बराक घाटी में आठ सीटें जीती थी.

  4. पश्चिम बंगाल से चुनावी तस्वीरें: वोट देने के लिए महिलाओं की लंबी कतार

    इस वक़्त पश्चिम बंगाल के सबसे अहम, नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में वोट देने के लिए महिला मतदाताओं की लंबी कतारें.

    (तस्वीरें: प्रभाकर मणि तिवारी, बीबीसी हिंदी के लिए)

  5. कोरोना: भारत में महीनों बाद एक बार फिर 72 हज़ार से ज़्यादा नये मामले

    • देश में कोरोना संक्रमण के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं.
    • बीते 24 घंटों में कोरोना के क़रीब 11 लाख 25 हज़ार टेस्ट किये गए हैं.
  6. पश्चिम बंगाल चुनाव: क्यों अहम है नंदीग्राम विधानसभा सीट?

    प्रभाकर मणि तिवारी

    बीबीसी के लिए, नंदीग्राम (पश्चिम बंगाल) से

    साल 2016 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़े थे जो इस बार बीजेपी की उम्मीदवार हैं.

    2016 के चुनाव में अधिकारी ने 67 प्रतिशत वोट हासिल किये थे.

    तब लेफ़्ट के उम्मीदवार को 27 प्रतिशत वोट मिले थे और बीजेपी को महज़ पाँच प्रतिशत.

    लेकिन तीन साल बाद, 2019 के लोकसभा चुनाव में समीकरण काफ़ी बदल गये.

    बीजेपी को तमलुक लोकसभा सीट, जिसके तहत नंदीग्राम सीट है, उसपर 37 प्रतिशत वोट मिले थे.

    ये सीट टीएमसी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के भाई दिब्येंदु अधिकारी ने जीती थी. उनको 50 प्रतिशत से ज़्यादा वोट मिले, जबकि लेफ़्ट महज़ नौ प्रतिशत पर ही सिमट कर रह गया.

    इस बार के विधानसभा चुनाव में, पूर्व मेदिनीपुर ज़िले की इस सबसे हाई प्रोफ़ाइल सीट से तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनावी मैदान में हैं.

    यहाँ उनका मुक़ाबला कभी उनके सबसे क़रीबी रहे शुभेंदु अधिकारी से है, जो चुनाव से पहले ही बीजेपी में शामिल हुए और अब बीजेपी के टिकट पर ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे हैं.

    यह सीट, बीजेपी और टीएमसी, दोनों ही पार्टियों के लिए इस चुनाव में ‘इज़्ज़त का सवाल’ बनी हुई है.

    यहाँ से संयुक्त मोर्चे की उम्मीदवार के रूप में सीपीएम की मीनाक्षी मुखर्जी चुनावी मैदान में हैं.

    नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए चुनाव आयोग ने बुधवार से ही यहाँ सीआरपीसी की धारा-144के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी.

    एक अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग ने इलाक़े की निगरानी के लिए एक हेलीकॉप्टर भी रखा है. साथ ही बाहरी लोगों के नंदीग्राम में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है.

    अधिकारी के अनुसार, ‘‘नंदीग्राम बेहद संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र है. यहाँ ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी जैसे हाई प्रोफ़ाइल उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि क़ानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे और लोग निडर होकर मतदान कर सकें.’’

  7. निर्मला सीतारमण ने कहा, ब्याज दरों पर 'भूल से जारी हुआ था आदेश'

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती का फ़ैसला वापस

    भारत सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें घटाने का अपना फ़ैसला वापस ले लिया है.

    बताया गया है कि ब्याज दरें पहले की तरह ही बनी रहेंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि 'यह आदेश भूल से जारी हुआ था.' एक ट्वीट के ज़रिये उन्होंने इसकी जानकारी दी है.

    उन्होंने लिखा है, “छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज की दरें वही बनी रहेंगी, जो पिछली तिमाही में थीं. इस संबंध में जो आदेश जारी किया गया था, उसे वापस लिया जाता है.”

    सरकार ने बुधवार को वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती करने का ऐलान किया था.

    वित्त मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर यह कहा था कि छोटी बचत योजनाओं, जैसे सेविंग डिपोज़िट और फ़िक्स्ड डिपोज़िट समेत पीपीएफ़ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड), सीनियर सिटिज़न सेविंग सर्टिफ़िकेट (एससीएसएस), नेशनल सेविंग सर्टिफ़िकेट (एनएससी), किसान विकास पत्र (केवीपी) और सुकन्या समृद्धि बचत योजना (एसएसवाई) के लिए ब्याज दरों में कमी की जाएगी और नई ब्याज दरें 1 अप्रैल 2021 से 30 जून 2021 तक लागू रहेंगी.

    पिछली तीन तिमाहियों में छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के बाद सरकार की ओर से कटौती की यह पहली घोषणा थी. लेकिन इस आदेश को एक रात में ही वापस ले लिया गया.

  9. असम की 39 विधानसभा सीटों पर वोटिंग शुरू, प्रदेश में कांग्रेस ने पूरी ताक़त झोंकी

    दिलीप कुमार शर्मा

    बीबीसी हिन्दी के लिए, गुवाहाटी (असम) से

    असम की 39 विधानसभा सीटों पर आज वोटिंग हो रही है.

    असम में दूसरे चरण के मतदान में ख़ासकर बंगाली बहुल बराक घाटी की 15 सीटों को लेकर काफ़ी चर्चा है, जहाँ असमिया बहुल ब्रह्मपुत्र घाटी के लोगों ने सीएए (नागरिकता संशोधन क़ानून) का विरोध किया था, उसके विपरीत बराक घाटी के हिंदू बंगालियों ने इसका समर्थन किया था.

    लेकिन साल 2016 के विधानसभा चुनाव के मुक़ाबले हिन्दू बंगाली मतदाता सत्तारूढ़ बीजेपी के सीएए को अब तक लागू नहीं करने से नाराज़ हैं और इस कारण इस बार के चुनाव बेहद दिलचस्प हो गए हैं.

    असम में चुनाव प्रचार में बीजेपी की तरफ से जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री ने अमित शाह ने कमान संभाली थी, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जैसे बड़े नेताओं ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी.

    जहाँ बीजेपी नेता पश्चिम बंगाल की चुनावी सभाओं में सीएए को लागू करने की बात स्पष्ट तौर पर कहते दिख रहे हैं, वहीं असम में इस क़ानून पर उनकी खामोशी रही जिससे यहाँ के हिन्दू बंगाली मतदाता असमंजस की स्थिति में हैं.

    असल में दूसरे चरण की जिन सीटों पर वोटिंग हो रही है, वहाँ हिन्दू बंगाली मतदाताओं की संख्या काफ़ी है और इन इलाक़ों में इस बार नागरिकता का मुद्दा सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है.

    2011 की जनगणना के अनुसार, असम की कुल जनसंख्या 3 करोड़ 11 लाख थी जिनमें लगभग 24 फ़ीसदी हिन्दू बंगाली हैं अर्थात राज्य में लगभग 75 लाख हिन्दू बंगाली हैं.

    ऐसे में किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रदेश में सरकार बनाने के लिए इन मतदाताओं का समर्थन बेहद ज़रूरी है.

    असम में अब तक जिस पार्टी ने भी सरकार बनाई है, उसकी कैबिनेट में हिन्दू बंगाली मंत्री हमेशा रहा है. लेकिन फिर भी इस समुदाय की नागरिकता सवालों के घेरे में है.

  10. पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में दीदी बनाम दादा की लड़ाई, नंदीग्राम से बीबीसी संवाददाता रजनीश कुमार का फ़ेसबुक लाइव

  11. पश्चिम बंगाल की 30 विधानसभा सीटों पर मतदान शुरू, सबकी नज़र नंदीग्राम पर

    प्रभाकर मणि तिवारी

    बीबीसी के लिए, नंदीग्राम (पश्चिम बंगाल) से

    पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की 30 विधानसभा सीटों पर मतदान शुरू हो गया है.

    पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में पूर्व मेदिनीपुर ज़िले की सबसे हाई प्रोफ़ाइल नंदीग्राम सीट भी शामिल है.

    यहाँ से तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनावी मैदान में हैं.

    यहाँ उनका मुक़ाबला कभी उनके सबसे क़रीबी रहे शुभेंदु अधिकारी से है, जो चुनाव से पहले ही बीजेपी में शामिल हुए और अब बीजेपी के टिकट पर ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे हैं.

    यहाँ से संयुक्त मोर्चे की उम्मीदवार के रूप में सीपीएम की मीनाक्षी मुखर्जी चुनावी मैदान में हैं.

    नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए चुनाव आयोग ने बुधवार से ही यहाँ सीआरपीसी की धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी.

    एक अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग ने इलाक़े की निगरानी के लिए एक हेलीकॉप्टर भी रखा है. साथ ही बाहरी लोगों के नंदीग्राम में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है.

    अधिकारी के अनुसार, ‘‘नंदीग्राम बेहद संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र है. यहाँ ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी जैसे हाई प्रोफ़ाइल उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि क़ानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे और लोग निडर होकर मतदान कर सकें.’’

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से अपील की है कि वे गुरुवार को रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें.

    दूसरे चरण में जिन अन्य सीटों पर मतदान होना है, उनमें पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और बांकुड़ा की 26 सीटों के साथ ही दक्षिण 24-परगना ज़िले की चार सीटें शामिल हैं.

    इनमें खड़गपुर सदर के अलावा बांकुड़ा, चंडीपुर, मोयना, देबरा और सबंग सीटें भी शामिल हैं.

    खड़गपुर सीट 2016 में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने जीती थी, लेकिन उनके लोकसभा में चुने जाने के बाद 2019 के उप-चुनाव में टीएमसी ने इस पर कब्ज़ा कर लिया था. बीजेपी ने यहाँ अभिनेता हीरेन चटर्जी को मैदान में उतारा है.

    चंडीपुर में टीएमसी ने अभिनेता सोहम चक्रवर्ती को मैदान में उतारा है, जबकि बांकुड़ा सीट से अभिनेत्री सायंतिका टीएमसी के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़ रही हैं.

    मोयना सीट पर पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा बीजेपी उम्मीदवार हैं, जबकि देबरा सीट पर दो पूर्व आईपीएस अधिकारी- भारती घोष (बीजेपी) और हुमायूं क़बीर (टीएमसी) आमने-सामने हैं.

    कांग्रेस के टिकट पर कई बार सबंग सीट जीतने वाले टीएमसी के राज्यसभा सदस्य मानस भुइयां इस दफ़ा पहली बार टीएमसी के टिकट पर मैदान में हैं. पिछले उप-चुनाव में यह सीट उनकी पत्नी गीता रानी भुइयां ने जीती थी.

  12. नमस्कार!

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