ब्याज़ दरें कम करने का फ़ैसला वापस: वित्त मंत्रालय की 'भूल' पर बोले नेता
भारत सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें घटाने का अपना फ़ैसला वापस ले लिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि 'यह आदेश भूल से जारी हुआ था.'
वित्त मंत्रालय की इस ‘भूल’ पर विपक्षी पार्टियों के नेता और आम लोग तंज़ कस रहे हैं. सीतारमण ने अपने ट्वीट में जिस अंग्रेज़ी शब्द oversight (भूल) का ज़िक्र किया था, वो भी ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है.
डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट किया, ''एक बार फिर शर्मिंदगी. क्योंकि मो-शा (मोदी शाह) चुनावी रैलियों में ट्रकों से पंखुड़ियां फेंकने, अप्रैल फूल के चुटकुलों वाले झूठे वादे करने में व्यस्त हैं.''
प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, ''क्या वाक़ई सरकार की स्कीम पर ब्याज दरें घटाने का फैसला भूल से हुआ? या फ़ैसला वापस लेने की बुद्धि क्या चुनाव के कारण आई है?''
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, ''सबसे बड़ा अप्रैल फूल का चुटकुला क्या है? ये कि छोटी बचत की स्कीम पर घटाई गई ब्याज़ दरों का फैसला भूल से लिया गया था? या ये कि निर्मला सीतारमण देश की वित्त मंत्री हैं?''
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल किया, ''माननीय वित्त मंत्री जी, आप सर्कस चला रही हैं या सरकार? लोग अर्थव्यवस्था का हाल समझ सकते हैं, जब करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाला फैसला भूल से लिया जाता है. बतौर वित्त मंत्री आप पद पर बने रहने का अधिकार खो चुकी हैं.''
सरकार के फैसले को वापस लेने पर आम लोगों की राय
सौरभ ने लिखा, ''निर्मला सीतारमण ने फ़ैसला वापस लेने पर कहा- कैसा लगा मेरा मज़ाक?''
नीरव पांचाल लिखते हैं, ''ये यू-टर्न सरकार है. पांच राज्यों के चुनावों के बाद यही फैसला लागू करेंगे.''
कमलेश कुमार ने लिखा, ''मैडम वित्त मंत्रालय भूल से फैसला कैसे कर लेता है? ज़िम्मेदार व्यक्ति को सज़ा दीजिए ताकि वो मई में ये भूल दोबारा ना करे.''
अमन जैन लिखते हैं, ''निर्मला सीतारमण को दशक की बेस्ट परफॉर्मिंग वित्त मंत्री का पुरस्कार एक अप्रैल को दिया जाना चाहिए.''