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कर्नाटक: ट्रक में धमाके से दहला पूरा ज़िला, कई लोगों के मारे जाने की आशंका

कर्नाटक के शिवमोगा ज़िले में एक खदान के क़रीब ट्रक में विस्फोट हुआ है जिसमें कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, कमला हैरिस ने अमेरिका के 49वें उप-राष्ट्रपति पद की शपथ ली

    56 वर्षीय कमला हैरिस ने अमेरिका के 49वें उप-राष्ट्रपति पद की शपथ ली है. उनको सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस सोनिया सोटोमायोर ने शपथ दिलाई.

    कमला अमेरिकी इतिहास की पहली महिला उप-राष्ट्रपति हैं.

    भारतीय-जमैकन मूल की कमला हैरिस अपने पति के साथ कैपिटल हिल पहुंची थीं और उन्होंने सबसे पहले शपथ ली है. उनके बाद जो बाइडन अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे.

    इस शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, बिल क्लिंटन और अब पूर्व उप-राष्ट्रपति हो चुके माइक पेंस भी शामिल हैं जबकि डोनाल्ड ट्रंप इस समारोह में शामिल नहीं हैं.

  2. लेडी गागा ने गाया अमेरिकी राष्ट्रगान

    अमेरिकी राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में पोप स्टार लेडी गागा ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया है.

    गागा ने जो बाइडन के लिए चुनाव के समय प्रचार भी किया था और उन्होंने कहा है कि वो इसको लेकर बेहद सम्मानित महसूस कर रही हैं.

  3. वॉशिंगटन से Live: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस का शपथ ग्रहण समारोह

    ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता विनीत खरे

  4. बाइडन के शपथग्रहण समारोह के लिए मेहमानों का आना शुरू

    जो बाइडन के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए मेहमानों का आना शुरू हो गया है.

  5. जो बाइडन कैपिटल हिल पहुँच चुके हैं

    अगले 90 मिनट में अमेरिका के राष्ट्रपति बनने वाले जो बाइडन कैपिटल हिल पहुँच चुके हैं.

    उनके साथ उनकी पत्नी जिल भी हैं.

    इस बीच उनकी सुरक्षा के लिए पूरे रास्ते में नेशनल गार्ड्स तैनात किए गए हैं.

  6. बाइडन और हैरिस शपथ से पहले चर्च के कार्यक्रम में शामिल हुए

    कुछ ही घंटों में अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने वाले जो बाइडन और उप-राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने वाली कमला हैरिस ने शपथग्रहण समारोह से कुछ पहले चर्च के कार्यक्रम में शामिल हुए.

    संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी, रिपब्लिकन लीडर केविन मैक्कार्थी के अलावा कई नेता भी शामिल हुए.

    इस बीच शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए मेहमानों का आना भी शुरू हो गया है.

    उप-राष्ट्रपति माइक पेन्स भी पहुँच चुके हैं.

  7. मैड्रिड में बड़ा धमाका, कई ज़ख़्मी

    समाचार एजेंसियों के मुताबिक, स्पेन की राजधानी मैड्रिड में एक बड़ा धमाका हुआ है जिसमें कई लोग ज़ख़्म हुए हैं.

    मैड्रिड इमरजेंसी सर्विस के मुताबिक, ये धमाका टोलेडो स्ट्रीट पर हुआ है.

    तस्वीरों में दिखाया गया है कि धमाके की वजह से एक बहुमंज़िला इमारत को भारी नुकसान हुआ है.

  8. ट्रंप ने व्हाइट हाउस छोड़ा, फ़्लोरिडा के लिए हुए रवाना

    अब से कुछ ही घंटों तक अमेरिकी राष्ट्रपति रहने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस छोड़ दिया है और फ़्लोरिडा के लिए रवाना हो गए हैं.

    ट्रंप के साथ उनका परिवार भी है.

    ट्रंप फ़्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने मार-आ-लागो रिज़ॉर्ट में रहेंगे.

    ट्रंप एयरफ़ोर्स वन से फ़्लोरिडा के लिए रवाना हुए हैं लेकिन इस जहाज़ पर वो शायद आख़िरी बार बैठ रहे हैं.

    फ़्लोरिडा में ट्रंप को उतारने के बाद एयरफ़ोर्स वन जहाज़ मेरीलैंड आ जाएगा और उसके बाद वो नए राष्ट्रपति जो बाइडन के इस्तेमाल के लिए समर्पित हो जाएगा.

    ट्रंप ने पहले ही कह दिया था कि वो बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे.

    व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि ट्रंप ने नए राष्ट्रपति बाइडन के लिए एक संदेश छोड़ा है.

    ट्रंप ने व्हाइट हाउस से अपने फ़ेयरवेल स्पीच में भी नए राष्ट्रपति का नाम नहीं लिया.

    अपने फ़ेयरवेल स्पीच में ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए काम की जमकर तारीफ़ की और कहा कि उन्होंने जो किसी भी पैमाने से शानदार काम किया है.

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति होना सबसे बड़ा सम्मान है.

    कोरोना महामारी के बारे में ट्रंप ने कहा, "हमने जो किया है वो मेडिकल चमत्कार है और वो है वैक्सीन."

    कोरोना को उन्होंने एक बार फिर चीन का वायरस कहा और लेकिन इस महामारी के कारण मारे गए अमेरिकियों को उन्होंने बहुत प्रेम से याद किया.

    अमेरिका में कोरोना से अब तक चार लाख से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

    जाते हुए उन्होंने कहा, "हमलोग किसी भी रूप में वापस आएंगे."

  9. किसान और सरकार के बीच 10वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा ख़त्म

    कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसान और सरकार के बीच बुधवार को 10वें राउंड की बातचीत हुई.

    लेकिन पहले नौ राउंड की तरह इसमें भी कोई नतीजा नहीं निकला.

    और पहले की ही तरह इस बार भी अगली बैठक की तारीख़ तय की गई.

    अब सरकार और किसान नेताओं के बीच अगले यानी 11वें दौर की बातचीत 22 जनवरी को दोपहर 12 बजे होगी.

  10. दिनभर सुनिए वात्सल्य राय के साथ

  11. आधार की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज

    आधार की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को सु्प्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है.

    जस्टिस खानविलकर, जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस नज़ीर और जस्टिस बीआर गवाई की पाँच जजों की बेंच ने बुधवार को 4-1 से फ़ैसला सुनाया.

    सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2018 में ही आधार के बारे में अपना अंतिम फ़ैसला सुना दिया था.

    मौजूदा याचिका उसी के पुनर्विचार के लिए दायर की गई थी.

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा, "हमने पुनर्विचार याचिका को देखा और उनके लिए क्या प्रमाण दिए गए हैं, उनको भी देखा. हमारी राय में सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फ़ैसले पर पुनर्विचार का कोई मामला नहीं बनता है. इसलिए इस याचिका को ख़ारिज किया जाता है."

    हालांकि जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इस मामले में अपनी असहमति दर्ज कराई है.

  12. डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल भारत के लिए कैसा रहा? 

  13. कार्टून: सख़्त ज़रूरत है

  14. मिलिट्री ऑपरेशन के ऑफिशियल सीक्रेट्स लीक करना राजद्रोह: एके एंटनी

    रिपब्लिक टीवी के अर्नब गोस्वामी और व्यूअरशिप रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडिएंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता के बीच हुई कथित बातचीत सामने आने के बाद हमलावर हुई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने कहा है कि मिलिट्री ऑपरेशन के ऑफिशियल सीक्रेट्स लीक करना राजद्रोह का मामला है.

    बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेता ने कहा कि साल 2019 में हुई एयर-स्ट्राइक के बारे में जानकारी लीक करने के मामले में सरकार को फ़ौरन जांच का आदेश देना चाहिए.

    एंटनी ने कहा, ''मिलिट्री ऑपरेशन के ऑफिशियल सीक्रेट्स लीक करना राजद्रोह का मामला है. जिसने भी ऐसा किया है, उन्हें सज़ा मिलना चाहिए और ऐसे लोग किसी रहम के लायक नहीं हैं.''

  15. चीन और भारत के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर क्या है ताज़ा विवाद?

  16. ममता बनर्जी का मास्टर स्ट्रोक है 'नंदीग्राम का संग्राम'?

  17. चीन ने वीगर मुसलमानों के बारे में माइक पॉम्पियो के दावे को सरासर झूठ बताया

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक, चीन ने वीगर मुसलमानों के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो के दावे को सरासर झूठ बताते हुए सख़्त आपत्ति के साथ अपनी कड़ी नाराज़गी जताई है.

    अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने मंगलवार को कहा कि था कि चीन ने वीगर मुसलमानों का दमन कर उनका जनसंहार किया है.

    अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की सरकार में विदेश मंत्री बनने जा रहे एंटोनी ब्लिंकन ने भी कहा है कि वो इससे सहमत हैं.

    मानवाधिकार समूहों का मानना है कि चीन ने पिछले कुछ वर्षों से लाखों वीगर मुसलमानों को निगरानी कैंपों में रखा है. लेकिन चीन की सरकार इन निगरानी कैंपों को री-एजुकेशन कैंप कहती है.

    हालांकि बीबीसी की पड़ताल के मुताबिक़ वीगर मुसलमानों को बंधुआ मज़दूर बनने पर मजबूर किया जाता है.

  18. किसान आंदोलन: सरकार के साथ दसवें दौर की बातचीत

    दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान नेताओं और सरकार के बीच दसवें दौर की बातचीत बुधवार को हो रही है.

    दिल्ली की सीमाओं पर बड़ी संख्या में किसान बीते लगभग डेढ़ महीने से डटे हुए हैं और कथित 'किसान विरोधी क़ानूनों' को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

    दोनों पक्षों के बीच इससे पहले नौ बार इसी तरह बातचीत हो चुकी है लेकिन कभी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला.

    सरकार का दावा है कि वो किसानों की समस्या का समाधान करना चाहती है, लेकिन किसान नेताओं का कहना है कि उन्हें सरकार की मंशा पर भरोसा नहीं है.

  19. जो बाइडन के लिए ईरान के राष्ट्रपति का संदेश, 'आप अपने कमिटमेंट पूरे करिए, हम भी करेंगे'

    नए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथग्रहण समारोह से कुछ घंटे पहले ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने उनसे 2015 के ईरान परमाणु समझौते पर लौटने की अपील की है और कहा है कि वो ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध हटाएं.

    कैबिनेट की एक अहम बैठक में राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि नए अमेरिकी राष्ट्रपति को अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करना होगा.

    उन्होंने कहा कि “अगर अमेरिका ऐसा करता है तो ईरान भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देगा. अगर वो इसके लिए कोशिश करते हैं और अंतरष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करते हैं तो हम भी ईमानदारी से अपनी ज़िम्मेदारी निभाएंगे.“

    उन्होंने कहा कि अगले चार सालों में नए राष्ट्रपति को मेहनत करनी होगी ताकि दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारा जा सके.

    ईरान पर प्रतिबंध लगाने की अमेरिकी नीतियों को उन्होंने आर्थिक आतंकवाद कहा और कहा कि ईरान को बर्बाद करने की ट्रंप की कोशिशें बेकार साबित हुई हैं.

    उन्होंने कहा, “बीते तीन साल से हमारे लोगों को मुश्किलें ज़रूर हुई हैं लेकिन उनकी नीतियां नामाक नहीं हैं और हमारे लोगों ने इसका विरोध किया है और इसका डटकर मुक़ाबला किया है.“

    हसन रूहानी ने कहा कोरोना वैक्सीन खरीदने की ईरान की कोशिशों में अमेरिका ने रुकावटें पैदा कीं और ऐसा करने से उन्हें रोका.

    उन्होंने कहा, “प्रतिबंधों के बावजूद तेल के अलावा दूसरे वस्तुओं के निर्यात में हमारे स्थिति अब सुधर रही है और इसका मतलब ये है कि हम पर दवाब बनाने की अमेरिका की नीति नाकाम हो गई है.“

    बाइडन के लिए उन्होंने कहा कि “उन्हें बीते वक्ते में हुई घटनाओं से सीख लेनी चाहिए. ट्रंप का कार्यकाल ख़त्म हो चुका है लेकिन परमाणु समझौता अब भी जीवित है और ये समझौते में शामिल देशों पर निर्भर करता है कि वो इसे कैसे आगे बढ़ाएंगे.“

    उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप ने ईरान के ख़िलाफ़ षड्यंत्र नहीं किया होता तो वो सामान्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल निर्यात कर पाता और ईरान की स्थिति आज अलग होती.

    उन्होंने कहा, “वो हमारे यहां पर दंगे करवाना चाहते थे और हमें पूरी तरह बर्बाद करना चाहते थे. अगर वो ईमानदारी के साथ काम करते हैं तो सभी मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं. वो अपनी कमिटमेंट पूरी करेंगे तो अगले ही घंटे हम भी अपने कमिटमेंट पूरे करेंगे.“

    हालांकि उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि ईरान की शर्तें वही नहीं होंगी जो तीन साल पहले थीं.

    इससे पहले बाइडन प्रशासन में रक्षा मंत्री का पद संभालने जा रहे एंटोनी ब्लिंकेन ने कहा था कि ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते में अमेरिका शामिल होगा या नहीं इस पर अमेरिका जल्दी में कोई फ़ैसला नहीं लेगा.

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, किसानों की ट्रैक्टर रैली पर कोर्ट नहीं देगी फ़ैसला, पुलिस तय करे क्या करना है - SC

    किसानों के गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली पर रोक लगाने से जुड़ी दिल्ली पुलिस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली पुलिस इस आवेदन को वापस ले.

    कोर्ट ने कहा है कि इस पर फ़ैसला सुनाना सुप्रीम कोर्ट का काम नहीं है बल्कि ये पुलिस को तय करना है कि उसे किसे दिल्ली में प्रवेश करने की इजाज़त देनी है और किसे नहीं.

    इस मामले की सुनवाई चीफ़ जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच कर रही थी.

    सुनवाई के दौरान चीफ़ जस्टिस ने कहा कि "सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आग्रह किया था कि मामले की सुनवाई 25 जनवरी को की जाए जबकि नियम कहता है कि ये तय करना पुलिस का काम है. हम इस मामले में कोई आदेश नहीं दे रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "कार्यपालिका आप हैं, इस पर फ़ैसला आपको लेना है.किसानों के मुद्दे पर कोर्ट फ़ैसला नहीं लेगी."

    चीफ़ जस्टिस ने केंद्र से ये आवेदन वापस लेने को कहा है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि केंद्र सरकार के पास कानून-व्यवस्था से जुड़े फ़ैसले लेने की पूरी शक्तियां हैं, हम (कोर्ट) इस मामले में दख़ल नहीं देंगे.

    इससे पहले हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में किसे प्रवेश करने की इजाज़त दी जानी चाहिए ये सुरक्षा व्यवस्ता का मामला है जिस पर फ़ैसला पुलिस को लेना चाहिए, कोर्ट को नहीं.