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कर्नाटक: ट्रक में धमाके से दहला पूरा ज़िला, कई लोगों के मारे जाने की आशंका

कर्नाटक के शिवमोगा ज़िले में एक खदान के क़रीब ट्रक में विस्फोट हुआ है जिसमें कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.

लाइव कवरेज

  1. ट्रंप प्रशासन के लोगों पर चीन का प्रतिबंध लगाना बेतुका- अमेरिकी सरकार

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की राष्ट्रीय सुरक्षा काउंसिल की प्रवक्ता एमिली हॉर्न ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाने का चीन के फ़ैसला "निरर्थक और बेतुका है."

    उन्होंने कहा कि अमेरिका की दोनों ही पार्टियों के नेताओं को चीन के इस कदम की निंदा करनी चाहिए.

    जिस वक्त बाइडन राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले थे उससे ठीक पहले चीन ने पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो समेत 27 और लोगों पर प्रतिबंध की घोषणा कर दी. चीन का कहना है कि अमेरिका के कुछ चीन विरोधी राजनेता अपने स्वार्थी राजनीतिक हितों और पूर्वाग्रहों के कारण चीन के ख़िलाफ़ नफ़रत फैला रहे हैं.

    चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि इन राजनेताओं के बयान चीनी और अमेरिकी लोगों के हितों में नहीं हैं और यह सुनियोजित हैं जो बेतरतीब तरीक़े से चीन के आंतरिक मामलों में दख़ल देते हैं और यह चीन के हितों को नज़रअंदाज़ करते हैं, चीन के लोगों को नाराज़ करते हैं और चीन-अमेरिका रिश्तों को बाधित करते हैं.

    एमिली हॉर्न ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए एक बयान में कहा कि "बाइडन के शपथग्रहण के दिन प्रतिबंध लगाना एक तरह से दरार पैदा करने की कोशिश जैसा है."

    "दोनों पार्टियों से जुड़े लोगों को इस बेतुके कदम की आलोचना करनी चाहिए. राष्ट्रपति बाइडन को उम्मीद है कि चीन को हराने के लिए अमेरिका बेहतर स्थिति में हो इसके लिए वो दोनों पार्टियों के नेताओं के साथ मिल कर काम करेंगे."

    अपने कार्यकाल के आख़िरी दिन माइक पोम्पियो ने कहा था कि चीन ने वीगर मुसलमानों का दमन कर जनसंहार किया है और मानवता के ख़िलाफ़ अपराध किया है.

    बाइडन सरकार में विदेश मंत्री बने एंटोनी ब्लिंकन से मंगलवार को जब पॉम्पियो के बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो भी इस बात को मानते हैं.

    शिंजियांग में वीगर मुसलमानों को यातना देने के लिए चीन पर लगातार आरोप लगते रहे हैं. चीन इन आरोपों से इनकार करता रहा है.

  2. कोविड वैक्सीन को लेकर कुछ लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं - स्वास्थ्य मंत्री

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा है कि कोविड-19 का ख़ात्मा करने में वैक्सीन, ताबूत की आख़िरी कील साबित होगा लेकिन कुछ लोग इसके ख़िलाफ़ गलत प्रचार कर रहे हैं और इसके लिए दूसरों को प्रेरित कर रहे हैं. इसके कारण समाज के एक वर्ग में वैक्सीन को लेकर हिचक पैदा हुई है.

    दिल्ली में कोरोना टीकाकरण जनजागरण अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, "देश में अब कोविड-19 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और लोगों को इस वैक्सीन को लेकर हिचक नहीं होनी चाहिए. ये टीका लोगों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए है और इन्हें पर्याप्त नियमों का ध्यान रखते हुए बनाया गया है."

    टीके को लेकर साइड इफेक्ट को लेकर उन्होंने कहा "टीका लगाने के बाद बुखार आना, टीके की जगह पर सूजन या दर्द होना तो आम साइड इफेक्ट हैं. सामान्य वैक्सीन लगाने पर इस तरह के साइड इफेक्ट होते हैं."

    "हमने चेचक, पोलियो और डिप्थीरिया जैसी बीमारी को वैक्सीन की मदद से ख़त्म किया है. टिटनस भी ख़त्म होने की कगार पर है और ये भी वैक्सीन के कारण है. कोविड-19 को ख़त्म करने में वैक्सीन कारगर साबित होगी."

  3. ‘सेंडलवुड ड्रग्स केस’ में अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी को जमानत मिली

    सुप्रीम कोर्ट ने कन्नड फ़िल्मों की अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी को ‘सेंडलवुड ड्रग्स केस’ में जमानत दे दी है. रागिनी पर इस मामले में कथित तौर पर शामिल होने का आरोप है.

    सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने कन्नड़ फ़िल्मोद्योग में मादक पदार्थों के इस्तेमाल के मामले में अभिनेत्री रागिनी को गिरफ़्तार किया था.

    गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने उनकी ज़मानत का आदेश दिया. इस बेंच की अध्यक्षता जस्टिस रोहिंगटन फली नरीमन कर रहे थे.

    सुनवाई के दौरान जस्टिस नरीमन ने कहा कि ‘सरसरी तौर पर देखें तो लगता है कि अभियोजन पक्ष ने रागिनी के ख़िलाफ़ ग़लत ढंग से कुछ धाराएं लगाई हैं, इसलिए इस मामले में उन्हें ज़मानत मिलनी चाहिए.’

    रागिनी पर मादक पदार्थों का कारोबार करने वालों से संपर्क रखने का आरोप है.

    इससे पहले कर्नाटक हाई कोर्ट ने 2 नवंबर को रागिनी की ज़मानत याचिका को ख़ारिज कर दिया था. रागिनी 4 सितंबर से न्यायिक हिरासत में हैं. लेकिन गुरुवार को सुनवाई के बाद जस्टिस नरीमन ने कर्नाटक हाईकोर्ट का निर्णय पलट दिया.

  4. ट्रैक्टर रैली पर चर्चा के लिए दिल्ली पुलिस अधिकारी सिंधु बॉर्डर पहुंचे

    गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली पर किसानों से चर्चा करने के लिए दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी (नॉर्दन रेंज) एसएन यादव सिंधु बॉर्डर के पास पहुंचे हैं.

    दिल्ली पुलिस चाहती है कि किसानों की परेड दिल्ली के बाहर ही हो जबकि किसान संगठन दिल्ली में परेड निकालने पर अड़े हैं.

    इससे पहले इस मामले सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और कहा था कि दिल्ली में किसे आने देना है और किसे नहीं, ये सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा मामला है और इसका फ़ैसला पुलिस को करना है.

  5. बीते 24 घंटों में कोरोना के 15,223 नए मामले

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में बीते चौबीस घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 15,223 नए मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं बीते चौबीस घंटों में इस वायरस ने 151 जानें ली हैं.

    मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना के कारण अब तक कुल 152,869 मौतें हो चुकी है जबकि कुल संक्रमितों का आंकड़ा 10,610,883 पहुंच गया है.

    कोरोना महामारी को काबू में करने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरु किया है.

    इसके तहत बीते चौबीस घंटों में 131,649 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है, और अब तक देश में कुल 806,484 लोगों को कोरोना वैक्सीन की खुराक मिल चुकी है.

  6. ट्रूडो को जाएगी बाइडन की पहली कॉल, पुतिन से फिलहाल कोई बात नहीं

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की प्रेस सचिव जेन साकी ने अपनी पहली व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में बताया कि नए राष्ट्रपति ने इस हफ़्ते के अंत तक विदेशी नेताओं से बात करेंगे और पहला कॉल वो कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को करेंगे.

    साकी ने बताया, "वो शुक्रवार को प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को पहली कॉल करेंगे. मुझे उम्मीद है कि कनाडा के साथ निश्चित रूप से वो महत्वपूर्ण रिश्ते के साथ साथ कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन जैसे जिन अहम मुद्दों पर आज हम फ़ैसला ले रहे हैं उस पर भी चर्चा करेंगे. हालाँकि राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत की अभी कोई योजना नहीं है. उम्मीद है कि उनकी शुरुआती बातचीत साझेदारों और सहयोगियों के साथ होगी. उनका मानना है कि उन रिश्तों को नए सिरे से शुरू करना और दुनिया के सामने आने वाली चुनौतियों और ख़तरों को दूर करना महत्वपूर्ण है."

    साकी ने कहा, जो बाइडन की शीर्ष प्राथमिकता अमेरिका के लोगों के लिए एक अतिरिक्त कोविड-19 राहत पैकेज पर समझौते के लिए सीनेट के साथ काम करने की है.

    उन्होंने कहा, "यह वो मुद्दा है जिस पर वह रोज़ सो कर उठने के बाद फ़ोकस करते हैं कि इस महामारी को नियंत्रण में रखा जाए. और रात में सोने जाने से पहले भी इसी मुद्दे पर उनका ध्यान केंद्रित रहता है. यह पैकेज उसी ओर एक अहम कदम है और यह अमेरिकी लोगों के लिए आर्थिक पुल बनाने का काम करेगा. वैक्सीन वितरण के लिए इसमें आवश्यक फंड की व्यवस्था भी होगी. वो पूरी तरह इसमें व्यस्त रहेंगे."

  7. जो बाइडन के शहर के लोगों को उनसे क्या हैं उम्मीदें

    राष्ट्रपति जो बाइडन जानते हैं कि उनके सामने पहली चुनौती बुरी तरह विभाजित देश को साथ लाने की है.

    चुनाव प्रचार के दौरान बाइडन ने अक्सर कामगार वर्ग से अपने ताल्लुक़ पर ज़ोर दिया. उन्होंने पेन्सिलवेनिया जैसे स्विंग स्टेट्स और अपने शहर स्क्रैन्टन पर बहुत फ़ोकस किया.

    बाइडन के गृहनगर स्क्रैन्टन से बीबीसी की ख़ास रिपोर्ट.

  8. डोनाल्ड ट्रंप ने जाते जाते लिखा राष्ट्रपति बाइडन के नाम खत

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ने भले ही कई परंपराओं को तोड़ दिया हो लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति के दफ़्तर में अपने उत्तराधिकारी जो बाइडन के लिए पत्र छोड़ने की परिपाटी को ब-दस्तूर निभाया.

    हालाँकि यह नहीं पता कि इस पत्र में उन्होंने क्या लिखा है, लेकिन राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस संदेश को "बहुत उदार" बताया है.

    सीएनएन के मुताबिक बाइडन ने कहा, "चूंकि यह निजी था, मैं इस बारे में तब तक कुछ नहीं कहूँगा जब तक मैं उनसे बात न कर लूं."

    इस पत्र में ट्रंप ने बाइडन के लिए क्या लिखा है, यह पूछे जाने पर प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने बताया कि वो बाइडन के साथ उनके दफ़्तर में थीं जब उन्होंने यह पत्र खोला और इसे "उदार और अनुकूल" बताया.

    उन्होंने कहा कि बाइडन इस निजी पत्र में क्या लिखा है इसे रिलीज़ नहीं करेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल ट्रंप और बाइडन के बीच बातचीत की कोई योजना नहीं है.

    साकी ने कहा, "मैं इसे पूर्व राष्ट्रपति के साथ लंबित कॉल के संकेत के रूप में नहीं लूंगी."

  9. बाइडन की टीम में भारतीय मूल के कई चेहरे शामिल

    जो बाइडन और कमला हैरिस ने अपनी टीम में भारतीय मूल के कई लोगों को जगह दी है.

    बाइडन प्रशासन से भारतीय मूल के अमरीकियों को भी काफ़ी उम्मीदें हैं. भारतीय अमरीकियों की आबादी वैसे तो बहुत कम है लेकिन ये वहां के सबसे कामयाब समुदायों में से एक है.

    इनके बारे में बता रहे हैं, बीबीसी संवाददाता अरुणोदय मुखर्जी.

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, बाइडन ने पदभार संभालते ही पेरिस जलवायु समझौता बहाल किया

    अमेरिकी राष्ट्रपति पद संभालते ही जो बाइडन ने कई बड़े फ़ैसलों पर हस्ताक्षर किए है.

    ओवल ऑफ़िस में काला मास्क पहनकर आए राष्ट्रपति बाइडन ने पत्रकारों से बात की और कहा कि उनकी बड़ी प्राथमिकताओं में ‘कोविड संकट’, ‘आर्थिक संकट’और ‘जलवायु संकट’ शामिल हैं.

    उन्होंने अपने पहले एग्ज़िक्युटिव ऑर्डर के तहत सभी अमेरिकियों को कोविड-19 के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है और साथ ही पेरिस जलवायु समझौते में अमेरिका दोबारा शामिल हो गया है.

    एग्ज़िक्युटिव ऑर्डर वह आदेश होते हैं जिसमें राष्ट्रपति को संसद की अनुमति नहीं लेनी होती है. बराक ओबामा इसका लगातार इस्तेमाल करते थे और डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के पहले सप्ताह में इसका काफ़ी इस्तेमाल किया था.

    हालांकि, एग्ज़िक्युटिव ऑर्डर को काफ़ी विवादास्पद समझा जाता है.

    अगर जो बाइडन प्रशासन के पहले दिन को देखें तो यह संकेत है कि नए राष्ट्रपति अपना समय व्यर्थ नहीं करना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने अपना एजेंडा लागू करने और डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को वापस लेने के लिए अब तक 17 एग्ज़िक्युटिव ऑर्डर्स पर हस्ताक्षर किए हैं

    अगले कुछ दिनों में वे कुछ और ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.

    अगर पिछले राष्ट्रपतियों से तुलना की जाए तो दो सप्ताह के अंदर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ और राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नौ एग्ज़िक्युटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए थे.

    नए प्रशासन ने कहा है कि देश की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है और वह महामारी से लेकर गिरती अर्थव्यवस्था से जूझ रहा है इसलिए राष्ट्रपति की ओर से तुरंत क़दम उठाने की ज़रूरत है.

  11. महारानी एलिज़ाबेथ ने नए अमेरिकी राष्ट्रपति को भेजा बधाई संदेश

    बकिंगम पैलेस ने पुष्टि की है कि महारानी एलिज़ाबेथ ने अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन को एक निजी संदेश भेजा है.

    बाइडन के दफ़्तर का कार्यभार संभालने से पहले यह संदेश भेजा गया है जिसमें क्या लिखा गया है इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया है.

    महारानी एलिज़ाबेथ के 68 सालों के शासन के दौरान बाइडन 14वें राष्ट्रपति हैं. उनके शासन के दौरान पहले राष्ट्रपति हैरी ट्रूमेन थे.

    यूके प्रेस एसोसिएशन के अनुसार, ऐसा अनुमान है कि बाइडन और महारानी की पहले कभी भी मुलाक़ात नहीं हुई है.

  12. अमेरिकी स्टॉक मार्केट ने लगाई रिकॉर्ड छलांग

    नए बाइडन प्रशासन के शपथ ग्रहण समारोह के बाद द डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज, एस एंड पी 500 और नेसडेक कम्पोज़िट इंडेक्स स्टॉक मार्केट बुधवार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए.

    द डाउ ने 0.83 फ़ीसदी, एस एंड पी 500 ने 1.39 फ़ीसदी और नेस्डेक ने 1.97 फ़ीसदी तक छलांग लगाई.

    शेयर बाज़ार केवल बाइडन के नए प्रशासन के कारण आसमान नहीं छू रहा है. इसकी एक वजह नेटफ़्लिक्स भी है.

    नेटफ़्लिक्स ने घोषणा की है उसने बीते तीन महीनों में 85 लाख नए सब्सक्राइबर्स को जोड़ा है जिसके बाद उसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 20 करोड़ हो गई है.

  13. तस्वीरों में देखें- बाइडन जब व्हाइट हाउस में हुए दाख़िल

  14. परिवार के साथ पैदल चलकर व्हाइट हाउस तक गए बाइडन

    अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद जो बाइडन आख़िरकार व्हाइट हाउस पहुंच गए हैं लेकिन इसके लिए वो अपनी गाड़ी से दो ब्लॉक पहले ही उतर गए और व्हाइट हाउस तक अपने परिवार के साथ पैदल चलकर गए.

    पारंपरिक तौर पर व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति पद छोड़ रहा व्यक्ति चुने गए राष्ट्रपति को आमंत्रित करता है ताकि प्रशासनों के दो महीनों के ट्रांज़िशन के बारे में चर्चा कर सके, लेकिन ट्रंप ने चुनावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और वो शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे.

    डोनाल्ड ट्रंप समारोह में शामिल होने की जगह फ़्लोरिडा चले गए थे.

    बाइडन के बाद नई उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस भी व्हाइट हाउस में दाख़िल हुईं. उनके साथ उनके पति डग एमहाफ़ भी थे.

  15. आर्लिंग्टन श्रद्धांजली कार्यक्रम में पहुंचे नए और पुराने राष्ट्रपति

    अमेरिका के नवनियुक्त राष्ट्रपति जो बाइडन और उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस शपथ ग्रहण समारोह के बाद वर्जीनिया के आर्लिंग्टन राष्ट्रीय क़ब्रिस्तान में सिविल वॉर में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजली देने गए.

    उनके साथ इस कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज बुश और बिल क्लिंटन भी शामिल हुए.

    यह क़ब्रिस्तान वॉशिंगटन डीसी में नदी के उस पार है. इस क़ब्रिस्तान में अमेरिकी सिविल वॉर के दौरान मारे गए सैनिकों की क़ब्रें हैं. इसके अलावा इसी क़ब्रिस्तान में पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ़ केनेडी और विलियम एच टैफ़्ट की भी क़ब्रें हैं.

    इस क़ब्रिस्तान में तक़रीबन 4 लाख पुरुष एवं महिलाओं की क़ब्रें हैं.

  16. शपथ ग्रहण के दौरान ट्रंप क्या कर रहे थे

    जो बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह से कुछ ही देर पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ़्लोरिडा पहुंचे थे. बुधवार को उन्होंने व्हाइट हाउस छोड़ दिया था.

    उनके फ़्लोरिडा पहुंचने पर उनके समर्थकों की भीड़ ने उनका स्वागत किया और सड़कों पर खड़े उनके समर्थकों ने कई नारे लिखी हुईं तख़्तियां ले रखी थीं जिन पर लिखा था ‘अभी भी मेरे राष्ट्रपति हो’ और ‘ट्रंप जीते.’

    ट्रंप ने पाम बीच पर अपने मार-आ-लागो गोल्फ़ रिज़ॉर्ट में अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के अंतिम 30 मिनट बिताए. अब वो फिर से एक आम नागरिक हो गए हैं.

  17. बाइडन का ट्रंप पर निशाना, कहा- 'ताक़त और लाभ के लिए झूठ बोले गए'

    शपथ लेने के बाद भाषण के दौरान जो बाइडन ने कहा कि एक अमेरिकी के रूप में हमारे साझा उद्देश्य हैं. उन्होंने कहा कि हम 'अवसर, सुरक्षा, स्वतंत्रता, गरिमा, सम्मान और.. हां.. सच' चाहते हैं.

    पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आरोप लगाते रहे हैं कि चुनाव में धांधली हुई है.

    बाइडन ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बग़ैर कहा कि बीते सप्ताह की कुछ घटनाओं ने सिखाया है कि 'यहां सच भी है और झूठ भी. शक्ति और लाभ के लिए झूठ बोले गए.'

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम मोदी ने ट्वीट करके बाइडन को दी शुभकामनाएं

    जो बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं.

    प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करके कहा कि वो बाइडन के साथ भारत-अमेरिकी रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के लिए उनके साथ काम करने को लेकर इंतज़ार कर रहे हैं.

    अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “अमेरिका के लिए एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं. हम आम चुनौतियों का सामना करने को लेकर और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के लिए एक साथ खड़े हैं.”

    प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बाद ट्वीट में लिखा, “भारत-अमेरिका साझेदारी साझा मूल्यों पर आधारित है. हमारे पास कई द्विपक्षीय एजेंडे हैं, जिनमें बढ़ती आर्थिक साझेदारी और लोगों का जुड़ाव शामिल है. राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ भारत-अमेरिकी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए साथ काम करने को लेकर समर्पित हूं.”

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, शपथ ग्रहण के बाद बाइडन बोले, ‘लोकतंत्र क़ायम है’

    अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद बोलते हुए जो बाइडन ने कहा है कि यह अमेरिका का दिन है, यह लोकतंत्र का दिन है, यह इतिहास और उम्मीदों का दिन है.

    उन्होंने कहा, “अमेरिका की कई बार परीक्षाएं हुई हैं और वह चुनौतियों से उभरा है. आज हम एक उम्मीदवार की जीत का जश्न नहीं बना रहे बल्कि लोकतंत्र के लिए जश्न मना रहे हैं.”

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, जो बाइडन ने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली

    डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जो बाइडन ने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली.

    उनको सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

    सीबीएस के अनुसार, उन्होंने अपने परिवार की बाइबल पर हाथ रखकर शपथ ली है जो सन 1893 की है. इसका इस्तेमाल उन्होंने 2009 और 2013 में उप-राष्ट्रपति पद की शपथ के लिए भी किया था.

    इसी बाइबल का इस्तेमाल उन्होंने डेलावेयर के सीनेटर पद के शपथ ग्रहण समारोह में भी किया था.