समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने के मामले पर केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.
अखिलेश यादव ने कहा है कि जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए आए, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है. आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है. सारी दुनिया और देशभर में सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और बीजेपी सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी. जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए."
उन्होंने लिखा, "हमारी पुरज़ोर मांग है कि सोनम वांगचुक की चिकित्सा न्यायिक निगरानी में हो क्योंकि उनका जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है."
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इसे संवैधानिक अधिकार पर हमला बताया.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "हमारा संविधान हर नागरिक को अपनी आवाज़ उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का बुनियादी अधिकार देता है. लेकिन आज गृह मंत्रालय का रवैया देखकर लगता है कि उसने इसी संवैधानिक अधिकार को अपना निशाना बना लिया है."
"दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और कल ही इसी मंत्रालय ने दिल्ली को नया पुलिस कमिश्नर दिया है. अगर आज की बर्बर कार्रवाई कमिश्नर साहब का पहला संदेश है, तो इससे साफ़ पता चलता है कि उनकी वफ़ादारी संवैधानिक कर्तव्य से ज़्यादा सत्ता के प्रति है."
खेड़ा ने कहा, "आज की घटना ने एक बार फिर इसकी सोच को बेनकाब कर दिया है. इस सरकार के लिए शांतिपूर्ण विरोध किसी नागरिक का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि एक "कानून एवं व्यवस्था" की समस्या है, जिसे डंडे के ज़ोर पर कुचल देना चाहिए."
वहीं, सफ़दरजंग अस्पताल के प्रशासन के अनुसार, लंबे उपवास के कारण उन्हें हल्की कमजोरी, डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के संकेत मिले हैं.
मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ चारु बंबा के मुताबिक़, वांगचुक की हालत स्थिर है, सभी ज़रूरी स्वास्थ्य मानक सामान्य हैं और वे पूरी तरह होश में हैं. अस्पताल में उनकी निगरानी और उपचार जारी है.