सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने पर कांग्रेस ने क्या कहा?

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के पुलिस ने उठाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया. इस दौरान जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.
इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाना साफ़ दिखाता है कि सरकार भारी दबाव में है.
पायलट ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “यह सरकार की पूरी तरह गलत नीति है. सोनम वांगचुक जी लगभग 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. उन्होंने युवाओं के भविष्य और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े जैसे गंभीर मुद्दे पर खाना छोड़ दिया है. इसके बावजूद सरकार ने उनसे कोई बातचीत नहीं की.”
सचिन पायलट ने कहा, "अब जब आंदोलन का असर पूरे देश में बढ़ रहा है और जनता का दबाव बढ़ रहा है, तो सरकार उन्हें जबरन अस्पताल ले जा रही है, सिर्फ़ जिम्मेदारी से बचने के लिए. अगर सरकार ने पहले ही बातचीत शुरू की होती और उनकी मांगें मान ली होतीं तो बेहतर होता."
उन्होंने आगे कहा, "जबरन हटाकर अस्पताल ले जाना साफ़ दिखाता है कि सरकार भारी दबाव में है. नाराज़गी चरम पर है और उन्हें जबरन अस्पताल ले जाना जनता के गुस्से को और बढ़ाएगा, दबाएगा नहीं.”
गौरतलब है कि वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उन्होंने हाल ही में दावा किया था कि अनशन के दौरान उनके शरीर का लगभग 20 फ़ीसदी हिस्सा खत्म हो चुका है.


















