बाढ़ की वजह से इंडोनेशिया में 600 से अधिक और श्रीलंका में 390 लोगों की मौत

इंडोनेशिया और श्रीलंका में चक्रवाती तूफ़ान के कारण हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है और कई लोग अभी भी लापता हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

संदीप राय और सुरभि गुप्ता

  1. इंडोनेशिया में बाढ़ से भारी तबाही, मरने वालों की संख्या 442 पहुंची

    इंडोनेशिया

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    चक्रवाती तूफ़ान की वजह से हुई भारी बारिश के कारण अबतक इंडोनेशिया में मरने वालों की संख्या 400 से अधिक पहुंच गई है.

    इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोओ सुबियांतो ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया.

    पश्चिमी सुमात्रा में मौजूद बीबीसी रिपोर्टर निकी विडाडियो के अनुसार, अभी भी कई इलाक़े मुख्य शहरों से कटे हुए हैं और कुछ इलाक़ों में पांच दिन से मोबाइल सिग्नल नहीं आया है.

    वियतनाम के पास उष्णकटिबंधीय तूफ़ान कोटो के पहुँचने से तीन और लोगों की मौत हुई है. पिछले महीने की शुरुआत में वियतनाम में कई दिनों तक भारी बारिश हुई थी, जिसमें कम-से-कम 90 लोगों की जान गई थी.

    थाईलैंड में 170 और मलेशिया में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.

    नवंबर की शुरुआत में फिलीपींस में आए तूफ़ान ने 300 लोगों की जान ले ली.

  2. संसद सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने कहा- 'विपक्ष अभी अपनी हार नहीं पचा पाया'

    पीएम मोदी

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    आज से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों से सार्थक बहस की अपील की है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा, "मैं सभी दलों से अपील करता हूँ कि इस शीतकालीन सत्र में, हार की घबराहट बहस का आधार नहीं बननी चाहिए. जनप्रतिनिधियों के रूप में, हमें देश के लोगों की ज़िम्मेदारी और अपेक्षाओं को पूरे संतुलन और ज़िम्मेदारी के साथ संभालना चाहिए और भविष्य को ध्यान में रखते हुए व्यवहार करना चाहिए..."

    उन्होंने कहा, "यह सत्र इस पर केंद्रित होना चाहिए कि यह संसद देश के बारे में क्या सोचती है, देश के लिए क्या करना चाहती है. ध्यान इन्हीं मुद्दों पर होना चाहिए. विपक्ष को भी अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए. उन्हें ऐसे मुद्दे उठाने चाहिए, ठोस मुद्दे."

    उन्होंने कहा, "उन्हें हार की निराशा से बाहर आना चाहिए. और दुर्भाग्य से, कुछ दल ऐसे भी हैं जो हार को पचा नहीं पा रहे हैं. और मैं सोच रहा था कि बिहार के नतीजों को काफ़ी समय हो चुका है, तो शायद वे अब कुछ शांत हुए होंगे. लेकिन कल जो मैंने सुना, उससे लगता है कि हार ने उन्हें अब भी परेशान कर रखा है."

    उधर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर बातचीत में शामिल न होने का आरोप लगाया है.

    उन्होंने कहा, "कांग्रेस और विपक्षी उन सभी विधेयकों पर सरकार का सहयोग करना चाहते हैं, जिन्हें पेश किया जाना है. हमारा सिर्फ़ इतना कहना है कि अगर हम सभी लाए जा रहे विधेयकों पर सहयोग कर रहे हैं तो उन्हें भी विपक्ष के कुछ मुद्दों को चर्चा में जगह देनी चाहिए."

    उन्होंने कहा, "अगर सरकार विपक्ष के मुद्दों को लाना चाहती है तो कामकाज के एजेंडे में उसे प्रकाशित करे. वो एक बात करते हैं और फिर बात नहीं करना चाहते...यही समस्या है."

    बिहार चुनावों के बाद और देश के 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच ये संसद सत्र शुरू हो रहा है.

  3. एलन मस्क ने बताया, क्यों अपने बेटे का मिडिल नेम 'शेखर' रखा

    एलन मस्क

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    अमेरिका में इमिग्रेशन नीतियों और वैश्विक टैलेंट को आकर्षित करने की चर्चाओं के बीच टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने भारतीय प्रतिभाओं की तारीफ़ की है.

    ज़ेरोधा के को-फ़ाउंडर निखिल कामत के साथ एक इंटरव्यू में एलन मस्क ने कहा, “भारतीय प्रतिभा से अमेरिका को सबसे अधिक लाभ मिला है.”

    भारतीयों और भारत से अपने जुड़ाव के बारे में मस्क ने कहा, “मेरी पार्टनर शिवोन की जड़ें भारत से जुड़ी हैं और मेरे एक बच्चे का मिडिल नेम भारतीय भौतिक शास्त्री प्रोफ़ेसर एस चंद्रशेखर के नाम पर 'शेखर' है.”

    एस चंद्रशेखर को 1983 में सितारों की आकृति और कैसे सितारे बने इसके सैद्धांतिक शोध के लिए नोबेल पुरस्कार मिला.

    कामत ने जब पूछा कि क्या शिवोन कभी भारत में रही हैं, तो एलन मस्क ने कहा, “नहीं वो कनाडा में पली-बढ़ी हैं.”

  4. विराट कोहली ने सिर्फ़ एक फॉर्मेट में खेलने को लेकर क्या कहा?

    विराट कोहली

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    रविवार को भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ पहले वनडे के रोमांचक मुलाबले में 17 रन से जीत दर्ज की. और इस जीत में विराट कोहली ने बड़ी भूमिका निभाई.

    भारतीय टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 349 रन बनाए. इसमें विराट कोहली ने 135 रन बनाए थे.

    पिछले कुछ समय से अटकलें लगाई जा रही हैं कि विराट कोहली की टेस्ट फॉर्मेट में वापसी हो सकती है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भारतीय बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने कहा, “जिस तरह विराट खेल रहे हैं, उनके भविष्य को लेकर कोई सवाल नहीं होना चाहिए.”

    दरअसल, विराट कोहली टी20 और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं और वनडे क्रिकेट खेलते हैं.

    रविवार को उन्हें मैन ऑफ़ द मैच घोषित किया गया. मैच के बाद जब उनसे पूछा गया कि वो क्रिकेट के एक प्रारूप में खेल रहे हैं, क्या आगे भी ऐसा ही रहने वाला है?

    विराट कोहली ने कहा, “मैं बस इस खेल के एक फॉर्मेट में खेल रहा हूं.”

    प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, "अगर आपने 300 एक दिवसीय मैच खेले हैं और पिछले 15-16 सालों में इतनी क्रिकेट खेली है, और जैसा मैंने कहा अगर आप खेल में बने रहते हैं और जानते हैं कि प्रैक्टिस के दौरान, बिना ब्रेक के डेढ़ दो घंटे तक आप खेलते हैं, आप गेंद को हिट कर रहे हैं तो आपको पता होता है कि आपके रिफ़्लेक्सेस बने हुए हैं, आप लंबे समय तक बैट करने की क्षमता रखते हैं."

    हां मैं समझता हूं कि फ़ॉर्म में थोड़ी गिरावट थी...आप खेल को देखते हैं और फ़ॉर्म को फिर से हासिल करने की कोशिश करते हैं...लेकिन जबतक आप अच्छा खेलते हैं...मुझे लगता है कि इस वक़्त जो मेरे पास अनुभव है....मेरे लिए शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से तैयार रहना और खेल के प्रति उत्साह बना रहना महत्वपूर्ण है."

    विराट कोहली के खेल को लेकर इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटर्सन ने एक्स पर लिखा, "मैं हमेशा मीडिया या सोशल मीडिया में पढ़ी हुई हर बात पर भरोसा नहीं करता. लेकिन अगर इसमें आधा भी सच है कि विराट और रोहित दोनों फिर से टेस्ट क्रिकेट खेलने पर विचार कर रहे हैं, तो इसे बहुत बहुत गंभीरता से लेना चाहिए. टेस्ट क्रिकेट का अस्तित्व इस समय बड़ी बहस का मुद्दा है और अगर खेल के सबसे बड़े सितारे इसे फिर से खेलना चाहते हैं, तो उन्हें ज़रूर खेलना चाहिए."

  5. भारी बारिश और भूस्खलन के बाद श्रीलंका में ‘आपातकाल की स्थिति’ घोषित

    दित्वाह चक्रवाती तूफ़ान

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    इमेज कैप्शन, श्रीलंका में दित्वाह चक्रवाती तूफ़ान के कारण बड़े पैमाने पर तबाही हुई है.

    श्रीलंका में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 330 से ज़्यादा हो गई है, देश में समुद्री तूफ़ान दित्वाह ने भीषण तबाही मचाई है.

    श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, 200 से अधिक लोग लापता हैं और लगभग 20,000 घर नष्ट हो गए हैं. एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है.

    अधिकारियों ने कहा कि देश का लगभग एक तिहाई हिस्सा बिजली या पानी की सप्लाई के बिना है.

    चक्रवात दित्वाह के विनाशकारी प्रभावों के चलते देश में ‘आपातकाल की स्थिति’ घोषित कर दी गई है.

    राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा कि यह देश के इतिहास की "सबसे चुनौतीपूर्ण प्राकृतिक आपदा" है और तबाही इतनी ज़्यादा है कि पुनर्निर्माण का अनुमान लगाना कठिन है.

    सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है और विदेशों में रहने वाले श्रीलंकाई नागरिकों से प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए मदद करने की अपील की है.

    चक्रवात दित्वाह शुक्रवार को श्रीलंका के पूर्वी तट से टकराया था, लेकिन इसके बाद आगे बढ़ गया.

  6. नमस्कार!

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