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‘इसराइल भुखमरी को हथियार की तरह कर रहा है इस्तेमाल’- ब्रिटेन

फ़लस्तीनी प्राधिकरण के नेता महमूद अब्बास ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की ओर से हो रही इसराइल की आलोचना का स्वागत किया है. इस बीच वेस्ट बैंक की यात्रा पर पहुंचीं ब्रिटेन की विकास राज्य मंत्री जेनी चैपमेन ने भी कहा, “इसराइल इस लड़ाई में भुखमरी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है.”

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, आनंद मणि त्रिपाठी और सुरभि गुप्ता

  1. ग़ज़ा में इसराइल के नए सैन्य अभियान को लेकर ब्रिटेन ख़फ़ा, उठाया ये कदम

    ब्रिटेन ने इसराइल के साथ ट्रेड डील को लेकर बातचीत निलंबित कर दी है.

    ब्रिटेन ने इसराइल के ग़ज़ा पर ताज़ा सैन्य अभियान की तीखी आलोचना की है. ब्रिटेन ने इसराइल के राजदूत को तलब करते हुए वेस्ट बैंक पर नए प्रतिबंध लगा दिया है.

    विदेश मंत्री डेविड लैमी ने ग़ज़ा में बढ़ती सैन्य कार्रवाई को "नैतिक रूप से अनुचित" बताया है. ब्रिटेन ने यह कदम इसराइल के नए सैन्य अभियान और ग़ज़ा में भुखमरी की चेतावनी जारी होने के बाद उठाया है.

    वहीं, इस मुद्दे पर संसद में कंजर्वेटिव पार्टी की प्रीति पटेल के साथ डेविड लैमी की तीखी बहस हुई.

    उधर, इसराइल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी तरह के बाहरी दबाव "इसराइल को उसको उसके अस्तित्व की रक्षा करने के रास्ते से विचलित नहीं कर पाएंगे."

  2. निर्वासन मामले में ट्रंप प्रशासन को फ़ेडरल जज की चेतावनी, अली अब्बास अहमदी, बीबीसी संवाददाता

    अमेरिका की फ़ेडरल अदालत के एक जज ने प्रवासी नागरिकों को ​दक्षिण सूडान भेजने पर ट्रंप प्रशासन पर अवमानना की चेतावनी दी है.

    न्यायाधीश ब्रायन मर्फी ने कहा कि निष्कासन उनके पिछले महीने के आदेश का उल्लंघन है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सरकार पर प्रवासियों को सुनवाई का "उचित अवसर" दिए बिना ही तीसरे देशों में भेजने पर रोक लगा दी थी.

    न्यायाधीश मर्फ़ी को दिए गए आवेदन में वकीलों ने कहा कि म्यांमार और वियतनाम के नागरिकों सहित एक दर्जन लोगों को लेकर एक विमान मंगलवार को दक्षिण सूडान में उतरा था.

    दक्षिण सूडान विश्व के सबसे गरीब देशों में से एक है और हाल के सालों में आंतरिक संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता से ग्रस्त रहा है.

  3. रूस-यूक्रेन जंग रोकने के लिए वेटिकन की मध्यस्थता का इटली ने किया समर्थन

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए ​वेटिकन की मध्यस्थता का सुझाव दिया है. इसका इटली ने भी समर्थन किया है.

    इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के कार्यालय ने कहा है कि इटली यूक्रेन में 'संपर्क बनाने और शांति की दिशा में काम करने के लिए तैयार है.' और वह पोप के वेटिकन में वार्ता की मेज़बानी की इच्छा को 'सकारात्मक रूप से देखता है.'

    हालांकि इस बात पर अभी सहमति नहीं बन पाई है.

    पिछले शुक्रवार को तुर्की में रूसी और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच बैठक हुई. इस बैठक में रूस ने कई नई मांगें रखीं.

    पोप लियो ने पिछले सप्ताह कहा था कि वेटिकन हर समय दोनों देशों को एक साथ लाने के लिए तैयार है और वह शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा.

    लेकिन वेटिकन का कहना है कि ट्रंप ने मध्यस्थता का जो सुझाव दिया था वह फिलहाल एक विकल्प और आशा है.

  4. अमेरिका का 'गोल्डन डोम' जो रोक सकेगा बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले, ट्रंप ने क्या बताया?

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने भविष्य के 'गोल्डन डोम' मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए एक डिज़ाइन चुन लिया है.

    साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह सिस्टम उनके कार्यकाल के आखिर तक चालू हो जाएगा.

    जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने के कुछ ही दिनों बाद ट्रंप ने इस सिस्टम को लेकर अपनी योजनाएं सामने रखीं थी.

    गोल्डन डोम का मकसद अमेरिका पर होने वाली हवाई हमलों के ख़तरे से निपटना है. ये सुरक्षा प्रणाली बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों से भी लड़ पाएगी.

    इस सिस्टम के लिए 25 अरब डॉलर का बजट रखा गया है. लेकिन सरकार का अनुमान है कि आने वाले दशकों में इस सिस्टम पर इससे कहीं ज़्यादा खर्च हो सकता है.

    अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अब मौजूदा डिफे़ंस सिस्टम संभावित दुश्मनों के हथियारों से लड़ने में सक्षम नहीं है.

    यह सिस्टम आंशिक रूप से इसराइल के आयरन डोम से प्रेरित है, जिसका उपयोग देश 2011 से रॉकेटों और मिसाइलों को रोकने के लिए करता रहा है.

  5. इसराइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद ग़ज़ा में अब तक कोई मदद नहीं बांटी गई : यूएन

    संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि 11 हफ्तों की नाकेबंदी के बाद भले ही राहत सामग्री लेकर ट्रक ग़ज़ा में प्रवेश करने लगे हैं, लेकिन अब तक वहां लोगों तक कोई मदद नहीं पहुंची है.

    इसराइली अधिकारियों ने कहा है कि मंगलवार को 93 ट्रक ग़ज़ा में आए, जिनमें आटा, बच्चों का खाना और दवाइयां शामिल थीं.

    लेकिन संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि केरेम शलोम क्रॉसिंग के फ़लस्तीनी इलाक़े में ट्रकों के पहुंचने के बावजूद अभी तक कोई मदद लोगों में बांटी नहीं गई है.

    संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि एक टीम कई घंटे इंतज़ार करती रही ताकि इसराइल उन्हें उस इलाके़ में जाने की इजाज़त दे, लेकिन "दुर्भाग्य से वे राहत सामग्री को हमारे गोदाम तक नहीं पहुंचा सके."

    अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के भुखमरी का ख़तरा ज़ाहिर करने के बाद इसराइल ने रविवार को ग़ज़ा में "बुनियादी मात्रा में खाना" जाने देने को मंजूरी दी थी. साथ ही ग़ज़ा में हमले रोकने को लेकर इसराइल पर दुनिया के कुछ देशों ने दबाव डाला है, जिसमें ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा शामिल हैं.

    संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने मंगलवार को कहा कि अगर अगले 48 घंटों में ग़ज़ा में मदद नहीं पहुंची तो वहां 14,000 बच्चों की जान जा सकती है.

    उन्होंने कहा, "मैं अगले 48 घंटों में इन 14,000 बच्चों को बचाना चाहता हूं."

  6. नमस्कार!

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