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‘इसराइल भुखमरी को हथियार की तरह कर रहा है इस्तेमाल’- ब्रिटेन

फ़लस्तीनी प्राधिकरण के नेता महमूद अब्बास ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की ओर से हो रही इसराइल की आलोचना का स्वागत किया है. इस बीच वेस्ट बैंक की यात्रा पर पहुंचीं ब्रिटेन की विकास राज्य मंत्री जेनी चैपमेन ने भी कहा, “इसराइल इस लड़ाई में भुखमरी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है.”

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, आनंद मणि त्रिपाठी और सुरभि गुप्ता

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता को दीजिए इजाज़त.

    कल हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर होंगे.

    फ़िलहाल, हमारे होम पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. ‘इसराइल भुखमरी को हथियार की तरह कर रहा है इस्तेमाल’- ब्रिटेन

    फ़लस्तीनी प्राधिकरण के नेता महमूद अब्बास ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की ओर से हो रही इसराइल की आलोचना का स्वागत किया है.

    इस बीच वेस्ट बैंक की यात्रा पर पहुंचीं ब्रिटेन की विकास राज्य मंत्री जेनी चैपमेन ने भी कहा, “इसराइल इस लड़ाई में भुखमरी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है.”

    इसराइल ग़ज़ा पर लगातार हमले कर रहा है, साथ ही उस पर आरोप है कि वो वहां फंसे लोगों तक राहत सामग्री नहीं पहुंचने दे रहा है. इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र और ब्रिटेन, फ़्रांस और कनाडा जैसे देशों ने इसराइल की तीखी आलोचना की है और ग़ज़ा पर हमले फ़ौरन बंद करने की मांग की है.

    एक बयान में महमूद अब्बास ने कहा, “इसराइल जो नरसंहार कर रहा है, जो तबाही मचा रहा है और ग़ज़ा में जो भुखमरी के हालात हैं उसके बाद भी चुप रहना अब मुमकिन नहीं है. हम ब्रिटेन, फ़्रांस और कनाडा के उस संयुक्त बयान का स्वागत करते हैं जिसमें उन्होंने इसराइल की आलोचना की है. ”

    महमूद अब्बास ने साथ ही ग़ज़ा में राहत सामग्री भेज रहे देशों के साथ-साथ यूरोपीय यूनियन के देशों का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने ग़ज़ा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई है.

    रविवार को इसराइल ने ग़ज़ा में जारी पाबंदियों में कुछ ढील देने का दावा किया था, ताकि वहां फंसे फ़लस्तीनियों तक खाना पहुंच सके, लेकिन उसके बावजूद लोगों तक पर्याप्त राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई है.

    संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अगर ग़ज़ा में ज़रूरतमंद लोगों तक पर्याप्त खाना नहीं पहुंचने दिया गया तो वहां भुखमरी की वजह से हज़ारों बच्चों की जान जा सकती है.

  3. प्रोफ़ेसर अली ख़ान की गिरफ़्तारी के मुद्दे पर हरियाणा पुलिस को एनएचआरसी का नोटिस

    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी एनएचआरसी ने प्रोफ़ेसर अली ख़ान महमूदाबाद की गिरफ़्तारी के मुद्दे पर हरियाणा के डीजीपी को नोटिस भेजा है.

    एनएचआरसी ने राज्य के पुलिस प्रमुख से इस मुद्दे पर एक सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

    एनएचआरसी ने एक प्रेस रिलीज़ के जरिए बताया है कि उसने हरियाणा के अशोका यूनिवर्सिटी के एक प्रोफ़ेसर की गिरफ़्तारी के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कदम उठाया है.आयोग ने इस प्रेस रिलीज़ में किसी का नाम नहीं लिया है. लेकिन कहा है कि, 'रिपोर्ट्स के मुताबिक़ प्रोफ़ेसर पर जो आरोप लगाए गए हैं और जिसके आधार पर उनको गिरफ़्तार किया गया है, उससे पहली नज़र में यही दिखता है कि प्रोफ़ेसर के मानवाधिकारों और उनकी आज़ादी का उल्लंघन हुआ है.'

    एनएचआरसी ने कहा है कि स्वतः संज्ञान लेने के लिहाज से यह उचित मामला है.

    प्रोफ़ेसर अली ख़ान ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर सोशल मीडिया पोस्ट क‍िया था, जिसपर उनके ख़ि‍लाफ़ शि‍कायत हुई. इसके बाद हरियाणा पुलिस ने उन्हें 18 मई को गिरफ़्तार कर ल‍िया. हरियाणा की एक अदालत ने 20 मई को प्रोफ़ेसर अली ख़ान को न्यायिक हिरासत में भेज दि‍या.

    हालांकि बुधवार 21 मई को अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर अली ख़ान महमूदाबाद को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम ज़मानत तो दे दी लेकि‍न कहा है कि उनके मामले की जाँच जारी रहेगी.

  4. दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर अभिजीत अय्यर मित्रा ने हटाए न्यूज़लॉन्ड्री पर किए अपने पोस्ट

    दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर स्तंभकार अभिजीत अय्यर मित्रा ने न्यूज़लॉन्ड्री के बारे में एक्स पर किए अपने पोस्ट हटा लिए हैं.

    अभिजीत अय्यर मित्रा ने एक्स पर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने लिखा, "मुझे दिल्ली हाई कोर्ट पर पूरा भरोसा है. उन्होंने मुझसे न्यूज़लॉन्ड्री के बारे में मेरे ट्वीट हटाने के लिए कहा है. मैं कोर्ट के सम्मान में उक्त आदेश का पालन कर रहा हूँ."

    बता दें कि डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री की नौ महिला कर्मचारियों ने अभिजीत अय्यर मित्रा के ख़िलाफ़ मानहानि का मुकदमा दायर किया है.

    लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक़ पत्रकारों का आरोप है कि अय्यर ने उनके ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट डाले.

    एक्स पर किए गए पोस्ट देखने के बाद, जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, "क्या आप इन आर्टिकल्स का बचाव कर सकते हैं? इस तरह की भाषा, चाहे बैकग्राउंड कुछ भी हो, क्या समाज में महिलाओं के ख़िलाफ़ इस तरह की भाषा को स्वीकार किया जा सकता है?"

    उन्होंने कहा, "आपको (अभिजीत अय्यर मित्रा को) इसे हटाना होगा. तभी हम आपकी बात सुनेंगे."

    इसके बाद अभिजीत अय्यर मित्रा ने एक्स पर किए उन पोस्ट्स को हटाने की जानकारी दी है.

  5. न्यूज़ चैनलों पर फ़ेक न्यूज़ पर आज का कार्टून.

  6. भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक और अधिकारी को 'अवांछित व्यक्ति' घोषित किया

    भारत सरकार ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक और अधिकारी को 'अवांछित व्यक्ति' घोषित किया है. इससे पहले 13 मई को भी एक पाकिस्तानी अधिकारी को 'अवांछित व्यक्ति' घोषित किया गया था.

    पाकिस्तानी अधिकारी पर ऐसी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है, 'जो भारत में उनके आधिकारिक दर्जे के अनुरूप नहीं है. अधिकारी को 24 घंटे के अंदर भारत छोड़ने के लिए कहा गया है.'

    भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में इसकी जानकारी दी गई है.

    प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ पाकिस्तान उच्चायोग से ये सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भारत में कोई भी पाकिस्तानी राजनयिक या अधिकारी किसी भी तरह से अपने विशेषाधिकारों और दर्जे का दुरुपयोग न करे.

  7. वक़्फ़ एक्ट पर आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने क्या दलीलें दीं

    केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वक़्फ़ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल करना जायज़ है.

    सुप्रीम कोर्ट वक़्फ़ (संशोधन) एक्ट, 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.

    केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच के सामने दलीलें पेश की.

    तुषार मेहता ने कहा, "वक़्फ़ एक इस्लामी अवधारणा है, लेकिन यह इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है."

    उन्होंने तर्क दिया, "वक़्फ़ बोर्ड के काम देखें- वक़्फ़ संपत्तियों का प्रबंधन, (यह सुनिश्चित करना कि) लेखा-जोखा सही से हो, खातों का ऑडिट करना- इन सभी कामों का धर्म से कोई संबंध नहीं है. अधिकतम दो गैर-मुस्लिम सदस्य होने से - क्या इससे कुछ बदल जाएगा?"

    वक़्फ़ एक्ट के ख़िलाफ़ याचिका दायर करने वालों की ओर से एक तर्क ये दिया गया है कि हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड में गैर-हिंदुओं को नहीं रखा जाता है, तो वक़्फ़ बोर्डों में गैर-मुस्लिमों को रखने की मंज़ूरी देकर मुसलमानों के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए.

    इस तर्क के जवाब में तुषार मेहता ने कहा कि 'हिंदू बंदोबस्ती केवल धार्मिक गतिविधियों से संबंधित है, जबकि वक़्फ़ धर्मनिरपेक्ष गतिविधियों से संबंधित है'.

    इस मामले की सुनवाई कल भी जारी रहेगी.

  8. खुजदार स्कूल बस हमला: पाकिस्तान में अमेरिकी प्रभारी क्या बोलीं

    पाकिस्तान में अमेरिकी प्रभारी नताली बेकर ने खुजदार में बच्चों को ले जा रही बस पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है.

    बुधवार को खुजदार में हुए हमले के बाद अमेरिकी राजदूत नताली बेकर ने सोशल मीडिया एक्स पर एक बयान पोस्ट किया.

    बयान में कहा गया है, "हम पाकिस्तान के नेताओं के साथ मिलकर बलूचिस्तान के खुजदार में एक स्कूल बस पर हुए क्रूर और बर्बर हमले की निंदा करते हैं."

    बयान में कहा गया है, "निर्दोष बच्चों की हत्या समझ से परे है. हम उन परिवारों के प्रति दुःख व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं."

    बेकर ने अपने बयान में कहा, "किसी भी बच्चे को स्कूल जाते समय डर में नहीं रहना चाहिए. हम पाकिस्तान में उन लोगों के साथ खड़े हैं जो इस हिंसा को समाप्त करने के लिए काम कर रहे हैं."

    पाकिस्तान में बलूचिस्तान के खुजदार ज़िले में बुधवार सुबह एक स्कूल बस पर हुए हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं. वहीं दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं.

    पाकिस्तानी सेना ने भारत पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है, हालांकि इसका कोई सबूत नहीं दिया गया है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के उन आरोपों को ख़ारिज किया है, जिसमें खुजदार में स्कूल बस पर हमले की घटना में भारत की संलिप्तता का दावा किया गया है.

  9. खुजदार स्कूल बस हमला: पाकिस्तान के आरोपों पर भारत ने ये जवाब दिया

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के उन आरोपों को ख़ारिज किया है, जिसमें खुजदार में स्कूल बस पर हमले की घटना में भारत की संलिप्तता का दावा किया गया है.

    पाकिस्तान के लगाए आरोपों को लेकर मीडिया के सवालों पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "खुजदार में हुई घटना में भारत की संलिप्तता के बारे में पाकिस्तान के लगाए निराधार आरोपों को भारत ख़ारिज करता है. भारत ऐसी सभी घटनाओं में हुई मौतों पर शोक व्यक्त करता है."

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, "अपने सभी आतंरिक मुद्दों के लिए भारत को दोषी ठहराना पाकिस्तान की आदत बन गई है."

    पाकिस्तान में बलूचिस्तान के खुजदार ज़िले में बुधवार सुबह एक स्कूल बस पर हुए हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं. वहीं दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं.

    पाकिस्तानी सेना ने भारत पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है, हालांकि इसका कोई सबूत नहीं दिया गया है.

  10. यूएई ने कहा, ग़ज़ा में सहायता पहुँचाने के लिए उसका इसराइल से समझौता हुआ

    संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसकी सहायता अभी फ़लस्तीनी आबादी तक नहीं पहुंच पा रही है, वहीं संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई ने बताया है कि उसने ग़ज़ा के लोगों के लिए मानवीय सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से इसराइल के साथ एक समझौता किया है.

    इस समझौते की घोषणा बीती रात यूएई के विदेश मंत्री शेख़ अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार के बीच फ़ोन पर हुई बातचीत के बाद की गई.

    यूएई के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी एक बयान के अनुसार,"यह सहायता प्रारंभिक चरण में ग़ज़ा पट्टी में लगभग 15,000 नागरिकों के लिए खाने-पीने की चीज़ों की ज़रूरतों को पूरा करेगी."

    यूएई का कहना है कि इस सहायता में बेकरी के संचालन के लिए आवश्यक सामग्री और शिशुओं की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण वस्तुएं भी शामिल हैं, ताकि लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.

    हालांकि, यूएई ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह समझौता कैसे लागू किया जाएगा या ग़ज़ा में सहायता पहुंचाने और वितरित करने की जिम्मेदारी किसकी होगी.

    इसराइल की ओर से इस समझौते पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है. इस बीच, ग़ज़ा में डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स नामक चिकित्सा सहायता समूह की आपातकालीन समन्वयक, क्लेयर मनेरा ने बीबीसी रेडियो 4 को बताया कि मेडिकल चीज़ों की सप्लाई "गंभीर रूप से कम" है.

    उन्होंने कहा, "थोड़ी-सी सहायता अंदर पहुंची है, लेकिन वह ज़्यादातर लोगों तक बिल्कुल भी नहीं पहुंची है."

    उन्होंने कहा कि इसराइली अधिकारी सामानों के वितरण को लेकर जैसी शर्तें लगा रहे हैं, वह सुरक्षित नहीं हैं.

    उन्होंने बताया कि "घरों और अस्पतालों को निशाना बनाया जा रहा है" और "स्वास्थ्य सेवाओं या किसी भी प्रकार की सहायता तक पहुंच असंभव होती जा रही है."

    मनेरा ने कहा कि वहां लोगों की स्थिति "बिगड़ती जा रही है", और जिन बच्चों को जली हुई हालात में लाया जा रहा है, उनकी तादाद "बहुत ज़्यादा" है.

    उन्होंने कहा कि बिना दर्द निवारक दवाइयों के बच्चों की 'पीड़ा', सड़कों पर 'भूख से तड़पते लोग', और माताओं का 'अपने बच्चों को भूख से मरते देखना' – ये सब चीजें "हर दिन और भी बदतर होती जा रही हैं."

  11. अमित शाह बोले- नक्सल नेता बसवराजू समेत 27 माओवादियों की मुठभेड़ में मौत

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में माओवादियों के ख़िलाफ़ एक ऑपरेशन की जानकारी दी है.

    गृह मंत्री ने बताया है कि आज सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 27 माओवादी मारे गए हैं, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (सीपीआई-माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ़ बसवराजू भी शामिल हैं.

    अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, "नक्सलवाद को खत्म करने की लड़ाई में एक ऐतिहासिक उपलब्धि. आज, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में एक ऑपरेशन में, हमारे सुरक्षा बलों ने 27 खूंखार माओवादियों को मारा है, जिनमें सीपीआई-माओवादी के महासचिव, शीर्ष नेता और नक्सल आंदोलन के बैकबोन नंबाला केशव राव उर्फ़ ​​बसवराजू भी शामिल हैं."

    शाह ने लिखा, "नक्सलवाद के ख़िलाफ़ भारत की लड़ाई के तीन दशकों में ऐसा पहली बार है कि हमारे बलों ने एक महासचिव स्तर के नेता को मारा है. मैं इस बड़ी सफलता के लिए हमारे बहादुर सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सराहना करता हूँ."

    इसके अलावा, अमित शाह ने बताया कि ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के पूरा होने के बाद, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 54 नक्सलियों को गिरफ़्तार किया गया है और 84 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.

  12. 'हेरा फेरी 3' से परेश रावल के अलग होने के फ़ैसले पर क्या बोले सुनील शेट्टी

    फिल्म एक्टर सुनील शेट्टी ने कहा है कि वो परेश रावल के 'हेरा फेरी 3' से अलग होने के फ़ैसले से दुःखी हैं.

    'हेरा फेरी' और 'फिर हेरा फेरी' में 'बाबूराव' का किरदार निभाने वाले एक्टर परेश रावल ने हाल ही में घोषणा की है कि वो 'हेरा फेरी 3' का हिस्सा नहीं होंगे.

    उनके इस फ़ैसले पर दोनों ही फिल्मों में 'श्याम' का किरदार निभाने वाले सुनील शेट्टी ने प्रतिक्रिया दी है.

    सुनील शेट्टी इन दिनों अपनी फिल्म 'केसरी वीर: द लेजेंड ऑफ सोमनाथ' का प्रमोशन कर रहे हैं. फिल्म के एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान सुनील शेट्टी से 'हेरा फेरी 3' और इससे परेश रावल के अलग होने पर सवाल किया गया.

    इस पर सुनील शेट्टी ने जवाब दिया, "मैं दु:खी हूं, लेकिन मुझे भरोसा है कि सब ठीक हो जाएगा...भले ही फिल्म नहीं बनती है, मैं परेश और अक्षय (कुमार) के बीच कोई दुश्मनी नहीं चाहूंगा."

  13. कर्नाटक के गृह मंत्री से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों पर ईडी की छापेमारी, कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना, इमरान कुरैशी, बीबीसी हिंदी के लिए

    प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने कर्नाटक में आज एक ट्रस्ट के शैक्षणिक संस्थानों पर छापेमारी की है. ये ट्रस्ट कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर चलाते हैं.

    यह ट्रस्ट कई इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज चलाता है. ईडी के दो दर्जन से अधिक अधिकारी बुधवार सुबह करीब 9 बजे बेंगलुरु से 70 किलोमीटर दूर तुमकूरु में श्री सिद्धार्थ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के परिसर पहुंचे.

    अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह छापेमारी कुछ साल पहले हुई आयकर छापेमारी का फॉलो-अप है या केंद्रीय एजेंसी ने हाल के महीनों में कोई दूसरा मनी ट्रेल खोजा है.

    आयकर अधिकारियों ने तब तुमकूरु परिसर से साढ़े चार करोड़ रुपये और जी परमेश्वर के आवास से 70 लाख रुपये की नकदी जब्त की थी.

    तब जी. परमेश्वर ने कहा था कि कॉलेज से जब्त की गई नकदी एक किसान से जमीन खरीदने के लिए थी.

    बुधवार की छापेमारी के कारणों का पता प्रवर्तन निदेशालय की ओर से औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति आने के बाद चलेगा.

    वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ईडी की इस छापेमारी के लिए बीजेपी और मोदी सरकार पर निशाना साधा है.

    सुरजेवाला ने एक्स पर पोस्ट किया, " अनुसूचित जाति के बड़े नेताओं में से एक और कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर के शैक्षणिक संस्थानों पर ईडी की छापेमारी, कल होसपेट में एक लाख एससी-एसटी परिवारों को ज़मीन का मालिकाना हक देने पर बीजेपी और मोदी सरकार की हताशा भरी प्रतिक्रिया है."

    बता दें कि कल कर्नाटक के होसपेट शहर में 'समर्पण संकल्प रैली' का आयोजन किया गया था. इस दौरान एक लाख से अधिक भूमिहीन परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र बांटे गए थे.

    सुरजेवाला ने अपने पोस्ट में बताया कि तुमकूरु में शैक्षिक विकास के लिए सिद्धार्थ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना 1979 में और सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज की स्थापना 1988 में हुई थी.

    सुरजेवाला ने आगे लिखा, "यह वाकई हैरान करने वाली बात है कि इस संस्था की स्थापना के 46 साल बाद मोदी सरकार इसमें गलत कामों की तलाश कर रही है, जबकि बीजेपी के भ्रष्टाचार की जांच (कर्नाटक का) गृह मंत्रालय और डॉ. जी. परमेश्वर कर रहे हैं. ईडी के छापे पिछली बीजेपी सरकारों के भ्रष्टाचार को छिपाने और शोषितों की आवाज़ उठाने वालों की आवाज़ दबाने की एक हताशा भरी कोशिश लगती है."

  14. पोप लियो ने ग़ज़ा में मानवीय सहायता के लिए की ये अपील

    वेटिकन में, पोप लियो ने अभी एक संबोधन दिया है जिसमें उन्होंने ग़ज़ा में "पर्याप्त मानवीय सहायता" की अनुमति देने की अपील की है.

    सेंट पीटर्स स्क्वायर में अपनी पहली आम सभा के दौरान पोप लियो ने कहा, "ग़ज़ा पट्टी की स्थिति दिन-ब-दिन अधिक चिंताजनक और पीड़ादायक होती जा रही है."

    उन्होंने कहा, "मैं अपील करता हूँ कि मानवीय सहायता को (ग़ज़ा के) अंदर जाने की अनुमति दी जाए. वहाँ सबसे अधिक पीड़ा बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों को हो रही है."

  15. अभी तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थें.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगी.

    बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  16. ग़ज़ा में रातभर हुए हमलों में 15 लोगों की मौत, भुखमरी जैसे हालात, रुश्दी अबुलौफ़, ग़ज़ा संवाददाता

    ग़ज़ा में 20 लाख लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं. सभी की निगाहें उस जगह पर हैं जहां ट्रकों को भोजन पहुंचाना है लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो रहा है.

    मंगलवार से ही लोग ट्रकों का इंतजार कर रहे हैं और आज सुबह भी यही स्थिति बनी हुई है. ग़ज़ा में 11 सप्ताह से भोजन की व्यवस्था नहीं है ऐसे में 100 ट्रकों से भी बहुत बड़ा अतंर नहीं पड़ने वाला है.

    यदि आप लोगों द्वारा बाजारों से पोस्ट की गई तस्वीरों को देखेंगे तो पाएंगे कि बाजार पूरी तरफ से खाली हैं. ग़ज़ा में फल, सब्जियां, प्रोटीन, मांस और चिकन खत्म हो गया है.

    सबसे महत्वपूर्ण बात कि अस्पताल में जेनरेटरों को चलाने के लिए तेल तक उपलब्ध नहीं है और न ही दवा है. ग़ज़ा में 25 प्रतिशत पानी दूषित और पीने योग्य नहीं है, इसके कारण स्थिति और भयावह हो गई है.

    इसराइली हमलों में ग़ज़ा में 15 लोगों की मौत

    हमास द्वारा संचालित नागरिक सुरक्षा सेवा का कहना है कि रात भर में इसराइली हवाई हमलों में लगभग 15 लोग मारे गए हैं. इस आंकड़े में उत्तरी ग़ज़ा के जबालिया में 11 लोग शामिल हैं और 13 अन्य घायल हैं.

    इसके अलावा एक अन्य हमले में एक बच्चे सहित दो अन्य लोगों की मौत हुई है. दक्षिण ग़ज़ा में खान यूनिस के पूर्व में हुए दो अलग-अलग हमलों में दो और लोग मारे गए हैं. एएफपी समाचार एजेंसी ने बताया कि रात भर हुए हमलों में कुल 19 लोग मारे गए हैं.

  17. छत्तीसगढ़ में पुलिस ने किया 26 माओवादियों के मारे जाने का दावा, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए

    छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित क्षेत्र नारायणपुर में पुलिस ने एक मुठभेड़ में 26 माओवादियों के मारे जाने का दावा किया है.

    राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को कहा, "ओरछा के इलाके में लगभग 50 घंटों से सर्च ऑपरेशन चल रहा था. इसमें 26 से अधिक माओवादी मारे गए हैं. कुछ बड़े कैडर के भी माओवादियों के मारे जाने की ख़बर है."

    उन्होंने मारे जाने वाले माओवादियों की संख्या बढ़ने से इनकार नहीं किया है.

    उन्होंने कहा कि अभी तलाशी अभियान जारी है. मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को 'लाल आतंक' से मुक्त कराने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है.

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले 15 महीनों में पुलिस ने माओवादियों के ख़िलाफ़ सघन ऑपरेशन चलाया है, जिसमें अब तक 400 से अधिक संदिग्ध माओवादी मारे जा चुके हैं.

    देश के गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश से माओवाद को पूरी तरह से ख़त्म करने की घोषणा की है.

  18. सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफ़ेसर अली ख़ान महमूदाबाद को अंतरिम ज़मानत दी, अब एसआईटी करेगी जाँच, उमंग पोद्दार,बीबीसी संवाददाता

    भारत-पाकिस्तान संघर्ष के संदर्भ में टिप्पणी और कर्नल सोफ़िया क़ुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह से प्रेस ब्रीफ़िंग कराने को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले प्रोफ़ेसर अली ख़ान महमूदाबाद को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम ज़मानत दे दी है.

    प्रोफ़ेसर अली ख़ान को 18 मई को हरियाणा पुलिस ने गिरफ़्तार किया गया था. ये गिरफ़्तारी हरियाणा की सोनीपत पुलिस ने स्थानीय निवासी योगेश की शिकायत के आधार पर की थी.

    हरियाणा पुलिस ने प्रोफ़ेसर अली ख़ान के ख़िलाफ़ दो समुदायों में नफ़रत भड़काने की धारा के तहत मामला दर्ज किया था.

    प्रोफ़ेसर अली ख़ान हरियाणा की अशोका यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफ़ेसर हैं.

    सुप्रीम कोर्ट ने और क्या कहा?

    “दो कथित आपत्तिजनक ऑनलाइन पोस्टों की विषयवस्तु पर विचार करते हुए, जिनके कारण याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध दो प्राथमिकी दर्ज हुई हैं, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि जांच पर रोक लगाने का कोई मामला नहीं बनता. हालांकि, संलिप्तता को समझने और ऑनलाइन पोस्ट में प्रयुक्त कुछ शब्दों की उचित व्याख्या के लिए, हम हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को निर्देश देते हैं कि वे एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन करें."

    "एसआईटी में तीन आईपीएस अधिकारी (सीधे नियुक्त) हों जो हरियाणा या दिल्ली राज्य से संबंध नहीं रखते हों. यह एसआईटी एक (पुलिस महानिरीक्षक) आईजी या उससे ऊपर के पद के अधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करेगी और अन्य दोनों सदस्य एसपी या उससे ऊपर के रैंक के होंगे. इन तीन सदस्यों में से एक सदस्य महिला आईपीएस अधिकारी होनी चाहिए. एसआईटी का गठन 24 घंटे के भीतर किया जाना चाहिए."

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "हमने ज़मानत के लिए दायर याचिका पर भी विचार किया है. बताई गई जांच को सुविधाजनक बनाने के मद्देनज़र, हम निर्देश देते हैं कि याचिकाकर्ता को अंतरिम ज़मानत पर रिहा किया जाए, बशर्ते कि वह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोनीपत के समक्ष जमानत बॉन्ड्स प्रस्तुत करे."

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट की कुछ शर्तों के अलावा, याचिकाकर्ता को निम्नलिखित निर्देश दिए जाते हैं:

    "याचिकाकर्ता कोई भी ऑनलाइन पोस्ट या लेख नहीं लिखेगा और उन दोनों ऑनलाइन पोस्टों से संबंधित कोई मौखिक भाषण नहीं देगा, जो जांच के अधीन हैं."

    "उसे भारतीय भूमि पर हुए आतंकवादी हमले या हमारे देश द्वारा दिए गए जवाब संबंधी किसी भी मुद्दे पर राय व्यक्त करने से भी रोका जाता है."

    "याचिकाकर्ता को अपना पासपोर्ट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोनीपत के समक्ष जमा करना होगा."

    "याचिकाकर्ता को जांच में शामिल होना होगा और पूरी तरह सहयोग करना होगा. अंतरिम ज़मानत देने का एक उद्देश्य जांच को सुविधाजनक बनाना भी है.”

  19. पाकिस्तान में स्कूल बस पर हमला, 3 बच्चों समेत पाँच लोगों की मौत

    पाकिस्तान में बलूचिस्तान के खुजदार ज़िले में बुधवार सुबह एक स्कूल बस पर हुए हमले में तीन बच्चों सहित पांच लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक अन्य घायल हो गए हैं.

    खुजदार के उपायुक्त यासिर इकबाल दश्ती ने बीबीसी को बताया कि विस्फोट सुबह-सुबह खुजदार शहर के जीरो प्वाइंट पर उस समय हुआ जब एक बस शहर के विभिन्न हिस्सों से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी. उनके अनुसार, जब बस जीरो प्वाइंट पर पहुंची तो उसके पास विस्फोट हुआ.

    डीसी खुजदार के अनुसार, घायलों को अस्पताल भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि हमले की जांच अभी जारी है तथा सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं.

    खुजदार पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने बीबीसी को बताया, "जिस बस को निशाना बनाया गया, वह खुजदार कैंट स्थित एक स्कूल से बच्चों को लेकर जा रही थी."

    उन्होंने बताया कि विस्फोट में बस पूरी तरह नष्ट हो गई, जबकि बस के पास खड़ी एक छोटी कार भी क्षतिग्रस्त हो गई. उन्होंने कहा कि हालांकि जांच अभी जारी है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि विस्फोटक उसी छोटे वाहन में थे.

    उन्होंने कहा कि अभी यह निर्धारित किया जाना बाकी है कि विस्फोटकों को रिमोट कंट्रोल से विस्फोटित किया गया था या किसी आत्मघाती हमलावर ने उन्हें निशाना बनाया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बस में लगभग 40 बच्चे सवार थे.

    इस हमले की अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इसे बलूच चरमपंथियों से जोड़कर देखा जा रहा है. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस हमले की कड़ी निंदा की और बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त किया है.

    उन्होंने कहा कि इस घटना के जिम्मेदार किसी भी तरह की नरमी के हकदार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि चरमपंथियों ने "मासूम बच्चों को निशाना बनाकर बर्बरता" की है.

  20. ग़ज़ा में लोगों तक नहीं पहुंची सहायता, संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने जताई चिंता

    संयुक्त राष्ट्र ने बताया है कि 11 सप्ताह की नाकेबंदी के बाद ग़ज़ा में सहायता सामग्री पहुंच तो गई है, लेकिन अभी तक इसका वितरण नहीं हो पाया है.

    इसराइली अधिकारियों ने बताया है, "सुरक्षा जांच के बाद" मंगलवार को 93 सहायता ट्रक ग़ज़ा पट्टी में प्रवेश कर गए.

    वहीं संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यालय का कहना है कि सहायता सामग्री को केवल फ़लस्तीनी सीमा तक ही पहुंचाया गया है.

    संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ग़ज़ा में उसकी टीम ने मंगलवार को क्रॉसिंग तक पहुंचने और सहायता सामग्री प्राप्त करने के लिए घंटों इंतज़ार किया, लेकिन इसराइली सेना ने अभी तक इसकी अनुमति नहीं दी है.

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब ग़ज़ा में भुखमरी की चेतावनी के बीच नागरिकों तक सहायता पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है.

    इसराइली सेना का कहना है कि इस सहायता में बेकरी के लिए आटा, शिशु आहार, चिकित्सा उपकरण और दवाएं शामिल हैं.

    सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा गया है, "आईडीएफ ग़ज़ा पट्टी में मानवीय सहायता उपलब्ध कराना जारी रखेगा और यह सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास करेगा कि यह सहायता आतंकवादी संगठन हमास के हाथों में न पहुंचे."

    सोशल मीडिया पर ग़ज़ा के लोगों को संबोधित एक अन्य संदेश में इसराइली सेना के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा, "हम वे नहीं हैं जिन्होंने आपको भोजन, घर और धन से वंचित किया है. युद्ध शुरू करने के लिए हमास जिम्मेदार है. नागरिकों की इस दशा के लिए भी वह जिम्मेंदार है, उसने विनाश लाया है और वह निर्माण करने वाला नहीं है."