लाइव, ईरान ने कहा- होर्मुज़ स्ट्रेट तभी खुलेगा जब अमेरिका इस्लामाबाद समझौते को लागू करेगा

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के उप राजनीतिक कमांडर यदुल्लाह जवानी ने कहा है कि युद्ध का अंत इस्लामाबाद समझौते के आधार पर होना चाहिए.

सारांश

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  • लखीसराय में भगदड़ से सात लोगों की मौत
  • पश्चिम बंगाल: बीरभूम के होटल में आग से 7 लोगों की मौत
  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
  • जेसीबी में बैठकर उफनते नाले को पार करती महिलाएं
  • अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली ज़िले में अचानक आई बाढ़
  • देश में शिक्षा से जुड़े मुद्दे पर बोले रामदेव
  • जवाहरलाल नेहरू का पहला टीवी इंटरव्यू

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. ईरान ने कहा- होर्मुज़ स्ट्रेट तभी खुलेगा जब अमेरिका इस्लामाबाद समझौते को लागू करेगा

    ईरान

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    इमेज कैप्शन, ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष लगातार जारी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के उप राजनीतिक कमांडर यदुल्लाह जवानी ने कहा है कि युद्ध का अंत इस्लामाबाद समझौते के आधार पर होना चाहिए.

    साथ ही उन्होंने कहा कि "होर्मुज़ स्ट्रेट तभी खुलेगा जब अमेरिका इस समझौते में अपने दायित्वों को पूरा करेगा."

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इस्लामिक रिपब्लिक रेडियो और टेलीविजन से संबद्ध यंग जर्नलिस्ट्स क्लब के साथ एक इंटरव्यू में यदुल्लाह ने कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट और इसे नियंत्रित करने की व्यवस्था युद्ध से पहले जैसी थी, वैसी अब कभी नहीं होगी."

    उन्होंने कहा कि अमेरिका, इसराइल और उनके सहयोगी "होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण हासिल करने के लिए महीनों से कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं हुए हैं."

    उन्होंने यह भी कहा, "ईरान और ओमान के बीच जिस जलमार्ग की चर्चा हो रही है, वह केवल युद्ध की समाप्ति के बाद के लिए है और युद्ध की समाप्ति निश्चित है."

    इस बीच हाल के दिनों में होर्मुज़ स्ट्रेट में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद, पिछले दो दिनों (शनिवार और रविवार) में इस जलमार्ग से समुद्री परिवहन में काफ़ी कमी आई है.

    यह ऐसे समय में हुआ है जब संघर्ष सुलझाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत ठप हो गई है.

    केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को पांच मालवाहक जहाज़ होर्मुज़ से गुज़रे, और रविवार को किसी भी जहाज़ इस रास्ते से गुज़रने का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया गया.

    पिछले सप्ताह शनिवार और रविवार को होर्मुज़ स्ट्रेट से 31 जहाज़ गुज़रे थे.

  2. त्विषा शर्मा मौत केस: पति और सास के ख़िलाफ़ सीबीआई ने दाख़िल की चार्जशीट, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    त्विषा और उनके पति समर्थ सिंह

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    इमेज कैप्शन, त्विषा के पति समर्थ सिंह ने 22 मई को जबलपुर में सरेंडर किया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    मध्य प्रदेश के भोपाल में 33 साल की त्विषा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने उनके पति समर्थ सिंह और पूर्व जज रहीं उनकी सास गिरिबाला सिंह के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल की है.

    सीबीआई ने दोनों के ख़िलाफ़ दहेज प्रताड़ना और मृत्यु, आत्महत्या के लिए उकसाने और क्रूरता से जुड़ी धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं. इसके अलावा चार्जशीट में दहेज निषेध कानून की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं.

    सीबीआई ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु के लिए सज़ा, धारा 85 के तहत पति या रिश्तेदार की ओर से क्रूरता और धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप लगाए हैं.

    इसके अलावा बीएनएस की धारा 3(5) के तहत साझा आपराधिक मंशा से किए गए काम और दहेज विरोधी अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत भी आरोप लगाए गए हैं.

    सीबीआई की चार्जशीट पर त्विषा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि सीबीआई ने मजिस्ट्रेट से आगे की जांच की अनुमति भी मांगी है.

    उन्होंने कहा, "90 दिन की जांच के दौरान सामने आए सबूतों के आधार पर कुछ और लोगों की भूमिका की जांच की जा सकती है. अगर उनकी भूमिका सामने आती है या नए सबूत मिलते हैं तो सीबीआई सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है."

    Twisha

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    इमेज कैप्शन, पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और पूर्व जज उनकी सास गिरिबाला सिंह के ख़िलाफ़ दहेज प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    क्या है पूरा मामला?

    त्विषा शर्मा का शव 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में मिला था. उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी.

    त्विषा की मौत के बाद उनके परिवार ने ससुराल में त्विषा के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे.

    मामले की जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में त्विषा के शरीर पर छह चोटों का ज़िक्र किया गया था. मौत की वजह फांसी बताई गई थी.

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर 24 मई को एम्स (दिल्ली) के डॉक्टरों की एक टीम ने त्विषा का दूसरा पोस्टमार्टम किया. इसी दौरान मध्य प्रदेश सरकार की अनुशंसा के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई.

  3. कार्टून: पी फॉर प्रोटेस्ट

    स्कूली बच्चों के प्रदर्शन पर आज का कार्टून
    इमेज कैप्शन, स्कूली बच्चों के प्रदर्शन पर आज का कार्टून
  4. कांग्रेस ने कहा, बीजेपी-आरएसएस के लिए 2026 अपमानजनक साल बनता जा रहा है

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति के मामले में निर्देश जारी किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में चल रही कार्यवाही को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया.

    इस मामले पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "बीजेपी-आरएसएस के लिए 2026 अपमानजनक घटनाओं का साल बनता जा रहा है. वे राहुल जी को जितना बांधने की कोशिश करते हैं, रस्सी उतनी ही तेज़ी से टूटती जाती है."

    पवन खेड़ा ने लिखा, "ईडी, सीबीआई, एसएफ़आईओ, सीबीडीटी, वित्त मंत्रालय, एमसीए और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को इस मामले के संबंध में लखनऊ हाई कोर्ट में आगे कोई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने से रोक दिया है."

    लाइव लॉ के अनुसार, राहुल गांधी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीबीआई और ईडी को भी निर्देश दिया कि वे इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष कोई रिपोर्ट दाख़िल न करें.

    इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दोनों केंद्रीय एजेंसियों को राहुल गांधी के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने के निर्देश दिए थे.

    मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ को बताया गया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को निर्धारित की है.

    इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की कार्यवाही को अगले आदेश तक स्थगित रखने का निर्देश दिया.

    राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में एक अलग याचिका भी दायर की है, जिसमें उन्होंने इस मामले की कार्यवाही को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की है.

  5. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- नए संशोधन से पुरानी ट्रांसजेंटर पहचान पर असर नहीं

    एलजीबीटीक्यू कम्युनिटी की एक सपोर्टर (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, नए संशोधन के ज़रिए जेंडर की स्वयं पहचान करने का अधिकार ख़त्म कर दिया गया था. (फ़ाइल फ़ोटो)

    लाइव लॉ के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पहले से जारी किए जा चुके ट्रांसजेंडर पहचान पत्र, ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2026 से प्रभावित नहीं होंगे.

    सुप्रीम कोर्ट ने साल 2026 के संशोधन को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की.

    इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ को बताया कि पहले जारी किए गए ट्रांसजेंडर पहचान पत्र जारी रहेंगे.

    नए संशोधन के ज़रिए जेंडर की स्वयं पहचान करने का अधिकार ख़त्म कर दिया गया था.

    इससे पहले अदालत ने याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाई गई इस चिंता पर केंद्र से जवाब मांगा था कि साल 2026 के संशोधन से पहले ट्रांसजेंडर कार्ड पा चुके लोगों के अधिकार प्रभावित हुए हैं.

    3 अगस्त को सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा था कि 2026 का संशोधन उन अधिकारों को प्रभावित नहीं कर सकता जो पहले ही दिए जा चुके हैं.

  6. इंस्टाग्राम पर बीबीसी की पड़ताल के बाद दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को नोटिस, दिव्या आर्य, बीबीसी आई रिपोर्टर

    मेटा

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    इमेज कैप्शन, बीबीसी आई ने अपनी पड़ताल में पाया कि इंस्टाग्राम भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों को प्रचारित कर रहा है (सांकेतिक तस्वीर)

    इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों पर बीबीसी की पड़ताल का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई है.

    इसके बाद कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और विधि और न्याय मंत्रालय को नोटिस भेजा है.

    बाल अधिकारों पर काम कर रहे संगठन, 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस' और 'बचपन बचाओ आंदोलन' की ओर से दायर की गई इस याचिका में सोशल मीडिया कंपनियों के आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का ठीक से पालन ना करने पर चिंता जताई गई है.

    याचिका में कहा गया है, "बीबीसी पर प्रकाशित रिपोर्ट में ये पाया गया है कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के पेड विज्ञापन इंस्टाग्राम पर चलाए गए, जिन्होंने यूज़र्स को टेलीग्राम से जोड़ा, जहां इस सामग्री को ख़रीदा जा सकता है. रिपोर्ट में पाया गया कि प्रकाशन से पहले, विज्ञापन इस प्लेटफॉर्म के एक रिव्यू प्रोसेस से भी गुज़रे."

    याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि सरकार सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के बारे में दिशा-निर्देश जारी करे. पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन किए जाने पर, "आपराधिक कार्रवाई की जाए."

    याचिका की सुनवाई करने हुए सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस विनोद चन्द्रन की दो जजों वाली बेंच ने इसे "चिंता का विषय" बताया.

    इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को तय करते हुए अदालत ने सरकार से इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने को कहा.

    सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस' बनाम ‘एस. हरीश’ के केस में फ़ैसला सुनाते हुए बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के प्रचार, प्रसार और उसे सेव कर अपने पास रखने समेत तमाम मुद्दों को ग़ैर-क़ानूनी बताए हुए दिशा-निर्देश जारी किए थे.

    इस याचिका में इसी फ़ैसले का हवाला देकर सोशल मीडिया कंपनियों से उन निर्देशों के पालन करने की बात कही गई है.

  7. अमेरिकी अभिनेत्री हेडन पैनेटियर का 36 साल की उम्र में निधन

    हेडन पैनेटियर (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, हेडन पैनेटियर (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी टीवी सीरीज़ 'हीरोज' और 'नैशविल' में अपने किरदार से मशहूर हुईं अभिनेत्री हेडन पैनेटियर का 36 साल की उम्र में निधन हो गया.

    उनके पिता स्किप पैनेटियर ने एक बयान जारी कर अभिनेत्री के निधन की पुष्टि की है.

    स्किप पैनेटियर ने बीबीसी समेत अन्य मीडिया संस्थानों को दिए बयान में कहा, "हम बेहद दुख के साथ अपनी प्यारी हेडन के निधन की जानकारी साझा कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा कि 'हेडन एक असाधारण प्रतिभा थीं, जिन्होंने अपने आसपास के लोगों और पर्दे पर देखने वाले लाखों दर्शकों के जीवन में प्यार और खुशी भर दी.'

    अभिनेत्री की मौत क्यों हुई, इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है. उनके निधन की ख़बर के बाद हॉलीवुड और उनके प्रशंसकों के बीच शोक है.

    हेडन पैनेटियर को टीवी सीरीज़ 'हीरोज' में सुपरपावर वाली चीयरलीडर का किरदार निभाने के लिए ख़ास पहचान मिली थी. इसके अलावा उन्होंने 'रिमेंबर द टाइटन्स' और 'रेजिंग हेलेन' जैसी फ़िल्मों में भी अहम भूमिकाएं निभाईं.

    हेडन के पिता ने परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि परिवार इस "अकल्पनीय क्षति" से उबरने के लिए समय चाहता है.

  8. अरविंद केजरीवाल ने कहा- हाँ मैं दिमाग़ी नक्सल हूं क्योंकि मैं देशभक्त हूं

    अरविंद केजरीवाल

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    इमेज कैप्शन, केजरीवाल से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम भी ख़ुद को 'दिमाग़ी नक्सल' कह चुके हैं

    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए ख़ुद को 'दिमाग़ी नक्सल' कहा है.

    केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा, "प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमाग़ी नक्सल कौन है, जो इस देश में प्रश्न उठाने की हिम्मत करता है, जो सड़ी-गली व्यवस्था को बदलना चाहता है, जो अच्छे सरकारी स्कूल, अच्छे सरकारी अस्पताल चाहता है."

    केजरीवाल ने आगे कहा, "जो बिजली चाहता है, पानी चाहता है, जो सीवर-ड्रेनेज और अच्छी व्यवस्था चाहता है, जो भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखता है वो प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमाग़ी नक्सली है."

    उन्होंने कहा, "जो प्रधानमंत्री और बीजेपी से डरता नहीं है, जो एक विकसित भारत का सपना देखता है, वो प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमाग़ी नक्सली है. मैं प्रधानमंत्री जी को कहना चाहता हूं कि 'मैं अरविंद केजरीवाल आपके हिसाब से दिमाग़ी नक्सली हूं, क्योंकि मैं देशभक्त हूं' और मुझे इस बात का गर्व है."

    दरअसल 15 अगस्त को लाल क़िले से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था, "हथियारी नक्सल तो गए, लेकिन दिमाग़ी नक्सल मौक़े की तलाश में हैं. हिंसा अराजकता के वो रास्ते खोज रहे हैं. इन दिमाग़ी नक्सलियों को पहचानना होगा. इन दिमाग़ी नक्सलियों को आइसोलेट करना होगा."

    पीएम मोदी की इस टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों और आलोचकों ने पूछा कि 'दिमाग़ी नक्सल' से उनका मतलब किन लोगों से है.

    कुछ आलोचकों का आरोप है कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले युवाओं, बुद्धिजीवियों और विचारकों को इस तरह के शब्दों के ज़रिए निशाना बनाया जा रहा है.

  9. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में वसुंधरा राजे सिंधिया समेत इन नेताओं को मिली जगह

    नितिन नबीन ने अपनी नई टीम की घोषणा की है

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    इमेज कैप्शन, नितिन नबीन ने अपनी नई टीम की घोषणा की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय जनता पार्टी ने अपने कई वरिष्ठ नेताओं को नई ज़िम्मेदारी दी है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने की घोषणा की है.

    इसके मुताबिक़ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, दिल्ली से राम माधव, ओडिशा से बैजयंत जय पांडा और आंध्र प्रदेश से डी पुरंदेश्वरी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की ज़िम्मेदारी दी गई है.

    इनके साथ ही उत्तर प्रदेश से रेखा वर्मा, गुजरात से वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, महाराष्ट्र से भारती प्रवीण पवार, पंजाब से मनप्रीत सिंह बादल भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं.

    वहीं मध्य प्रदेश से लाल सिंह आर्या, कर्नाटक से एम नागराज, उत्तर प्रदेश से तारिक़ मंसूर और पश्चिम बंगाल से मधुचंद्र कर को भी यह ज़िम्मेदारी दी गई है.

    नई टीम में बीएल संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) की जगह दी गई है.

    इनके अलावा दो लोगों को राष्ट्रीय संयुक्त सचिव (संगठन), आठ को राष्ट्रीय महासचिव और 16 नेताओं को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है.

  10. राजस्थान के जर्जर स्कूल ठीक करें या हम पर एडवांस में एफ़आईआर कर दें: सीजेपी

    क़रीब एक साल पहले राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कम से कम सात बच्चों की मौत हो गई थी (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, क़रीब एक साल पहले राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कम से कम सात बच्चों की मौत हो गई थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशक के दिशानिर्देशों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. सीजेपी ने इस मामले में राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को सीधे चुनौती दी है.

    सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "मदन दिलावर जी या तो राजस्थान के सभी जर्जर स्कूल ठीक करें, या फिर हम पर एडवांस में एफ़आईआर करवा दें. आप हमें एडवांस में गिरफ़्तार भी कर सकते हैं. आपकी सरकार है, आपकी पुलिस है."

    उन्होंने कहा, "लेकिन हम तब तक स्कूलों का निरीक्षण नहीं रोकेंगे, जब तक राजस्थान के सभी स्कूल ठीक नहीं हो जाते."

    आशुतोष रांका ने राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशक के दिशानिर्देश को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए यह टिप्पणी की है.

    दरअसल राजस्थान के सरकारी स्कूलों में लगातार सामने आ रहे छात्र विरोध के बीच शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और फ़ोटो-वीडियोग्राफ़ी को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

    यह आदेश ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए 'स्कूल ठीक करो अभियान' शुरू करने का एलान किया है.

    सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा था, "मेरे पास नौ ज़िलों के स्कूलों के निरीक्षण के लिए शिकायतें पहुंची हैं और सीजेपी प्रदेशभर में अभियान चलाएगी."

    राजस्थान में जारी आदेश के मुताबिक़, स्कूलों में प्रवेश के दौरान विज़िटर रजिस्टर में एंट्री भी करनी होगी. क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल, टॉयलेट समेत अन्य जगह भी अधिकृत शिक्षक और अधिकारी के साथ ही प्रवेश किया जा सकेगा.

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस आदेश का विरोध करते हुए इसे 'तानाशाही' बताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है.

    उन्होंने कहा, "सरकार स्कूलों की टूटी छतों, टपकती कक्षाओं और शिक्षकों की कमी को दूर करने के बजाय उनकी बदहाली छिपाना चाहती है."

  11. अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.

  12. आय से अधिक संपत्ति मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीबीआई और ईडी को निर्देश दिया कि वे इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष कोई रिपोर्ट दाख़िल न करें (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति के मामले में निर्देश दिया है.

    सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया.

    दरअसल, इस मामले में राहुल गांधी के ख़िलाफ़ सीबीआई और ईडी से जांच कराने की मांग की गई है.

    लाइव लॉ के अनुसार, राहुल गांधी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीबीआई और ईडी को भी निर्देश दिया कि वे इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष कोई रिपोर्ट दाख़िल न करें.

    इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दोनों केंद्रीय एजेंसियों को राहुल गांधी के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने के निर्देश दिए थे.

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ को बताया गया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को निर्धारित की है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की कार्यवाही को अगले आदेश तक स्थगित रखने का निर्देश दिया.

    राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में एक अलग याचिका भी दायर की है, जिसमें उन्होंने इस मामले की कार्यवाही को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की है.

  13. सीजेपी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बाद राजस्थान के शिक्षा विभाग ने जारी किया ये आदेश, मोहर सिंह मीणा, बीबीसी हिन्दी के लिए

    भजनलाल शर्मा

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    इमेज कैप्शन, आदेश के मुताबिक़ प्रधानाचार्य या संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा (फ़ाइल फ़ोटो: सीएम भजनलाल शर्मा)

    राजस्थान के सरकारी स्कूलों में लगातार सामने आ रहे छात्र विरोध के बीच शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और फ़ोटो-वीडियोग्राफ़ी को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

    माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक़ प्रधानाचार्य या संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

    यह आदेश ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने का एलान किया है.

    आदेश के मुताबिक़, स्कूलों में प्रवेश के दौरान विज़िटर रजिस्टर में एंट्री भी करनी होगी. क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल, टॉयलेट समेत अन्य जगह भी अधिकृत शिक्षक और अधिकारी के साथ ही प्रवेश किया जा सकेगा.

    आदेश में स्टूडेंट्स और टीचर्स की फ़ोटो, वीडियो, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए भी प्रिंसिपल की पूर्व लिखित अनुमति ज़रूरी की गई है.

    शिक्षा विभाग ने इस आदेश के पीछे बच्चों की सुरक्षा, गरिमा और निजता की रक्षा तथा अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाने का तर्क दिया है.

    बिना अनुमति प्रवेश या फ़ोटो-वीडियोग्राफ़ी करने पर पुलिस और ज़िला शिक्षा अधिकारी को सूचना देने का भी प्रावधान है.

    विपक्ष ने आदेश का विरोध किया

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आदेश का विरोध करते हुए इसे 'तानाशाही आदेश' बताया और तत्काल वापस लेने की मांग की है.

    उन्होंने कहा, "सरकार स्कूलों की टूटी छतों, टपकती कक्षाओं और शिक्षकों की कमी को दूर करने के बजाय उनकी बदहाली छिपाना चाहती है."

    जूली ने कहा कि आदेश वापस नहीं हुआ तो कांग्रेस सविनय अवज्ञा आंदोलन करेगी.

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह ने भी सरकार पर पारदर्शिता से बचने का आरोप लगाया और कहा कि विद्यालयों की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोकना समाधान नहीं है.

    दूसरी ओर, सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा, "मेरे पास नौ ज़िलों के स्कूलों के निरीक्षण के लिए शिकायतें पहुंची हैं और सीजेपी प्रदेशभर में अभियान चलाएगी."

  14. मक्का समझौता: ट्रंप के बयान के बाद क्या बोले पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़

    शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का समझौता का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वागत किया है. इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया आई है.

    शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर पोस्ट किया, "मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दिए गए समर्थन के लिए मैं उनका दिल से आभार व्यक्त करता हूं."

    "सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर पाकिस्तान अपने साथी देशों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता रहेगा."

    उन्होंने कहा, "मैं एक बार फिर राष्ट्रपति ट्रंप के साहसिक और निर्णायक नेतृत्व की सराहना करना चाहता हूं, जिसने दक्षिण एशिया में परमाणु तबाही को टालने और लाखों लोगों की जान बचाने में मदद की. हमारे लोगों के उज्ज्वल और ख़ुशहाल भविष्य के लिए लंबे समय तक बनी रहने वाली शांति सबसे ज़रूरी है."

    गौरतलब है कि इससे पहले ट्रंप ने मक्का समझौते में शामिल तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए इसे एक 'बोल्ड स्टेप' बताया था.

  15. बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने चिदंबरम की ‘दिमाग़ी नक्सली’ वाली टिप्पणी पर क्या कहा

    सुधांशु त्रिवेदी

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    इमेज कैप्शन, सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि चिदंबरम खुद कह रहे हैं कि वो 'दिमाग़ी नक्सली' हैं

    भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के ‘दिमाग़ी नक्सली’ वाले बयान पर निशाना साधा है.

    दरअसल, चिदंबरम ने कहा था कि उन्हें ‘दिमाग़ी नक्सली' होने पर गर्व है.

    इस पर पलटवार करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, हम लोग आश्चर्य में हैं कि मात्र 24 घंटे के अंदर किसके दिमाग़ में नक्सली दिमाग़ था वो खुद निकलकर सामने आ गया. पूर्व गृह मंत्री, पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पी. चिदंबरम ने खुद आकर कहा कि उन्हें दिमाग़ी नक्सली होने पर गर्व है. कितने आश्चर्य की बात है."

    "मैं कांग्रेस पार्टी और पी. चिदंबरम को याद दिलाना चाहता हूं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 13 अप्रैल 2006 को कहा था कि इसे कहने में अतिशयोक्ति नहीं होगी कि नक्सलवाद का खतरा भारत के इतिहास में आज तक आंतरिक सुरक्षा के लिए उत्पन्न सबसे बड़ा खतरा है."

    उन्होंने कहा, "31 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने उस चीज को जिसे मनमोहन सिंह समझ गए थे, वह कार्य सिद्ध करके दिखाया. लेकिन देश के एक ऐसे पूर्व गृह मंत्री हैं, जिसे इस पर गर्व हो रहा है कि वे 'दिमाग़ी नक्सली' हैं."

    सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि क्या मनमोहन सिंह सही हैं या आज के आपके स्वघोषित 'दिमाग़ी नक्सली' पी. चिदंबरम."

    उल्लेखनीय है कि 'दिमाग़ी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए गए अपने भाषण में किया था.

  16. 382 करोड़ रुपए में बिकी फ़रारी की ये कार, ये है ख़ासियत, ओसमंड चिया, बिज़नेस रिपोर्टर

    फ़रारी लूचे

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    फ़रारी की पहली फ़ुल इलेक्ट्रिक कार एक नीलामी में 4 करोड़ डॉलर यानी क़रीब 382 करोड़ रुपए में बिकी. ये नीलामी एक चैरिटी के लिए हुई.

    इसके साथ ही यह नीलामी में बिकने वाली किसी नई कार की अब तक की सबसे ज़्यादा कीमत का रिकॉर्ड बन गया है.

    अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में हुई इस नीलामी में फ़रारी लूचे नाम की ये कार सामान्य कीमत से 35 गुना से भी अधिक में बिकी. नीलामी घर ने बताया कि यह कार "पहली प्रोडक्शन चेसिस" है और इसमें खास फिनिश के साथ कई कस्टम पार्ट्स लगाए गए हैं.

    लूचे को आईफ़ोन के डिज़ाइनर सर जॉनी आइव के दिमाग की उपज माना जाता है. इसे मई में लॉन्च किए जाने के बाद कुछ लोगों ने इसकी आलोचना की थी. उनका कहना था कि यह फ़रारी के पारंपरिक डिज़ाइन से अलग है. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बैटरी से चलने वाली और पांच सीटों वाली कार बनाने से ब्रांड की पहचान का खो गई है.

    आयोजकों ने बताया कि इस बिक्री से मिली पूरी रकम फ़रारी फ़ाउंडेशन के शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए दान की जाएगी.

    इस कस्टम लूचे कार को ख़रीदने वाले व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया है. बीबीसी ने अधिक जानकारी के लिए नीलामी घर और फ़रारी से संपर्क किया है.

    लूचे की लॉन्चिंग को हाल के वर्षों में किसी नई कार की सबसे बड़ी लॉन्चिंग में से एक माना गया था.

    लेकिन लूचे की लॉन्चिंग के अगले दिन फ़रारी के शेयरों में गिरावट आई थी. कार को लेकर हुई आलोचना के बाद शेयर गिरे थे.

    कार की आलोचना करने वालों में इटली के उप प्रधानमंत्री मातेओ साल्विनी और फ़रारी के पूर्व चेयरमैन लुका कोर्डेरो दी मॉन्टेज़ेमोलो भी शामिल थे. मॉन्टेज़ेमोलो ने कहा था कि यह कार "एक किंवदंती को ख़त्म करने का जोखिम उठा रही है."

    फ़रारी के चीफ़ डिज़ाइन ऑफिसर फ्लावियो मांज़ोनी ने मई में एक इंटरव्यू में कहा था कि आलोचना इनोवेशन की प्रक्रिया का हिस्सा है और उन्हें भरोसा है कि लोग धीरे-धीरे लूचे को पसंद करने लगेंगे.

    कंपनी ने लूचे की बिक्री का कोई लक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया है. लेकिन फ़ाइनेन्शियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में मजबूत मांग के कारण फ़रारी इस साल का अपना बिक्री लक्ष्य हासिल कर चुकी है.

    बीबीसी ने फ़ाइनेन्शियल टाइम्स की इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया के लिए फ़रारी से संपर्क किया, लेकिन कंपनी ने जवाब नहीं दिया.

    नीलामीकर्ता ने एक बयान में कहा कि नीलामी में बेची गई यह कार लूचे की पहली प्रोडक्शन कार को ख़रीदने का "बेजोड़ मौक़ा" थी.

    इस कार में खास पहिए, कस्टमाइज़्ड ब्रेक और सफेद रंग का फ़िनिश है.

    फ़रारी की कारें अक्सर कारों की नीलामी में सबसे ऊंची कीमत हासिल करती हैं.

    हालांकि, नीलामी में अब तक की सबसे अधिक कीमत का मौजूदा रिकॉर्ड साल 1955 में बनी मर्सिडीज़-बेंज़ 300 एसएलआर ऊलनहाउट कूप के नाम है. यह कार 2022 में 14.2 करोड़ डॉलर यानी क़रीब 1356 करोड़ रुपए में बिकी थी.

  17. किम जोंग उन के साथ 'अच्छे रिश्तों' के कारण ट्रंप ने दक्षिण कोरिया को लेकर उठाया ये क़दम

    डोनाल्ड ट्रंप और किम जॉन्ग उन

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    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका, दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में ‘काफ़ी कमी’ करेगा.

    उन्होंने इसकी वजह उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने ‘बहुत अच्छे रिश्ते’ को बताया.

    उन्होंने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह भी कहा कि दक्षिण कोरिया ने हाल ही में ईरान के "परमाणु निरस्त्रीकरण" के अभियान में अमेरिका के साथ शामिल होने से इनकार कर दिया था.

    ट्रंप ने लिखा, "ये सैन्य अभ्यास न सिर्फ़ महंगे हैं, जिनका बड़ा हिस्सा हमेशा की तरह अमेरिका ही उठाता है, बल्कि इनसे ऐसा संदेश भी जाता है जो पूरी तरह अनुचित और शत्रुतापूर्ण है."

    दक्षिण कोरिया ने कहा है कि अमेरिका के साथ होने वाले सैन्य अभ्यास "तय कार्यक्रम के मुताबिक" जारी रहेंगे. उत्तर कोरिया ने अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब उत्तर कोरिया ने इसी महीने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण किए हैं.

    ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अब अभ्यास रद्द करने में "बहुत देर हो चुकी है.", क्योंकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया सोमवार से अपना वार्षिक सैन्य अभ्यास शुरू करने वाले हैं.

    उन्होंने आगे लिखा, "मैंने हाल ही में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से पूछा था कि क्या वे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण में हमारे साथ शामिल होना चाहेंगे. उन्होंने कहा, 'नहीं, शुक्रिया!'"

    ट्रंप का यह बयान उनके और किम जोंग उन की 2019 की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट करने के 24 घंटे से भी कम समय बाद आया. तस्वीर के साथ ट्रंप ने लिखा था कि दोनों "बहुत अच्छे दोस्त" हैं, भले ही इस खास तस्वीर में दोनों के चेहरे के भाव दोस्ताना नज़र नहीं आ रहे हैं.

  18. योग गुरु रामदेव ने कहा- बच्चे आंदोलन करेंगे तो पढ़ेंगे कब

    रामदेव

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    इमेज कैप्शन, योग गुरु रामदेव ने कहा कि वो शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करते हैं, लेकिन अराजक आंदोलन का नहीं (फ़ाइल स्टोरी)

    योग गुरु रामदेव ने कहा है कि आंदोलन में बच्चों को नहीं धकेलना चाहिए. उनका कहना है कि बच्चे आंदोलन करेंगे तो पढ़ेंगे कब.

    रामदेव ने रविवार को कहा कि वो शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करते हैं, लेकिन अराजक आंदोलन का नहीं.

    रामदेव ने मीडिया से बातचीत कहा, "देश के बचपन ख़तरे में हैं. इसलिए इस समय देश का सबसे बड़ा मुद्दा यही है. कुछ लोग बचपन का इस्तेमाल आंदोलन में कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "यदि देश का बच्चा प्राइमरी स्कूल में पढ़ रहा है और आप उसको आंदोलन में धकेल देंगे, तो बच्चा पढ़ेगा कब. उसको पता ही नहीं कि आंदोलन क्या होता है. लेकिन आपने उसको आंदोलन में धकेल दिया कि जाओ तुम भी थाने का घेराव करो, सड़कों पर उतर जाओ, डीएम-एडीएम का घेराव करो. छोटे बच्चों को आंदोलन में नहीं धकेलना चाहिए, ऐसा पूरी दुनिया में कहीं नहीं होता."

    "देश में अराजक आंदोलन तो नहीं होना चाहिए, लेकिन संवैधानिक, लोकतांत्रिक और नैतिक मूल्यों पर आधारित आंदोलन होने चाहिए. आंदोलन के नाम पर अराजकता नहीं होनी चाहिए. देश की शिक्षा और चिकित्सा को लेकर गहरे प्रश्न हैं, उनका समाधान होना चाहिए."

    रामदेव ने कहा, "यह किसी एक व्यक्ति के सामर्थ्य की बात नहीं है कि वो देश की व्यवस्था बदल सके. इसके लिए तीन स्तर पर जागरूकता चाहिए. सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर की जागरूकता चाहिए."

    उन्होंने दोहराया, "मैं अराजक आंदोलन का समर्थक नहीं हूं, लेकिन शांतिपूर्ण आंदोलन से तो देश को आज़ादी मिली."

    इससे पहले रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश में शिक्षा और नौकरी से जुड़ी दिक़्कतों पर नाराज़गी ज़ाहिर की थी.

    उन्होंने कहा था कि सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में 90 से 99% तक घोटाला होता है.

  19. पश्चिम बंगाल: बीरभूम के एक होटल में लगी आग, छह लोगों की मौत, प्रभाकर मणि तिवारी, बीबीसी हिन्दी के लिए

    आग

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    इमेज कैप्शन, पुलिस ने जानकारी दी है कि हादसे में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं (सांकेतिक तस्वीर)

    पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के तारापीठ में सोमवार तड़के एक होटल में भीषण आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई.

    पुलिस ने जानकारी दी है कि हादसे में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. होटल मालिक कल्याण पाल गिरफ्तार कर लिए गए हैं.

    बीरभूम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीलेश श्रीकांत गायकवाड ने पत्रकारों को बताया है कि अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है.

    उन्होंने बताया की 12 लोगों को रामपुरहाट होस्पिटल में भर्ती कराया गया है.

    हालांकि स्थानीय लोगों ने सात लोगों की मौत का दावा किया है. पुलिस ने अब तक सातवीं मौत की पुष्टि नहीं की है.

    आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया.

    हादसे के बाद होटल में राहत और बचाव अभियान चलाया गया. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

  20. पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए रक्षा समझौते पर ये बोले डोनाल्ड ट्रंप

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए इसे एक 'बोल्ड स्टेप' बताया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर प्रतिक्रिया दी है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए इसे एक 'बोल्ड स्टेप' बताया है.

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "यह देखकर बहुत ख़ुशी हुई कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने हाल ही में मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं."

    "यह दिखाता है कि मध्य पूर्व एक साथ आ रहा है और देश आख़िरकार अपने बचाव के लिए पहले से ज़्यादा मज़बूत तरीक़े से क़दम उठा सकेंगे."

    उन्होंने लिखा, "तीनों देशों के महान नेतृत्व को बधाई. यह एक बड़ा, मज़बूत और अहम क़दम है- वाह."

    उल्लेखनीय है कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में कहा गया है कि यदि इन तीनों (सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान) देशों में से किसी भी एक देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा.