ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता ख़ामेनेई का पार्थिव शरीर उनके जन्मस्थान ले जाया गया, कुछ देर में होगा अंतिम संस्कार

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ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई को कुछ समय बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा.
इसके लिए उनके पार्थिव शरीर को विमान से गुरुवार की दोपहर को ईरान के सबसे पवित्र शहर मशहद पहुँच गया. मशहद में ही उन्हें दफ़्न किया जाएगा. यह शहर उनका जन्मस्थान भी है और शिया मुसलमानों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है.
कर्बला स्थित इमाम हुसैन दरगाह में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शोकाकुल लोगों की भीड़ शामिल हुई.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से संबद्ध तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, पिछले कई दिनों से जारी अंतिम संस्कार समारोहों का अंतिम चरण स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगा.
अंतिम रस्म-ए-दफ़्न मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह परिसर में अदा की जाएगी.
भारत और ईरान के समय के बीच लगभग दो घंटे का अंतर है. ऐसे में यह समारोह भारतीय समयानुसार शाम करीब 4 बजे शुरू होने की संभावना है.
पिछले छह दिनों के दौरान ख़ामेनेई के ताबूत को ईरान और इराक़ के विभिन्न शहरों में आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था.
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों और दुनिया भर से आए क़रीब डेढ़ करोड़ लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कथित तौर पर स्वीकार किया था कि ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ देखकर वे आश्चर्यचकित हैं.
इस अंतिम संस्कार के कवरेज के लिए सैकड़ों विदेशी पत्रकारों को अनुमति दी गई है. ईरान में इस तरह बड़े पैमाने पर विदेशी मीडिया को पहुंच देना असामान्य माना जाता है.
























