लाइव, मशहद में भारी भीड़ के चलते बदला गया ख़ामेनेई के जनाज़े का रास्ता
ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई और उनके परिवार के मृत चार सदस्यों के ताबूत ले जा रहे वाहन को अंतिम यात्रा के तय मार्ग से हटा दिया गया है.
मशहद में भारी भीड़ के चलते बदला गया ख़ामेनेई के जनाज़े का रास्ता
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इमेज कैप्शन, सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक़, भारी भीड़ के कारण मशहद के दानेश चौराहे के पास वाहन का मार्ग बदल दिया गया
ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई और उनके परिवार के मृत चार सदस्यों के ताबूत ले जा रहे वाहन का रास्ता अंतिम यात्रा के तय मार्ग से बदल दिया गया है.
अब उन्हें दफ़न करने से जुड़ी रस्म के लिए हेलीकॉप्टर के ज़रिए दरगाह तक ले जाया जाएगा.
योजना के अनुसार, ताबूतों को आठवें शिया इमाम, इमाम रज़ा की दरगाह में नमाज़-ए-जनाज़ा और दफ़न की रस्म के लिए ले जाया जाना था.
सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक़, भारी भीड़ के कारण मशहद के दानेश चौराहे के पास वाहन का मार्ग बदल दिया गया.
इसके बाद ताबूतों को हेलीकॉप्टर से दरगाह तक पहुंचाने के लिए चम-ए-फ़िरदौसी मैदान की ओर ले जाया गया.
कुछ देर पहले ईरान के सरकारी प्रसारक ने टेलीविज़न पर एक हेलीकॉप्टर की तस्वीर भी प्रसारित की.
इससे पहले गुरुवार को ही अली ख़ामेनेई के पार्थिव शरीर को विमान से ईरान के सबसे पवित्र शहर मशहद पहुँचाया गया. मशहद में ही उन्हें दफ़न किया जाएगा.
यह शहर उनका जन्मस्थान भी है और शिया मुसलमानों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है.
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इमेज कैप्शन, ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई को सुपुर्द-ए-ख़ाक़ करने के लिए ले जाने के तय मार्ग को भीड़ के चलते बदल दिया गया
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इमेज कैप्शन, ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई का अंतिम संस्कार उनके जन्मस्थान मशहद में हो रहा है
तीन जुलाई से शुरू हुई अंतिम विदाई की रस्में गुरुवार को दफ़नाने के साथ समाप्त होंगी.
एथेनॉल मिला पेट्रोल 70 रुपये प्रति लीटर मिलना चाहिए- केजरीवाल
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इमेज कैप्शन, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की कीमतों में कमी की मांग की है (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की कीमतों में कमी की मांग की है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा,
"देश में शुद्ध पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर मिलना चाहिए. अगर ई20 ईंधन की आपूर्ति की जाती है, तो इसके मौजूदा दाम 102 रुपये प्रति लीटर के बजाय क़रीब 70 रुपये प्रति लीटर होना चाहिए."
एक्स पर अपना वीडियो पोस्ट करके उन्होंने कहा, "मैंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हालिया इंटरव्यू देखे, जिनमें वे एथेनॉल को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दे रहे थे. इससे साफ़ है कि सरकार फ़िलहाल एथेनॉल मिले पेट्रोल पर कोई विशेष राहत देने के पक्ष में नहीं है."
उन्होंने कहा, "आम लोग कह रहे हैं कि एथेनॉल पेट्रोल से हमारी कारों के इंजन ख़राब हो रहे हैं, मगर वो (हरदीप पुरी) कह रहे हैं कि मैं नहीं मानता कि ये ख़राब हो रहे हैं."
केजरीवाल ने कहा, "आम लोगों की मांग है कि एथेनॉल वाला पेट्रोल, सामान्य पेट्रोल के मुकाबले सस्ता हो, मगर उनके बयानों से लगता है कि कोई रियायत नहीं मिलेगी. फिर लोग इसे क्यों खरीदेंगे."
केजरीवाल ने कहा, "इतना अहंकार ठीक नहीं है. जब बड़ी संख्या में लोग किसी मुद्दे पर अपनी चिंता जता रहे हों, तो उनकी बात न सुनना तानाशाही जैसा रवैया है."
इससे एक दिन पहले केजरीवाल ने कहा था कि वह एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर देश की 29 ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर कंपनियों को पत्र लिख रहे हैं, ताकि इस मुद्दे पर उनका आधिकारिक रुख़ जाना जा सके.
चीन की एक फ़ैक्ट्री में आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, शिनजियांग में जूता फ़ैक्ट्री में हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है
चीन के दक्षिण-पूर्वी शहर शिनजियांग में एक जूता फ़ैक्ट्री में लगी आग में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई है. यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने दी है.
शिन्हुआ के वीडियो में फैक्ट्री की इमारत से आग की ऊंची लपटें और काले धुएं का विशाल गुबार उठता दिखाई दे रहा है. कुछ लोग इमारत की छत पर फंसे हुए भी नज़र आए.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि इस हादसे में 'बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है.' उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.
फ़ुजियान प्रांत में स्थित शिनजियांग को अक्सर चीन की 'शू कैपिटल' कहा जाता है. यह जूता निर्माण का एक बड़ा केंद्र है.
एक अनुमान के मुताबिक़, यहां दुनिया के 20 प्रतिशत फ़ुटवियर का निर्माण होता है.
यह आग गुरुवार को स्थानीय समयानुसार, दोपहर करीब 12 बजे हुईतेंग फ़ुटवियर फ़ैक्ट्री में लगी.
सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, राहत और बचाव कार्य के लिए करीब 500 कर्मियों को मौके पर भेजा गया.
अमेरिकी हमलों के बीच गुरुवार को होर्मुज़ स्ट्रेट से आवाजाही ठप
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इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट
अमेरिका और ईरान के जवाबी हमलों के बीच होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है.
शिपिंग डेटा और अन्य स्रोतों के अनुसार, गुरुवार को होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई.
केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार तड़के तक केवल दो तेल टैंकर ही होर्मुज़ से गुजर पाए थे.
इस बीच, ईरान के प्रमुख परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निकट स्थित बुशहर और बंदर अब्बास में विस्फोटों की ख़बरें सामने आई हैं.
तेहरान का कहना है कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत, बहरीन और क़तर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है.
जॉर्डन ने कहा है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई आठ मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने नागरिक ढांचे पर हुए अमेरिकी हमलों को 'युद्ध अपराध' करार दिया है.
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इमेज कैप्शन, उत्तरी ईरान में एक रेलवे ब्रिज को निशाना बनाया गया है
बीबीसी वेरिफ़ाई ने ईरानी मीडिया की ओर से जारी उन वीडियो और तस्वीरों की पुष्टि की है, जिनमें उत्तरी ईरान के अक़-क़ला शहर में एक रेलवे पुल को हुए नुक़सान को दिखाया गया है.
ईरान पर हमलों का असर वहां के पेट्रोकेमिकल उद्योग पर पड़ता दिख रहा है.
यहां के माहशहर पेट्रोकेमिकल विशेष आर्थिक क्षेत्र संगठन ने एक नोटिस जारी कर कहा है कि युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए 10 जुलाई से कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की संख्या में लगभग 70 प्रतिशत की कटौती की जाएगी.
मशहर पेट्रोकेमिकल विशेष आर्थिक क्षेत्र दक्षिण-पश्चिमी ईरान में फ़ारस की खाड़ी के तट पर स्थित है.
यह इलाका ईरान के पेट्रोकेमिकल उद्योग के प्रमुख केंद्रों में से एक माना जाता है. देश के पेट्रोकेमिकल उत्पादन और निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से संचालित होता है.
तृणमूल कांग्रेस के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए टीएमसी के तीनों पूर्व सांसद
तृणमूल कांग्रेस के तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों
सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बड़ाईक और सुखेंदु शेखर राय ने गुरुवार को कोलकाता में भाजपा का दामन थाम लिया.
उन्होंने साल्ट लेक स्थित पार्टी के दफ़्तर में
प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य की मौजूदगी में भाजपा का झंडा थामा.
प्रदेश अध्यक्ष शमीक
ने पत्रकारों से कहा, "इन तीनों का भाजपा में शामिल होना एक अपवाद है.
पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के दागी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल
नहीं करने की अपनी नीति पर अडिग है."
उन्होंने कहा कि बीजेपी, तृणमूल
कांग्रेस में रहे साफ़-सुथरी छवि वाले नेताओं को साथ लेने के खिलाफ़ नहीं है.
अब इन तीनों पूर्व सांसदों के भाजपा में शामिल
होने के बाद यह क़यास तेज़ हो रहे हैं कि क्या बीजेपी इस बार राज्यसभा की तीनों सीटों
पर इनको ही उम्मीदवार बनाएगी?
इस सवाल पर शमीक ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया.
उनका कहना था कि "क़यास जारी रहने दें."
पश्चिम बंगाल में इन तीनों नेताओं के इस्तीफे़ से खाली हुई राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 24 जुलाई को उपचुनाव होना है.
टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर ने आठ जून
को राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी से इस्तीफ़ा दिया था.
उसके बाद 10 और 11 जून को सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक ने भी पार्टी और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी
थी.
बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद शमीक
भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल
नहीं करने की बात कही थी.
लेकिन अब उनका कहना है कि तृणमूल में रहते हुए भ्रष्टाचार
में शामिल नहीं होने वाले नेताओं को साथ लेने पर विचार किया जा सकता है.
इस मौके पर सुखेंदु शेखर और सुष्मिता देव ने भी
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस को घेरा. सुष्मिता ने कहा कि उन पर
तृणमूल में रहते हुए भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा था. सुखेंदु ने भी यही दावा
किया.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील अहम क्यों है? | दिनभर
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राम मंदिर चढ़ावे की जांच को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता ने उठाए सवाल; एसआईटी प्रमुख को लेकर ये कहा
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत राम मंदिर दान मामले से जुड़ी कथित फ़र्ज़ी रसीद पुस्तिकाओं की बरामदगी को लेकर प्रतिक्रिया दी है
राम मंदिर दान मामले से जुड़ी कथित फ़र्ज़ी रसीद पुस्तिकाओं की बरामदग़ी पर कांग्रेस नेता और प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भाजपा पर निशाना साधा है.
उन्होंने पीटीआई से कहा, "जब चंदे में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हों, 'फ़र्ज़ी दान पेटियां' मिलने की बातें सामने आ रही हों और प्रभावशाली लोगों को एसआईटी के नाम पर संरक्षण दिया जा रहा हो, तब भाजपा का यह पूरा अभियान लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश जैसा लगता है."
राजपूत ने एसआईटी की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने कहा, "जब एसआईटी प्रमुख के ख़िलाफ़ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 465 के तहत मामले दर्ज़ हों, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है."
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मूल मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है.
उनके अनुसार, मामला सिर्फ़ कथित रूप से छोटी रकम बांटने तक सीमित नहीं है, क्योंकि इस संबंध में आठ आरोपियों को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है.
राजपूत ने कहा कि जांच का दायरा उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जिन पर बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं.
कार्टून: चलो कुछ और बर्बाद करते हैं
इमेज कैप्शन, ईरान के लेकर ट्रंप के बयान पर आज का कार्टून
ब्रेकिंग न्यूज़, ईरानी मीडिया का दावा- अमेरिका ने बुशहर परमाणु प्लांट को बनाया निशाना
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इमेज कैप्शन, ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र का दृश्य (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के सरकारी समर्थन वाले मीडिया संस्थानों
ने दावा किया है कि गुरुवार दोपहर बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया
गया.
यह ईरान का एकमात्र सक्रिय परमाणु ऊर्जा संयंत्र है और देश के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं के केंद्र में रहा है.
बीबीसी फ़ारसी के अनुसार, बुशहर प्रांत के एक
उप-गवर्नर के बयान को ईरानी मीडिया में प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें कहा गया
है कि अमेरिकी हमले में दागे गए प्रोजेक्टाइल इस संयंत्र की बाहरी परिधि में आकर
गिरे.
हालांकि, अमेरिका ने इन
ताज़ा हमलों पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.
इससे पहले, ईरानी समाचार स्रोतों ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि बुशहर में दो धमाकों की आवाज़ सुनी गई.
दक्षिण-पश्चिमी ईरान में फारस की खाड़ी के तट पर स्थित यह एक प्रमुख ऐतिहासिक बंदरगाह और औद्योगिक शहर है. आज सुबह अमेरिका ने इस प्रांत के कुछ ठिकानों को निशाना बनाया था.
जॉर्डन ने कहा- कई ईरानी मिसाइलों को नाक़ाम किया
इस बीच, पिछले कुछ घंटों के दौरान जॉर्डन के ऊपर ईरान की कई मिसाइलों को मार गिराए जाने की भी खबरें सामने आई हैं.
जॉर्डन सरकार के एक प्रवक्ता ने सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा को बताया है कि शुक्रवार दोपहर ईरान से दागी गई मिसाइलें जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद सायरन बजाए गए.
प्रवक्ता के अनुसार, यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया ताकि लोगों को संभावित ख़तरे के बारे में चेतावनी दी जा सके.
चीन-तुर्कमेनिस्तान-ईरान रेल गलियारे के एक पुल पर हमला, आईआरजीसी ने क्या बताया
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इमेज कैप्शन, आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी हमलों में शुक्रवार रात आका-क़ला काउंटी के कई स्थानों को निशाना बनाया गया
ईरान के लिए सामरिक रूप से अहम एक रणनीतिक पुल पर हमला किया गया है जो चीन-तुर्कमेनिस्तान-ईरान रेल गलियारे के तहत आता है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, यह जानकारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के गोलिस्तान प्रांत स्थित जनसंपर्क कार्यालय ने दी है.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में बीती रात आका-क़ला काउंटी की कई जगहों को निशाना बनाया गया.
आईआरजीसी के बयान के अनुसार, इस शहर में स्थित अकताका ख़ान पुल भी निशाने पर लिए गए स्थानों में शामिल था. बताया गया है कि इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
अकतोक ख़ान रेलवे पुल चीन-तुर्कमेनिस्तान-ईरान रेल गलियारे पर स्थित एक रणनीतिक पुल है. यह गोलिस्तान प्रांत के आका-क़ला काउंटी में स्थित है.
यह पुल कभी एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज इसका सामरिक महत्व भी माना जाता है.
उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार सुबह देश के दक्षिणी प्रांतों में कई स्थानों और पूर्वी प्रांतों में रेलवे मार्ग के दो पुलों पर हुए अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है.
मंत्रालय ने एक बयान में इन हमलों को "युद्ध अपराध" करार दिया और कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता का उल्लंघन हैं.
अमेरिका-ईरान के बीच 'न युद्ध, न शांति', फिर भी जारी है जवाबी कार्रवाई, लीस डुसेट का विश्लेषण
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इमेज कैप्शन, जून में अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता ज्ञापन पर सहमति बनने के बाद शांति की उम्मीद बंधी मगर अब ये 'नो वॉर, नो पीस' की स्थिति में है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही
में ईरान के साथ हुए नाज़ुक युद्धविराम के बारे में कहा, "यह युद्धविराम दुनिया के दूसरे हिस्सों में हुए
युद्धविरामों से बहुत अलग है."
पिछले महीने हुए इस युद्धविराम और अंतरिम
समझौते की अब भी परीक्षा हो रही है. दोनों पक्ष इसकी शर्तों को अपने-अपने तरीके से
समझ रहे हैं.
ऐसा लगता है कि इस क्षेत्र को फ़िलहाल 'न
युद्ध, न शांति' जैसी स्थिति के साथ जीना होगा.
इसकी वजह एक छोटा और अस्पष्ट भाषा में लिखा गया समझौता है, जिसकी अलग-अलग व्याख्या की जा रही है.
ईरान मानता है कि इस समझौते के तहत उसे होर्मुज़ स्ट्रेट के मैनेजमेंट में भूमिका मिली है. वह यह भी मानता है कि जहाज़ों को
उन्हीं मार्गों से गुज़रना चाहिए, जिन्हें ईरान तय
करे.
वहीं, अमेरिका का कहना है
कि इस समझौते से समुद्री यातायात की आज़ादी बहाल हुई है. उसके मुताबिक़, अब जहाज़ों की आवाजाही सामान्य रूप से हो सकती
है.
दोनों पक्ष पूर्ण युद्ध में लौटना नहीं चाहते.
लेकिन अपनी स्थिति मज़बूत करने के लिए दोनों जवाबी कार्रवाई जारी रखने को तैयार
हैं.
ईरान और अमेरिका, दोनों के भीतर ऐसे
कट्टरपंथी और युद्ध समर्थक समूह मौजूद हैं जो सरकारों पर दबाव बना रहे हैं.
तनाव के इस माहौल के बीच ट्रंप ने एक बार फिर
कहा है कि "वे किसी समझौते के लिए बेताब हैं."
उनका इशारा ईरान की ओर था.
आमतौर पर ऐसे बयान इस बात का संकेत माने जाते
हैं कि पर्दे के पीछे मध्यस्थ सक्रिय हैं. वे दोनों पक्षों के बीच किसी नए समझौते
या बातचीत का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं.
अमेरिकी हमलों को लेकर ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को लिखी चिट्ठी
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इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि आमिर सईद ईरानवी ने अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और यूएन के महासचिव को चिट्ठी लिख कर अमेरिकी हमलों का विरोध किया है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरान ने कहा है कि उसने अमेरिकी हमलों के संबंध में सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव को विरोध पत्र भेजा है.
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि सईद ईरावानी ने कहा है कि अमेरिका ने एक बार फिर "संयुक्त राष्ट्र चार्टर और उसके अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए, ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के ख़िलाफ़ व्यापक सैन्य हमले शुरू किए हैं."
उन्होंने इन अमेरिकी कार्रवाइयों को ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद एमओयू की एक धारा का उल्लंघन भी बताया.
इस एमओयू पर दोनों देशों ने हस्ताक्षर किए हैं, पिछले महीने फ्रांस के वर्साय पैलेस में राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर हस्ताक्षर किया था.
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता ख़ामेनेई का पार्थिव शरीर उनके जन्मस्थान ले जाया गया, कुछ देर में होगा अंतिम संस्कार
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इमेज कैप्शन, कर्बला स्थित इमाम हुसैन दरगाह में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा में शामिल शोकाकुल लोगों की भीड़
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई को कुछ समय बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा.
इसके लिए उनके पार्थिव शरीर को विमान से गुरुवार की दोपहर को ईरान के सबसे पवित्र शहर मशहद पहुँच
गया. मशहद में ही
उन्हें दफ़्न किया जाएगा. यह शहर उनका जन्मस्थान भी है और शिया
मुसलमानों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है.
कर्बला स्थित इमाम हुसैन दरगाह में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शोकाकुल लोगों की भीड़ शामिल हुई.
इस्लामिक
रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से संबद्ध तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, पिछले कई दिनों से जारी अंतिम संस्कार समारोहों का अंतिम
चरण स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगा.
अंतिम
रस्म-ए-दफ़्न मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह परिसर में अदा की जाएगी.
भारत और ईरान के समय के बीच लगभग दो घंटे का अंतर है. ऐसे में यह समारोह भारतीय समयानुसार शाम करीब 4 बजे शुरू होने की संभावना है.
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इमेज कैप्शन, पिछले छह दिनों के दौरान ख़ामेनेई के ताबूत को ईरान और इराक़ के विभिन्न शहरों में आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था
उधर, बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, अमेरिकी हमलों के बाद मशहद की ओर जाने वाली रेल सेवा प्रभावित हुई है. जिसके चलते अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे कई यात्रियों को ट्रेन से उतारकर बसों के ज़रिए मशहद भेजा गया.
पिछले छह दिनों के दौरान ख़ामेनेई के ताबूत को ईरान और इराक़ के विभिन्न शहरों में आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था.
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों और दुनिया भर से आए क़रीब डेढ़ करोड़ लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कथित तौर पर स्वीकार किया था कि ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ देखकर वे आश्चर्यचकित हैं.
इस अंतिम संस्कार के कवरेज के लिए सैकड़ों विदेशी पत्रकारों को अनुमति दी गई है. ईरान में इस तरह बड़े पैमाने पर विदेशी मीडिया को पहुंच देना असामान्य माना जाता है.
टीएमसी के फ़्रीज़ किए गए बैंक खातों को लेकर ममता बनर्जी गुट को हाईकोर्ट से राहत, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, टीएमसी के ममता बनर्जी गुट को हाईकोर्ट ने ज़रूरी खर्चों के लिए बैंक खातों से राशि निकालने की राहत दी है (फ़ाइल फ़ोटो)
कलकत्ता हाईकोर्ट
में तृणमूल कांग्रेस के फ़्रीज़ किए गए तीन बैंक खातों के मामले में गुरुवार को
ममता बनर्जी गुट को राहत दी है.
अदालत ने इन खातों के संचालन के लिए एक स्पेशल
अधिकारी नियुक्त किया है. ममता गुट इस अधिकारी के जरिए जरूरी ख़र्चों के लिए उन
खातों से रक़म ले सकता है.
हाईकोर्ट के जज सौगत भट्टाचार्य ने अपने अंतरिम
आदेश में यह निर्देश दिया है. उन्होंने सेवानिवृत्त जज सुब्रत तालुकदार को स्पेशल
आफ़िसर नियुक्त किया है. इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी.
हाईकोर्ट ने कहा है कि स्पेशल आफ़िसर पार्टी के
रोज़मर्रा और कानूनी ख़र्चों के लिए उन खातों से राशि दे सकते हैं. लेकिन वो किसी
को बड़ी रक़म नहीं दे सकते.
न्यायाधीश ने कहा कि भविष्य में अगर चुनाव आयोग टीएमसी
के किसी गुट को अंतिम मंज़ूरी देता है तो अदालत में इस फैसले को बदलने की अपील की
जा सकेगी.
दरअसल, बीते 18 जून को बिधाननगर के साइबर थाने में दर्ज़ एक
शिक़ायत के आधार पर पुलिस ने एफ़आईआर करके बैंकों को उन खातों से होने वाले
लेन-देन पर रोक लगाने का आदेश दिया था.
पुलिस के इस फ़ैसले के खिलाफ़ ममता बनर्जी गुट
ने अदालत में याचिका दायर की थी.
शिक़ायत में आरोप लगाया गया था कि एक बड़े साइबर
घोटाले की कुछ राशि तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों में पहुंचने का संदेह है.
ममता बनर्जी गुट की ओर से एडवोकेट अभिषेक मनु
सिंघवी ने अदालत में दलील दी कि बैंक खाते फ़्रीज़ होने के कारण पार्टी का कामकाज प्रभावित
हो सकता है.
उनका कहना था कि इन खातों में जमा रक़म से ही पार्टी के दफ़्तर का
किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों को वेतन दिया जाता
है.
अभी तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगीं.
बीबीसी हिन्दी की कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
तेल बेचने वाला रूस ख़ुद तेल संकट में फंसा, देखिए तस्वीरों में
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इमेज कैप्शन, बीते कुछ दिनों से रूस के गैस स्टेशनों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, राजधानी मॉस्को में भी ऊर्जा का यह संकट दिख रहा है
दुनिया भर के कई देशों को तेल बेचने वाला रूस आजकल ख़ुद ही ऊर्जा संकट से जूझ रहा है.
रूस के गैस स्टेशनों पर लंबी कतारें लगातार बढ़ रही हैं. इसके साथ ही लोगों में निराशा और अनिश्चितता भी बढ़ती जा रही है.
ख़बरों के मुताबिक़, कई महीनों से यूक्रेन ने रूस के साथ युद्ध में तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है और पूरे रूस में ईंधन आपूर्ति को प्रभावित हो गई है.
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इमेज कैप्शन, बुधवार को मॉस्को के एक गैस स्टेशन पर लगी कारों की लंबी कतार
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इमेज कैप्शन, मॉस्को के बाहरी इलाक़े में गैस की कमी से बंद पड़ा एक स्टेशन
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इमेज कैप्शन, कई महीनों से यूक्रेन ने रूस की तेल रिफ़ाइनरियों को निशाना बनाया है, जिससे पूरे देश में ईंधन आपूर्ति पर असर पड़ा है. तस्वीर नोवोसिबिर्स्क के फ़्यूल स्टेशन की है
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इमेज कैप्शन, मॉस्को की एक रिफ़ाइनरी से कथित तौर पर यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद उठता धुआं, यह तस्वीर जून की है
यूरेनियम सप्लाई के लिए भारत ने किया ऑस्ट्रेलिया से समझौता
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़
ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे बेहद अहम माना जा रहा है.
इस समझौते पर बातचीत एक दशक से भी अधिक समय से चल रही थी.
प्रधानमंत्री मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा, "आज हम साल 2015 के ऑस्ट्रेलिया-भारत परमाणु सहयोग समझौते के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भारत को यूरेनियम निर्यात करने की व्यवस्था पर हस्ताक्षर की पुष्टि कर सकते हैं."
इसमें रक्षा, सुरक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा के लिए रोडमैप, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग भी शामिल है.
ईरानी मीडिया ने बताया- अमेरिकी हमले में तीन लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, सेंटकॉम ने ईरानी ठिकानों पर हमले के ड्रोन वीडियो जारी किए हैं
ईरान में खुज़ेस्तान प्रांत के गवर्नर कार्यालय ने गुरुवार सुबह अहवाज़ में हुए अमेरिकी हमलों में "तीन लोगों" की मौत की जानकारी दी है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, उप सुरक्षा अधिकारी वलीउल्लाह हयाती ने कहा कि इन हमलों में कई लोग घायल हुए हैं.
उनके अनुसार, इन हमलों के दौरान हुए नुक़सान का आकलन किया जा रहा है.
ईरान की समाचार एजेंसी आईआरएनए ने यह भी बताया कि अहवाज़ शहर पर हुए हमलों के ख़िलाफ़ सशस्त्र बलों के रक्षात्मक अभियानों में रिवोल्यूशनरी गार्ड एयरोस्पेस फ़ोर्स के एक जवान की मौत हो गई.
इस बीच, ईरान रेलवे ने घोषणा की है कि गुरुवार सुबह तेहरान-मशहद रेलवे लाइन के एक प्वाइंट पर हुए हमले के बाद इस रूट पर यात्री ट्रेनों का संचालन निलंबित कर दिया गया है.
अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने बीती रातों में दो चरणों में ईरान में 170 ठिकानों पर हमले किए हैं.
ईरान युद्ध: खाड़ी के कई देशों ने जारी की हमले की चेतावनी, लोगों से किया ये आग्रह
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इमेज कैप्शन, ईरान में कई जगहों पर विस्फोटों की आवाज़ें सुनाई दी हैं
ईरान पर अमेरिका की ओर से नए हवाई हमले शुरू करने के बाद, खाड़ी क्षेत्र के कई देशों से हमलों की ख़बरें सामने आई हैं.
ईरान के सैन्य जनसंपर्क विभाग ने घोषणा की है कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत, क़तर और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है.
इससे पहले बहरीन के गृह मंत्रालय ने ऐसे हमले के बारे में एक्स पर कई पोस्ट किए. उसने लिखा, ''सुरक्षा की वजहों से अलार्म सक्रिय कर दिया गया है. हम देश के लोगों से आग्रह करते हैं कि वे शांत रहें और क़रीबी सुरक्षित ठिकानों में शरण लें.''
कुवैत आर्मी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "कुवैत का एयर डिफ़ेंस सिस्टम इस समय दुश्मन की मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा है. सेना के जनरल स्टाफ ने कहा है कि यदि विस्फोट की आवाज़ें सुनाई दें, तो वे एयर डिफ़ेंस सिस्टम की ओर से दुश्मन के हमलों को रोकने की कार्रवाई का हिस्सा हैं."
पोस्ट में कहा गया है, "सभी लोगों से अनुरोध है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें."
कुवैत सेना के जनरल कमांड ने नागरिकों और देश में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे इंटरसेप्शन कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे के पास न जाएं. साथ ही, मलबे की तस्वीरें या वीडियो न लें और उन्हें किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा या प्रसारित न करें, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा बनी रहे.
जनरल कमांड ने यह भी कहा है कि सभी लोग संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और जानकारी केवल अधिकृत स्रोतों से लें.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने अमेरिकी हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा, "अमेरिका ने अब तक यह नहीं सीखा है कि धमकाने और अपने वादे तोड़ने की क़ीमत अब चुकानी पड़ती है. मैं साफ़ शब्दों में कहता हूं- अगर आप हमला करेंगे, तो जवाबी हमला भी झेलेंगे.
इससे पहले अमेरिका ने कहा है कि उसने ईरान पर फिर से हमला किया है.
ईरानी मीडिया के अनुसार, देश के दक्षिणी तटीय इलाक़ों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं और फ़ारस की खाड़ी में ईरान के नियंत्रण वाले द्वीपों को निशाना बनाया गया है.