ईरान पर अमेरिका की ओर से नए हवाई हमले शुरू करने के बाद, खाड़ी क्षेत्र के कई देशों से हमलों की ख़बरें सामने आई हैं.
ईरान के सैन्य जनसंपर्क विभाग ने घोषणा की है कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत, क़तर और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है.
इससे पहले बहरीन के गृह मंत्रालय ने ऐसे हमले के बारे में एक्स पर कई पोस्ट किए. उसने लिखा, ''सुरक्षा की वजहों से अलार्म सक्रिय कर दिया गया है. हम देश के लोगों से आग्रह करते हैं कि वे शांत रहें और क़रीबी सुरक्षित ठिकानों में शरण लें.''
कुवैत आर्मी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "कुवैत का एयर डिफ़ेंस सिस्टम इस समय दुश्मन की मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा है. सेना के जनरल स्टाफ ने कहा है कि यदि विस्फोट की आवाज़ें सुनाई दें, तो वे एयर डिफ़ेंस सिस्टम की ओर से दुश्मन के हमलों को रोकने की कार्रवाई का हिस्सा हैं."
पोस्ट में कहा गया है, "सभी लोगों से अनुरोध है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें."
कुवैत सेना के जनरल कमांड ने नागरिकों और देश में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे इंटरसेप्शन कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे के पास न जाएं. साथ ही, मलबे की तस्वीरें या वीडियो न लें और उन्हें किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा या प्रसारित न करें, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा बनी रहे.
जनरल कमांड ने यह भी कहा है कि सभी लोग संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और जानकारी केवल अधिकृत स्रोतों से लें.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने अमेरिकी हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा, "अमेरिका ने अब तक यह नहीं सीखा है कि धमकाने और अपने वादे तोड़ने की क़ीमत अब चुकानी पड़ती है. मैं साफ़ शब्दों में कहता हूं- अगर आप हमला करेंगे, तो जवाबी हमला भी झेलेंगे.
इससे पहले अमेरिका ने कहा है कि उसने ईरान पर फिर से हमला किया है.
ईरानी मीडिया के अनुसार, देश के दक्षिणी तटीय इलाक़ों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं और फ़ारस की खाड़ी में ईरान के नियंत्रण वाले द्वीपों को निशाना बनाया गया है.