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अमेरिका: लॉरेंस बिश्नोई गैंग समेत कई गिरोहों पर एक्शन, कहा -'गुंडों के लिए कोई जगह नहींं'
- Author, जेसिका मर्फी
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
अमेरिकी अभियोजकों ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप से 24 संदिग्धों की गिरफ़्तारी का एलान किया है.
इन अभियुक्तों पर भारत से जुड़े तीन संगठित अपराधी गिरोहों से संबंध होने का आरोप है. इनमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग भी शामिल है. इस मुहिम को 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' कहा गया.
इन अभियुक्तों पर कई आरोप लगाए गए हैं. इनमें 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साज़िश रचने का आरोप भी शामिल है.
लॉस एंजिल्स के संघीय अभियोजकों ने कहा कि ये गिरफ़्तारियाँ कई साल तक चली जाँच का नतीजा हैं. यह जाँच भारतीय अपराध गिरोहों पर केंद्रित थी. इन गिरोहों पर टार्गेटेड किलिंग, उगाही करने और मादक पदार्थों की तस्करी करने का आरोप है.
मंगलवार को सार्वजनिक किए गए तीन आरोपपत्रों में कुल 37 अभियुक्तों पर आरोप लगाए गए हैं.
अमेरिकी अटॉर्नी फ़र्स्ट असिस्टेंट बिल एसायली ने कहा, "जो अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोह डर, नशीले पदार्थ और हिंसा फैलाते हैं, उन्हें न्याय की पूरी ताक़त और फ़ेडरल सरकार की पूरी शक्ति का सामना करना पड़ेगा."
उन्होंने कहा, "इन गुंडों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है."
निज्जर की हत्या का आरोप
45 साल के निज्जर की तीन साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. दो नकाबपोश हमलावरों ने वैंकूवर से करीब 30 किलोमीटर पूर्व में स्थित सरे शहर के गुरु नानक सिख गुरुद्वारे की व्यस्त पार्किंग में उनकी गाड़ी में उन्हें गोली मारी थी.
वह एक प्रमुख सिख अलगाववादी नेता थे. वह सार्वजनिक रूप से खालिस्तान की मांग का समर्थन करते थे.
फ़ेडरल अभियोजकों ने भारत के 33 वर्षीय लॉरेंस बिश्नोई और 32 वर्षीय सतिंदरजीत सिंह उर्फ़ गोल्डी बरार पर निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया है.
अभियोजकों ने निज्जर को "एचएसएन" नाम से बताया है.
बरार अभी भी फ़रार है जबकि लॉरेंस बिश्नोई 2015 से भारत की जेल में है.
पिछले साल कनाडा ने बिश्नोई गैंग को एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था. इससे फ़ेडरल सरकार को देश में इस समूह की संपत्ति जब्त करने और उसके पैसों को रोकने का अधिकार मिला.
2024 में चार भारतीय नागरिकों को इस हत्या के मामले में गिरफ़्तार किया गया था. इस घटना के बाद कनाडा और भारत के बीच बड़ा कूटनीतिक विवाद शुरू हुआ.
मंगलवार को अभियोजकों ने यह भी आरोप लगाया कि बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक नेताओं को हिंसा का निशाना बनाया. इसके बाद उन्होंने समुदाय के लोगों से उगाही करने की कोशिश की.
अभियोजकों ने आरोप लगाया कि बिश्नोई, बरार और अन्य अभियुक्तों ने कैलिफ़ोर्निया में लोगों से उगाही करने की कोशिश की. उन्होंने दिसंबर और जनवरी में एक व्यक्ति से 50 लाख डॉलर की मांग की.
मंगलवार को कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कहा कि जाँच के दौरान उन्होंने करीब 1,000 किलोग्राम (2,200 पाउंड) कोकीन और एक किलोग्राम हेरोइन भी ज़ब्त की. इसके अलावा 40,000 डॉलर नकद और करीब एक दर्जन हथियार भी बरामद किए गए.
इस जाँच में एफ़बीआई, लॉस एंजिल्स पुलिस, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस और अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित