जब प्रियंका बोलीं, 'सच्चाई के लिए सज़ा देना चाहें तो दें, मैं तो सच बोलूंगी'
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी पर अपनी टिप्पणी को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है.
बुधवार को संसद के बाहर पत्रकारों से उन्होंने कहा, “उसमें असंसदीय क्या था? वह तो सिर्फ़ सच्चाई थी. अगर वे मुझे सच बोलने के लिए सज़ा देना चाहते हैं तो दें, मैं तो सच बोलूंगी."
प्रियंका गांधी ने कहा, "आपने देखा है कि वीडियो मौजूद हैं, और यह सिर्फ़ एक घटना नहीं है. महिलाओं पर मैंगलुरु पब हमले में शामिल व्यक्ति को बीजेपी में किसने शामिल कराया था? प्रल्हाद जोशी ने. उन्हें पांच घंटे बाद या जब भी हो, निकाल दिया गया, लेकिन उन्हें पार्टी में शामिल कराए जाने की तस्वीर मौजूद है."
"यह कोई एक अकेली घटना नहीं है, बल्कि महिलाओं के प्रति उनके रवैये को दिखाती है.”
लोकसभा में मंगलवार दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को पेश किया गया था. इस विधेयक में 2024 में बने क़ानून में बदलाव का प्रस्ताव है.
यह बयान बिलकिस बानो के साथ बलात्कार और उनके परिवार वालों की हत्या करने के मामले से जुड़ा था.
इसके बाद बीजेपी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि प्रल्हाद जोशी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया और प्रियंका गांधी से माफ़ी मांगने को कहा.
उन्होंने प्रियंका गांधी के बयान को 'गुमराह करने वाला, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' बताया.
इसे लेकर सदन में काफ़ी हंगामा हुआ और उनकी टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की गई.
हालांकि कांग्रेस नेताओं ने बयान का बचाव किया है.