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पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल पास होने पर कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा

लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' बुधवार को पास हो गया. इस पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से प्रतिक्रिया आई है.

लाइव कवरेज

संदीप राय, रौनक भैड़ा

  1. जब प्रियंका बोलीं, 'सच्चाई के लिए सज़ा देना चाहें तो दें, मैं तो सच बोलूंगी'

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी पर अपनी टिप्पणी को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है.

    बुधवार को संसद के बाहर पत्रकारों से उन्होंने कहा, “उसमें असंसदीय क्या था? वह तो सिर्फ़ सच्चाई थी. अगर वे मुझे सच बोलने के लिए सज़ा देना चाहते हैं तो दें, मैं तो सच बोलूंगी."

    प्रियंका गांधी ने कहा, "आपने देखा है कि वीडियो मौजूद हैं, और यह सिर्फ़ एक घटना नहीं है. महिलाओं पर मैंगलुरु पब हमले में शामिल व्यक्ति को बीजेपी में किसने शामिल कराया था? प्रल्हाद जोशी ने. उन्हें पांच घंटे बाद या जब भी हो, निकाल दिया गया, लेकिन उन्हें पार्टी में शामिल कराए जाने की तस्वीर मौजूद है."

    "यह कोई एक अकेली घटना नहीं है, बल्कि महिलाओं के प्रति उनके रवैये को दिखाती है.”

    लोकसभा में मंगलवार दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को पेश किया गया था. इस विधेयक में 2024 में बने क़ानून में बदलाव का प्रस्ताव है.

    इसके बाद बीजेपी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि प्रल्हाद जोशी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया और प्रियंका गांधी से माफ़ी मांगने को कहा.

    उन्होंने प्रियंका गांधी के बयान को 'गुमराह करने वाला, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' बताया.

    इसे लेकर सदन में काफ़ी हंगामा हुआ और उनकी टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की गई.

    हालांकि कांग्रेस नेताओं ने बयान का बचाव किया है.

  2. जंतर-मंतर पर गोली चलाने की वकालत करने वाले हिंदुत्व विचारक पर पुलिस ने दर्ज किया केस

    केरल साइबर पुलिस ने दिल्ली में जेन ज़ी प्रदर्शन को लेकर दिए गए भड़काऊ बयान को लेकर आरएसएस नेता टीजी मोहनदास के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, यह मामला तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को निशाना बनाकर की गई उनकी आपत्तिजनक टिप्पणियों के ख़िलाफ़ मिली शिकायतों के बाद दर्ज किया.

    टीजी मोहनदास के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में कथित तौर पर उन्होंने कहा था, "प्रदर्शनकारियों में ऐसी महिलाएं शामिल हैं जिन्हें बलात्कार पसंद है और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को पीटना चाहिए और उन पर गोली चलानी चाहिए."

    उन्होंने कहा था, "अगर मैं ज़िम्मेदारी में होता, तो जंतर-मंतर के चार वर्ग किलोमीटर के इलाके में कर्फ्यू लगा देता. मैं लोगों से तीन बार वहां से हटने के लिए कहता. इसके बाद गोली चलवा देता. लोग भाग जाते, कुछ मर जाते, कुछ बच जाते और कुछ के हाथ-पैर चले जाते. चार घंटे के भीतर स्थिति पूरी तरह शांत हो जाती."

    बार एंड बेंच के अनुसार, एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 192 और 353(1)(बी), आईटी एक्ट की धारा 66 और केरल पुलिस एक्ट की धारा 120(o) के तहत आरोप लगाए गए हैं.

    इन धाराओं में दंगा भड़काने के इरादे से उकसावे, हिंसा भड़काने के उद्देश्य से बयान प्रकाशित करने और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से जुड़े अपराधों के लिए सज़ा का प्रावधान है.

  3. यूक्रेन में कार्गो जहाज़ पर हमले में दो भारतीय नाविक सुरक्षित, दूतावास ने और क्या बताया

    यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने कार्गो जहाज़ एमवी एजीएन राग्नर पर हुए हमले को लेकर बयान जारी किया है.

    दूतावास ने एक्स पर जारी बयान में कहा, "एमवीएजीएन राग्नर से जुड़े घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है. यह जहाज़ कल ओडेसा बंदरगाह पर हमले की चपेट में आया था."

    बयान के अनुसार, 25 जुलाई को एमवी एजीएन राग्नर पर ओडेसा पोर्ट के पास हमला हुआ था. इस पर चार भारतीय नाविक सवार थे.

    ब्लैक सी में स्थित यह यूक्रेन का सबसे बड़ा पोर्ट है और 2022 से शुरू हुई रूस के साथ जंग में यह कई बार निशाने पर आ चुका है.

    दूतावास ने बताया, "जहाज़ पर चार भारतीय नागरिक सवार थे. इनमें से दो के सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है, जबकि बाकी दो के बारे में जानकारी का इंतज़ार है."

    दूतावास ने यह भी कहा कि खोज और बचाव अभियान जारी है और वह संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है.

    बयान के अनुसार, "भारतीय नाविकों से जुड़ी स्थिति की जानकारी भी हमारे संज्ञान में आई है. हम इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं और जहाज़ पर मौजूद सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित सभी पक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं."

    भारतीय दूतावास ने यूक्रेन में कांसुलर से संपर्क के लिए आपातकालीन नंबर (+380933559958) और मेल आईडी (cons.kyiv@mea.gov.in और cons1.kyiv@mea.gov.in) भी जारी किया है.

  4. पेपर लीक रोकने को लाए गए संशोधन क़ानून पर क्या बोले अखिलेश यादव

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पेपर लीक रोकने के लिए संशोधन बिल पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने पूछा कि मौजूदा क़ानून के तहत अभी तक कितनी गिरफ़्तारियां हुई हैं?

    अखिलेश ने कहा, “ज़िम्मेदारी मौजूदा सरकार की है. सबसे ज़्यादा पेपर लीक बीजेपी सरकार के दौरान हुए हैं. जनता यह जानती है और यही कारण है कि इतनी बड़ी संख्या में युवा यहां दिल्ली में जुटे हैं."

    "यह विधेयक मौजूदा कानून में संशोधन है. पहले वाले कानून के तहत कितने लोगों को वास्तव में पकड़ा गया? केवल उत्तर प्रदेश में ही 20 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं."

    उन्होंने पूछा, "उन मामलों में कितने लोगों को गिरफ़्तार किया गया? सरकार को यह बताना चाहिए कि कितने लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हुई और कितनों को ग़िरफ़्तार किया गया. जब सरकार खुद और उसकी अपनी पार्टी के लोग ही इसमें शामिल हों, तो क़ानून से क्या उम्मीद की जा सकती है?”

    मंगलवार को लोकसभा में 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया गया था.

    बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने सरकार पर युवाओं की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया था.

    उससे पहले चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा था कि पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक भारतीय संसद के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला क़ानून है.

  5. जापान: भूकंप से अब तक 13 लोगों की मौत, मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

    जापान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में आए तेज़ भूकंप में अब तक 13 लोगों की मौत हो गई है.

    प्रधानमंत्री सनाई तकाइची ने कहा कि राहत और बचाव दल 'समय के साथ होड़' कर रहे हैं.

    यह भूकंप मंगलवार को स्थानीय समयानुसार शाम 4:27 बजे क्यूशू द्वीप के अंदरूनी हिस्से में आया था. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसकी तीव्रता 6.8 बताई है.

    भूकंप के कारण कुमामोतो शहर के एक शॉपिंग मॉल में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मॉल की दूसरी मंजिल गिर गई.

    जापान के अधिकारियों ने बताया कि मॉल में कई लोग लापता हैं जबकि और एक फैक्ट्री की चिमनी गिरने से कई लोग घायल हैं.

    कुमामोतो प्रांत प्रशासन के अनुसार 9,872 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

    लगभग 36,700 घरों में बिजली आपूर्ति बाधित है.

    बुधवार सुबह स्थिति की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री तकाइची ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और आपातकालीन सेवाओं के प्रयासों की सराहना की.

    उन्होंने कहा, “अब भी कई लोग बचाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं. यह समय साथ होड़ है."

    प्रशासन ने लोगों से प्रभावित इलाकों से दूर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है. बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं.

  6. संसद परिसर में कार्ति चिदंबरम और निशिकांत दुबे के बीच किस बात पर हुई बहस

    मंगलवार की रात संसद परिसर में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बीच बहस हो गई.

    रात क़रीब 10 बजे निशिकांत दुबे ने एक्स पर पोस्ट किया, "उन्होंने स्वीकार किया कि सांसद ब्रिटिश कम्पनी में डायरेक्टर थे."

    एएनआई पर जारी वीडियो में कार्ति चिदंबरम कहते सुनाई देते हैं- नॉमिनी डायरेक्टर कंपनी से लिंक होता है..., इस पर निशिकांत दुबे सवाल करते हैं- डायरेक्टर क्यों हैं.

    इसके जवाब में कार्ति चिदंबरम कहते सुनाई देते हैं, "मैं आपको विस्तार से समझाउंगा कि कंपनियां कैसे काम करती हैं."

    दरअसल उस समय कार्ति चिदंबरम संसद में जा रहे थे और निशिकांत दुबे अपने कार में बैठे हुए थे.

    बाद में कार्ति चिदंबरम ने एएनआई से कहा, "मुझे नहीं लगता कि दुबे को यह समझ है कि ब्रिटेन में कंपनियां कैसे रजिस्टर होती हैं, कहां स्थित होती हैं या कैसे चलाई जाती हैं. मैं कल उन्हें मुफ़्त में ट्यूटोरियल देने के लिए तैयार हूँ."

    दरअसल, निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था, “एक भारतीय सांसद हैं जिन्होंने 2003 में ‘बैकप्स लिमिटेड यूके’ नाम की कंपनी रजिस्टर कराई थी. इसका रजिस्टर्ड पता 2 फ़्रांगल वे, लंदन है. इसके दो निदेशक हैं, जिनमें एक का नाम लवग्रोव और दूसरे का नाम मैकनाइट है. लवग्रो 1,056 कंपनियों में निदेशक हैं, जबकि मैकनाइट करीब 256 कंपनियों में निदेशक हैं."

    "इसके अलावा उसी पते 2 फ़्रांगल वे पर 60 अन्य कंपनियां भी रजिस्टर्ड हैं. उन 60 कंपनियों में कई टीवी चैनल भी शामिल हैं, जिनका एकमात्र काम भारत में घटनाओं को सनसनीख़ेज़ बनाना और राष्ट्रविरोधी ताकतों को एकजुट करना रहा है."

    "इसलिए मैं संसद में यह पूरा मामला उठाऊंगा कि वह सांसद कौन हैं और उन्होंने यह कंपनी कैसे रजिस्टर कराई? उनका लवग्रोव और मैकनाइट से क्या संबंध है?

  7. गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, 10,000 मीटर की दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय

    भारत के स्टार धावक गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में मंगलवार को इतिहास रच दिया.

    2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर वह इस इवेंट में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय बने.

    27 वर्षीय गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहे.

    इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने जीता, जबकि डेविड मुलार्की ने कांस्य पदक अपने नाम किया.

    यह उपलब्धि इसलिए भी ख़ास रही क्योंकि लंबी दूरी की दौड़ में परंपरागत रूप से मजबूत माने जाने वाले कीनिया और युगांडा के धावक इस बार पोडियम में जगह नहीं बना सके.

    गुलवीर सिंह को भारत का सर्वश्रेष्ठ लंबी दूरी धावक माना जाता है और ग्लासगो में उनका यह प्रदर्शन उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है.

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन भारत का यह दूसरा मेडल था. हरजिंदर कौर महिला 69 किलोग्राम भार वर्ग में वेटलिफ़्टिंग में दूसरे नंबर रहीं.

    इसके साथ ही भारत के कुल मेडल्स की संख्या 12 पहुंच गई है.

  8. ट्रंप ने चीन पर लगाया ये बैन, इस टेक्नोलॉज़ी को बताया सुरक्षा के लिए 'बड़ा ख़तरा'

    ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को अमेरिका में ह्यूमनॉइड रोबोटों के नए आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है.

    प्रशासन ने कहा कि ये रोबोट देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 'जोखिम' पैदा कर सकते हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

    यह प्रतिबंध उन्नत रोबोटों पर लागू होगा, जिनमें ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट शामिल हैं. इनमें से कई रोबोट चीन में बनाए जाते हैं.

    चीन और अमेरिका इस समय रोबोटिक्स और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में बढ़त हासिल करने की प्रतिस्पर्धा में हैं.

    अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफ़सीसी) ने पावर इन्वर्टर के आयात पर भी रोक लगा दी है. इन्वर्टर का इस्तेमाल डेटा सेंटर और सोलर पैनलों में होता है.

    एफ़सीसी का कहना है कि ये उपकरण अमेरिकी अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं.

    एफ़सीसी के अध्यक्ष ब्रेंडन कार ने कहा कि एजेंसी 'अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित करने' के लिए अपनी ज़िम्मेदारी निभा रही है.

    एफ़सीसी ने इन रोबोटों और इन्वर्टरों को अपनी 'कवर्ड लिस्ट' में शामिल कर लिया है.

    इस सूची में उन वस्तुओं और सेवाओं को रखा जाता है जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित ख़तरा माना जाता है.

    अभी तक चीन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है.

  9. ईरान ने मध्य पूर्व के अमेरिकी ठिकानों पर 'अचानक हमला' बोला

    अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान ने मध्य पूर्व में उसके ठिकानों पर 'अचानक हमला' कर दिया और कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं.

    हालाँकि अमेरिकी सेना का कहना है कि सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक़ हमला मंगलवार शाम को हुआ. संभावित निशानों या ठिकानों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

    इसके जवाब में अमेरिकी और सऊदी अरब की सेनाओं ने पूर्वी इराक़ में 'ईरान समर्थित आतंकवादी ठिकानों' पर संयुक्त कार्रवाई की.

    सेंटकॉम ने कहा कि यह कार्रवाई पिछले 72 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर हुए 30 ड्रोन हमलों के जवाब में की गई, जिनके पीछे ईरान का समर्थन होने का आरोप है.

    तेहरान ने अभी तक इन आरोपों या कथित मिसाइल हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    ये जवाबी हमले ऐसे समय में हुए जब अमेरिका और ईरान के बीच कुछ दिनों से सीधे हमले नहीं हुए थे और बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ 'बहुत दोस्ताना बातचीत' होने की बात कही थी.

    ताज़ा घटनाओं ने दोनों देशों के बीच बनी अस्थायी शांति को फिर से ख़तरे में डाल दिया है और मध्य पूर्व में तनाव दोबारा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है.

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