केरल में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अब तक आठ लोगों की मौत हो गई है, जबकि कम से कम छह लोगों के लापता होने की खबर है.
शनिवार तड़के से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है. राज्य सरकार ने 14 में से नौ ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया है.
भारी बारिश और पंपा नदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने श्रद्धालुओं से 2 और 3 अगस्त को सबरीमाला मंदिर यात्रा से बचने की अपील की है. बोर्ड ने यात्रा मार्ग में भूस्खलन की आशंका भी जताई है.
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव शेखर कुरियाकोस ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "यह एक बेहद गंभीर मौसम घटना है. पठानमथिट्टा ज़िले के वडाचेरी में तीन से चार घंटे के भीतर 361 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि पंपा क्षेत्र में करीब 200 मिलीमीटर बारिश हुई. इतनी मात्रा में पानी को कोई भी नदी तंत्र नहीं संभाल सकता."
राज्य सरकार ने पतनमतिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया है. हालांकि, रविवार के लिए इन सभी ज़िलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है.
इन ज़िलों में कई प्रमुख पर्यटन स्थल भी हैं, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि राज्य के कई हिस्सों में अचानक बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन, मलबा खिसकने और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका बनी हुई है. इसके अलावा तेज़ हवाओं के कारण पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग गिरने का भी ख़तरा है.
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव शेखर कुरियाकोस ने बताया, "इडुक्की में पहला भूस्खलन शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे हुआ, जिसके बाद अन्य इलाक़ों में भी भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं. दक्षिणी ज़िलों में बारिश की तीव्रता अब कम हो रही है, लेकिन उत्तरी ज़िलों में अब भी भारी बारिश जारी है."
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पिछले कुछ दिनों से ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ था, लेकिन शुक्रवार देर रात हुई अचानक मूसलाधार बारिश ने व्यापक नुक़सान पहुंचाया.
प्राधिकरण के सचिव शेखर कुरियाकोस ने कहा, “दक्षिणी ज़िलों में बारिश की तीव्रता कम होने के कारण वहां का पानी धीरे-धीरे समुद्र की ओर निकल जाएगा.”
हालांकि, उन्होंने आगे कहा, “मौजूदा स्थिति की तुलना वर्ष 2018 की विनाशकारी बाढ़ से नहीं की जा सकती. 2018 की आपदा ने पूरे केरल को प्रभावित किया था.”
भारी बारिश और भूस्खलन के बीच राज्य सरकार ने 1,338 लोगों को सुरक्षित निकालकर 62 राहत शिविरों में पहुंचाया है. सबसे अधिक प्रभावित मध्य केरल के ज़िलों में 17 मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जबकि 127 मकानों को आंशिक नुक़सान पहुंचा है.
इडुक्की में भूस्खलन से छह और कोट्टायम में दो लोगों की जान गई. वहीं, कोट्टायम और मलप्पुरम में डूबने से दो-दो लोगों की मौत हुई. विजिनजम और मुथलाप्पोझी क्षेत्रों से दो-दो लोगों के लापता होने की सूचना है.
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने इडुक्की, कोट्टायम और पतनमतिट्टा के ज़िला कलेक्टरों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने संबंधित ज़िलों में मंत्रियों को कैंप कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने को भी कहा है.