हमास के हथियार छोड़ने के फ़ैसले पर पाकिस्तान ने क्या कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल वाली शांति योजना के अनुसार, हमास कुछ शर्तों के साथ हथियार डालने के लिए तैयार हो गया है. इस पर अब पाकिस्तान की प्रतिक्रिया सामने आई है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इस क़दम का स्वागत किया है.
शहबाज़ शरीफ़ ने शुक्रवार रात एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "पाकिस्तान ग़ज़ा शांति योजना के तहत हथियार छोड़ने की प्रक्रिया को लागू करने की दिशा में बोर्ड ऑफ़ पीस के तहत हुई प्रगति का स्वागत करता है."
उन्होंने लिखा, "अमेरिका, मिस्र, क़तर और तुर्की सहित मध्यस्थ देशों ने इस प्रगति को हासिल करने में जो प्रयास किए हैं, उसके लिए वे विशेष सराहना के हक़दार हैं. राष्ट्रपति ट्रंप के साहसिक नेतृत्व में यह बोर्ड ऑफ़ पीस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है."
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि इन प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार एक तय समय में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इससे फ़लस्तीनी लोगों को अपने भविष्य का फ़ैसला करने का अधिकार मिल सकेगा.
उन्होंने कहा, "इस प्रक्रिया के ज़रिए 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र और संप्रभु फ़लस्तीन देश की स्थापना होनी चाहिए. इस देश की राजधानी अल-क़ुद्स अल-शरीफ़ (यरुशलम) होनी चाहिए."
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनके 'बोर्ड ऑफ़ पीस' ने ग़ज़ा में हमास और दूसरे सशस्त्र समूहों के साथ एक समझौता किया है जिसके तहत वे हथियार डाल देंगे.
हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि संगठन ने ग़ज़ा में पूरी तरह हथियार डालने के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' के प्रस्ताव पर सहमति जताई है.