राजस्थान के कई इलाक़ों में बीते चौबीस घंटे से ज़्यादा समय से हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं.
जयपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी समेत प्रदेश के अधिकतर ज़िलों में मानसून सक्रिय बना हुआ है. भारी बारिश को देखते हुए अभी तक 13 ज़िलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं.
जयपुर, दौसा, नागौर, डीडवाना-कुचामन और टोंक ज़िले के कलेक्टरों ने आदेश जारी कर दो दिन के अवकाश की घोषणा की है. जबकि, सीकर, अजमेर, कोटपूतली-बहरोड़, सिरोही, बूंदी, भीलवाड़ा, उदयपुर और सवाई माधोपुर ज़िलों में सोमवार को सभी स्कूलों को बंद करने की घोषणा की गई है.
आने वाले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बीबीसी से फ़ोन पर बताया, "बीते 36 घंटों में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश हुई है. यहां कोटा, बूंदी और बारां ज़िलों में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है."
"पूर्वी राजस्थान में भी कई जगह भारी बारिश दर्ज की गई है. आने वाले कुछ दिनों तक राजस्थान के कई इलाक़ों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है."
22 अगस्त को सबसे अधिक 100 मिलीमीटर बारिश सवाई माधोपुर ज़िले में दर्ज की गई. 23 अगस्त को सबसे अधिक 502 मिलीमीटर बारिश नैनवा में दर्ज की गई. वहीं 24 अगस्त को प्रदेश में सबसे अधिक 285 मिलीमीटर बारिश दौसा ज़िले में दर्ज की गई है.
मौसम विभाग ने कोटा और बूंदी में रेड अलर्ट जारी किया है. बारां, झालावाड़, टोंक भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर और पाली ज़िले में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
भारी बारिश के कारण कई ज़िलों में हादसे हुए, जिसके कारण काफ़ी नुकसान भी हुआ है. बूंदी ज़िले में भारी बारिश के कारण स्टेट हाइवे क्षतिग्रस्त हो गया.
नागौर, कोटा, बांदीकुई में मकान ढह गए. उदयपुर में पानी में उतरे चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई.
सवाई माधोपुर में भारी बारिश के कारण कई इलाक़ों से संपर्क टूट गया है. यहां बचाव कार्य जारी है. कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और जवाहर सिंह बेढम ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया.