वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने कहा- ‘अमेरिका युद्ध थोपने की तैयारी कर रहा है'

मादुरो का ये बयान अमेरिका की ओर से दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत को कैरिबियाई इलाके़ में तैनात करने का आदेश देने के बाद आया है.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली और दीपक मंडल

  1. अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर पीयूष गोयल ने कहा- 'सिर पर बंदूक रखकर डील नहीं करते'

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

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    इमेज कैप्शन, भारत पर अभी 50 फ़ीसदी अमेरिकी टैरिफ़ लागू है

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर कहा है कि 'सिर पर बंदूक रखकर' डील नहीं करते हैं.

    जर्मनी में एक कार्यक्रम के दौरान पीयूष गोयल ने यह बात कही है.

    उन्होंने कहा, "हम अमेरिका से बात कर रहे हैं और हम जल्दबाज़ी में सौदे नहीं करते हैं. हम डेडलाइन के साथ या सिर पर बंदूक रखकर डील नहीं करते हैं."

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, "भारत लंबे वक़्त के लिए सोचता है. भारत कभी भी जल्दबाज़ी में या मौके़ के दबाव में फ़ैसले नहीं लेता."

    "हमने स्वीकार किया है कि अगर हम पर कोई टैरिफ़ है तो हम इस पर काबू पाने के तरीक़े ढूंढ रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "हम नए बाज़ार की तलाश कर रहे हैं. हम भारतीय अर्थव्यवस्था में मांग को और मज़बूत करने की उम्मीद कर रहे हैं. हमारे पास एक बहुत ही मज़बूत ढांचा है, 1.4 अरब लोग."

    पीयूष गोयल ने कहा, "हम जानते हैं कि आज से 20-25 साल बाद हम 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी होंगे और इसी के आधार पर हम बातचीत करेंगे. हमें भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने देश के लिए बेहतरीन डील करनी होगी."

    ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में भारत से आने वाले सामान पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ़ लगाया है. पहले यह टैरिफ़ 25 प्रतिशत था. इस तरह अभी भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ़ लागू है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बढ़े हुए टैरिफ़ को रूस से तेल और हथियार ख़रीदने के लिए भारत को दी गई 'सज़ा' बताया है. जवाब में भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि, 'यह कार्रवाई अनुचित, अकारण और तर्कहीन है.'

  2. भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान से क्या कहा?

    पर्वतनेनी हरीश

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    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ओपन डिबेट के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश कहा, "जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है, था और हमेशा रहेगा."

    पर्वतनेनी हरीश ने कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संविधान के नियमों के तहत अपने मूल अधिकारों का इस्तेमाल करते हैं. हम जानते हैं कि ये बातें पाकिस्तान के लिए बिल्कुल नई हैं."

    भारत की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हुए विरोध प्रदर्शनों की ख़बरें आई थीं.

    उन्होंने कहा, "हम पाकिस्तान से उन इलाक़ों में जारी गंभीर और लगातार मानवाधिकार उल्लंघनों को रोकने का आह्वान करते हैं, जिन्हें उसने अवैध रूप से कब्ज़ा किया हुआ है."

    "यहाँ की जनता पाकिस्तान के सैन्य कब्ज़े, दमन, बर्बरता और संसाधनों के अवैध दोहन के ख़िलाफ़ खुलकर विरोध कर रही है."

    क्यों हुए विरोध प्रदर्शन?

    पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में जनता और व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमिटी (जेकेजेएएसी) के आह्वान पर इलाक़े में 29 सितंबर से हड़ताल शुरू की गई थी.

    एक्शन कमिटी के 38 सूत्री 'मांग पत्र' में सरकारी ख़र्च में कटौती से लेकर विधानसभा सीटों पर आपत्ति, मुफ़्त शिक्षा, चिकित्सा सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना सहित कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत जैसी मांगें शामिल हैं.

  3. वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति ने कहा- अमेरिका बना रहा है युद्ध का माहौल

    यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड

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    इमेज कैप्शन, यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड, जो दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है

    वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका पर 'जंग को बढ़ावा' देने का आरोप लगाया है.

    उन्होंने यह बयान उस समय दिया जब अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत को कैरेबियाई इलाके़ की ओर भेजा है, जिससे क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ गया है.

    अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड विमानवाहक पोत को मेडिटेरेनियन सी से कैरेबियाई क्षेत्र में तैनात करने का आदेश दिया. यह पोत 90 विमानों को ले जा सकता है.

    राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सरकारी मीडिया से कहा, "वे एक नई जंग गढ़ रहे हैं. उन्होंने वादा किया था कि अब कभी किसी जंग में शामिल नहीं होंगे लेकिन वे एक युद्ध गढ़ रहे हैं."

    अमेरिका हाल के दिनों में कैरेबियाई क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है.

    उसने इस इलाक़े में युद्धपोत, परमाणु पनडुब्बी और एफ़-35 लड़ाकू विमान तैनात किए हैं. अमेरिका का कहना है कि यह अभियान मादक पदार्थों की तस्करी पर निशाना साधने के लिए चलाया जा रहा है.

  4. नमस्कार!

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