जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. इसराइली मंत्री बोले, अमेरिका-ईरान समझौता मानने को इसराइल 'बाध्य नहीं'

    इतामार बेन-ग्वेर

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    इमेज कैप्शन, इतामार बेन-ग्वेर इसराइल के कट्टर दक्षिणपंथी नेता हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका और ईरान के बीच घोषित समझौते पर इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वेर की कड़ी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा है कि इसराइल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समझौता 'बाध्यकारी नहीं' है.

    इतामार बेन-ग्वेर ने एक्स पर लिखा, "ट्रंप का समझौता मानने के लिए हम विवश नहीं हैं. इसराइल अमेरिका के अधीन नहीं है और हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं."

    उन्होंने कहा, "हमारा ज़िम्मेदारी इसराइल के नागरिकों, आईडीएफ़ के सैनिकों और यहूदी लोगों के प्रति है."

    इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि इसराइल कोई 'अस्थिर देश नहीं' है.

    उन्होंने कहा, "हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम अमेरिका से प्रेम करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति आभारी हैं. फिर भी, इसराइल कोई 'बनाना स्टेट' नहीं है. मैं ये बातें प्रधानमंत्री से लगातार कहता हूं और हर अहम जगह पर दोहराता हूं."

    इतामार बेन-ग्वेर ने कहा कि 'हिज़्बुल्लाह को पूरी तरह से समाप्त किए बिना' इसराइल को किसी भी समझौते पर राज़ी नहीं होना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "मेरा रुख़ बिल्कुल स्पष्ट है. हम ऐसे किसी समझौते का हिस्सा नहीं हैं जो हमारी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता और यह किसी भी तरह से हम पर बाध्यकारी नहीं है. हमें हिज़्बुल्लाह को पूरी तरह समाप्त किए बिना किसी समझौते पर राज़ी नहीं होना चाहिए."

    इतामार बेन-ग्वेर इसराइल के कट्टर दक्षिणपंथी नेता हैं. हाल ही में वह ग़ज़ा की ओर राहत सामग्री ले जा रही नावों के काफ़िले (फ़्लोटिला) में सवार फ़लस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं के साथ उनके बरताव की वजह से चर्चा में रहे थे.

  2. वैभव सूर्यवंशी 21 रन बनाकर आउट, श्रीलंका-ए के ख़िलाफ़ भारतीय पारी लड़खड़ाई

    वैभव सूर्यवंशी

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    इमेज कैप्शन, वैभव सूर्यवंशी 14 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हुए (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत-ए, श्रीलंका-ए और अफ़ग़ानिस्तान-ए के बीच श्रीलंका में त्रिपक्षीय सिरीज़ खेली जा रही है. इसमें सोमवार को भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच मैच हो रहा है.

    श्रीलंका-ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी, जिसके बाद बल्लेबाज़ी के लिए उतरी भारतीय टीम की पारी मुश्किल पड़ती नज़र आ रही है.

    ख़बर लिखे जाने तक, भारत-ए ने 30 ओवरों में छह विकेट खोकर 138 रन बनाए हैं. भारत की ओर से ऋतुराज गायकवाड़ ने सबसे अधिक 37 रन बनाए.

    वहीं, कप्तान तिलक वर्मा 23 और वैभव सूर्यवंशी 21 रन बनाकर आउट हुए.

    श्रीलंका-ए की ओर से विजयकांत ने महज छह ओवरों में 9 रन ख़र्च कर दो विकेट झटके.

  3. ईरान और अमेरिका में डील तो हो गई लेकिन ये ख़तरे अब भी बाक़ी

  4. ईरान-अमेरिका समझौते पर अब इन नेताओं और देशों की आई प्रतिक्रिया

    एंथनी अल्बनीज़ और सनाए तकइची

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    इमेज कैप्शन, दुनियाभर के नेता समझौते का स्वागत कर रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान और अमेरिका के बीच घोषित समझौते पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

    ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं की ओर से एक संयुक्त बयान जारी होने के बाद अब संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकइची, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ और न्यूज़ीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स की प्रतिक्रियाएं आई हैं.

    यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने की घोषणा का स्वागत किया है.

    उनके प्रवक्ता ने कहा, "यह संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक अहम क़दम है."

    जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकइची ने भी इस समझौते की सराहना की है.

    उन्होंने कहा, "जापान को पूरी उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, और ईरान के परमाणु मुद्दे समेत अन्य मामलों पर अंतिम समझौता जल्द से जल्द किया जाएगा."

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह समझौता "मज़बूत और स्थायी शांति" की ओर ले जाएगा.

    उन्होंने कहा, "हालांकि पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लगेगा, लेकिन इस अहम व्यापारिक मार्ग को फिर से खोलना ऊर्जा क़ीमतों और अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव कम करने के लिए ज़रूरी है, जिसमें हमारा क्षेत्र भी शामिल है."

    न्यूज़ीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने इसे "निर्णायक और रचनात्मक समझौता" बताया.

    उन्होंने कहा कि यह "तनाव कम करने और उस क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक क़दम है, जो वैश्विक आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद अहम है."

  5. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ शांति समझौते पर क्या कहा

    जेडी वेंस

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    इमेज कैप्शन, वेंस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति 'ईरान से जुड़े ख़तरे को ख़त्म करने' में सफल रहे हैं

    अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका-ईरान शांति समझौता 'अगले 50 वर्षों के लिए मध्य-पूर्व को बुनियादी तौर पर बदलने की क्षमता रखता है.'

    जेडी वेंस ने यह बात रविवार को फ़ॉक्स न्यूज़ से कही. उन्होंने कहा, "दुनिया के इस क्षेत्र को मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी संकटों से घिरा देखा है."

    वेंस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टईरान से जुड़े ख़तरे को ख़त्म करनेट में सफल रहे हैं.

    उन्होंने कहा, "अब मध्य-पूर्व में समृद्धि और सफलता के एक नए दौर की नींव रखना संभव होगा."

    वेंस ने कहा, "साफ़ तौर पर कहें तो हम इस क्षेत्र से अमेरिकी लोगों के लिए काफ़ी ख़ुशहाली ला सकते हैं."

    रविवार देर रात (भारतीय समयानुसार सोमवार तड़के) सबसे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की घोषणा की.

    इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते की पुष्टि की. इस पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर शुक्रवार, 19 जून को स्विट्ज़रलैंड में होंगे.

  6. पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट में किया भारी इज़ाफ़ा, भारत को लेकर क्या कहा गया

  7. ईरान के शीर्ष सैन्य कमान ने शांति समझौते को लेकर अमेरिका-इसराइल के बारे में क्या कहा, ग़ोंचेह हबीबीज़ाद, बीबीसी पर्शियन

    आईआरजीसी का जवान

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    इमेज कैप्शन, ईरान में अमेरिका के साथ समझौते को जीत के तौर पर पेश किया जा रहा है (सांकेतिक तस्वीर)

    अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की घोषणा के बाद ईरान के शीर्ष सैन्य कमान, ख़ातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर की प्रतिक्रिया आई है.

    शीर्ष सैन्य कमान ने कहा है, "ईरानी जनता, देश की सशस्त्र सेनाओं और क्षेत्र में तेहरान के सहयोगी समूहों ने अमेरिका और इसराइल को यह दिखा दिया है कि उनके पास हार स्वीकार करने और आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था."

    ख़ातम अल-अनबिया का यह बयान ईरान के सरकारी टेलीविज़न के रुख़ के मुताबिक़ है.

    ईरानी सरकारी टेलीविज़न इस समझौते को ईरान की जीत के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है. समझौते का विरोध करने वाले कट्टरपंथी धड़ों की ओर से ईरान के भीतर आलोचना भी बढ़ रही थी.

    समझौते की आलोचना करने वाले कुछ लोगों ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और संसद के स्पीकर बग़र ग़ालिबाफ़ पर ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के साथ 'विश्वासघात' करने का आरोप लगाया.

    अराग़ची और ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका के साथ वार्ता में अहम भूमिका निभाई है.

    आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई 28 फ़रवरी को युद्ध के पहले दिन अमेरिका और इसराइल के हमलों में मारे गए थे. इससे कुछ हफ़्ते पहले ख़ामेनेई ने कहा था कि अमेरिका के साथ बातचीत 'बुद्धिमानी नहीं' है और इससे देश की समस्याओं का 'समाधान नहीं होगा.'

  8. अमेरिकी सेना ने ओमान के तट पर बचाए गए 14 भारतीय नाविकों को लेकर क्या दावा किया

    अमेरिकी नेवी

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    इमेज कैप्शन, सेंटकॉम ने कहा कि रविवार को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया (सांकेतिक तस्वीर)

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि उसने रविवार को उत्तरी अरब सागर में 14 भारतीय नाविकों को बचाने में मदद की. सेंटकॉम ने इस ऑपरेशन से जुड़ा एक बयान साझा किया है.

    इससे पहले ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था कि रेस्क्यू ऑपरेशन ओमान के अधिकारियों के समन्वय में आसपास मौजूद जहाज़ों के ज़रिए चलाया गया.

    बाद में रविवार को ही भारतीय दूतावास ने बताया कि सभी 14 भारतीय नाविकों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया और वे जबल अली 9 पर सवार होकर मुंबई के लिए रवाना हो गए हैं.

    सेंटकॉम ने 'डिफ़ेंस विज़ुअल इन्फ़ॉर्मेशन डिस्ट्रिब्यूशन सर्विस' (डीवीआईडीएस) का एक बयान में रेस्क्यू अभियान के बारे में बताया है.

    बयान में लिखा है, "अमेरिकी नौसेना के एक सर्च एंड रेस्क्यू हेलिकॉप्टर ने 14 जून को उत्तरी अरब सागर में 14 भारतीय नाविकों को बचाने में मदद की."

    "फंसे हुए नाविकों की ओर से रविवार दोपहर लगभग 12.30 बजे (भारतीय समयानुसार) डिस्ट्रेस कॉल मिलने के बाद अमेरिकी नौसेना का एक पी-8 विमान सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचा. विमान ने खोज और बचाव किट गिराई, जिसमें एक लाइफ़ राफ़्ट भी शामिल थी. 14 नाविक उसी लाइफ़ राफ़्ट पर सवार हो गए."

    "इसके बाद मोटर वेसल (एम/वी) जबल अली 9 घटनास्थल पर पहुंचा और लाइफ़ राफ़्ट से 11 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया."

    बचाए गए 14 भारतीय नाविक

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    इमेज कैप्शन, भारतीय दूतावास ने बचाए गए 14 भारतीय नाविकों की तस्वीर साझा की है

    डीवीआईडीएस के मुताबिक़, अन्य तीन नाविकों की लाइफ़ राफ़्ट पलट गई थी और उन्हें अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के एक एमएच-60 सी हॉक हेलिकॉप्टर ने बचाया.

    इसके बाद तीनों नाविकों को एम/वी जबल अली 9 पर पहुंचाया गया.

  9. दीप्ति शर्मा और स्मृति मंधाना के कमाल ने कैसे पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेरा

  10. ईरान-अमेरिका के बीच समझौते पर ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने क्या कहा

    इमैनुएल मैक्रों, किएर स्टार्मर, जियोर्जिया मेलोनी और फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़

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    इमेज कैप्शन, ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने समझौते का स्वागत किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया है.

    इन देशों के नेताओं ने कहा है कि वे अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर इस "अवसर का पूरा लाभ उठाने" के लिए काम करेंगे.

    ई4 समूह के नाम से जाने जाने वाले इन देशों ने कहा, "हम इस कूटनीतिक सफलता के लिए अमेरिका, ईरानी सरकार और इसमें शामिल सभी पक्षों को बधाई देते हैं, जिनमें पाकिस्तान, क़तर और अन्य सभी मध्यस्थ शामिल हैं."

    बयान में कहा गया, "यह क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने का एक अवसर है."

    ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने समझौते को 'तेज़ी से और पूरी तरह लागू किए जाने' की अपील की है.

    उन्होंने कहा कि "स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को तत्काल फिर से खोलना और वहां बिना किसी शर्त और प्रतिबंध के नैविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित किया जाना बेहद ज़रूरी है."

    इन नेताओं ने लेबनान की 'स्थिरता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता' के प्रति अपने समर्थन को भी दोहराया.

  11. अमेरिका-ईरान के बीच समझौते में किन बिंदुओं का ज़िक्र, ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया

    मसूद पेज़ेश्कियान

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    इमेज कैप्शन, ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया है कि अंतिम समझौता संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव के ज़रिए मंज़ूर किया जाएगा (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के सरकारी मीडिया ने अमेरिका और ईरान के बीच घोषित समझौते (एमओयू) के 14 बिंदुओं की जानकारी होने का दावा किया है.

    हालांकि, इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि अब तक किसी भी देश की ओर से नहीं की गई है.

    ईरान के अर्द्ध सरकारी समाचार एजेंसी मेहर न्यूज़ के मुताबिक़ प्रस्तावित बिंदुओं में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर स्थायी युद्धविराम का मुद्दा है.

    इसके अलावा इन बिंदुओं का भी ज़िक्र है-

    • अमेरिका की ओर से ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने की प्रतिबद्धता
    • 30 दिनों के भीतर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना
    • ईरानी क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी
    • "ईरानी व्यवस्था" के तहत 30 दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलना
    • अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजनाएं
    • ईरानी तेल और ऊर्जा उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों को समाप्त करना
    • परमाणु हथियार नहीं बनाने की ईरान की प्रतिबद्धता को दोहराना
    • अमेरिका की ओर से क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी नहीं बढ़ाने और नए प्रतिबंध नहीं लगाने की प्रतिबद्धता

    मेहर न्यूज़ एजेंसी ने यह भी बताया कि "अंतिम वार्ता तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक ईरान की फ़्रीज़ की हुई संपत्तियों का कम से कम आधा हिस्सा रिलीज़ नहीं किया जाता, ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध निलंबित नहीं किए जाते और नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई जाती."

    रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव के ज़रिए मंज़ूरी दी जाएगी.

  12. अमेरिका और ईरान के बीच डील की घोषणा के बाद तेल की क़ीमतों में गिरावट, पीटर हॉस्किन्स, बिज़नेस रिपोर्टर

    पेट्रोल-डीज़ल

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    इमेज कैप्शन, रविवार को डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते पर पहुंचने की घोषणा की, हालांकि इस पर हस्ताक्षर शुक्रवार को होगा

    अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की घोषणा के बाद एशिया में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की क़ीमतों में गिरावट दर्ज की गई.

    वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस समझौते के तहत अहम समुद्री मार्ग होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा.

    इसके बाद वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की क़ीमत 3.8 फ़ीसदी गिरकर 84.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिका में कारोबार होने वाला तेल 4.1 फ़ीसदी गिरकर 81.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि समझौते पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर शुक्रवार, 19 जून को स्विट्ज़रलैंड में होगा.

    इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "क्षेत्र में तेल की निर्बाध आवाजाही फिर से शुरू होगी."

    28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान पर हवाई हमले शुरू किए जाने के कुछ समय बाद से होर्मुज़ प्रभावी रूप से बंद था.

    दुनिया के लगभग 20 फ़ीसदी तेल और लिक्विफ़ाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की आपूर्ति सामान्य तौर पर इसी समुद्री रास्ते से होती है.

    हाल के महीनों में वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. युद्ध शुरू होने से पहले ब्रेंट क्रूड की क़ीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन संघर्ष के दौरान यह क़ीमत बढ़कर क़रीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी.

  13. नमस्कार!

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

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  14. अमेरिका और ईरान में शांति समझौते का एलान, होर्मुज़ स्ट्रेट समेत किन बातों पर बनी सहमति

  15. US-ईरान डील, क्या हैं पेच?

  16. महिला टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ने पाकिस्तान को 64 रन से हराया, दीप्ति शर्मा ने रचा इतिहास

    दीप्ति शर्मा

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    इमेज कैप्शन, दीप्ति शर्मा महिला टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज भी बन गई हैं

    महिला टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने रविवार को अपने पहले मैच में पाकिस्तान की टीम को 64 रनों से हरा दिया.

    भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया था.

    पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने पाकिस्तान को 171 रनों का लक्ष्य दिया था. भारत की टीम ने 6 विकेट के नुक़सान पर 170 रन बनाए.

    ब्रिटेन के बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले गए इस मैच में पाकिस्तान की टीम ने जवाबी पारी में 17 ओवर में 106 रन बनाए.

    भारत की ओर से स्मृति मंधाना ने शानदार 44 गेंदों में 68 रन बनाए. उन्होंने अपनी इस पारी के दौरान 2 छक्के और 9 चौके लगाए. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 36 रनों की पारी खेली.

    दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 10 रन देकर 5 विकेट लिए. वहीं, श्री चरणी को 4 ओवर में 21 रन खर्च कर 3 विकेट मिले.

    इस शानदार परफॉर्मेंस के साथ दीप्ति शर्मा महिला टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज भी बन गई हैं.

    दीप्ति शर्मा प्लेयर ऑफ़ द मैच बनीं.

    इसके बाद उन्होंने कहा, "मुझे इस तरह की पिचें पसंद हैं. गेंद थोड़ी घूम रही थी, इसलिए मैंने हवा में थोड़ी धीमी गेंदें डालीं और खुद पर भरोसा रखा. मैंने बस सही जगहों पर गेंदबाज़ी की. मैं स्मृति को उनकी पारी के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं, जिससे हमें मोमेंटम मिला. मुझे विकेट न मिलने की चिंता नहीं थी, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था और पता था कि ज़रूरत पड़ने पर मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकती हूं."

  17. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  18. बेरूत पर हमले पर ट्रंप बोले- हम समझौते के बहुत क़रीब हैं, आइए इसे बर्बाद न करें

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि "हम समझौते के बहुत क़रीब हैं"

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पर हमला नहीं होना चाहिए था.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "आज सुबह बेरूत पर हुआ हमला नहीं होना चाहिए था, खासकर ऐसे खास दिन जब हम ईरान के साथ शांति समझौते के बहुत करीब हैं. इसराइल को खतरों से अपना बचाव करने का अधिकार है, लेकिन जिस हमले का जवाब दिया गया, वह बहुत छोटा और बेमतलब का था."

    उन्होंने आगे कहा, "इसमें कोई घायल या हताहत नहीं हुआ, और इससे इस अहम प्रक्रिया में रुकावट नहीं आनी चाहिए. हम एक ऐसे समझौते के बहुत करीब हैं जो लेबनान समेत पूरे इलाके में शांति लाएगा, और सभी पक्षों को पीछे हट जाना चाहिए."

    "इसराइल को लेबनान में कहीं भी और हमला नहीं करना चाहिए, लेकिन हिज़्बुल्लाह समेत किसी भी अन्य पक्ष को भी इसराइल पर हमला नहीं करना चाहिए. यह एक लंबी और शानदार शांति की शुरुआत हो सकती है. आइए इसे बर्बाद न करें."

    दरअसल शनिवार को पाकिस्तान ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी थी कि अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को समझौते पर डिजिटल हस्ताक्षर होने वाला है.

    वहीं ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर पोस्ट कर, बेरूत पर हुए इसराइली हमले के लिए अमेरिका की आलोचना की है.

    बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा कि, “यहूदी शासन की घुसपैठ और हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अमेरिका या तो अपनी ज़िम्मेदारियों और वादों को पूरा करने का इरादा नहीं रखता, या फिर उसके पास ऐसा करने की क्षमता नहीं है.”

  19. जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी को पुलिस ने दी प्रदर्शन की अनुमति, लेकिन रखीं ये शर्तें, मोहर सिंह मीणा, जयपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए

    जयपुर में रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रदर्शन की जानकारी देने के लिए एक प्रेस वार्ता में मीडिया को संबोधित किया.

    इमेज स्रोत, Mohar Singh Meena

    इमेज कैप्शन, जयपुर में रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रदर्शन की जानकारी देने के लिए एक प्रेस वार्ता में मीडिया को संबोधित किया.

    कॉकरोच जनता पार्टी को जयपुर में सोमवार को पुलिस ने सशर्त प्रदर्शन करने की अनुमति दी है. इससे पहले पुलिस ने अनुमति देने से ने इनकार कर दिया था.

    पुलिस के आदेशानुसार कॉकरोच जनता पार्टी को सोमवार दोपहर तीन बजे से रात सात बजे तक प्रदर्शन की अनुमति दी है.

    पुलिस ने शर्त रखी है कि इस प्रदर्शन में आठ सौ लोगों से ज़्यादा एकत्रित नहीं हो सकते हैं.

    कॉकरोच जनता पार्टी के समन्वयक शशि मीणा ने बीबीसी से कहा था कि पुलिस ने अनुमति नहीं दी है लेकिन फिर भी हम शहीद स्मारक पर ही प्रदर्शन करेंगे.

    डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज वर्मा ने बीबीसी हिन्दी से फोन पर बताया था कि प्रदर्शन की कंडीशन की पालना नहीं होने के कारण अनुमति नहीं दी. लेकिन, कंडीशन की पालना करने पर अनुमति देंगे. सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने आदेश जारी कर अनुमति दे दी है.

    पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बीबीसी से बताया है कि, "प्रशासन ने प्रदर्शन की अनुमति दे दी है. यह प्रदर्शन युवाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर आयोजित किया जा रहा है."

    रांका ने आगे बताया है कि, "बढ़ती बेरोज़गारी, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाएं, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, युवाओं के साथ हो रहे अन्याय तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य है."

    उन्होंने बताया है कि प्रदर्शन में पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके, शिक्षाविद् सोनम वांगचुक समेत पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल होंगे."

  20. पीएम मोदी ने फ़्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाक़ात की, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

    राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय बातचीत से पहले की तस्वीर

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को फ़्रांस के नीस स्थित विला केरिलॉस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाक़ात की.

    रविवार को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई.

    इस साल की शुरुआत में भारत और फ़्रांस के संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के लेवल तक बढ़ाए जाने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी.

    प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के मुताबिक, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सभी क्षेत्रों में हो रहे अहम सहयोग और उसकी बढ़ती गहराई पर संतोष व्यक्त किया.

    दोनों नेताओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से चले आ रहे सफल सहयोग की विरासत का उल्लेख किया.

    उन्होंने मानव अंतरिक्ष मिशनों और अंतरिक्ष में होने वाली गतिविधियों की निगरानी और जागरूकता से जुड़े प्रणालियों में सहयोग को और आगे बढ़ाने पर चर्चा की.

    इसके अलावा, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और उद्योगों के बीच साझेदारी और सहयोग का विस्तार करने के उपायों पर भी बात की.

    नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों नेताओं ने इस बात पर ध्यान दिया कि भारत का ‘शांति अधिनियम’ सहयोग के नए अवसर देता है. उन्होंने ख़ास तौर पर छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों और अच्छे मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास और उपयोग के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की और इस दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया.

    भारत इनोवेट्स के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत एक टिकाऊ भविष्य और दुनिया के लिए नई-नई खोज कर रहा है. यहां आप करीब 100-125 स्टार्टअप देख सकते हैं, लेकिन भारत में 2 लाख से ज़्यादा स्टार्टअप का मेगा पूल है. “

    उन्होंने आगे कहा, “ये स्टार्टअप भारत के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में भी योगदान दे रहे हैं. यह दशक बड़े बदलाव और विकास, दोनों का है. दुनिया संघर्षों और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर की वजह से उथल-पुथल के एक अप्रत्याशित दौर से गुज़र रही है, लेकिन चुनौतियां अपने साथ समान अवसर भी लाती हैं. “

    उन्होंने आगे कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मटीरियल्स - ये सभी मिलकर मानवता के भविष्य को आकार दे रहे हैं."

    फ़्रांस के राष्ट्रपति ने क्या कहा?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों

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    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों

    इस दौरान राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने पर बधाई दी.

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री, मैं यहां आपकी यात्रा पर आपको बधाई देना चाहता हूं. कुछ ही दिन पहले, आप भारत की आज़ादी के बाद से सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बने हैं. यह एक लंबा सफ़र रहा है जो आपके पक्के इरादे और आपके देश की मज़बूती को दिखाता है; यह वाकई बहुत शानदार है. इसलिए, हमें बहुत गर्व है कि आप हमारे बीच यहां मौजूद हैं."

    पीएम मोदी 13 जून से फ्रांस-स्लोवाकिया के 6 दिन के दौरे पर हैं. फ्रांस के एवियान में 17 जून को जी-7 समिट होने वाला है. वो इस समिट में शामिल होंगे.