लाइव, अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के बयान पर संजय सिंह ने क्या कहा

फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीयों की मौत के मामले में अमेरिका के बयान को लेकर भारत में विपक्षी नेता सरकार के रुख़ पर सवाल उठा रहे हैं.

सारांश

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  • भारतीय वायु सेना का विमान क्रैश हुआ
  • ट्रंप
  • एस जयशंकर
  • पॉल एलेक्ज़ेंडर को द मैन इन द आयरन लंग के नाम से भी जाना जाता था
  • ट्रंप
  • शहद निकालने वाले दो शख़्स
  • बांग्लादेश में एक टका लेकर पढ़ात हैं रहमान

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह

  1. अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के बयान पर संजय सिंह ने क्या कहा

    संजय सिंह

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    इमेज कैप्शन, संजय सिंह ने अमेरिका की ओर से जारी बयान को 'भारत का अपमान' बताया (फ़ाइल फ़ोटो)

    फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीयों की मौत के मामले में अमेरिका के बयान को लेकर भारत में विपक्षी नेता सरकार के रुख़ पर सवाल उठा रहे हैं.

    आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इसे 'भारत का अपमान' बताया.

    उन्होंने कहा, "हमारे विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी सेना द्वारा तीन भारतीयों की हत्या पर अपना विरोध जताने के लिए मार्को रुबियो को फ़ोन किया. रुबियो ने दुख जताने के बजाय उल्टा हमारे विदेश मंत्री को ही 'डाँट' दिया और कहा 'अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा'."

    कांग्रेस सांसद और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने अमेरिका के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें 'निर्दोष भारतीयों की मौत पर दुख या संवेदना' का एक भी शब्द नहीं है.

    उन्होंने कहा, "कोई 'मित्र' और रणनीतिक साझेदार इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है?"

    दरअसल, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मामले में कहा था कि उन्होंने इस हमले को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री के सामने 'कड़ा विरोध' दर्ज कराया है.

    वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि "सभी कमर्शियल जहाज़ों को अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए, क्योंकि वो इस स्ट्रेट में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

  2. ईरान के इन शहरों में अमेरिका से 'समझौते' के ख़िलाफ़ क्यों हुए प्रदर्शन

    ईरान में विरोध प्रदर्शन

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    इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों ने विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और संसद के स्पीकर बग़र ग़ालिबाफ़ के ख़िलाफ़ नारे लगाए, ये दोनों नेता अमेरिका के साथ बातचीत में मुख्य भूमिका में हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर रविवार को समझौता होने की उम्मीद जताई जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसको लेकर बयान भी जारी किया.

    हालांकि, ईरान की ओर से हस्ताक्षर का समय या तारीख़ स्पष्ट तौर पर नहीं बताई गई है.

    इस बीच दोनों देशों के बीच समझौते के ख़िलाफ़ ईरान के शहरों में प्रदर्शन हुए हैं.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ईरान में समझौते के कुछ विरोधियों ने इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

    यह रैली तेहरान के इब्न सिना स्क्वायर में आयोजित की गई थी, जिसमें शामिल प्रदर्शनकारी ईरान के एक कट्टरपंथी और चरमपंथी संगठन "परसिस्टेंस फ़्रंट" के क़रीबी बताए जा रहे हैं.

    शनिवार शाम को भी मशहद में विदेश मंत्रालय के इमारत के सामने दर्जनों लोग अब्बास अराग़ची के अमेरिका के साथ संभावित समझौते के बारे में दिए गए बयानों के विरोध में जमा हुए.

    फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें मशहद में प्रदर्शनकारी अराग़ची के ख़िलाफ़ नारे लगाते दिख रहे हैं.

    समझौते का विरोध करने वालों का मानना ​​है कि यह समझौता ईरान के हित में नहीं है और इससे होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरान का प्रभाव कमज़ोर होगा.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, अराग़ची ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा था कि समझौते में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना शामिल होगा. उन्होंने होर्मुज़ स्ट्रेट को ईरान के प्रमुख डेटेरेंट (निरोधक क्षमता) में से एक बताया.

  3. पीएम मोदी और ट्रंप के बीच फ़्रांस में हो सकती है मुलाक़ात

    नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, दोनों नेताओं के बीच आखिरी बैठक पिछले साल फ़रवरी में हुई थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    फ़्रांस में होने वाली जी-7 बैठक से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाक़ात होने की संभावना है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने अमेरिकी मीडिया के हवाले से ये जानकारी दी है.

    अमेरिकी मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी है कि दोनों नेताओं के बीच बुधवार, 17 जून को द्विपक्षीय बैठक होगी. ट्रंप सोमवार सुबह जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए फ़्रांस रवाना होंगे.

    पिछले साल फ़रवरी में वॉशिंगटन में मुलाक़ात के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाक़ात होगी.

    वहीं, समाचार एजेंसी एएनआई ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का बयान जारी किया है. इसमें भी बुधवार 17 जून को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक का ज़िक्र है.

    इस मुलाक़ात की ख़बर ऐसे समय आई है जब खाड़ी में तीन भारतीय नाविकों की मौत को लेकर भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव चल रहा है.

    बीते दिनों ओमान की खाड़ी क्षेत्र में एक कार्गो जहाज़ पर हुए हमले में तीन भारतीयों की मौत हुई थी. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फ़ोन पर बात कर इस घटना पर 'कड़ा विरोध' दर्ज किया था.

    हालांकि, अमेरिका की ओर से आए बयान में कहा गया कि अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी फ़्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर हैं, वह शनिवार को फ़्रांस के नीस शहर में उतरे

    पीएम मोदी का फ़्रांस दौरा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 13 जून को फ़्रांस पहुंच गए हैं. नीस में उतरने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि वह इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर कई बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे.

    उन्होंने फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी मुलाक़ात की बात कही.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, पीएम मोदी 13 से 18 जून तक फ़्रांस और स्लोवाकिया में रहेंगे. वह 13 से 14 जून तक फ़्रांस के नीस और 16 से 18 जून 2026 तक एवियान और पेरिस की यात्रा करेंगे.

    इस बीच वह 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की आधिकारिक यात्रा करेंगे.

  4. डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को समझौते पर हस्ताक्षर करने की बात कही, ईरान क्या बोला

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने समझौते को लेकर एलान तो कर दिया है लेकिन ईरान की ओर से अभी सतर्कता बरती जा रही है

    फ़ारस की खाड़ी में संघर्ष समाप्त करने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि रविवार यानी आज दोनों पक्षों में हस्ताक्षर होंगे, जबकि ईरान ने कहा है कि हस्ताक्षर का अभी कोई सटीक समय तय नहीं हुआ है.

    ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने का समय अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है.

    उन्होंने एक बयान में कहा, "समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के सटीक समय का हमें इंतजार करना होगा."

    उन्होंने कहा कि रविवार को हस्ताक्षर नहीं होंगे, "हालांकि, आने वाले दिनों में हस्ताक्षर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. दूसरे पक्ष के रुख़ में असंगति को देखते हुए, हमें इस प्रक्रिया के बारे में कोई भी बयान देते समय सावधानी बरतनी चाहिए.

    हालांकि बक़ाई के बयान के कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "समझौते पर कल (रविवार) हस्ताक्षर होने वाले हैं, और जैसे ही इस पर हस्ताक्षर हो जाएंगे, होर्मुज़ स्ट्रेट सभी के लिए खुल जाएगा."

    ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार की ओर इशारा करते हुए ट्रंप ने कहा कि "सही समय पर, जब सब कुछ शांत होगा, हम वहां जाएंगे और 'न्यूक्लियर डस्ट' को हासिल करेंगे."

    इस प्रक्रिया में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने भी शनिवार को कहा था कि समझौते को अगले 24 घंटों के भीतर अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है और दोनों देश 'इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की तैयारी कर रहे हैं.'

  5. नमस्कार!

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