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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.
सारांश
- नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
- पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
- अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
- चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
- पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
लाइव कवरेज
दीपक मंडल
ईरान युद्ध पर राष्ट्रपति ट्रंप को अमेरिकी संसद ने दिया बड़ा झटका, क्वासी ग्यांफ़ी असीडू, वॉशिंगटन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान में सैन्य कार्रवाई को आगे बढ़ाने से रोकने के लिए अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स ने एक प्रस्ताव पास किया है.
यह प्रस्ताव 208 के मुक़ाबले 215 वोटों से पास हुआ. ऐसा तब संभव हुआ जब चार रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेटिक पार्टी का साथ दिया.
अमेरिकी संसद में युद्ध को लेकर असहमति का ऐसा सार्वजनिक प्रदर्शन कभी-कभार ही देखने को मिलता है.
ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका ने इसी साल फ़रवरी में युद्ध शुरू किया था. यह चौथी बार है जब हाउस ने ट्रंप की युद्ध संबंधी शक्तियों पर लगाम लगाने की कोशिश की है.
आलोचकों का कहना है कि ट्रंप ने इन शक्तियों के लिए संसद की मंज़ूरी नहीं ली थी.
हाउस के इस प्रस्ताव को अभी भी रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली अमेरिकी सीनेट की मंज़ूरी मिलना बाकी है.
भले ही यह प्रस्ताव सीनेट में पास हो जाए, लेकिन इस बात की संभावना कम ही है कि यह ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह से रोक पाएगा.
ट्रंप इस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो इसे रद्द करने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत होगी.
सीनेट ने मई में भी इसी तरह का एक प्रस्ताव आगे बढ़ाया था. सात पिछली नाकाम कोशिशों के बाद यह प्रस्ताव आगे बढ़ा था, लेकिन अभी तक इस पर पूरे सदन में वोटिंग नहीं हुई है.
नमस्कार!
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.
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अमेरिका- ईरान: जंग जीतने के दावे में कितना दम
अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह को दीजिए इजाज़त.
कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
कुवैत ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमलों और ईरान के आरोपों पर ये कहा
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ईरानी हमले में कर्मचारियों और यात्रियों समेत कम से कम 63 लोग घायल हुए हैं.
इससे पहले कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है.
वहीं, कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने ईरान से दागी गईं 13 मिसाइलों और 17 ड्रोनों को रोका और उन्हें नष्ट किया है.
ईरानी हमलों में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 की इमारत और कई राजनयिक स्थलों को नुक़सान पहुंचा.
ईरान का कहना है कि अमेरिका कुवैत के क्षेत्र का इस्तेमाल उसकी धरती पर हमला करने के लिए कर रहा है और इसके लिए वह कुवैत की सरकार को ज़िम्मेदार मानता है.
वहीं, कुवैत ने ईरान के इन आरोपों को ख़ारिज किया है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, कुवैत के उप विदेश मंत्री हमाद सुलेमान अल-मशान ने "किसी भी देश के ख़िलाफ़ किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के लिए कुवैत के ज़मीनी क्षेत्र या हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल" को स्पष्ट रूप से ख़ारिज किया है.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "ईरान के दावे झूठे और निराधार हैं और उसके पास कोई भी विश्वसनीय सबूत या दस्तावेज नहीं हैं."
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ममता-ऋतब्रत विवाद पर बोले हुमायूं कबीर, 'ये तो होना ही था'
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के बीच चल रहे विवाद पर आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि ये तो होना ही था.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "अगर पार्टी के निर्णय लेने की शक्ति ममता बनर्जी के हाथ में होती, तो आज पार्टी की यह स्थिति नहीं होती."
हुमायूं कबीर ने कहा, "पहली ग़लती उन्होंने 2020 में की, जब वो अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को आगे लाईं. लोकसभा में सभी वरिष्ठ सांसदों की अनदेखी करते हुए उनके भतीजे को लोकसभा में नेता चुना गया."
"शुभेंदु अधिकारी आज मुख्यमंत्री हैं, लेकिन एक समय वे टीएमसी में थे. उन्हें भी किनारे कर दिया गया और उनके भतीजे को आगे लाया गया. यह भी ग़लत था. मैंने छह महीने पहले ही कहा था कि टीएमसी बंगाल का चुनाव हारेगी, सत्ता खो देगी और पार्टी भी बिखर जाएगी. आज वही हो रहा है."
ग़ौरतलब है कि दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निकाले गए बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता बन गए हैं.
विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु ने बाग़ी विधायकों की ओर से सौंपे गए समर्थन पत्र को स्वीकार करते हुए विपक्ष के नेता के लिए आवंटित कक्ष की चाबी ऋतब्रत को सौंप दी.
आदित्य ठाकरे ने शिवसेना में फूट का ज़िक्र कर डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया की तारीफ़ की
शिवसेना (उद्धव गुट) नेता आदित्य ठाकरे ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की तारीफ़ की है और उन्हें कांग्रेस के प्रति वफ़ादार कहा है.
बुधवार को डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद उद्धव ठाकरे का यह बयान आया है. उन्होंने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की भी तारीफ़ की है.
ठाकरे ने एक्स पर लिखा, "आज की राजनीति में जो बहुत कम देखने को मिलता है, उसे दो लोगों ने दिखाया है कि वफ़ादारी, गरिमा और वादों की अहमियत अब भी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई है."
उन्होंने कहा, "कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार जी ने अपनी पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा दिखाई है. 2022 में डर या लालच के कारण हमारी पार्टी छोड़कर चले गए लोगों से उलट इन्होंने केंद्रीय एजेंसियों का सामना किया, फिर भी कांग्रेस में बने रहे. चुनाव जीतने पर उन्होंने धैर्य के साथ अपने राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवा की और आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है"
आदित्य ठाकरे ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की भी तारीफ़ की.
उन्होंने लिखा, "सिद्धारमैया जी ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, विधायकों का अच्छा समर्थन हासिल किया और फिर बिना किसी हिचकिचाहट या गंदी राजनीति के डीके शिवकुमार जी के लिए रास्ता बनाते हुए बेहद शालीनता से पद छोड़ दिया."
उन्होंने कहा, "ऐसे भी कई लोग हैं जो सत्ता के बिना नहीं रह सकते और उससे चिपके रहने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं. 2022 में हमारी पार्टी छोड़कर चले गए नेताओं जैसे लोग भरोसा तोड़ते हैं, पार्टियां तोड़ते हैं और मानवीय मर्यादा और शर्म की सभी सीमाएं लांघ जाते हैं."
साल 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में टूट हुई थी. एकनाथ शिंदे ने कई विधायकों के साथ मिलकर महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस) की सरकार गिरा दी थी और बीजेपी के साथ नई सरकार बनाई थी.
डोनाल्ड ट्रंप ने फ़ोन कॉल पर नेतन्याहू को 'अपशब्द' कहे जाने से जुड़ी रिपोर्ट की पुष्टि की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्सियोस की उस रिपोर्ट की पुष्टि की है, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने एक फ़ोन कॉल के दौरान इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को ग़ुस्से में अपशब्द कहे.
ट्रंप ने बुधवार को एक पॉडकास्ट में यह पुष्टि की.
'पॉड फ़ोर्स वन विद मिरांडा डिवाइन' की होस्ट ने जब ट्रंप से सवाल किया, "एक्सियोस ने रिपोर्ट किया कि इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से आपकी फ़ोन पर बातचीत हुई, जिसमें आप ग़ुस्से में थे. आपने कहा, 'क्या तुम पागल हो? तुम क्या कर रहे हो? मैंने तुम्हें जेल जाने से बचाया.' क्या यह सच है कि आपने उनसे इसी तरह से बात की?"
इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "हां, मैंने की थी. मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं ग़ुस्से में था, लेकिन लेबनान के साथ उनकी लगातार लड़ाई को लेकर मैं थोड़ा चिंतित था."
ट्रंप ने कहा, "मैंने कहा कि बीबी (नेतन्याहू) एक वक़्त पर हमें इसे रोकना होगा. लेकिन हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं. हमने साथ मिलकर अच्छा काम किया है."
एक्सियोस ने सोमवार को एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें दावा किया गया कि ट्रंप ने एक फ़ोन कॉल के दौरान नेतन्याहू को अपशब्द कहे.
ईरान ने अमेरिका के इतने ठिकानों को तबाह करके पहुंचाया करोड़ों डॉलर का नुक़सान
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता ने फंडिंग से जुड़े सवाल का दिया ये जवाब
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने पार्टी की फंडिंग से जुड़े सवाल का जवाब दिया है.
सीजेपी के प्रवक्ताओं ने आज (बुधवार) पार्टी की पहली प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. यह प्रेस कॉन्फ़्रेंस छह जून को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से जुड़ी थी.
इस दौरान सौरव दास से सीजेपी की फंडिंग से जुड़ा सवाल किया गया, जिस पर उन्होंने कहा, "फंडिंग किस चीज़ के लिए चाहिए?"
उन्होंने अपने पीछे लगे पोस्टर की ओर इशारा करते हुए कहा, "ये पोस्टर 200 रुपये का है. यहां पर इतने सारे लोग इकट्ठा हो गए, सब लोग एक-एक रुपये देंगे तो 200 रुपये का पोस्टर नहीं बन जाएगा क्या?"
उन्होंने कहा, "अगर युवा को रोड पर आना है, जंतर-मंतर पहुंचना है, तो ऑटो लेकर 100 रुपये देकर नहीं पहुंच सकते क्या? हम लोग पहुंच जाएंगे. इसके लिए किस चीज़ की फंडिंग चाहिए?"
सौरव दास ने आगे कहा, "ये एक काउंटर नैरेटिव चलाया जाता है. कोई भी आंदोलन हो, इतिहास गवाही देगा कि जब भी एक अच्छा आंदोलन हुआ है, उसके ख़िलाफ़ एक काउंटर नैरेटिव चलाया जाता है. कॉन्सपिरेसी थ्योरी चलाई जाती है. फंडिंग लाया जाता है, फॉरेन हैंड लाया जाता है, बहुत सारी कहानियां बनाई जाती हैं. क्योंकि वो आंदोलन एक सही रास्ते पर है."
उन्होंने कहा, "हमें ये वैलिडेशन मिल चुकी है कि ये आंदोलन सही रास्ते पर चल रहा है, इसलिए ऐसी कहानियां बनाई जा रही हैं."
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय की मौत, विदेश मंत्रालय ने की निंदा
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले की निंदा की है.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है और कई भारतीय नागरिक घायल हैं.
इससे पहले कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने भी एक भारतीय के मारे जाने की पुष्टि की.
दूतावास ने एक बयान जारी कर संवेदना जाहिर की है और कहा है कि दूतावास मृतक के परिवार के संपर्क में है.
वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के सभी पक्षों से हमले रोकने की अपील की है और आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाए जाने पर ज़ोर दिया है.
इससे पहले कुवैत की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने बताया था कि ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमले से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई लोग घायल हुए हैं.
इस हमले के बाद उड़ानों को रोक दिया गया और उन्हें दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट कर दिया गया.
रिपोर्ट में कुवैत सिविल एविएशन अथॉरिटी के हवाले से कहा गया कि हमला एयरपोर्ट की टी-1 बिल्डिंग पर किया गया.
भारत में कुछ गांवों के नाम की वजह से वहां रहने वाले लोग परेशान- ग्राउंड रिपोर्ट
दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में लगी आग, कम से कम 21 की मौत
दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में आग, चश्मदीद ने ये बताया
कॉकरोच जनता पार्टी में महिला प्रवक्ता नहीं होने पर हुई आलोचना, अभिजीत दीपके ने दिया जवाब
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पार्टी के प्रवक्ताओं की सूची में किसी महिला का नाम नहीं होने पर हुई आलोचना का जवाब दिया है.
सीजेपी ने बुधवार को अपने तीन प्रवक्ताओं के नाम का एलान किया. पार्टी ने खोजी पत्रकार सौरव दास को मुख्य प्रवक्ता बनाया है, जबकि लेखक और फ़िल्म निर्माता विजेता दहिया और आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र आशुतोष रांका को प्रवक्ता की ज़िम्मेदारी दी गई है.
इस एलान के बाद शिवसेना (उद्धव गुट) की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने किसी महिला को प्रवक्ता न बनाए जाने पर सीजेपी की आलोचना की.
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर लिखा, "तो कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत संस्थापक, सह-संस्थापक और प्रवक्ताओं के रूप में 100 प्रतिशत पुरुष प्रतिनिधित्व के साथ हुई है."
उन्होंने कहा, "आगे और क्या सामने आता है, इसका इंतज़ार रहेगा."
अब अभिजीत दीपके ने इस आलोचना का जवाब दिया है. उनका कहना है कि सीजेपी की महिला सदस्यों ने 'ऑनलाइन मिल रही धमकियों की वजह से' पर्दे के पीछे रहकर काम करना चुना.
दीपके ने एक्स पर लिखा, "हमने अपनी महिला टीम के सदस्यों को यह (प्रवक्ता की) भूमिका देने की पेशकश की थी, लेकिन उनमें से कई ने कहा कि वे लगातार हो रहे ऑनलाइन हमलों और धमकियों के कारण सामने आने के बजाय पीछे रहकर सक्रिय रूप से काम करना पसंद करेंगी."
उन्होंने कहा, "हम उनके इस फ़ैसले का सम्मान करते हैं."
दीपके ने युवा महिलाओं से उनके आंदोलन से जुड़ने की अपील भी की.
उन्होंने कहा, "हम उन युवा महिलाओं को इस आंदोलन से जुड़ने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं जो इसकी हिस्सा बनना चाहती हैं और प्रवक्ता के रूप में आगे आने के लिए तैयार हैं."
दिल्ली: मालवीय नगर में आग की घटना में मारे गए 21 लोगों में 11 विदेशी नागरिक, दिलनवाज़ पाशा, बीबीसी संवाददाता
दिल्ली के मालवीय नगर इलाक़े की एक इमारत में आग लगने से अब तक कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है.
दिल्ली सरकार के मुताबिक़, मारे गए लोगों में 11 विदेशी नागरिक हैं, जबकि 10 भारतीय हैं.
सरकार के मुताबिक़, मृतकों के अलावा 23 विदेशी नागरिक और 14 भारतीय घायल भी हुए हैं.
डेटा में बताया गया कि पांच विदेशी नागरिक घायल अवस्था में हैं, जबकि 16 विदेशी नागरिकों की हालत गंभीर है. इनमें से 10 लोगों को वेंटिलेटर पर रखा गया है और छह का इलाज बगैर वेंटिलेटर के चल रहा है.
इसके अलावा नेपाल के दो नागरिकों को डिस्चार्ज कर दिया गया है.
डेटा में यह भी बताया गया कि घायल हुए 11 भारतीय नागरिकों में दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी शामिल हैं. इसके अलावा तीन भारतीयों की हालत गंभीर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया है.