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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. देहरादून: खेत में पानी को लेकर विवाद में भाजपा नेता की मौत, प्रशासन की बुलडोज़र कार्रवाई, आसिफ़ अली, देहरादून से, बीबीसी हिन्दी के लिए

    देहरादून के सहसपुर थाना क्षेत्र में खेत में पानी छोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद शनिवार को हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें भाजपा ओबीसी मोर्चा के ज़िला सोशल मीडिया सह-संयोजक विनोद कुमार की मौत हो गई.

    पुलिस ने मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है, जबकि बाक़ी अभियुक्तों की तलाश जारी है.

    ये घटना सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव की है.

    देहरादून पुलिस ने बयान जारी किया है जिसके मुताबिक़, शनिवार शाम दो पक्षों के बीच खेत में पानी चलाने को लेकर विवाद हो गया. इस दौरान एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के तीन लोगों के साथ मारपीट की, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गए.

    स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां विनोद कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना में उनके भाई समेत तीन लोगों के घायल होने की ख़बर है.

    पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था और पिछले कुछ दिनों से खेत में पानी छोड़ने को लेकर कहासुनी भी हुई थी.

    अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को ये विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया.

    मृतक के भाई अशोक कुमार की शिकायत पर सहसपुर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत 12 नामजद आरोपियों और 30 से 40 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

    घटना के बाद कैसा है गांव का माहौल

    घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों के आक्रोश के बीच अभियुक्तों के घर पर तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं.

    क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी है. प्रशासन की ओर से बुलडोज़र के ज़रिए भी कार्रवाई की गई है.

    देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है.

    पुलिस ने बताया कि अब तक रज़्ज़ाक, सलमान, जावेद और शहबाज़ नाम के चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

    पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दूसरे अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है. साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने और अफ़वाहों से बचने की अपील की गई है.

    वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा है, "हत्याकांड के दोषियों पर बुलडोज़र चलना तो केवल इस बात का पहला प्रमाण है कि अपराध के प्रति भाजपा सरकार 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम करती है. हमें भरोसा है कि इस कार्रवाई में आगे हत्यारों और उनके संरक्षणकर्ताओं को भी ऐसी कठोरतम सज़ा दिलाई जाएगी कि आने वाली पीढ़ियां देवभूमि में जिहाद और अपराध की मानसिकता रखने से भी तौबा करने लगें."

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, महिला टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ने पाकिस्तान को दिया 171 रनों का लक्ष्य

    महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पाकिस्तान को 171 रनों का लक्ष्य दिया है. भारत की टीम ने 6 विकेट के नुक़सान पर 170 रन बनाए.

    भारत की ओर से स्मृति मंधाना ने शानदार 44 गेंदों में 68 रन बनाए. उन्होंने अपनी इस पारी के दौरान 2 छक्के और 9 चौके लगाए. वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 36 रनों की पारी खेली.

    पाकिस्तान की ओर से सादिया इक़बाल और कप्तान फ़ातिमा सना ने दो-दो विकेट लिए. वहीं तस्मिया रुबाब और रमीन शमीम ने एक-एक विकेट लिया.

    महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत अपना पहला मैच पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेल रहा है. ब्रिटेन के बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले जा रहे इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया था.

  3. ओमान के तट के पास भारतीय झंडा लगे जहाज़ से सभी 14 क्रू मेंबर्स को बचाया गया

  4. बेंगलुरु में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, अभिनेता प्रकाश राज हुए शामिल, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए

    देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे़ की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही है.

    रविवार को सीजेपी ने बेंगलुरु में प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज भी शामिल हुए.

    इस सभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. भारी बारिश के बावजूद अभिजीत और सोनम वांगचुक जैसे नेताओं को सुनने के लिए लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया.

    प्रकाश राज ने कहा, "युवा जवाबदेही चाहते हैं. वो सिर्फ राजनीति नहीं कर रहे हैं."

    उन्होंने आगे कहा, "देश के युवा इस बात से नहीं डरते कि उन्हें अर्बन नक्सल, पाकिस्तानी या आतंकी कहा जाएगा. वो इस बात से भी नहीं डरते कि उन्हें कॉकरोच कहा जाए."

    अभिजीत दीपके ने क्या कहा?

    सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि लोगों को हिंदू और मुस्लिम नहीं बल्कि भारतीय के रूप में सोचना चाहिए.

    अभिजीत दीपके ने कहा, "जब से यह पार्टी सत्ता में आई है, तब से हिंदू-मुस्लिम की राजनीति शुरू हुई है. इसी विभाजन की वजह से भारत में पिछले 40 सालों में सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी है."

    पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बैठक में कहा, "हम सत्ता नहीं चाहते. हम चाहते हैं कि सत्ता न्यायपूर्ण हो. हम यहां किसी निजी महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि देश के भले के लिए आए हैं."

    बैठक में कई बार ‘जय भीम’ के नारे गूंजते रहे. इस सभा को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के नेताओं ने भी संबोधित किया.

    भूल सुधार: 14 जून 2026 को बेंगलुरु डेटलाइन से प्रकाशित इस समाचार में भूलवश यह बताया गया था कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज ने प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की माँग की है, जबकि उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की माँग की थी. इस भूल के लिए खेद है.

  5. खजुराहो-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस की चैन पुलिंग के बाद हादसा, चार यात्रियों की मौत की आशंका, मोहर सिंह मीणा, जयपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए

    राजस्थान के धौलपुर और मध्य प्रदेश के हेतमपुर (ज़िला मुरैना) रेलवे स्टेशनों के बीच खजुराहो–उदयपुर सिटी एक्सप्रेस की चैन पुलिंग के बाद हुए हादसे में तक़रीबन चार यात्रियों की मौत की आशंका जताई जा रही है.

    उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता डॉ शिवम शर्मा ने हादसे की जानकारी देते हुए फ़ोन पर बताया, "गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस के इंजन से दूसरे कोच (जनरल कोच) में किसी यात्री के अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) किए जाने के कारण गाड़ी सेक्शन में रुक गई."

    "शुरुआती जानकारी के मुताबिक गाड़ी के रुकने के दौरान कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर पास के रेल लाइन पर चले गए."

    "इसी दौरान गाड़ी संख्या 20424 फ़िरोज़पुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से कुछ यात्रियों के हताहत होने की सूचना मिली है."

    डॉ शिवम शर्मा ने आगे बताया कि, "घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल, सरकारी रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. हादसे में घायल यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. घटना के कारणों एवं परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है."

    रेलवे के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि, "इस हादसे में क़रीब चार यात्रियों की मौत की आशंका जताई जा रही है. यह संख्या बढ़ भी सकती है."

  6. क्रिकेट और फ़ुटबॉल दोनों में जलवा दिखाने वाली खिलाड़ी

  7. बिहार में पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर क्यों हुआ पथराव?

  8. टी-20 महिला वर्ल्ड कप: भारत ने टॉस जीतकर पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहले बल्लेबाज़ी का किया फ़ैसला

    टी-20 महिला वर्ल्ड 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम रविवार को अपना पहला मैच पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेलने वाली है. यह मैच इंग्लैंड के बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जा रहा है.

    भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.

    भारतीय टीम (प्लेइंग इलेवन): स्मृति मंधाना, शफ़ाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, क्रांति गौड़

    पाकिस्तान टीम (प्लेइंग इलेवन): गुल फ़िरोज़ा, मुनीबा अली, आयशा ज़फ़र, सायरा ज़बीन, आलिया रियाज़, नतालिया परवेज़, फ़ातिमा सना (कप्तान), रमीन शमीम, नशरा संधू, तस्मिया रुबाब, सादिया इक़बाल

  9. मध्य प्रदेश: नर्मदापुरम मॉब लिंचिंग मामले में कोर्ट ने 14 दोषियों को सुनाई उम्रक़ैद की सज़ा, शुरैह नियाज़ी, भोपाल से बीबीसी हिन्दी के लिए

    मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम ज़िले के सिवनी मालवा में गो-तस्करी के संदेह में हुई एक चर्चित मॉब लिंचिंग के मामले में अदालत ने 14 लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.

    क़रीब चार साल पुराने इस मामले में महाराष्ट्र के अमरावती निवासी नाज़िर अहमद की भीड़ की पिटाई के बाद मौत हो गई थी.

    अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) तबस्सुम ख़ान की अदालत ने शुक्रवार को फ़ैसला सुनाते हुए सभी 14 अभियुक्तों को हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और रास्ता रोकने समेत विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया.

    फ़ैसले के बाद अदालत परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई. बड़ी संख्या में पहुंचे दोषियों के परिजनों ने सज़ा का विरोध किया. जब पुलिस दोषियों को जेल ले जाने लगी तो कुछ परिजन पुलिस वाहन के सामने लेट गए और उसे रोकने की कोशिश की.

    इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया और दोषियों को जेल भेज दिया गया.

    दोषियों के परिजनों का कहना है कि उनके बच्चे गो-सेवा के उद्देश्य से मौके पर पहुंचे थे और उन्हें गलत तरीके से कठोर सज़ा दी गई है.

    क्या था मामला?

    यह घटना अगस्त 2022 की है. पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के अमरावती जा रहे एक ट्रक को सिवनी मालवा के बराखड़ गांव के पास रोक लिया गया था.

    ट्रक में करीब 30 मवेशी लदे हुए थे. आरोप है कि ग्रामीणों और स्वयं को गो-रक्षक बताने वाले लोगों की भीड़ ने ट्रक में सवार तीन लोगों को घेर लिया और उनकी लाठी-डंडों से पिटाई शुरू कर दी.

    हमले में घायल ट्रक चालक शेख लाला ने पुलिस को बताया कि सड़क पर 50 से 60 लोगों की भीड़ मौजूद थी. उनके अनुसार, भीड़ ने ट्रक रुकवाया और बिना किसी पूछताछ के मारपीट शुरू कर दी.

    उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ तब तक हमला करती रही जब तक वे गंभीर रूप से घायल नहीं हो गए. घटना के बाद पुलिस तीनों घायलों को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां नाज़िर अहमद की मौत हो गई.

    इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें लोगों की भीड़ ट्रक सवारों पर लाठी-डंडों से हमला करती दिखाई दे रही थी. वीडियो में कुछ लोगों को बीच-बचाव करते हुए भी देखा गया, जिससे अन्य दो लोगों की जान बच सकी.

  10. कोलकाता: आग में जले चार हज़ार ईवीएम और वीवीपैट, किस तरह का किया जा रहा है दावा

  11. राम मंदिर चंदा मामले पर अयोध्या के सांसद बोले, 'यह सिर्फ़ घोटाला नहीं, बल्कि डकैती है'

    अयोध्या के राम मंदिर में चंदा विवाद पर स्थानीय सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि ये "घोटाला नहीं डकैती है."

    अवधेश प्रसाद ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, "ये हमारे देश का सबसे बड़ा घोटाला है. और अगर इसे डकैती कहना ग़लत नहीं होगा. और वह भी प्रभु श्रीराम के मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा मामला है. यह देश के करोड़ों लोगों की आस्था और उनके चढ़ावे से जुड़ा विषय है."

    उन्होंने आगे कहा, "हर रोज़ प्रभु श्रीराम के दर्शन करने के लिए देश के कोने-कोने से लोग आते हैं और अपनी आस्था के अनुसार उनके दर्शन करते हैं. अभी भी मंदिर चले जाइए, वहां लाखों श्रद्धालु मिलेंगे. इसलिए यह सिर्फ़ घोटाला नहीं, बल्कि डकैती है."

    उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान ट्रस्ट को निलंबित कर दिया जाए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी का गठन किया जाए.

    इससे पहले रविवार को समाचार एजेंसी एएनआई ने ख़बर दी कि यूपी सरकार ने राम मंदिर में कथित चंदा विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है.

    एजेंसी के मुताबिक़, इस टीम में आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं.

    एएनआई के मुताबिक़, यूपी सरकार ने राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध के बाद जांच टीम का गठन किया है.

  12. टीएमसी छोड़कर बाग़ी गुट में शामिल होने की चर्चाओं के बीच सयानी घोष ने क्या कहा है?

    सयानी घोष रविवार को दिल्ली पहुंचीं. एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया.

    उन्होंने कहा, "अभी कुछ नहीं बोलना है. जब बोलने का वक्त आएगा, तो मैं बोल दूंगी."

    इस दौरान एक पत्रकार ने पूछा, "आप तो हमेशा 'ममता बनर्जी' के साथ रहने की बात करती रही हैं."

    इस पर उन्होंने कहा, "मैं आपको जवाब नहीं दूंगी, जवाब सिर्फ अपने क्षेत्र के लोगों को दूंगी."

    पत्रकार सवाल पूछते रहे, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा और अपनी गाड़ी में बैठकर चली गईं.

  13. जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को पुलिस ने नहीं दी इजाज़त, पार्टी ने क्या कहा?, मोहर सिंह मीणा, जयपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए

    कॉकरोच जनता पार्टी 15 जून को सुबह 10 बजे जयपुर के शहीद स्मारक पर पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन करेगी. इस प्रदर्शन में कॉकरोच पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके भी शामिल होंगे.

    पार्टी के राजस्थान समन्वयक शशि मीणा ने जयपुर दक्षिण डीसीपी कार्यालय से प्रदर्शन की अनुमति के लिए 9 जून को पत्र लिखा था. लेकिन, डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज वर्मा ने शहीद स्मारक पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है.

    डीसीपी दक्षिण कार्यालय ने अनुमति नहीं देने का आदेश जारी करते हुए कहा, "जांच से सामने आए परिस्थितियों के आधार पर कानून-व्यवस्था की दृष्टि से शहीद स्मारक, गवर्नमेंट हॉस्टल, जयपुर में धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाना संभव नहीं है."

    डीसीपी राजर्षि राज वर्मा ने बीबीसी से फ़ोन पर बताया कि, "प्रदर्शन के लिए जो शर्तें थीं, उनका पालन अभी तक नहीं हो रहा था, इसलिए शहीद स्मारक पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है. इसमें कितने लोग शामिल होंगे, यह बात इन्हें भी नहीं मालूम."

    डीसीपी ने कहा है, "अगर प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोग पार्किंग और अन्य शर्तों का पालन कर पाएंगे, तो हम अनुमति देंगे. हम अभी देख रहे हैं."

    कॉकरोच जनता पार्टी के राजस्थान समन्वयक शशि मीणा ने बीबीसी से कहा है, "हम शहीद स्मारक पर ही प्रदर्शन करेंगे. हमने पुलिस को बताया है कि क़रीब पांच सौ लोग इसमें शामिल होंगे. पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके सोमवार सुबह जयपुर आएंगे और पुलिस से फिर शहीद स्मारक पर प्रदर्शन की अनुमति लेंगे."

    अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, "खम्मा घणी राजस्थान. सोमवार, 15 जून को तीन बजे से मैं आप सबके बीच शहीद स्मारक, जयपुर पर मौजूद रहूंगा. पेपर लीक ने राजस्थान के लाखों युवाओं का जीवन बर्बाद किया है. अब वक्त है एकजुट होकर अपनी आवाज़ रखने का. आप ज़रूर आइएगा. मिलकर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांगते हैं."

    पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस भी देशभर में आंदोलन की शुरुआत 17 जून से करने जा रही है. इस आंदोलन की शुरुआत कांग्रेस राजस्थान के कोटा से करेगी. राहुल गांधी कोटा आ रहे हैं और आंदोलन की शुरुआत करेंगे.

  14. उधार किट लेकर टीम में सिलेक्ट होने से टी-20 वर्ल्ड कप तक का भारती फुलमाली का सफ़र

  15. हुनर ने दुनिया दिखाई पर आज दो वक़्त की रोटी भी मुश्किल, कठपुतली कॉलोनी के लोगों का दर्द

  16. दिल्ली में यमुना नदी की सफ़ाई में हिस्सा ले रही टेरिटोरियल आर्मी ने क्या बताया?

    टेरिटोरियल आर्मी के कई जवानों ने रविवार को राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के अलग-अलग हिस्सों में सफाई अभियान में हिस्सा लिया.

    यमुना टास्क फोर्स के ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट कर्नल अनुराग सिंह ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “इस पहल को चुनौती के तौर पर नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित और हासिल करने योग्य मिशन के तौर पर देखा जाना चाहिए, जिसका मक़सद पॉजटिव बदलाव लाना है. उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स ने साफ लक्ष्यों के साथ एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया है.”

    पीटीआई की 2025 की एक ख़बर के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के बाढ़ वाले इलाकों में कब्ज़े, मलबा और कचरा फेंकने जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए टेरिटोरियल आर्मी के साथ मिलकर 'यमुना टास्क फोर्स' बनाने का फ़ैसला किया था.

    लेफ्टिनेंट कर्नल अनुराग सिंह ने कहा, "मैं इसे चुनौती नहीं कहूंगा. हमें जो काम सौंपा गया है, उसके हिसाब से मैं इसे चुनौती नहीं मानता, बल्कि एक अच्छी तरह से योजनाबद्ध और ऐसी रणनीति मानता हूं जिसे लागू किया जा सके."

    साफ़ पानी में डुबकी लगाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "लोग अगले साल से ही यमुना में डुबकी लगाना शुरू कर देंगे. लेकिन मैं यह साफ़ कर दूं कि इस कोशिश में सभी की भागीदारी की ज़रूरत होगी."

    इससे पहले रविवार को दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के किनारे 28 घाटों पर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया, जिसके तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गीता कॉलोनी के दशमेश घाट पर 'मां यमुना नदी तट सफाई अभियान' में हिस्सा लिया.

    दिल्ली सरकार के मुताबिक, यह अभियान प्रधानमंत्री के 12 साल का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर चलाया गया.

  17. पटना में रेलवे स्टेशन पर पत्थरबाज़ी और ट्रेनों को रोका गया, परीक्षार्थी किस बात से थे ग़ुस्से में

  18. महिला टी-20 वर्ल्ड कप: अमोल मजूमदार बीबीसी से बोले, 'किसी को हल्के में नहीं लिया जा सकता', अमृता धुर्वे, बीबीसी मराठी

    आईसीसी महिला टी-20 वर्ल्ड कप में रविवार से भारतीय टीम का अभियान शुरू हो रहा है.

    भारतीय टीम टूर्नामेंट के लिए पहले ही इंग्लैंड पहुंच चुकी है और अपना पहला मैच रविवार को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेलेगी.

    टीम के इंग्लैंड रवाना होने से पहले मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बेंगलुरु में आयोजित टीम के प्रशिक्षण शिविर के दौरान बीबीसी न्यूज़ मराठी से ख़ास बातचीत की.

    उन्होंने कहा, "हमारी तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं. आगे देखते हैं क्या होता है. टी-20 क्रिकेट में आप किसी भी टीम को कमज़ोर नहीं समझ सकते. अगर ऐसा करेंगे तो इसकी क़ीमत चुकानी पड़ेगी."

    वर्ल्ड कप में सबसे बड़ी चुनौती कौन सी टीम होगी? इस सवाल पर अमोल मजूमदार ने कहा, "दुनिया में ऐसी कोई टीम नहीं है जो टी-20 क्रिकेट में आपको चुनौती न दे सके."

    उन्होंने कहा, "किसी भी दिन तथाकथित कमज़ोर टीम भी उतनी ही ख़तरनाक साबित हो सकती है. इसलिए मैं हमेशा अपने खिलाड़ियों से कहता हूं कि किसी को भी हल्के में न लें."

    जब उनसे भारत के ग्रुप में मौजूद टीमों के बारे में पूछा गया तो मजूमदार ने कहा, "हमारा ग्रुप काफ़ी मज़बूत है. इसमें ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ़्रीका, पाकिस्तान और बांग्लादेश हैं."

    उन्होंने कहा, "हर मैच अहम होगा. आईसीसी टूर्नामेंट में न कोई टीम कमज़ोर होती है और न ही कोई टीम बहुत बड़ी. आईसीसी टूर्नामेंट्स का दबाव अलग तरह का होता है. अगर आप मैच वाले दिन उस दबाव को संभाल लेते हैं, तो जीत आपके हाथ में होती है."

  19. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  20. स्विट्ज़रलैंड में आबादी सीमित करने के विवादित प्रस्ताव पर जनमत संग्रह, इमोजेन फ़ोल्क्स, बर्न, स्विट्ज़रलैंड

    स्विट्ज़रलैंड में आबादी की एक सीमा निर्धारित करने को लेकर रविवार को जनमत संग्रह होने जा रहा है. मतदाता उस प्रस्ताव पर फ़ैसला करेंगे, जिसमें देश की आबादी को 1 करोड़ तक सीमित करने की बात कही गई है.

    इस प्रस्ताव ने इमिग्रेशन को लेकर देश में मौजूद मतभेदों को उजागर कर दिया है. प्रस्ताव को दक्षिणपंथी स्विस पीपुल्स पार्टी का समर्थन हासिल है.

    पार्टी इसे 'सस्टेनेबिलिटी इनिशिएटिव' बता रही है, जिसका उद्देश्य आवास, सार्वजनिक सेवाओं और पर्यावरण पर बढ़ते दबाव को कम करना है. हालांकि कुछ मतदाता इसे पार्टी का ताज़ा इमिग्रेशन-विरोधी क़दम मानते हैं.

    सरकार, अन्य राजनीतिक दल, कारोबारी और ट्रेड यूनियन इस प्रस्ताव को "अराजकता पैदा करने वाली पहल" बता रहे हैं.

    उनका कहना है कि इससे अस्पतालों और होटलों को ज़रूरी कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है.

    साथ ही यूरोपीय संघ के साथ सालों में बने संबंधों को भी नुक़सान पहुंचेगा, जिससे यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं होने वाला स्विट्ज़रलैंड एक जोखिम भरी दुनिया में अलग-थलग पड़ सकता है.

    स्विट्ज़रलैंड की आबादी 2002 से तेज़ी से बढ़ी है. उस समय देश की आबादी 73 लाख थी. अब यह बढ़कर 91 लाख हो गई है. इनमें 27 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो स्विट्ज़रलैंड में रहते हैं लेकिन उनका जन्म किसी दूसरे देश में हुआ था.

    स्विट्ज़रलैंड की प्रत्यक्ष लोकतंत्र की व्यवस्था के तहत सभी बड़े फ़ैसले मतदान के ज़रिए लिए जाते हैं. किसी भी मुद्दे पर देशव्यापी मतदान कराने के लिए अभियान चलाने वालों को केवल 1 लाख हस्ताक्षर जुटाने होते हैं.