भविष्य की फ़लस्तीनी सरकार में हमास की कोई भूमिका नहीं होगीः महमूद अब्बास

संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने सभी फ़लस्तीनी ग्रुपों से अपने हथियार फ़लस्तीनी प्राधिकरण को सौंपने का आह्वान किया.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, संदीप राय

  1. कोलंबिया ने अमेरिका के कथित ड्रग नावों पर हमलों को 'तानाशाही की कार्रवाई' बताया

    कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो

    कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि कैरेबियन सागर में कथित ड्रग-तस्करी नौकाओं पर अमेरिकी हवाई हमले 'तानाशाही की कार्रवाई' हैं.

    उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जांच में पता चले कि हमलों में कोलंबियाई मारे गए हैं, तो अमेरिकी अधिकारियों के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए.

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों को ज़रूरी बताया है ताकि फे़न्टानिल और अन्य अवैध नशीले पदार्थों के अमेरिका में आने को रोका जा सके. इस महीने से शुरू हुए हमलों में कथित तौर पर 17 लोगों की मौत हो चुकी है.

    हालांकि, क़ानूनी विशेषज्ञों और सांसदों ने सवाल उठाया है कि क्या वह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानूनों का उल्लंघन करते हैं.

    गुस्तावो पेट्रो ने कहा, "अगर आप केवल नाव को रोककर चालक दल को गिरफ़्तार कर सकते हैं, तो मिसाइल क्यों चलाना? इसे कोई हत्या ही कहेगा."

  2. संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप ने तीन तकनीकी गड़बड़ियों की जांच की मांग की

    राष्ट्रपति ट्रंप और मेलानिया ट्रंप

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अपने आप पर 'शर्म आनी चाहिए'

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में मंगलवार को संबोधन के दौरान हुई तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर "ट्रिपल साबोताज" कहकर जांच की मांग की है.

    एक लंबी सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने इन तीन घटनाओं को "बहुत भयावह" बताया और कहा कि जो भी ज़िम्मेदार है उसे गिरफ़्तार किया जाना चाहिए.

    पहली घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें दिख रहा है कि राष्ट्रपति और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप न्यूयॉर्क के यूएन भवन में एस्केलेटर पर चढ़ रहे थे, लेकिन वह अचानक रुक गया और उन्हें पैदल ऊपर चलना पड़ा.

    संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यह घटनाएं आकस्मिक थीं और यह भी संकेत दिया कि टेलीप्रॉम्प्टर और साउंड सिस्टम की गड़बड़ी के लिए व्हाइट हाउस स्टाफ़ ज़िम्मेदार हो सकता है.

    ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "संयुक्त राष्ट्र में कल सचमुच अपमान करने वाली एक घटना हुई, सिर्फ़ एक नहीं, दो नहीं, बल्कि तीन बेहद संदिग्ध घटनाएं."

  3. 'हमें भारत से प्यार', बोले अमेरिका के ऊर्जा मंत्री, साथ ही कही ये बात

    ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट का कहना है कि वह भारत के बड़े फ़ैन हैं

    अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बुधवार को कहा कि भारत के साथ वह ऊर्जा सहयोग को बढ़ाना चाहते हैं.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के सवाल पर उन्होंने कहा, "जब मैंने पद संभाला तो मेरे शुरुआती काम का बड़ा हिस्सा भारत से जुड़ा था. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, अमेरिका का शानदार सहयोगी है, तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और एक गतिशील समाज है. यहां लोगों की समृद्धि और अवसर बढ़ रहे हैं, इसलिए ऊर्जा की मांग भी तेज़ी से बढ़ रही है."

    राइट ने कहा, "मैं भारत का बड़ा फ़ैन हूं. हमें भारत से प्यार है. हम भारत के साथ और ज़्यादा ऊर्जा व्यापार और ज़्यादा लेन-देन की उम्मीद करते हैं."

    उन्होंने यह बात न्यूयॉर्क फ़ॉरेन प्रेस सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कही.

    अमेरिकी मंत्री से यह भी पूछा गया कि रूस के तेल खरीदने पर अमेरिका ने जो भारत पर अतिरिक्त 25 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया है, उसके बावजूद वह ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को कैसे देखते हैं.

    तो उन्होंने कहा, "भारत इस मुद्दे के बीच में फंसा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सबसे बड़ी प्राथमिकता दुनिया में शांति है."

    उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध बेहद 'क्रूर' है. हम सब चाहते हैं कि यह युद्ध जल्द ख़त्म हो.

    राइट ने कहा कि प्रतिबंधित रूसी तेल आज चीन, भारत और तुर्की को जाता है और उनका दावा है कि यह रूस को युद्ध के लिए धन उपलब्ध कराता है.

    ये भी पढ़ें:

  4. ग़ज़ा: इसराइली हमलों में मारे गए 80 से ज़्यादा फ़लस्तीनी, सेना ने क्या कहा?

    दो महिलाएं रो रही हैं

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, ग़ज़ा में काम कर रही हमास स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, अब तक इसराइली हमलों में 65 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं

    ग़ज़ा पट्टी में बुधवार को इसराइल के हमलों में कई लोगों की मौत हुई. स्थानीय अस्पतालों ने बताया कि इसराइली गोलीबारी में 80 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए हैं.

    आपातकालीन कर्मियों के मुताबिक़, ग़ज़ा सिटी के दराज इलाक़े में फिरास मार्केट के पास एक इमारत और बेघर परिवारों के लिए लगाए गए टेंट पर रात में हुए हमले में कम से कम 20 लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.

    इसराइली सेना का कहना है कि उसने हमास के दो लड़ाकों को निशाना बनाया था. साथ ही सेना का कहना है कि मरने वालों की संख्या उसकी जानकारी से मेल नहीं खाते हैं.

    इसी बीच, इसराइली टैंक और सैनिक शहर के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ते रहे. इसराइल का कहना है कि यह इलाक़ा हमास का आख़िरी गढ़ है.

    सेना ने कहा है कि ज़मीनी कार्रवाई का मक़सद हमास के क़ब्ज़े में अब भी बंदी बनाए गए लोगों को छुड़ाना और फ़लस्तीनी सशस्त्र संगठन की 'निर्णायक हार' सुनिश्चित करना है.

    ये भी पढ़ें:

  5. नमस्कार!

    बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.