भविष्य की फ़लस्तीनी सरकार में हमास की कोई भूमिका नहीं होगीः महमूद अब्बास
संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने सभी फ़लस्तीनी ग्रुपों से अपने हथियार फ़लस्तीनी प्राधिकरण को सौंपने का आह्वान किया.
सारांश
दिल्ली दंगा मामले में पूर्व 'आप' पार्षद ताहिर हुसैन की ज़मानत याचिका ख़ारिज
भारत के रक्षा शोध संस्थान डीआरडीओ (डिफ़ेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइज़ेशन) ने इंटरमीडिएट रेंज अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह मिसाइल रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से छोड़ी गई
लाइव कवरेज
इफ़्तेख़ार अली, संदीप राय
भविष्य की फ़लस्तीनी सरकार में हमास की कोई भूमिका नहीं होगीः महमूद अब्बास
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इमेज कैप्शन, फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास न्यूयॉर्क संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल नहीं हो सके क्योंकि अमेरिका ने उन्हें वीज़ा देने से इनकार कर दिया था
संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद
अब्बास ने सभी फ़लस्तीनी ग्रुपों से अपने हथियार फ़लस्तीनी प्राधिकरण को सौंपने
का आह्वान किया.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के अनुसार, महमूद अब्बास और फ़लस्तीनी प्राधिकरण के अधिकारियों को अमेरिका ने
वीज़ा नहीं दिया था इसलिए उनका भाषण वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए हुआ.
उहोंने इसराइल पर हमास के हमले की निंदा की साथ ही ये भी कहा कि
इसराइल ने जो किया वह न केवल ‘आक्रामकता’ है बल्कि ‘युद्ध
अपराध’ भी
है.
इस बात पर जोर देते हुए कि ग़ज़ा पट्टी फ़लस्तीन का अभिन्न अंग है, उन्होंने
कहा कि भविष्य के फ़लस्तीनी राज्य में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी.
सोनम वांगचुक के एनजीओ को सीबीआई का नोटिस, सामाजिक कार्यकर्ता ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक ने कहा है कि आंदोलन के बाद से उन्हें सीबीआई और इनकम टैक्स के नोटिस आने शुरू हो गए.
बुधवार को लेह में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक के एनजीओ में कथित एफसीआरए उल्लंघन के लिए सीबीआई ने नोटिस भेजा है.
इस पर सोनम वांगचुक ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "बदले की कार्रवाई के अभियान की श्रृंखला में, कल की घटनाएं आख़िरी थीं और सारा दोष सोनम वांगचुक पर मढ़ दिया गया."
उन्होंने कहा, "एक दिन बाद भारत के गृह मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें सोनम वांगचुक का नाम लिया गया और दोषी ठहराया गया... कल की घटना एक कड़ी का हिस्सा है. जबकि लद्दाख के चुनाव दो महीने में आने वाले हैं. इसमें लोग पिछले वादों का जवाब मांग रहे हैं.”
“पिछले चुनाव में वादा था कि हम छठी
अनुसूची में लाएंगे. लोग उस वादे को पूरा करने की मांग कर रहे थे जिसमें सबसे बड़ी
आवाज़ मेरी थी.”
उनका कहना है, ''इसीलिए मुझ पर निशाना साधा गया और कहा गया कि आप पर एक देशद्रोह का एफआईआर है. फिर एक नोटिस में मेरे विद्यालय की ज़मीन वापस लेने की बात कही गई. दो हफ़्ते पहले सीबीआई का एक नोटिस मिला था जिसमें कहा गया था कि 2022 से 2024 के बीच आपकी संस्था को विदेशी धन प्राप्त हुआ, जबकि उसके पास एफसीआरए नहीं था.”
“हमने एफ़सीआरए नहीं लिया क्योंकि विदेश
से धन लेने का हमारा इरादा नहीं है. हमें पैसे मिले थे क्योंकि संयुक्त राष्ट्र की
टीम हमारी पैसिव सोलर हीटेड बिल्डिंग को अफ़गानिस्तान ले जाना चाहती थी और इसके लिए
उन्होंने हमें शुल्क दिया. हमें अपने कृत्रिम ग्लेशियरों के बारे में जानकारी देने
के लिए स्विट्जरलैंड और इटली के संगठनों से भी कर सहित शुल्क मिला... हमें आयकर
विभाग के समन मिल रहे हैं.”
अर्दोआन से ट्रंप की मुलाक़ात, क्या अमेरिका तुर्की को देगा एफ़-35 लड़ाकू विमान?
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इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस में आज रेचेप तैय्यप अर्दोआन ट्रंप से मुलाक़ात कर रहे हैं.
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन आज वॉशिंगटन में हैं, और व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात कर रहे हैं.
इस्तांबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता ने बताया कि रक्षा से लेकर ऊर्जा सौदों तक, अर्दोआन ट्रंप के साथ अरबों अमेरिकी डॉलर के समझौते करने की कोशिश करेंगे.
अर्दोआन की ख़रीदारी सूची में सबसे ऊपर एफ़-35 लड़ाकू विमान और 200 से ज़्यादा कमर्शियल विमान हैं.
मीटिंग से पहले एक पत्रकार ने राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा कि क्या वो एफ़-35 विमान देंगे, तो उनका जवाब था, "हम इस पर चर्चा करेंगे."
दोनों नेताओं के बीच ग़ज़ा युद्ध सहित पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा होने की उम्मीद है.
अर्दोआन की यात्रा से कुछ दिन पहले, तुर्की ने घोषणा की थी कि उसने 2018 में अमेरिकी आयातों पर लगाए गए जवाबी टैरिफ़ को समाप्त कर दिया है. इसे द्विपक्षीय संबंधों में गर्मजोशी का संकेत माना जा रहा है.
झारखंडः मॉब लिंचिंग के मामले में सात साल बाद आया फ़ैसला, 28 अभियुक्तों में से 5 दोषी क़रार, मोहम्मद सरताज आलम, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, मृतक के भाई उत्तम वर्मा (सबसे दाएं) ने कहा कि वो इस फ़ैसले को उच्च अदालत में चुनौती देंगे.
झारखंड में क़रीब सात साल पहले बच्चा चोरी के कथित आरोप में हुई लिंचिंग मामले में कोर्ट ने पाँच अभियुक्तों को दोषी ठहराया है.
घटना 18 मई 2017 की है जब बच्चा चोरी का आरोप लगाकर जुगसलाई निवासी दो भाई विकास वर्मा, गौतम वर्मा, उनकी दादी रामसखी देवी और साथी गंगेश गुप्ता की पुलिस की मौजूदगी में पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी.
इस मामले में जमशेदपुर की स्थानीय अदालत ने 19 गवाहों के बयान के बाद फैसला सुनाया.
कोर्ट ने पाँच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए अन्य अभियुक्तों को बरी कर दिया. इस मामले में 8 अक्तूबर को सज़ा सुनाई जाएगी.
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सुशील कुमार जयसवाल ने बताया कि दोषियों को उम्र कैद होने की संभावना है.
वहीं मृतक के भाई उत्तम वर्मा ने कहा, "हमारे साथ अन्याय हुआ है. लिंचिंग करने वाले अन्य अभियुक्तों का बरी होना निराशाजनक है. न्याय के लिए हम अब हाईकोर्ट जाएंगे."
ग़ौरतलब है कि मॉब लिंचिंग के इस मामले में विभिन्न धाराओं में 28 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ 2018 में आरोप पत्र दायर किए गए थे.
इनमें एक अभियुक्त राहुल सरदार की मौत हो चुकी है जबकि एक अन्य अभियुक्त राजा राम हांसदा कस्टडी में हैं. बाकी अभियुक्त ज़मानत पर बाहर थे.
बाबरी मस्जिद पर पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ के बयान को लेकर छिड़ा विवाद
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इमेज कैप्शन, पूर्व सीजेआई जस्टिस चंद्रचूड़
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने बाबरी मस्जिद को
लेकर एक बयान दिया है जिस पर विवाद छिड़ गया है.
न्यूज़लांड्री वेबसाइट के पत्रकार श्रीनिवासन जैन को दिए एक इंटरव्यू
में पूर्व सीजेआई ने कहा कि ‘बाबरी मस्जिद का निर्माण बुनियादी तौर पर
अपवित्र कार्य था.'
श्रीनिवासन ने पूछा था कि "क्या अपवित्र करने को लेकर हिंदू पक्ष
ज़िम्मेदार था, जैसे कि दिसम्बर 1949 में मस्जिद में मूर्ति रखना, तो जस्टिस
चंद्रचूड़ ने कहा कि ‘मस्जिद का निर्माण बुनियादी तौर पर अपने
आप में अपवित्र कार्य था.’
इसी इंटरव्यू में जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, “आपने
कहा कि हिंदुओं ने अंदर के चबूतरे को अपवित्र किया, लेकिन बुनियादी अपवित्रता- उस
मस्जिद के निर्माण के बारे में क्या. क्या जो कुछ हुआ था आप भूल गए? इतिहास
में क्या हुआ, हम भूल गए?”
उन्होंने कहा कि ‘अपने फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इस बात
के पुरातात्विक सबूत पाए थे कि मस्जिद के नीचे मंदिर था, जिसे नष्ट कर मस्जिद बनाई
गई.’
उल्लेखनीय है कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर फ़ैसला दिया था जिसके तहत विवादित भूमि हिंदू पक्ष को मिली. मुसलमानों को मस्जिद के लिए 5 एकड़ ज़मीन उपयुक्त जगह पर देने के निर्देश दिए गए थे. इस फ़ैसले को सुनाने वाले जजों के पैनल में चंद्रचूड़ भी शामिल थे.
वरिष्ठ पत्रकार और 'द वॉयर' के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने एक्स पर लिखा, "चंद्रचूड़ अब स्वीकार करते हैं कि उन्होंने बाबरी मस्जिद की मौजूदगी को ही 'अपवित्रता' के रूप में देखा था. ये एक ऐसी धारणा है जो उपद्रवियों के साथ मेल खाती है."
उन्होंने लिखा, "यह साफ़ है कि उन्होंने मामले का फैसला क़ानून या सबूतों के आधार पर नहीं, बल्कि आस्था के आधार पर किया था, लेकिन ज़ाहिर है कि वह फैसले में ऐसा नहीं कह सके. उन्होंने अब अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल करते हुए और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के नाम को हमेशा के लिए कलंकित करते हुए, सारा राज़ खोल दिया है."
'आई लव मोहम्मद' पोस्टर को लेकर कर्नाटक के एक ज़िले में तनाव, इमरान क़ुरैशी,बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर बैनर लेकर बीते शनिवार को सुमैया राणा ने लखनऊ विधान भवन के सामने प्रदर्शन किया था.
उत्तरी भारत के कुछ शहरों के बाद अब कर्नाटक के दावणगेरे ज़िले में भी ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर और बैनर से तनाव का मामला सामने आया है.
पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में कई लोगों पर मामला दर्ज किया है.
पुलिस अधिकारियों ने बीबीसी हिंदी को बताया कि दो दिन पहले कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें सूचना दी थी कि पानी की टंकी पर एक बैनर लगाया गया है, जो सार्वजनिक संपत्ति है.
इसके बाद पुलिस ने कुछ युवकों से इसे हटाने की अपील की थी.
एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "हमने स्थानीय मुस्लिम नेताओं को भी बैनर हटाने के लिए कहा था ताकि तनाव न बढ़े, लेकिन हमारी सलाह पर कोई क़दम नहीं उठाया गया. बीती रात कुछ युवकों ने एक हिंदू परिवार के घर के सामने पोस्टर चिपका दिए."
पुलिस के मुताबिक़, इसके बाद वहां तनाव पैदा हो गया. कुछ लोगों ने जातिसूचक गालियां भी दीं.
पूर्वी रेंज दावणगेरे के आईजीपी रविकांते गौड़ा ने बीबीसी हिंदी को बताया, "पुलिस के दख़ल से स्थिति बिगड़ने से बच गई. हमने दोनों पक्षों को समझाकर पोस्टर और बैनर हटवा दिए."
एसपी उमा प्रशांत ने कहा, "दो एफ़आईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें दंगा, अवैध जमावड़े और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गाली-गलौच के मामले भी शामिल हैं."
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर छात्राओं ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, पुलिस कर रही तलाश
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इमेज कैप्शन, स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती दिल्ली में एक मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट चलाते थे
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ़ पार्थ सारथी के ख़िलाफ़ दर्जनों
छात्राओं के यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी मामले में दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया
है.
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की कई छात्राओं
ने उन पर यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था.
चार अगस्त को दिल्ली के वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज
कराया गया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई से एडीशनल डीसीपी ऐश्वर्या सिंह ने कहा, “श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडियन मैनेजमेंट के मैनेजर
के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे. जांच जारी है और हमने
संबंधित धाराओँ में मामला दर्ज किया है. छात्राओं के बयान लिए जा रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि इंस्टीट्यूट के बेसमेंट से एक वोल्वो कार बरामद हुई
है जिसपर संयुक्त राष्ट्र का नीला डिप्लोमेटिक नंबर लगा था. इस संबंध में धोखाधड़ी
का एक अलग मामला दर्ज किया गया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, आरोप लगाने वाली छात्राएं इस इंस्टीट्यूट
में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग) कोटे में मिलने वाले स्कॉलरशिप के तहत
पीजीडीएम कोर्स कर रही थीं.
फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति सरकोजी को गद्दाफ़ी से चुनावी फ़ंड लेने के मामले में 5 साल की सज़ा
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इमेज कैप्शन, निकोलस सरकोजी को लीबिया के पूर्व नेता कर्नल मुअम्मार गद्दाफ़ी से चुनाव के लिए फ़ंड लेने के मामले में दोषी ठहराया गया था
फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को आपराधिक साज़िश के मामले में दोषी पाए जाने के बाद पांच साल की सज़ा सुनाई गई है.
लीबिया के पूर्व नेता कर्नल मुअम्मार गद्दाफ़ी से अवैध रक़म लेने के मामले में पेरिस क्रिमिनल कोर्ट ने ये सज़ा सुनाई.
हालांकि कोर्ट ने भ्रष्टाचार और प्रचार अभियान की अवैध फ़ंडिंग के अन्य आरोपों को ख़ारिज कर दिया.
सरकोजी इन मामलों को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं. उन पर 2007 के चुनाव प्रचार अभियान में गद्दाफ़ी से फ़ंड हासिल करने के आरोप लगे थे.
70 साल के निकोलस सरकोज़ी 2007 से 2012 के बीच फ़्रांस के राष्ट्रपति रहे थे.
इंडोनेशिया में फ़्री लंच लेने के बाद 1,000 से अधिक स्कूली बच्चे बीमार
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इमेज कैप्शन, इंडोनेशिया में बच्चों को स्कूलों में फ़्री लंच देने की योजना चलाई जाती है.
इंडोनेशिया में इस हफ़्ते फ़्री स्कूल लंच लेने के बाद 1,000 से
अधिक बच्चे बीमार पड़ गए.
राष्ट्रपति प्राबोबो सुबियांतो के अरबों डॉलर के पोषण युक्त भोजन
प्रोग्राम में इससे पहले भी कई बार फ़ूड प्वाइज़निंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
अधिकारियों ने बीबीसी इंडोनेशिया को बताया कि बीते सोमवार और बुधवार
के बीच क़रीब 1,171 बच्चे बीमार हुए.
पिछले हफ़्ते पश्चिम जावा और सेंट्रल सुलावेसी प्रांतों में 800
बच्चे बीमार पड़े थे. इसके बाद से इस प्रोग्राम को बंद करने की मांग तेज़ हो गई
है. हालांकि अधिकारियों ने इसे बंद करने से इनकार किया है.
बीमार पड़े बच्चों ने पेट में दर्द, चक्कर, उल्टी आने और सांस लेने
में दिक्कत की शिकायत की थी, जोकि फ़ूड प्वाइज़निंग से अलग लक्षण हैं.
बच्चों को इस सप्ताह, सोया सॉस चिकन, फ़्राईड टोफ़ू, सब्जियां और फल
दिए गए थे. पिछली घटनाओं में सॉस के एक्सपायर होने की बात सामने आई थी.
दिल्ली दंगा मामलाः पूर्व 'आप' पार्षद ताहिर हुसैन की ज़मानत याचिका ख़ारिज
इमेज कैप्शन, पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन पांच साल से जेल में बंद हैं
दिल्ली दंगों के अभियुक्त ताहिर
हुसैन की नियमित ज़मानत याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया. वो आम आदमी पार्टी से पार्षद थे जिन्हें बाद में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था.
लाईव लॉ के अनुसार, साल 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे
के दौरान आईबी अफ़सर अंकित शर्मा की हत्या हो गई थी. इसी मामले में ताहिर हुसैन की
ओर से ज़मानत याचिका दायर की गई थी.
इस मामले में ताहिर हुसैन की ओर से बीते दिसंबर में भी ऐसी ही ज़मानत
याचिका दायर हुई थी. लेकिन फ़रवरी में इसे ये कहते हुए वापस ले लिया गया कि ट्रायल कोर्ट में फिर से ज़मानत याचिका दायर की जाएगी.
लेकिन बीते 12 मार्च को ट्रायल कोर्ट ने भी याचिका रद्द कर दी. इसके बाद उन्होंने दोबारा हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया.
इस मामले में ताहिर हुसैन को जेल में बंद हुए पांच साल हो गए हैं.
अंकित शर्मा के पिता की शिकायत के आधार पर एफ़आईआर दायर की गई थी.
फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को पेरिस की आपराधिक अदालत ने ठहराया दोषी
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इमेज कैप्शन, फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी पर आपराधिक साज़िश का मामला चल रहा था.
फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को आपराधिक साज़िश के मामले में दोषी पाया गया है.
यह मामला लीबिया के दिवंगत नेता कर्नल मुअम्मर गद्दाफी से करोड़ों यूरो की अवैध रकम लेने से जुड़ा है.
पेरिस की आपराधिक अदालत ने सरकोजी को अन्य सभी आरोपों से बरी कर दिया, जिनमें भ्रष्टाचार और गैरकानूनी चुनावी फंडिंग से जुड़े केस शामिल थे.
सरकोजी ने दावा किया कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है. उन पर आरोप था कि गद्दाफी से मिली रकम का इस्तेमाल उन्होंने 2007 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में किया.
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि इसके बदले में सरकोजी ने गद्दाफी की छवि को पश्चिमी देशों में सुधारने में मदद का वादा किया था.
70 साल के सरकोजी 2007 से 2012 तक फ्रांस के राष्ट्रपति रहे.
आर्यन ख़ान की वेब सिरीज़ के ख़िलाफ़ पूर्व एनसीबी अफ़सर समीर वानखेड़े ने किया मानहानि का मुक़दमा, रवि जैन, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, आर्यन ख़ान ने एक वेब सिरीज़ बनाई है जो हाल ही में नेटफ़्लिक्स पर रिलीज़ हुई.
शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान की वेब सिरीज़ को लेकर पूर्व एनसीबी अफ़सर समीर वानखेड़े ने दिल्ली
हाईकोर्ट में मानहानि का मुक़दमा दायर किया है.
समीर वानखेड़े ने यह मुक़दमा अभिनेता शाहरुख़ ख़ान और गौरी ख़ान के स्वामित्व वाली
रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म नेटफ्लिक्स और अन्य पक्षकारों के ख़िलाफ़ दायर किया
गया है.
वानखेड़े का आरोप है कि रेड चिलीज़ द्वारा निर्मित और नेटफ्लिक्स पर
प्रसारित की गई वेब सिरीज़ ’बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड’ में झूठा, दुर्भावनापूर्ण
और मानहानि वाला कंटेंट प्रस्तुत किया है.
इस याचिका में समीर वानखेड़े ने 2 करोड़ रुपये के
हर्जाने की मांग की है, जिसे
टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए दान करने का
प्रस्ताव रखा गया है.
इस वेब सिरीज़ में
एक क़िरदार को दिखाया गया है जो एनसीबी अफ़सर समीर
वानखेड़े जैसा दिखता है और जो बॉलीवुड के लोगों के पीछे पड़ा रहता है.
इस क़िरदार की सोशल मीडिया पर सिरीज़ के
रिलीज़ के बाद काफ़ी चर्चा हो रही थी.
ग़ौरतलब है कि चार साल पहले दो अक्तूबर 2021 को समीर वानखेड़े ने एनसीबी टीम के साथ मुंबई के कॉर्डेलिया क्रूज़ शिप पर छापेमारी कर आर्यन ख़ान समेत 20 लोगों को गिरफ़्तार किया था.
उस समय वानखेड़े पर आरोप लगा था कि उन्होंने ड्रग्स मामले में गिरफ़्तार आर्यन ख़ान को छोड़ने के बदले 25 करोड़ रुपए की रिश्वत वसूलने की साज़िश रची थी.
कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने सरकार पर बदले की कार्रवाई करने का लगाया आरोप
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इमेज कैप्शन, केडीए ने गुरुवार को कारगिल बंद का आह्वान किया है
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण
राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर बुधवार
को लेह में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद आज कारगिल बंद का आह्वान किया गया है.
कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए)
ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके प्रशासन पर बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया है.
केडीए के को-चेयरमैन असगर अली करबलाई
ने कहा, "प्रदर्शन को शांति से संभालने के बजाय, जब प्रदर्शन हिंसक हुआ तो
प्रदर्शनकारियों पर गोली चला दी गई. इसमें चार लोगों की मौत हुई, 12 लोग गंभीर रूप से ज़ख़्मी हुए और 40 अन्य लोग घायल हुए. लोगों के साथ सहानुभूति जताने के बजाय उनके ख़िलाफ़
कार्रवाई की जा रही है."
केडीए के सदस्य और एक्टिविस्ट सज्जाद कारगिली ने कहा, “बदले की कार्रवाई बंद होनी चाहिए. लोगों को बिना कारण हिरासत में लिया
जा रहा है. हालात को और ख़राब होने से रोकने की ज़िम्मेदारी सरकार की है. सरकार को
समझबूझ कर कार्रवाई करनी चाहिए. व्यवस्था के विफल होने के लिए युवाओं को
ज़िम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए. यह पूरी तरह ग़लत है. हम इसकी निंदा करते हैं.”
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इमेज कैप्शन, लेह में बुधवार की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए थे
सज्जाद कारगिली ने कहा कि एकजुटता और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने के
लिए आज कारगिल पूर्ण बंद का आह्वान किया गया है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “हम
लेह में कल हुई दुखद घटना पर गहरी संवेदना और चिंता व्यक्त करते हैं. सरकार से आग्रह
है कि वह तुरंत बातचीत शुरू करे और लद्दाख में शांति बहाल करने की लोगों की
आकांक्षाओं पर ध्यान दे.”
इस बीच जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने कहा, “वहां हालात ख़राब हैं. मैं सिर्फ़ वहां के लोगों से यही अपील करूंगा कि वो क़ानून को हाथ में ना लें. शांति का रास्ता निकलना चाहिए और भारत सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए.”
कल की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि 59 लोग घायल हुए थे जिनमें 30 पुलिसकर्मी हैं. हिंसा के बाद लेह में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
कल रात एक बयान में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को ज़िम्मेदार ठहराया है, जो 15 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और हिंसा के बाद अपना अनशन रोकने की घोषणा की थी.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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डेनमार्क ने ड्रोन गतिविधि को बताया 'पेशेवर', रूस को लेकर कही ये बात
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इमेज कैप्शन, डेनमार्क के रक्षा मंत्री ट्रोल्स लुंड पौल्सन
डेनमार्क में ड्रोन गतिविधि से हवाई क्षेत्र बाधित होने के बाद अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके इससे जुड़ी जानकारी दी है.
रक्षा मंत्री ट्रोल्स लुंड पौल्सन ने कहा कि शुरुआती जानकारी से लगता है कि इसके पीछे कोई 'प्रोफेशनल एक्टर' है.
उन्होंने ड्रोन गतिविधि को एक 'हाइब्रिड अटैक' बताया है.
हालांकि, उन्होंने जोड़ा कि अभी तक रूस की संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला है.
रक्षा मंत्री ने कहा कि बुधवार रात के ड्रोन 'स्थानीय स्तर पर' लॉन्च किए गए थे. साथ ही उन्होंने कहा कि रूस की संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला है.
ऑलबॉर्ग एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा जब वहां ड्रोन देखे गए. वहीं दक्षिणी क्षेत्र के तीन छोटे एयरपोर्ट ने भी ड्रोन गतिविधि की सूचना दी, हालांकि इन्हें बंद नहीं किया गया.
इससे पहले इस हफ़्ते कोपेनहेगन एयरपोर्ट को भी ड्रोन गतिविधि के कारण बंद करना पड़ा था. उस घटना के बाद डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने कहा था कि रूस की संलिप्तता को नकारा नहीं जा सकता.
बाद में यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने दावा किया कि यह रूस था, हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई सबूत नहीं बताया.
श्रेयस अय्यर को लेकर बीसीसीआई ने दी ये जानकारी, साथ ही किया टीमों का एलान
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इमेज कैप्शन, श्रेयस अय्यर को एशिया कप 2025 के लिए भारत की टी-20 टीम में जगह नहीं मिली थी
भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ श्रेयस अय्यर ने 6 महीने के लिए रेड बॉल क्रिकेट से ब्रेक लिया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है.
साथ ही बीसीसीआई ने गुरुवार को श्रेयस अय्यर को ऑस्ट्रेलिया ए के ख़िलाफ़ होने वाली वनडे सिरीज़ के लिए इंडिया ए का कप्तान बनाया है.
बयान में कहा गया, "श्रेयस अय्यर ने बीसीसीआई को सूचित किया है कि वह छह महीने तक रेड-बॉल क्रिकेट से ब्रेक ले रहे हैं. यूके में पीठ की सर्जरी कराने और अच्छी तरह रिकवरी करने के बाद हाल ही में उन्हें लंबे फॉर्मेट में खेलने के दौरान फिर से पीठ में ऐंठन और जकड़न की समस्या हुई है."
बीसीसीआई ने बताया, "उन्होंने इस दौरान फिटनेस पर काम करने का फै़सला किया है. उनकी इस निर्णय को देखते हुए उन्हें ईरानी कप के लिए चयन में शामिल नहीं किया गया."
बीसीसीआई ने जो टीमों का एलान किया है वह कुछ इस तरह हैं-
पहले वनडे मैच के लिए भारत ए टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), रियान पराग, आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, विप्रज निगम, निशांत सिंधु, गुरजपनीत सिंह, युद्धवीर सिंह, रवि बिश्नोई, अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, सिमरजीत सिंह
दूसरे और तीसरे वनडे मैचों के लिए भारत ए टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), रियान पराग, आयुष बडोनी, सूर्यांश शेडगे, विप्रज निगम, निशांत सिंधु, गुरजपनीत सिंह, युद्धवीर सिंह, रवि बिश्नोई, अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह
रेस्ट ऑफ़ इंडिया का इरानी कप के लिए स्क्वाड: रजत पाटीदार (कप्तान), अभिमन्यु ईश्वरन, आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड (उपकप्तान), यश ढुल, शेख़ रशीद, इशान किशन (विकेटकीपर), तनुष कोटियन, मानव सुथार, गुरनूर बरार, खलील अहमद, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, सारांश जैन
सरकार ने सीडीएस जनरल चौहान का कार्यकाल इतने महीनों के लिए बढ़ाया
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रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है.
यह घोषणा उनके मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति से कुछ दिन पहले की गई है.
64 साल के जनरल चौहान 30 सितंबर 2022 से चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ के रूप में और सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के तौर पर सेवा दे रहे हैं.
मंत्रालय ने बताया कि कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमेटी (एसीसी) ने बुधवार को उनके कार्यकाल विस्तार को मंजूरी दी है.
बयान में कहा गया, अब वह 30 मई 2026 या फिर अगला आदेश आने तक सीडीएस और सैन्य मामलों के विभाग के सचिव बने रहेंगे.
पीएम मोदी ने कहा- 'भारत जैसे देश को किसी पर निर्भर रहना, अब मंज़ूर नहीं है'
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी हाल के दिनों में 'स्वदेशी' पर ज़ोर देते नज़र आए हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 'भारत जैसे देश को किसी पर निर्भर रहना, अब मंज़ूर नहीं है. इसलिए भारत को अब आत्मनिर्भर बनाना ही होगा'.
पीएम मोदी ने गुरुवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आग़ाज़ करते हुए यह बात कही है.
उन्होंने कहा, "आज भारत 2047 तक विकसित होने की लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है. दुनिया में हो रहे विघटन और अनिश्चितता के बावजूद, भारत की वृद्धि आकर्षक है."
पीएम ने कहा कि विघटन हमें भटकाते नहीं, उस स्थिति में भी हम नई दिशाएं खोजते हैं.
उन्होंने कहा, "इसलिए, इन विघटनों के बीच, आज भारत आने वाले दशकों की नींव को मज़बूत कर रहा है. इसमें हमारा संकल्प, हमारा मंत्र है और आत्मनिर्भर भारत है."
प्रधानमंत्री ने कहा, "हम चिप से लेकर शिप तक, भारत में बनाना चाहते हैं."
भारत अमेरिका के 50 फ़ीसदी टैरिफ़ का सामना कर रहा है और पीएम मोदी लगातार स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की अपील कर रहे हैं.
भारत ने रक्षा क्षेत्र में पहली बार किया यह काम, जानिए इसकी ख़ासियत
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इमेज कैप्शन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि यह मिसाइल 2 हज़ार किमी तक की दूरी तय कर सकती है
भारत के रक्षा शोध संस्थान डीआरडीओ (डिफ़ेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइज़ेशन) ने इंटरमीडिएट रेंज अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह मिसाइल रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से छोड़ी गई.
इसकी जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि 'नई पीढ़ी की यह मिसाइल 2 हज़ार किमी तक की दूरी तय कर सकती है और इसमें कई आधुनिक फ़ीचर हैं.'
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "यह पहली बार है कि इस तरह की लॉन्चिंग विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से की गई है."
रक्षा मंत्री ने कहा, "यह सिस्टम रेल नेटवर्क पर किसी पूर्व तैयारी के बिना चल सकती है, जिससे इसे देश में कहीं भी तैनात किया जा सकता है और कम समय में लॉन्च किया जा सकता है."
राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड, सशस्त्र बलों को इस सफल परीक्षण के लिए बधाई दी है.
सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौते पर ईरान ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि उनके देश ने 'कभी भी परमाणु हथियार नहीं चाहे थे और न कभी चाहेगा.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौते का 'स्वागत' किया है.
उनका कहना है कि यह क़दम 'क्षेत्र में एक व्यापक सुरक्षा सिस्टम की शुरुआत है और मुस्लिम देशों के बीच राजनीतिक, सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग है'.
बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने इस महीने क़तर की राजधानी दोहा पर इसराइली हमले की भी निंदा की.
उन्होंने कहा, "सुरक्षा, बल प्रयोग के ज़रिए सुनिश्चित नहीं की जा सकती, बल्कि इसके लिए विश्वास बहाल करना, क्षेत्रीय सम्पर्क बढ़ाना और बहुपक्षीय एकता की ज़रूरत है."
मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा, "ईरान ने कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं की है और न ही कभी करेगा."