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वो इसराइली और फ़लस्तीनियों, दोनों से प्यार करती थी: अमेरिका में मारी गईं सारा मिलग्रिम के पिता ने कहा

अमेरिका में इसराइली दूतावास की अधिकारी सारा मिलग्रिम के पिता रॉबर्ट ने बीबीसी के अमेरिकी मीडिया पार्टनर सीबीएस न्यूज़ को बताया कि उनकी बेटी को इसराइल से और मिडिल ईस्ट में रहने वाले सभी लोगों से प्यार था.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, आनंद मणि त्रिपाठी और सुरभि गुप्ता

  1. इसराइली दूतावास के दो कर्मचारियों की वॉशिंगटन डीसी में गोली मारकर हत्या

    अमेरिका के वाशिंगटन में एक यहूदी संग्रहालय के बाहर इसराइली दूतावास के दो कर्मचारियों की हत्या कर दी गई है. अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री क्रिस्टी नोएम ने इसकी पुष्टि की है.

    बीबीसी के सहयोगी चैनल सीबीएस को सूत्रों ने बताया है कि इस घटना में एक पुरुष और एक महिला को गोली मारी गई है. हमले के वक़्त ये दोनों कैपिटल यहूदी संग्रहालय से बाहर निकले थे.

    सूत्रों ने बताया है कि जिस तरह से हमला हुआ उसे देखकर यही लगता है कि यह एक सुनियोजित तरीके से किया गया है.

    यह गोलीबारी स्थानीय समयानुसार रात नौ बजकर पांच मिनट के आसपास एफ स्ट्रीट पर हुई. यह ऐसा क्षेत्र है जहां कई पर्यटक स्थल, संग्रहालय और सरकारी इमारतें हैं. इनमें एफबीआई का फील्ड कार्यालय भी शामिल है.

    रिपोर्टों से पता चला है कि गोलीबारी के समय इसराइली दूतावास के कई कर्मचारी एक संग्रहालय के कार्यक्रम में मौजूद थे.

    नोएम ने एक्स पर लिखा, "हम सक्रियता से जांच कर रहे हैं और मामले की जानकारी के लिए काम कर रहे हैं. कृपया पीड़ितों के परिवारों के लिए प्रार्थना करें. हम अपराधी को अदालत में लाएंगे."

    संयुक्त राष्ट्र में इसराइल के राजदूत ने इस घटना को "यहूदी विरोधी आतंकवाद का कृत्य" करार दिया है.

  2. दिल्ली और एनसीआर में तेज़ आंधी से भारी नुक़सान, कई जगह गिरे पेड़

    दिल्ली और एनसीआर के इलाक़ों में बुधवार शाम तेज़ आंधी और फिर बारिश होने से कई जगह से घटना की ख़बर सामने आई है.

    तेज़ आंधी से कई जगह पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने से लोग ज़्यादा प्रभावित हुए है.

    तूफान के चलते राजधानी में कई जगह पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए , जिससे कई इलाक़ों में यातायात बाधित हुआ और मेट्रो सेवाएं भी प्रभावित हुईं.

    साथ ही दिल्ली से श्रीनगर जा रहे इंडिगो के विमान को बुधवार को आपात स्थिति में श्रीनगर एयरपोर्ट पर उतारा गया.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, विमान ओलावृष्टि की चपेट में आ गया. इसके चलते पायलट ने श्रीनगर एयर ट्रैफिक कंट्रोल को आपात स्थिति की जानकारी दी.

    एजेंसी के मुताबिक़, अधिकारियों ने बताया कि विमान बाद में सुरक्षित रूप से लैंड कर गया है . विमान में 227 यात्री सवार थे. सभी यात्री सुरक्षित हैं.

  3. इसराइली पीएम नेतन्याहू ने ग़ज़ा में युद्ध रोकने के लिए क्या शर्तें रखीं?

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इसराइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले शर्तों के तहत वह युद्ध ख़त्म करने के लिए तैयार हैं.

    इन शर्तों में सभी इसराइली बंधकों की रिहाई और हमास का आत्मसमर्पण शामिल है. इसके अलावा नेतन्याहू की शर्त है कि ग़ज़ा से हमास के नेतृत्व का निष्कासन हो और सारा क्षेत्र हथियार रहित हो.

    साथ ही उन्होंने कहा, "जो लोग ग़ज़ा से जाना चाहते हैं वह जा सकेंगे."

    इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग इसराइल से युद्ध ख़त्म करने की मांग कर रहे हैं, वास्तव में वे चाहते हैं कि ग़ज़ा पर हमास का शासन जारी रहे.

    हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इसराइल और ग़ज़ा में संघर्ष शुरू होने के बाद से ग़ज़ा में 53 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.

  4. कुछ लोग कह रहे हैं मैं सीएम बनने आया हूं, इतना छोटा सपना लेकर पैदा नहीं हुए: प्रशांत किशोर

    जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार के सारण में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री बनने के लिए इतनी मेहनत नहीं कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा, "कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं मुख्यमंत्री बनने आया हूं. लेकिन आप मुझे नहीं जानते हैं, हम इतना छोटा सपना लेकर पैदा नहीं हुए हैं."

    प्रशांत किशोर ने दावा करते हुए कहा, "एक-दो नहीं 10-10 मुख्यमंत्री बनाने में कंधा लगाए हैं. मुख्यमंत्री बनने के लिए इतना मेहनत नहीं कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "ये सपना लेकर आए हैं कि अपने जीवन काल में एक ऐसा भी दिन देखें कि जब इसी बिहार में हरियाणा, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र से जब लोग रोजगार, मजदूरी करने आए. तब मानेंगे कि बिहार में विकास हुआ है."

    बिहार में इसी साल आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं. हालांकि चुनाव आयोग की तरफ़ से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

  5. अमेरिका ने आलोचना के बावजूद स्वीकार किया क़तर का विमान, एयरफ़ोर्स वन में होगा शामिल, माइक वेंडलिंग, बीबीसी संवाददाता

    क़तर ने अमेरिका के एयरफोर्स वन बेड़े के लिए एक विमान उपहार में दिया है. इसे अमेरिका ने स्वीकार कर लिया है. हालांकि इस उपहार लेने को लेकर आलोचना हो रही है.

    इसमें राष्ट्रपति ट्रंप के कुछ बड़े समर्थक भी शामिल हैं. पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बुधवार को बताया, "रक्षा सचिव ने सभी फ़ेडरल नियमों और विनियमों के अनुसार क़तर से बोइंग 747 को स्वीकार कर लिया है."

    विमान में कुछ संशोधन किया जाएगा. इसके बाद इसे एयर फोर्स वन-राष्ट्रपति के हवाई परिवहन के लिए आधिकारिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकेगा.

    व्हाइट हाउस का कहना है कि यह उपहार कानूनी है. कतर के शाही परिवार की ओर से दिए गए इस उपहार की अनुमानित कीमत 400 मिलियन डॉलर है.

    व्हाइट हाउस का कहना है कि नए विमान को ट्रंप के कार्यकाल के बाद राष्ट्रपति लाइब्रेरी में भेज दिया जाएगा.

    कतर के इस विमान का राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल से पहले अतिरिक्त सुरक्षा प्रणालियों के साथ इसे अपग्रेड करने में करीब साल भर लग सकते हैं. इसमें परमाणु विस्फोट झेलने की क्षमता और उड़ान के बीच ईंधन भरने की क्षमता शामिल है.

    सामरिक एवं अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन केंद्र के रक्षा एवं सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार मार्क कैन्सियन बताते हैं कि इस तरह के अपग्रेडेशन में करीब 100 करोड़ रुपए की लागत आ सकती है.

    एक सप्ताह पहले इस हस्तांतरण की घोषणा से भारी विवाद पैदा हो गया. इसे उचित ठहराते हुए ट्रंप ने कहा था, "वे हमें एक उपहार दे रहे हैं" इसे अस्वीकार करना "मूर्खतापूर्ण" होगा.

    अमेरिकी संविधान में एक प्रावधान है जिसे पारिश्रमिक खंड के रूप में जाना जाता है. यह कांग्रेस की अनुमति के बिना विदेशी सरकारों पर अमेरिका के सार्वजनिक अधिकारियों को उपहार देने पर रोक लगाता है.

    इस हस्तांतरण को भी अभी तक कांग्रेस की मंजूरी नहीं मिली है.

    राष्ट्रपति ने तर्क दिया है कि विमान का हस्तांतरण वैध है क्योंकि यह व्यक्तिगत रूप से उन्हें नहीं बल्कि अमेरिकी रक्षा विभाग को दिया जा रहा है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वे पद छोड़ने के बाद इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे.

    वर्तमान में एयरफोर्स वन बेड़े में दो 747-200 जेट शामिल हैं. यह 1990 से उपयोग किया जा रहा है. इसके साथ ही कई छोटे 757 विमान भी बेड़े में शामिल हैं.

    ट्रंप ने विमान निर्माता कंपनी बोइंग के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है. जिसे व्हाइट हाउस को दो 747-8 विमान उपलब्ध कराने का अनुबंध दिया गया है.

    ट्रंप की टीम ने पहले कार्यकाल में ही इन्हें लेने की बातचीत की थी लेकिन इसकी सप्लाई में बार बार देरी होती चली गई. वहीं बोइंग ने बताया है कि अगले दो से तीन सालों तक भी इनकी सप्लाई नहीं हो पाएगी.

    ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के शुरू होने के कुछ सप्ताह बाद ही अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट के निकट पाम बीच में कतर के विमान का गुप्त रूप से दौरा किया था.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इसमें कोई लेन-देन शामिल नहीं है. यह विमान दो सहयोगियों के बीच एक साधारण आदान-प्रदान है.

    ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा है,"रक्षा विभाग को एक बहुत ही सार्वजनिक और पारदर्शी लेनदेन के तहत, 40 वर्ष पुराने एयर फोर्स वन के स्थान पर अस्थायी रूप से 747 विमान का निःशुल्क उपहार मिल रहा है."

    कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल-थानी ने कहा है कि यह हस्तांतरण "सरकार से सरकार के बीच का लेन-देन है."

    उन्होंने कहा, "इसका व्यक्तिगत संबंधों से कोई लेना-देना नहीं है. न तो अमेरिकी पक्ष से, न ही कतर पक्ष से. यह दोनों रक्षा मंत्रालयों के बीच का मामला है."

  6. इसराइली हमलों के बीच दक्षिणी ग़ज़ा में हमास के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन, नाओमी शेरबेल-बॉल, बीबीसी न्यूज़

    ग़ज़ा में एक ओर जहां इसराइली हमले जारी हैं वहीं दूसरी तरफ़ कुछ लोगों में हमास को लेकर नाराज़गी भी है.

    दक्षिणी ग़ज़ा में तीसरे दिन भी फ़लस्तीनी लोगों ने हमास के ख़िलाफ़ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया.

    सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो में सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों को युद्ध ख़त्म करने और ग़ज़ा से इस सैन्य समूह को हटाने की मांग करते हुए देखा गया.

    वीडियो में लोग नारे लगाते हुए कह रहे हैं, "बाहर, बाहर, बाहर, सभी हमास, बाहर."

    ग़ज़ा में हमास के ख़िलाफ़ बोलना ख़तरनाक हो सकता है.

    मंगलवार को पत्रकारों के व्हाट्सएप ग्रुपों पर धमकियां आईं, जिसमें उन्हें "किसी भी नकारात्मक समाचार को प्रकाशित करने से मना किया गया है."

    हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इसराइल और ग़ज़ा में संघर्ष शुरू होने के बाद से ग़ज़ा में 53 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.

  7. नमस्कार!

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