टेक्सस में बाढ़ से कम से कम 107 लोगों की मौत, दर्जनों लोग अब भी लापता

अमेरिका के टेक्सस में आई बाढ़ में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राज्य भर में कम से कम 107 लोगों की मौत हुई है और दर्जनों लोग लापता हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

आनंद मणि त्रिपाठी, सुरभि गुप्ता

  1. बिहार: गोपाल खेमका की हत्या के संदिग्ध की पुलिस मुठभेड़ में मौत, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता, पटना

    बिहार पुलिस

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    इमेज कैप्शन, बिहार पुलिस(सांकेतिक तस्वीर)

    बिहार की राजधानी पटना के व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या के एक संदिग्ध को मंगलवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ में मौत हो गई है.

    बिहार पुलिस ने अपनी विज्ञप्ति में बताया है, "जिला नियंत्रण कक्ष को मालसलामी के थानाध्यक्ष ने बताया कि रात करीब 2 बजकर 45 मिनट पर दमरिया घाट के पास पुलिस की अपराधी से मुठभेड़ हुई. इसमें कुख्यात अपराधी विकास उर्फ राजा मारा गया."

    बिहार पुलिस ने बताया है, "घटना स्थल पर जांच के दौरान एक पिस्टल, गोली और उसका खोखा बरामद किया गया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है."

    बिहार पुलिस ने बताया है फ़िलहाल मामले की जांच जारी है और शहर में कानून व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य है.

    पुलिस ने कहा है कि गोपाल खेमका की हत्या से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए आज शाम पांच बजे पटना में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस की जाएगी.

    गोपाल खेमका की शुक्रवार रात पटना में उनके घर के बाहर बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

  2. सीरिया के एचटीएस को आतंकी समूहों की सूची से हटाएगा अमेरिका

    एचटीएस

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    इमेज कैप्शन, एचटीएस सीरिया में फिलहाल सत्ता का नेतृत्व कर रहा है (सांकेतिक तस्वीर)

    अमेरिकी विदेश विभाग की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक अमेरिका मंगलवार को सीरियाई इस्लामी समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) को विदेशी आतंकवादी संगठनों की अपनी सूची से हटाएगा.

    इस समूह ने दिसंबर में सीरिया में हुए विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिसने सीरिया पर 54 साल तक शासन करने वाले असद शासन को खत्म किया. इसके नेता अहमद अल-शरा अब देश के अंतरिम राष्ट्रपति हैं.

    एचटीएस को अल-नुसरा फ्रंट के नाम से भी जाना जाता है. यह पहले सीरिया में अल-कायदा का सहयोगी था.

    पिछले कुछ महीनों में पश्चिमी देशों ने सीरिया के साथ फिर से संबंध स्थापित करने का प्रयास किया है.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने जून के अंत में सीरिया के ख़िलाफ़ अमेरिकी प्रतिबंधों को समाप्त करनके लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर किया था.

    व्हाहट हाउस ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य 'स्थिरता और शांति के मार्ग' का समर्थन करना था.

    सीरियाई विदेश मंत्री असद अल-शिबानी ने कहा कि इस कदम से आर्थिक सुधार में आने वाली 'बाधा दूर हो जाएगी' और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए देश खुल जाएगा.

  3. नेतन्याहू ने ट्रंप को नोबेल के शांति पुरस्कार के लिए नामित किया

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बैठक

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के बाद इसराइल ने भी डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल का शां​ति पुरस्कार देने के लिए नामित किया है

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल का शांति पुरस्कार देने के लिए नामित किया है.

    वाशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई बैठक में इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति को नोबेल के शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है.

    बैठक में पुरस्कार समिति को भेज गए पत्र को ट्रंप को सौंपते हुए नेतन्याहू ने कहा, "हम जब बात कर रहे हैं, तो वह एक देश में, एक के बाद एक क्षेत्र में शांति स्थापित कर रहे हैं".

    इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी में इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का स्वागत करते हुए कहा कि उनका मानना है कि ग़ज़ा में युद्ध समाप्त करने के लिए "बहुत अच्छी बातचीत चल रही है."

    व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि हमास 21 महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए तैयार है. उन्होंने बताया, "वह मिलना चाहते हैं और वह युद्ध विराम चाहते हैं."

    यह बैठक कतर में इसराइल और हमास के बीच चल रही अप्रत्यक्ष संघर्ष विराम की बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद हुई है. हालांकि इस सप्ताह भी इस बातचीत जारी रहने की उम्मीद है.

    ट्रंप से सोमवार को एक पत्रकार ने पूछा कि ग़ज़ा में शांति समझौते में क्या बाधा आ रही है, तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई रुकावट है, सभी चीजें बहुत अच्छी तरह से चल रही हैं".

    वहीं नेतन्याहू ने कहा कि वह अमेरिका के साथ मिलकर ऐसे देशों की तलाश कर रहे हैं जो "फलस्तीनियों को बेहतर भविष्य प्रदान करेंगे."

  4. टेक्सस में सीमा सुरक्षा अधिकारी पर हमला, जवाबी कार्रवाई में हमलावर की मौत

    डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी

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    डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने बताया कि सोमवार सुबह टेक्सस में सीमा गश्ती केंद्र पर गोलीबारी करने वाले एक शख्स की जवाबी कार्रवाई में मौत हो गई.

    पुलिस ने बताया कि हमलावर के पास एक राइफल और अन्य हथियार थे. इस हमले में दो अधिकारी और एक अन्य कर्मचारी घायल हुए.

    अधिकारियों ने तीनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा. गोलीबारी की यह घटना अमेरिका-मैक्सिको सीमा के पास टेक्सास के मैकलेन में हुई.

    मैकलेन पुलिस ने संदिग्ध की पहचान 27 वर्षीय रयान लुईस मोस्केडा के रूप में की. पुलिस ने बताया कि संदिग्ध का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और वह मिशिगन का निवासी था.

  5. ट्रंप ने कहा अब एक अगस्त से लागू होंगे टैरिफ़, बांग्लादेश समेत कुछ देशों के लिए नई दरों की घोषणा

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौ जुलाई से लागू होने वाले टैरिफ़ को अब एक अगस्त से लागू करने की घोषणा की है.

    इसके अलावा ट्रंप बांग्लादेश समेत 14 देशों पर टैरिफ़ की नई दरें लगाने का निर्णय लिया है.

    ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इन देशों के नेताओं को भेजे गए पत्र को साझा करते हुए टैरिफ़ के नए दर की जानकारी दी है.

    इसके साथ ही ट्रंप ने लिखा, "आपके के साथ हमारे संबंधों के आधार पर इसे संशोधित किया जा सकता है".

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने म्यांमार पर 40 फ़ीसदी, थाईलैंड पर 36 फ़ीसदी, बांग्लादेश पर 35 फ़ीसदी, इंडोनेशिया पर 32 फ़ीसदी और दक्षिण अफ्रीका पर 30 फ़ीसदी सहित 14 देशों पर टैरिफ़ लगाने की बात दोहराई है.

    इससे पहले ट्रंप ने 9 जुलाई से टैरिफ़ लागू करने की घोषणा की थी.

    किन देशों पर कितना टैरिफ?

    म्यांमार और लाओस: 40 फ़ीसदी

    थाईलैंड: 36 फ़ीसदी

    बांग्लादेश और सर्बिया: 35 फ़ीसदी

    इंडोनेशिया: 32 फ़ीसदी

    बोस्निया-हर्जेगोविना, दक्षिण अफ्रीका: 30 फ़ीसदी

    ट्यूनीशिया, मलेशिया, कज़ाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, जापान: 25 फ़ीसदी

  6. कीनिया में हिंसक प्रदर्शन: 11 की मौत, नैरोबी में 567 गिरफ़्तार

    प्रदर्शन

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    इमेज कैप्शन, नैरोबी में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी

    कीनिया की राजधानी नैरोबी में सोमवार को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन में कम से कम 11 लोगों की गोली लगने से मौत हो गई. पुलिस ने 567 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया है.

    ये प्रदर्शन 7 जुलाई 1990 के ऐतिहासिक सबा-सबा (सात-सात) आंदोलन की 35वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किए गए थे. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सरकार लोकतंत्र और आर्थिक सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठाए.

    ईगल नर्सिंग होम के डॉक्टर एरन सिकुकू ने बताया कि दो शवों को अस्पताल लाया गया, दोनों की मौत गोली लगने से हुई थी.

    इसके बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए और शवों को सौंपे जाने की मांग करने लगे.

    स्थिति को नियंत्रित करने पहुँची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, जिससे इलाके में अफ़रातफ़री फैल गई.

    पुलिस ने सोमवार शाम एक बयान में कहा कि अधिकारियों ने 'उकसावे के बावजूद संयम और पेशेवर रवैया' बनाए रखा.

  7. नमस्कार!

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