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पाकिस्तान के मदरसे में बम धमाका, 7 की मौत, 70 घायल
पाकिस्तान के एक मदरसे में बम धमाका हुआ है, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है और 70 से ज़्यादा घायल हैं.
हमला पाकिस्तान में ख़ैबर-पख़्तूनख़्वाह प्रांत के पेशावर शहर में हुआ.
अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक़, मरने वालों की उम्र 20 से 30 साल के बीच है. दर्जनों लोग घायल हैं जिनमें से चार की उम्र 13 साल से कम है.
शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया था कि मरने वालों में चार बच्चे हैं, लेकिन बाद में ऐसी रिपोर्टों को वापस ले लिया गया.
अभी तक किसी समूह ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने धमाके की कड़ी निंदा की है और जान के नुक़सान पर दुख जताया है.
पुलिस ने बीबीसी को बताया कि धमाका स्थानीय समयानुसार सुबह 8:30 पर हुआ. पुलिस के मुताबिक़ धमाका उस वक़्त हुआ जब मदरसे में पढ़ाई चल रही थी.
माना जा रहा है कि धमाके के वक़्त मदरसे में क़रीब 60 लोग मौजूद थे.
एक चश्मदीद ने पुलिस को बताया कि उन्होंने धमाके से कुछ देर पहले एक शख़्स को विस्फोटकों से भरा बैग इमारत में ले जाते देखा था.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वकार अज़ीम में समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि "कोई पाठशाला के अंदर बस्ता रखकर चला गया."
ख़ैबर-पख़्तूनख़्वाह के प्रांतीय मंत्री तैमूर झगड़ा ने पत्रकारों को बताया कि धमाके में सात लोगों की मौत हुई है और 70 से ज़्यादा लोग घायल हैं. उन्होंने कहा कि घायलों में बच्चे भी हैं.
पुलिस ने एएफ़पी को बताया कि दो शिक्षक घायल हुए हैं.
मदरसे की अंदर की तस्वीरों से पता चलता है कि धमाका बहुत ज़ोरदार था.
सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) शफकत मलिक ने पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून अख़बार को बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि हमले में पांच किलो विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ है.
अस्पताल के अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि अस्पताल में दर्जनों घायल लोगों को लाया गया है, जिनमें से कई जले हुए हैं.
पेशावर शहर अफ़ग़ान सीमा के नज़दीक है. तालिबान विद्रोह के दौरान हाल के सालों में वहां हिंसा की कुछ भयानक घटनाएं हुई है.
छह साल पहले शहर के एक सैन्य स्कूल में एक बंदूकधारी घुस आया था और बच्चों समेत 150 से ज़्यादा लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
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