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लाइव, नीट परीक्षा: नागपुर के छात्र को अबू धाबी में मिला परीक्षा केंद्र, राहुल गांधी का तंज़, एनटीए का जवाब

नीट की परीक्षा दे रहे एक छात्र ने जब परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसे संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में परीक्षा का केंद्र मिला.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े

  1. नीट परीक्षा: नागपुर के छात्र को अबू धाबी में मिला परीक्षा केंद्र, राहुल गांधी का तंज़, एनटीए का जवाब

    नीट की परीक्षा दे रहे एक छात्र ने जब परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसे संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में परीक्षा का केंद्र मिला.

    इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की कार्यशैली पर टिप्पणी की है.

    राहुल गांधी ने लिखा, "न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है. वो (छात्र )रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है. क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?"

    "आख़िर ऐसा किस तरह हुआ? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए. एनटीए असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज की जांच कर रही है."

    राहुल गांधी ने लिखा, "जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में एक सेंटर नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है, उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं."

    "हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए. वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे."

    इस मामले पर एनटीए ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "शिकायत पर कार्रवाई की गई है और ज़रूरी जांच-पड़ताल के बाद, अगले कुछ घंटों में उम्मीदवार को नागपुर में एक सेंटर अलॉट कर दिया जाएगा."

    वहीं कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री जी अपने लीक-प्रधान को हटाओ, उसका इस्तीफ़ा लो, एनटीए को बैन करो. टेलीग्राम बैन करने से कुछ नहीं होगा."

    नीट की परीक्षा 3 मई, 2026 को हुई थी, लेकन बाद में पेपर लीक के आरोपों के बाद यह परीक्षा रद्द कर दी गई और अब दोबारा यह परीक्षा रविवार, 21 जून को होगी.

    परीक्षा का संचालन कर रही एजेंसी 'एनटीए' पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

  2. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: ब्राज़ील ने हैती को 3-0 से हराया, पहुंचा ग्रुप में शीर्ष स्थान पर

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के ग्रुप सी के मुक़ाबले में ब्राज़ील ने हैती को 3-0 से हरा दिया है.

    अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में स्थानीय समय के मुताबिक़ शुक्रवार को जीत हासिल करने के साथ ही ब्राज़ील ने ग्रुप सी में चार अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है.

    ब्राज़ील के लिए मैटियस कुन्हा ने दो गोल किए, जबकि विनीसियस जूनियर ने एक गोल.

    वहीं सैन फ्रांसिस्को में शुक्रवार को ही ग्रुप डी के एक मैच में पराग्वे ने तुर्की को 1-0 से हरा दिया है. वहीं ग्रुप डी के मैच में स्कॉटलैंड पर 1-0 की जीत के बाद मोरक्को और ब्राज़ील चार-चार अंकों पर बराबरी पर आ गए हैं.

    जबकि स्कॉटलैंड के तीन अंक हैं और हैती बिना किसी अंक के तालिका में सबसे नीचे है.

    इससे पहले, ग्रुप डी में ऑस्ट्रेलिया पर 2-0 की जीत के अमेरिका ने नॉकआउट चरणों में अपनी जगह पक्की कर ली.

  3. आरएसएस के मुद्दे पर प्रियांक खड़गे और महेश जेठमलानी आमने-सामने

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के मुद्दे पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी के बीच सोशल मीडिया एक्स पर बहस शुरू हो गई है.

    प्रियांक खड़गे ने महेश जेठमलानी की एक पोस्ट के जवाब में लिखा, "यह देखकर अच्छा लगा कि आरएसएस पर हो रही बहस अब ‘क़ानूनी दिग्गजों’ का भी ध्यान खींच रही है. मैं क़ानून, संविधान, पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों पर कभी भी और कहीं भी चर्चा, विचार-विमर्श और बहस करने के लिए तैयार हूँ."

    उन्होंने लिखा, "सरनेम से भले ही दरवाज़े खुल जाएँ, लेकिन इससे हर तर्क को अपने-आप वज़न नहीं मिल जाता. निश्चित रूप से, पारदर्शिता की कमी का बचाव करते हुए संविधान का ज़िक्र करने से तर्क संवैधानिक नहीं हो जाता."

    प्रियांक खड़गे ने लिखा, "मैं आपको एक बुनियादी फ़र्क याद दिलाना चाहता हूँ- आप सिलेक्टेड प्रतिनिधि हैं. मैं जनता का निर्वाचित प्रतिनिधि हूँ. एक बार नहीं. दो बार नहीं. बल्कि, तीन बार."

    उन्होंने लिखा, "इसलिए, मुझे संवैधानिक नैतिकता पर उपदेश देने से पहले, कृपया असली सवाल का जवाब दें कि इतने बड़े पैमाने, प्रभाव और सार्वजनिक गतिविधियों वाले किसी संगठन को सामान्य क़ानूनी पारदर्शिता के दायरे से बाहर क्यों रहना चाहिए?"

    इससे पहले महेश जेठमलानी ने एक पोस्ट में दावा किया कि प्रियांक खड़गे का आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखा गया पत्र संवैधानिक राजनीति से प्रेरित है.

    उन्होंने एक लंबी पोस्ट में लिखा, "यह एक सोची-समझी राजनीतिक उकसावे की कार्रवाई है. इसमें क़ानून की समझ कम है, अंदाज़े ज़्यादा हैं, और यह साफ़ तौर पर वंशवादी राजनीति के अहंकार को दिखाता है."

    "एक सदी से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने खुलेआम और जनता की आंखों के सामने देश की सेवा की है. चरित्र निर्माण, अनुशासन को बढ़ावा देना, सामाजिक एकता को मज़बूत करना और यह सब बिना किसी सरकारी मदद के किया है."

    प्रियांक खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे हैं, जबकि महेश जेठमलानी जाने-माने वकील रहे राम जेठमलानी के बेटे हैं.

    कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के रजिस्ट्रेशन को लेकर सवाल उठा रहे हैं. कर्नाटक सरकार ने आरएसएस की गतिविधियों को गुप्त बताते हुए कहा है कि इस संगठन को अपना रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए.

    जबकि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को केरल के त्रिशूर में संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में कहा कि देश में कई ऐसी संस्थाएं हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है.

  4. ईरान ने कहा- सेना सम्मान और अपने हितों की रक्षा के लिए तैयार

    ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने एक बयान में कहा कि अगर दुश्मन अपने वादे से मुकरता है, तो वे देश की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए तैयार हैं.

    यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच जंग को रोकने के लिए हुए समझौते (एमओयू) के मुद्दे पर आया है.

    इस बयान में कहा गया है कि ईरानी लोगों के साहसी प्रतिरोध, सेना के बलिदान और समर्पण के साथ ही शहीद नेता की पहले से की गई समझदारी भरी पहल ने दुश्मन को युद्धविराम की ओर बढ़ने के लिए मजबूर किया.

    आईआरजीसी ने कहा है कि अन्याय को अस्वीकार करने की ईरान की पुरानी संस्कृति और कमांडर-इन-चीफ़ के दूरदर्शी नेतृत्व के दम पर सेना अपने देश की रक्षा और रेसिस्टेंस फ़्रंट के जायज़ अधिकारों के लिए अडिग है.

    ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों के 100 दिन बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ है. इसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के हस्ताक्षर वाले इस समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए 60 दिनों का ढांचा तय किया गया है.

    इसमें सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने की बात कही गई है. इसमें लेबनान भी शामिल है. समझौते में एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने की बात भी कही गई है.

    साथ ही होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने और ईरानी जहाजों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की पुष्टि की गई है.

    इसके अलावा वह अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना पर काम करेगा.

  5. ईरान ने कहा- अमेरिका को इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी

    ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने कहा है कि एमओयू की पहली शर्त का पालन न कर पाना दिखाता है कि अमेरिका में ईरानी लोगों का भरोसा जीतने की इच्छाशक्ति की कमी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, जिसकी शुरुआत एमओयू के वादों के उल्लंघन का स्मार्ट और उचित जवाब के साथ होगा."

    इब्राहिम अज़ीज़ी ने चेतावनी दी, "हम पक्के इरादे वाले हैं."

    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "हम किसी मजबूरी में नहीं मिले थे, ईरान मिला था. उनका खेल ख़त्म हो चुका है. हम 60 दिन का समय पूरा होने देंगे. उन्हें कोई पैसा नहीं मिलेगा, दस सेंट भी नहीं."

    वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के स्विट्जरलैंड के पूर्व निर्धारित दौरे में देरी के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत के नए राउंड को टाल दिया गया है.

    व्हाइट हाउस ने गुरुवार (स्थानीय समय के मुताबिक़) देर रात घोषणा की कि वेंस बातचीत के लिए नहीं जा रहे हैं.

    अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम बढ़ाने के 14 बिंदुओं वाले मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुका है.

    इसके तहत अन्य बातों के साथ ही ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, जबकि ईरान के "पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास" के लिए 300 अरब डॉलर का फंड बनाया जाएगा. हालांकि, अमेरिका के लिए इसमें योगदान देना अनिवार्य नहीं होगा.

    हालांकि अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक नाक़ाबंदी हटा ली गई है, जिसका ज़िक्र दोनों देशों के बीच हुए समझौते में है.

  6. नीरज चोपड़ा दोहा डायमंड लीग में चौथे नंबर पर रहे, कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलेंगे या नहीं?

    भारत के जेवलिन खिलाड़ी नीरज चोपड़ा क़तर में हुए दोहा डायमंड लीग 2026 में चौथे नंबर पर रहे हैं. इस सीज़न में यह उनकी पहली प्रतियोगिता है.

    हालांकि नीरज चोपड़ा ने इस साल होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफ़ाई कर लिया.

    नीरज की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही और उनका पहला थ्रो फाउल हो गया. लेकिन वो अपने दूसरे प्रयास में 82.77 मीटर थ्रो करने में कामयाब रहे और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफ़ाई कर लिया.

    तीसरे प्रयास में उन्होंने 85.69 मीटर तक भाला फेंक कर वापसी की, जो उनका सबसे अच्छा थ्रो रहा.

    प्रतियोगिता के सभी छह राउंड पूरे होने के बाद श्रीलंका के रुमेश पथिरागे शीर्ष पर रहे.

    नीरज चोपड़ा ने पीठ की चोट से उबरकर वापसी की है.

    इससे पहले वो सितंबर 2025 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में कॉम्पिटिशन में शामिल हुए थे.

  7. ब्रिटेन: दो ट्रेनों के बीच टक्कर में एक ड्राइवर की मौत, क़रीब 90 लोग घायल

    ब्रिटेन में बेडफ़ोर्ड के पास ईस्ट मिडलैंड्स रेलवे की दो ट्रेनों की टक्कर में एक ट्रेन ड्राइवर की मौत हो गई है.

    स्थानीय समय के मुताबिक़ ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस को शुक्रवार शाम 5:15 बजे इस हादसे की सूचना मिली.

    नेशनल यूनियन ऑफ़ रेल, मैरीटाइम एंड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स ने पुष्टि की है कि इस हादसे में एक ट्रेन ड्राइवर की मौत हो गई.

    स्थानीय एम्बुलेंस सर्विस का कहना है कि इस हादसे में 11 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि 22 अन्य लोगों को गंभीर चोटें आई हैं. इस हादसे में 56 लोगों को मामूली चोटें आई हैं.

    ईस्ट मिडलैंड्स रेलवे के अनुसार, जिन ट्रेनों में टक्कर हुई, उनमें कॉर्बी से लंदन सेंट पैनक्रास जाने वाली ट्रेन और नॉटिंघम से लंदन सेंट पैनक्रास जाने वाली ट्रेन शामिल थीं. हादसे के वजहों की जांच फ़िलहाल जारी है.

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने इस हादसे में मारे गए और घायल हुए लोगों के प्रति दुख जताया है.

  8. विदेश मंत्रालय इसे भारत की बड़ी जीत क्यों बता रहा है?

    भारत को पहली बार मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर नज़र रखने वाली वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफ़एटीएफ़) के उपाध्यक्ष का पद मिला है.

    भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी विवेक अग्रवाल को इस पद के लिए चुना गया है. विदेश मंत्रालय ने इस नियुक्ति को भारत की बड़ी जीत बताया है.

    विवेक अग्रवाल फ़िलहाल संस्कृति मंत्रालय के सचिव हैं और वे जुलाई 2026 से जून 2027 तक एफ़एटीएफ़ के उपाध्यक्ष का पद संभालेंगे.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा है, "एफ़एटीएफ़ में भारत की बड़ी जीत. भारत सरकार के सचिव विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफ़एटीएफ़) का वाइस प्रेसिडेंट चुना गया है.''

    ''आतंकवाद के ख़िलाफ़ जीरो-टॉलरेंस नीति पर आगे बढ़ते हुए भारत की यह नई नेतृत्व भूमिका वैश्विक आतंकवादी फंडिंग नेटवर्क से लड़ने और अवैध वित्तीय तंत्र को ख़त्म करने की उसकी प्रतिबद्धता को और मज़बूत करती है.''

    ''भारत के एफ़एटीएफ़ प्रतिनिधिमंडल के पूर्व प्रमुख और एफ़आईयू-आईएनडी के पूर्व निदेशक के रूप में उनका गहरा अनुभव एफ़एटीएफ़ के वित्तीय प्रणाली की वैश्विक अखंडता सुनिश्चित करने के मिशन को आगे बढ़ाने में मदद करेगा.''

  9. नमस्कार!

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