पाकिस्तान के फ़र्ज़ी पायलटों के कारण बाकी लोगों की जाती नौकरियां - पाक उर्दू प्रेस रिव्यू

    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 4 मिनट

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना के अलावा पाक-अफ़ग़ान रिश्ते, पायलटों के फ़र्ज़ी लाइसेंस से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं.

सबसे पहले बात पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के सुधरते संबंधों की.

अफ़ग़ानिस्तान में शांति बहाली की प्रक्रिया को और तेज़ करने के लिए अफ़ग़ानिस्तान अमन काउंसिल के प्रमुख अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह जल्द ही पाकिस्तान का दौरा करेंगे.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने उन्हें पाकिस्तान आने की दावत दी है, लेकिन दोनों मुल्कों के रिश्तों में जमी बर्फ़ को पिघलाने का काम किया पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने.

जनरल बाजवा ने पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल फ़ैज़ हमीद के साथ इसी हफ़्ते काबुल का दौरा किया था और राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी और अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह से मुलाक़ात की थी.

अफ़ग़ानिस्तान के लिए पाकिस्तान के विशेष दूत मोहम्मद सादिक़ ने इसकी पुष्टि की है और कहा है कि अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह के पाकिस्तान दौरे की तारीख़ जल्द ही घोषित कर दी जाएगी. कई महीनों के बाद अफ़ग़ानिस्तान के किसी अहम अधिकारी का ये पाकिस्तान दौरा होगा.

अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह के पाकिस्तान दौरे का असर अफ़ग़ानिस्तान के अलग-अलग गुटों के बीच होने वाली बातचीत पर भी पड़ेगा.

अमरीका और तालिबान के बीच 29 फ़रवरी को हुए समझौते के बाद अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया में अगला पड़ाव विभिन्न अफ़ग़ान गुटों में समझौता होना है. विभिन्न गुटों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जल्द ही क़तर या जर्मनी में शुरू होगी. इसके बाद ही अफ़ग़ानिस्तान के राजनीतिक भविष्य का फ़ैसला हो सकेगा.

अख़बार जंग के अनुसार राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने तालिबान को चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने की दावत दी है.

अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही. इसमें संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय यूनियन और नेटो के प्रतिनिधि भी शामिल थे.

पाकिस्तान में पायलटों के जाली लाइसेंस

पाकिस्तान में पायलटों के जाली लाइसेंस का मामला इन दिनों सुर्ख़ियों में है. अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार इसी हफ़्ते पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के 28 पायलटों के लाइसेंस फ़र्ज़ी पाए जाने के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है.

उधर यूरोपीय यूनियन एविएशन सेफ़्टी एजेंसी ने यूरोप के सभी 32 सदस्य देशों को इसकी जानकारी दे दी है और विमान तथा यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पीआईए की उड़ानों पर पूरे यूरोप में छह महीने की पाबंदी लगा दी गई है.

इससे पहले अमरीका और ब्रिटेन पीआईए की उड़ानों पर पाबंदी लगा चुके हैं.

ये पूरा मामला पिछले महीने तब सुर्ख़ियों में आया जब पाकिस्तान की संसद में पेश एक रिपोर्ट में देश के उड्डयन मंत्री ग़ुलाम सरवर ख़ान ने जानकारी दी थी कि पाकिस्तान के 40 फीसदी पायलट्स के पास फ़र्ज़ी लाइसेंस होते हैं जिनमें बड़ी संख्या में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स के पायलट भी शामिल हैं.

उड्डयन मंत्री ने सदन में कहा था कि पिछले साल एक जाँच में पता चला है कि पाकिस्तान के 860 ऐक्टिव पायलट्स में से 262 पायलट्स के पास या तो फ़र्ज़ी लाइसेंस थे या उन्होंने अपनी परीक्षा में चीटिंग की थी.

उनके इस बयान के बाद पीआईए की उड़ानों पर तो कई देशों ने पाबंदी लगा ही दी, दुनिया की दूसरी एयरलाइन्स में काम करने वाले पाकिस्तानी पायलट भी अब शक के घेरे में आ गए हैं.

कई एयरलाइन्स में अपने यहां काम कर रहे पाकिस्तानी पायलटों को या तो निकाल दिया या फिर उनकी जाँच पड़ताल शुरू कर दी. ताज़ा मामला इथोपियन एयरलाइन्स का है.

इथोपियन एयरलाइन्स में पाकिस्तान के पाँच पायलट काम करते हैं. एयरलाइन्स ने इन पाँचों पायलटों के लाइसेंस की जाँच शुरू कर दी है.

लेकिन पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों ने इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्री को ज़िम्मेदार ठहराया है.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार नेता प्रतिपक्ष शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि महज़ अपनी ज़िम्मेदारी से जान छुड़ाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री ने अपनी नासमझी का सुबूत देते हुए एक बेवकूफ़ाना बयान दिया जिसके नतीजे में विभिन्न देशों ने पीआईए की उड़ानों पर पाबंदी लगा दी है.

शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि मंत्री के एक बयान की वजह से पाकिस्तान के नागरिक विमानन इंडस्ट्री के साथ क्या हो गया और पूरी दुनिया में पाकिस्तान की बदनामी अलग से हुई.

अख़बार दुनिया में लिखे एक संपादकीय के अनुसार ये पाकिस्तान के सिविल एविएशन इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़े संकट का दौर है.

पाकिस्तान में कोरोना की स्थिति

पाकिस्तान में अब तक क़रीब ढाई लाख लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं और पाँच हज़ार से ज़्यादा लोग कोरोना से मारे जा चुक हैं.

सिंध में सबसे ज़्यादा संक्रमित हैं जिनकी संख्या क़रीब एक लाख चार हज़ार है, दूसरे नंबर पर पंजाब है जहां 86 हज़ार के क़रीब लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं.

राजधानी इस्लामाबाद में अब तक क़रीब 14 हज़ार लोग संक्रमित हए हैं और 150 लोग मारे गए हैं. सबसे ज़्यादा मौत पंजाब (1985) में हुई है उसके बाद सिंध में अब तक 1747 मौत हुई है.

प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर दोहराया है कि कोरोना महामारी के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव से बचने के लिए आउट ऑफ़ द बॉक्स (बिल्कुल नए तरह से) जाकर सोचना होगा.

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहले दिन से ही अर्थव्यवस्था और कोरोना से बचने का बढ़िया संतुलन बनाए रखा है. उन्होंने कहा कि ग़रीबों को कैश रक़म दी जाने वाली योजना 'एहसास' को और बढ़ाने की ज़रूरत है.

अख़बार दुनिया के अनुसार पाकिस्तान में चीन के राजदूत ने कहा है कि कोरोना से निपटने के मामले में पाकिस्तान की कार्यशैली बहुत बेहतर है और चीन पाकिस्तान की मदद करता रहेगा.

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