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क्राइस्टचर्च हमला: लाइव वीडियो शेयर करने वाले को 21 महीने की जेल
न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च हमले का लाइव वीडियो शेयर करने वाले एक शख़्स को 21 महीने जेल की सज़ा सुनाई गई है.
44 साल के व्यापारी फिलिप आर्प्स ने हमले का वीडियो 30 लोगों को भेजा था. इनमें उनका एक दोस्त भी शामिल था, जिससे उन्होंने इस वीडियो को एडिट करके उसमें मरने वालों की संख्या दर्शाने को कहा था.
क्राइस्टचर्च के ज़िला जज स्टीफन ओड्रिस्कॉल ने कहा, "फिल आर्प्स ने जो किया उससे पता चलता है कि वो मुस्लिम समुदाय के लिए नफ़रत भरे विचार रखते हैं."
15 मार्च को क्राइस्टचर्च की अल-नूर-मस्ज़िद और लिनवुड इस्लामिक सेंटर पर मार्च हमला हुआ था जिसमें 51 लोगों की मौत हो गई थी.
मंगलवार को क्राइस्टचर्च ज़िला अदालत में फिलिप आर्प्स को आपत्तिजनक वीडियो साझा करने से जुड़े दो मामलों में दोषी पाया गया.
न्यूजीलैंड हेराल्ड की ख़बर के मुताबिक, "अदालत में इस पर भी सुनवाई हुई कि आर्प्स उस वीडियो को भी शेयर करना चाहते थे जिसमें मूल वीडियो में एडिट करके मरने वालों की संख्या जोड़ी गई थी. उन्होंने इस वीडियो के लिए 'अद्भुत' शब्द का इस्तेमाल किया था."
जज ओड्रिसकॉल ने फिलिप आर्प्स के कृत्य की निंदा की और इसे 'नफ़रती अपराध' कहा. उन्होंने कहा कि हमले के बाद भी कई दिनों तक इस वीडियो को साझा करते रहना ख़ास तौर से क्रूर है.
जज ओड्रिसकॉल ने कहा कि आर्प्स के बारे में कुछ और चिंताएं भी उजागर हुई हैं लेकिन उन्हें सार्वजनिक करना आर्फ्स को गर्व महसूस करने का मौक़ा दे सकता है.
2016 में उन्हें अल नूर मस्जिद में सुअर का सिर रखने के मामले में भी दोषी पाया गया था.
क्राइस्टचर्च की मस्जिदों पर हुए हमलों के मुख्य अभियुक्त ऑस्ट्रेलियाई मूल के ब्रेंटन टैरैंट पर कुल 92 मामले चल रहे हैं. इसी हफ़्ते उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया और अगले साल उनके मुक़दमे का सामना करने के आसार हैं.
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