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BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें जो शायद आप मिस कर गए
नमस्ते, उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे और रोजमर्रा के कामों के साथ-साथ अपना ध्यान भी रख रहे होंगे.
लेकिन, कई व्यस्तताओं के बीच हो सकता है कि आपको ख़बरें पढ़ने का वक़्त ना मिला हो.
इस वजह से आप देश दुनिया की अहम ख़बरों को देख या पढ़ नहीं पाए होंगे.
इसी के चलते हम लाए हैं आपके लिए कुछ अहम ख़बरें. शायद इन ख़बरों में से कुछ पर आपकी नज़र नहीं गई होगी.
ये पिछले हफ़्ते की वो पांच ख़बरें हैं जिनसे आपको बीते हफ़्ते की ख़ास ख़बरों का अंदाज़ा लग जाएगा.
अतीक़ और अशरफ़ की हत्या के बाद पुलिस पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 अप्रैल की रात पुलिस सुरक्षा में मेडिकल जाँच के लिए ले जाते समय बाहुबली नेता अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ की हत्या कर दी गई.
पत्रकार बनकर आए तीन हमलावरों ने लाइव कैमरों के सामने अतीक़ और अशरफ़ की हत्या की. इस घटना के वीडियो लगातार टीवी चैनल और सोशल मीडिया पर चलने लगे.
इस हत्याकांड की जाँच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी घटना की तह तक पहुँचने के लिए विशेष जाँच दल गठित किया है. ये दल तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जाँच करेगा.
पिछले हफ़्ते शनिवार को जब अतीक़ अहमद की हत्या हुई, तब उन्हें पुलिस रिमांड से फिर से न्यायिक हिरासत में भेजा जाना था.
पुलिस हिरासत में अतीक़ अहमद और अशरफ़ की हत्या के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.
बीबीसी ने इन सवालों को बेहतर तरीके से समझने के लिए अतीक़ अहमद के वकील विजय मिश्रा से और मौक़े पर मौजूद एक चश्मदीद से बात की.
इन दोनों ने इस घटना को बहुत क़रीब से देखा. दोनों ने पुलिस की मौजूदगी और उनकी प्रतिक्रिया से जुड़ी कई बातें कही हैं. इस मामले और इसमें उठ रहे सवालों के बारे में यहां और पढ़ें.
सूडान की हिंसा में सोने के भंडार कैसे बने अभिशाप
पूर्वी अफ़्रीका के सबसे बड़े देश सूडान में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच लगातार संघर्ष के चलते सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है और हज़ारों लोग घायल हैं.
जब से अप्रैल 2019 में ओमर अल बशीर की सरकार गिरी है तब से सूडान में स्थिरता नहीं आ पाई है और ताज़ा संघर्ष के पीछे कई घटनाओं, तनावों और राजनीतिक संघर्षों की एक लंबी शृंखला है.
इस संघर्ष के कई कारणों में सबसे बड़ा कारण 'सोना' है. पूरे अफ़्रीकी महाद्वीप में सबसे बड़ा सोने का भंडार सूडान में है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ 2022 में ही सूडान ने 41.8 टन सोने के निर्यात से क़रीब 2.5 अरब डॉलर की कमाई की थी.
देश के सबसे मुनाफ़े वाली सोने की खदानों पर आरएसएफ़ मिलीशिया का कब्ज़ा है, जो अपनी गतिविधियों को चलाने के लिए इस क़ीमती धातु को केवल ख़ार्तूम सरकार को ही नहीं बल्कि पड़ोसी मुल्कों को भी बेचते हैं.
अंधाधुन सोने के खनन ने खदानों के आस पास के इलाक़ों पर बहुत बुरा असर डाला है. खदानों के ढहने से मरने वालों की भारी संख्या और शोधन में इस्तेमाल होने वाले मर्करी और आर्सेनिक ने इस तबाही को और गंभीर बना दिया है.
लेकिन सवाल ये है कि किस तरह सोना सूडान की ताज़ा हिंसा में एक प्रमुख रणनीतिक कारक बन गया है? इस पूरी कहानी को पढ़ने के लिए यहां इस लिंक पर क्लिक करें.
गुलज़ार: 'चाहता था कि सवाल पूछे ना जाएं...'
एक बार जावेद अख़्तर से बात शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली में आंधी आ गई थी. तब जावेद अख़्तर से मैंने कहा था- एक आंधी फ़िल्म गुलज़ार लाए थे, एक आंधी आप ले आए हैं.
मुंबई के पाली हिल के सफ़ेद बंगले बोसकीयाना में गुलज़ार साब से जब ये बात बताई, तो वो मुस्कुराकर बोले, ''दिल्ली में आ जाया करती हैं आंधी अक्सर, दिल्ली में कई तरह से आंधी आती है. हमारी तो बैन हो गई थी. जावेद साब वाली आंधी बैन नहीं हुई.''
बोसकीयाना बंगले का वो पूरा कमरा हँसी से भर जाता है.
इंटरव्यू के लिए तय वक़्त से पहले सीढ़ियों से सफ़ेद कुर्ता पायजामा और जूते पहने गुलज़ार उतरते हैं. वक़्त की परवाह ना करने वाले सितारों से भरी मुंबई में 88 साल के गुलज़ार आज भी वक़्त के पक्के हैं.
'उम्र कब की बरस के सुफ़ैद हो गई' लिखने वाले गुलज़ार की चाल उम्र को मात देती कमरे में दाख़िल होती है.
कई पीढ़ियों के लिए लम्हे संभालने और दर्ज करने वाले गुलज़ार साब आते हैं और मासूम मन कहता है- तुझसे नाराज़ नहीं ज़िंदगी.
गीतकार, निर्देशक और लेखक गुलज़ार ने बीबीसी के साथ कुछ बातें, कुछ क़िस्से साझा किए हैं, जिन्हें आप यहां पढ़ सकते हैं.
क्या शराब न पीने वालों में भी बढ़ रही है लिवर की बीमारी?
लिवर मानव शरीर का सबसे बड़ा अंग माना जाता है. इसका वज़न शरीर के वज़न के दो प्रतिशत के बराबर होता है.
मेदांता इंस्टीट्यूट ऑफ़ लिवर ट्रांसप्लांटेशन के अध्यक्ष और मुख्य सर्जन डॉ अरविंदर के मुताबिक़ लिवर एक ऐसा अहम अंग है जो हॉर्मोन बनाता है यानी ये स्टोर हाउस या डी-टॉक्सिफ़िकेशन प्लांट है और ये शरीर से वेस्ट प्रोडक्ट को बाहर निकालता है. अगर लिवर स्वस्थ नहीं है तो शरीर काम नहीं कर पाएगा.
डॉक्टरों के अुनसार पहले हेपेटाइटिस बी और सी की वजह से लिवर फ़ेल्योर के ज़्यादातर मामले सामने आते थे लेकिन पिछले एक दशक में कुछ बदलाव आए हैं.
इंस्टीट्यूट ऑफ़ लीवर एंड बाइलरी साइंसेस के निदेशक डॉ शिव सरीन कहते हैं, "आज से क़रीब तीन दशक पहले तक हार्ट अटैक, डायबिटीज़ और बीपी जैसी बीमारियां ख़तरनाक मानी जाती थीं. लेकिन अब हालात बदल गए हैं और अब लोगों में लिवर की बीमारियां बढ़ रही हैं."
इस कहानी में डॉक्टर्स ने बताया है कि वयस्कों में लिवर की कौन-सी चार बड़ी समस्याएं देखी जाती हैं और लिवर को कैसे स्वस्थ रखा जा सकता है. और पढ़ने के लिए क्लिक करें.
आईपीएल के सुपर संडे में बने कई रिकॉर्ड, चर्चा में रहे अर्जुन तेंदुलकर
सुपर संडे (16 अप्रैल) को आईपीएल में दो मैच खेले गए.
पहले मुक़ाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने वेंकटेश अय्यर के शतक की बदौलत 185 रन बनाए, लेकिन वो मुंबई इंडियंस के तूफ़ान को नहीं थाम सके, जिसने नए कप्तान के नेतृत्व में जीत हासिल की.
वहीं, दूसरे मुक़ाबले में हार्दिक पांड्या की टीम ने 177 रन बनाए, लेकिन टेबल टॉपर राजस्थान रॉयल्स ने कप्तान संजू सैमसन और शिमरॉन हेटमायर की तूफ़ानी पारी से पहली बार गुजरात टाइटंस पर जीत हासिल की.
जहां इन दोनों मैचों में कई रिकॉर्ड्स बने और कई ऐसी चीज़ें हैं जो आईपीएल में पहली बार हुईं वहीं, सबसे अधिक चर्चा आईपीएल में डेब्यू करने वाले अर्जुन तेंदुलकर की हुई.
अर्जुन तेंदुलकर, सचिन तेंदुलकर के बेटे हैं और आईपीएल में लंबे अरसे से उनके डेब्यू करने का इंतज़ार किया जा रहा था.
बीते वर्ष भी जब मुंबई इंडियंस लगातार मैच हार रही थी, तब भी यह उम्मीद की जा रही थी कि अर्जुन तेंदुलकर को डेब्यू का मौक़ा दिया जाना चाहिए. लेकिन उन्हें एक साल का इंतज़ार करना पड़ा और आखिर 16 अप्रैल 2023 को वे अपना डेब्यू मैच खेलने मैदान पर उतरे.
इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर और अर्जुन तेंदुलकर आईपीएल के लिए क्रिकेट खेलने वाली पिता-पुत्र की पहली जोड़ी बन गए. अर्जुन तेंदुलकर को लेकर क्या चर्चा रही और कैसा रहा उनका प्रदर्शन, पढ़ें यहां.
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