विजयादशमी से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के खाते में पहुंचेगा बोनस– प्रेस रिव्यू

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केंद्र सरकार ने 30.67 लाख नॉन-गैज़ेटेड (गै़र राजपत्रित) केंद्रीय कर्मचारियों को तुरंत बोनस देने की घोषणा की है. बोनस की धनराशि के तौर पर कुल 3,737 करोड़ रुपये एक सप्ताह में जारी किए जाएंगे.
ये बोनस रेलवे, पोस्टल सर्विस, ईपीएफओ, ईएसआईसी और रक्षा उत्पादन के सरकारी कर्मचारियों को उनके खाते में एक हफ़्ते के भीतर विजयादशमी से पहले पहुंच जाएंगे.
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के मुताबिक, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस फ़ैसले की जानकारी बुधवार को दी. उन्होंने उम्मीद जताई कि बोनस मिलने से कर्मचारी त्योहार के मौके पर खर्च के लिए प्रोत्साहित होंगे और इससे कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी.
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में साल 2019-20 के लिए उत्पादकता और गैर-उत्पादकता से संबंधित बोनस देने का फ़ैसला किया गया.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार त्योहारों से पहले केंद्र सरकार के 30 लाख गैर-राजपत्रित कर्मंचारियों को 3,737 करोड़ रुपये के बोनस का भुगतान करेगी.
आधिकारिक बयान के मुताबिक़, नॉन-गैज़ेटेड कर्मचारियों को पिछले साल के उनके प्रदर्शन के आधार पर बोनस दुर्गा पूजा या दशहरा से पहले दिया जाता है.

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पाकिस्तान, बांग्लादेश से ज़्यादा ख़राब है भारत का हाल
भारत की हवा में साल 2019 में पीएम 2.5 की मात्रा का वार्षिक औसत दुनियाभर में सबसे अधिक दर्ज किया गया है. स्टेट ऑफ़ ग्लोबल एयर 2020 (सोगा 2020) की ओर से बुधवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.
इसके चलते राजधानी और अन्य शहरों में श्वसन संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं.
हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, रिपोर्ट बताती है कि भारत के बाद इस लिस्ट में नेपाल, नीजेर, क़तर और नाइजीरिया हैं जहां पीएम 2.5 का स्तर बढ़ा हुआ है.
भारत में बढ़ते प्रदूषण और पीएम 2.5 के ऐसे आंकड़े 2010 से सामने आ रहे हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की साल 2019 की रिपोर्ट इशारा करती है कि देश में पीएम 2.5 के बढ़ने का ट्रेंड बीते तीन सालों में काफ़ी देखा गया, इसकी वजह सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ना और धूल है.
रिपोर्ट के मुताबिक़, 20 सबसे चर्चित देशों की लिस्ट में 14 देश ऐसे हैं जहां हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार दिखा लेकिन भारत, बांग्लादेश, नीजेर, पाकिस्तान और जापान वो देश हैं जहां प्रदूषण में बढ़त देखने को मिली है.

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आईसीएमआर ने कोरोना टेस्ट की सस्ती मशीन को दी हरी झंडी
आईसीएमआर ने कोरोना वायरस की जांच करने वाली एक मशीन को स्वीकृति दे दी है जिससे टेस्ट की कीमत कम हो जाएगी. यह मशीन आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने बनाई है.
द हिंदू में छपी एक ख़बर के मुताबिक़, आईआईची खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने बताया कि मशीन को बनाने का खर्च क़रीब पांच हज़ार रुपये है और इसकी टेस्ट किट की कीमत क़रीब 500 रुपये होगी.
सैंपल लिए जाने के बाद टेस्ट की प्रक्रिया में क़रीब एक घंटे का वक़्त लगेगा. आईआईटी कमर्शियल मैन्युक्चरिंग कंपनियों और स्टार्ट-अप कंपनियों से भी इसके प्रोडक्शन को लेकर संपर्क में है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्हें उम्मीद है सरकार इस किट को बनाने के लिए सब्सिडी भी देगी.

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सोशल मीडिया पर नफ़रत फैलाई तो पांच साल तक की जेल
केरल सरकार ने सोशल मीडिया और साइबर क्राइम पर सख़्ती बरतने और निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से केरल पुलिस एक्ट लागू करने का फ़ैसला लिया है.
द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक, राज्य कैबिनेट ने इस मामले में अध्यादेश जारी करने को लेकर राज्यपाल से कहा है. यह अध्यादेश केरल पुलिस एक्ट में नई धारा 118 (ए) जोड़ने को लेकर है.
इसके तहत अगर कोई व्यक्ति किसी को ऐसी जानकारी भेजता है जिससे वो आहत हो, या आहत करने, धमकाने के उद्देश्य से ऐसी चीज़ें किसी अन्य शख़्स को ऑनलाइन भेजता है तो उस पर क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी और पांच साल तक जेल की सज़ा या दस हज़ार रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकती हैं.
इसके पहले केरल हाईकोर्ट ने भी राज्य पुलिस को सोशल मीडिया के जरिए नफ़रत फैलाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे.
कोरोना महामारी के दौर में सोशल मीडिया पर ऐसी घटनाएं काफ़ी बढ़ गई हैं.
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