सचिन पायलट पर बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया- 'कांग्रेस में काबिलियत की कोई जगह नहीं' : आज की बड़ी ख़बरें

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पिछले दिनों कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजस्थान सरकार से सचिन पायलट की विदाई पर कहा है कि कांग्रेस में काबिलियत के लिए कोई जगह नहीं है.

उन्होंने कहा है, "मैंने पहले भी कहा है आज भी कहूंगा कि कांग्रेस में जो वर्तमान परिस्थितियां हैं उनमें काबिलियत की कोई जगह नहीं है, यही एक-एक राज्य में देखने को मिल रहा है."

ज्योतिरादित्य सिंधिया के अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में जाने से ही पिछले दिनों मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी.

महाराष्ट्र कांग्रेस ने संजय झा को निलंबित किया

महाराष्ट्र कांग्रेस ने देर शाम संजय झा को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बाला साहेब थोराट ने इस बाबत पत्र लिख कर मीडिया को जानकारी दी है.

संजय झा कांग्रेस पार्टी की ओर टीवी चैनलों की डिबेट में नियमित तौर पर दिखाई देते रहे हैं.

विकास दुबे को लेकर यूपी पुलिस ने किए कई बड़े दावे

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिकरू गाँव में विकास दुबे के घर से एके-47 राइफ़ल, इंसास राइफ़ल और सरकारी ज़िंदा कारतूस बरामद कर लेने का दावा किया है. एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने मंगलवार को कानपुर पहुँचकर इस मामले में प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. 

उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने कानपुर मुठभेड़ मामले में एक और 50 हज़ार का इनामी शशिकांत उर्फ़ सोनू को गिरफ़्तार किया है. एडीजी ने बताया कि शशिकांत भी बिकरू गाँव का रहने वाला है. उसे पुलिस ने चौबेपुर से गिरफ़्तार किया है.

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने कबूल किया है कि घटना के दिन वह विकास दुबे के साथ था और उसी की निशानदेही पर ये हथियार बरामद किए गए हैं. इस पूरे घटना में  एफ़आईआर में 21 लोग नामज़द थे, जिसमें से चार अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 6 की मौत हो चुकी है.

पुलिस का कहना है कि 11 लोगों की तलाश जारी है. 2-3 जुलाई की रात को कानपुर ज़िले के थाना चौबेपुर में पड़ने वाले बिकरु गाँव में विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस पर हमला हुआ था जिसमें एक डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे.

बाद में सात दिन बाद विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था. अगले दिन उत्तर प्रदेश पुलिस जब उसे कानपुर वापस ला रही थी, तो पुलिस का दावा है कि रास्ते में एक जगह उनकी गाड़ी पलटी और विकास दुबे भागने की कोशिश में एनकाउंटर में मारा गया.

कांग्रेस महासचिव और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने ख़ुद से जुड़ी एक ख़बर को ट्विटर पर शेयर करते हुए फ़र्ज़ी बताया है.

प्रियंका ने जिस लिंक को शेयर किया है उसमें लिखा गया है कि प्रधानमंत्री ने प्रियंका गांधी के उस अनुरोध को मान लिया है जिसमें उन्होंने दिल्ली के लुटियंस स्थित घर में कुछ और दिन रहने देने के लिए किया था.

हाल ही में प्रियंका गांधी से सरकार ने सरकारी घर ख़ाली करने के लिए कहा था. प्रियंका की ज़ेड प्लस सिक्यॉरिटी वापस ले ली गई थी, जिसके बाद उन्हें सरकारी बंगला भी ख़ाली करना था.

प्रियंका ने ख़ुद से जुड़ी ख़बर के लिंक को शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा है, ''यह फ़र्ज़ी ख़बर है. मैंने सरकार से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है. मुझे एक जुलाई को यह घर ख़ाली करने के लिए चिट्ठी मिली थी और 35 लोधी रोड स्थित इस सरकारी घर को एक अगस्त को ख़ाली कर दूंगी.''

चीन की नज़र भूटान के जिस इलाक़े पर वहां भारत दिया ये प्रस्ताव

इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार भारत ने भूटान के येती क्षेत्र में एक रोड बनाने का प्रस्ताव दिया है. ये वो जगह है जिस पर चीन ने हाल ही में अपना दावा जताया था.

इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक़, इस रोड के बनने से भारत अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में आसानी से पहुंच सकता है जिसकी सीमा चीन से लगती है.

ये रोड गुवाहाटी और तवांग के बीच 150 किलोमीटर की दूरी कम कर देगी. अगर ये सड़क बन जाती है तो भारत चीन की ओर से किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि को अंजाम देने जाने पर तेज़ी से अपनी सेनाओं को सीमा पर भेज सकता है.

यही नहीं, इस रोड के सहारे भारत अपनी सेनाओं को भूटान के पूर्वी क्षेत्र की ओर भी भेज सकता है.

भारत-चीन सीमा के पूर्वी क्षेत्र को बारीकी से समझने वाले मानते हैं कि भूटान के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में चीन का नया दावा अरुणाचल प्रदेश के 90 हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है.

चीन तिब्बत पर अपना सर्वाधिकार जताने की नीति के तहत तवांग पर अपना अधिकार जताता रहा है. भारत ने बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) से इस क्षेत्र में रोड बनाने को कहा है जो कि भूटान के लिए भी अहम है.

ये रोड तवांग के नज़दीकी क्षेत्र लुमला को भूटान के त्राशिगंग से जोड़ देगी. भारत और भूटान सरकार के सुरक्षा से जुड़े साझा हित हैं. बीते जून, चीन ने भूटान के सूदूर पूर्व में स्थित साकटेंग वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से मिल रही फंडिंग को रोकने की कोशिश की थी.

चीन ने दावा किया था कि ये सेंचुरी और इसके आसपास का क्षेत्र विवाद का विषय है. लेकिन इस पर भूटान सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि भूटान और चीन के बीच सीमा से जुड़ा विवाद पश्चिमी क्षेत्र में 269 किलोमीटर और उत्तर-मध्य क्षेत्र 495 किलोमीटर है.

भूटान ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसके पूर्वी क्षेत्र का कोई भी हिस्सा कभी सीमा विवाद का विषय नहीं रहा है. सुदूर पूर्व में भूटान के त्राशिगंग ज़िले में स्थित साकटेंग वाइल्ड लाइफ़ सेंचुरी और उसके आसपास के क्षेत्र को पौराणिक जीव येती का घर माना जाता है.

ये क्षेत्र ब्रोकपास नाम की एक आदिम जाति का क्षेत्र भी कहा जाता है जो कि 14वीं शताब्दी में तिब्बत से आकर यहां बसी थी. भूटान और चीन साल 1984 से सीमा से जुड़े विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं.

बीते महीने तक चीन ने कभी भी 1984 से लेकर 2016 तक 24 बैठकों में साकटेंग वाइल्डलाइफ सेंचुरी पर अपना दावा नहीं जताया था. और डोकलाम गतिरोध के बाद से दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर बातचीत ठंडे बस्ते में पड़ी हुई हैं.

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