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कोरोना लॉकडाउन: इंदौर में ट्रक के सीमेंट मिक्सर के अंदर से निकाले गए 18 लोग
- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
कोरोना वायरस की वजह से चल रहे लॉकडाउन की वजह से देश के अलग-अलग इलाक़ों में मज़दूर फंसे हुए हैं.
सरकार ने 29 अप्रैल को इन मज़दूरों को बड़ी राहत दी थी ताकि यह मज़दूर, छात्र और पर्यटक अपने घरों पर वापस हो सकें. इसके बावजूद फंसे मज़दूर अपनी जान जोखिम में डालकर एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचने की कोशिश कर रहे है.
ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के इंदौर में सामने आया है जहां पर एक सीमेंट मिक्सर में 18 मज़दूर छिपकर महाराष्ट्र से लखनऊ जा रहे थे.
पुलिस ने चैकिंग के दौरान इन लोगों को उज्जैन रोड के पंथ पिपलाई गांव के पास पकड़ा. मिक्सर से एक के बाद एक मज़दूर बाहर निकले तो पुलिस भी हैरान रह गई.
महाराष्ट्र से आ रहा था ट्रक
ये मिक्सर ड्राइवर इन मज़दूरों को भरकर महाराष्ट्र से लेकर इंदौर तक आ गया. चेक पॉइंट पर रोका गया तो ड्राइवर घबरा गया. उसके बाद वहां मौजूद सूबेदार ने उसे चेक किया तो अंदर लोग नज़र आये. उन्हें बाहर निकाला गया.
उसके बाद पुलिस ने मिक्सर को ज़ब्त कर लिया है. मिक्सर में मौजूद मज़दूरों को एक गार्डन में रुकवाया गया है.
डीएसपी ट्रैफिक उमाकांत चौधरी ने बताया, "शनिवार को सुबह इंदौर-उज्जैन सीमा के पंथ पिपलाई चेक पोस्ट पर पुलिस वालों ने एक मिक्सर मशीन को निकलते देखा. वहां मौजूद सूबेदार अमित यादव ने जब उसे देखा तो सोचा कि आख़िर जब सारे निर्माण बंद कर दिये गये हैं तो यह कहां जा रही है."
उन्होंने आगे बताया, "उसके बाद ड्राइवर से जब बात की गई तो उसने बताया कि वह लोग लखनऊ जा रहे है. फिर मिक्सर के क़रीब जब गये तो उसमें से आवाज़ आ रही थी. साइट का ढक्कन खोला गया तो देखा कि उसमें लोग मौजूद हैं. उसके बाद उन्हें बाहर निकाला गया."
घर न पहुंच पाने से निराश हैं मज़दूर
महाराष्ट्र से आ रहे यह मज़दूर लॉकडाउन की वजह से अपने घर नहीं जा पा रहे थे और बहुत परेशान थे. वहीं इन्हें किसी भी तरह से कोई काम भी नहीं मिल रहा था जिसकी वजह से इनका जीवनयापन और मुश्किल होता जा रहा था.
मिक्सर चालक पर सांवेर थाने में मामला दर्ज किया गया है. वहीं प्रशासन इन्हें एक बस के ज़रिए लखनऊ भेजने की तैयारी कर रहा है.
इससे पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश के बड़वानी में महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश साइकिल से जा रहे एक मज़दूर की मौत हो गई थी. मज़दूर का नाम तबरेज़ अंसारी बताया गया था.
वो महाराष्ट्र के भिवंडी से दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुआ था. लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. प्रशासन का मानना है कि थकान, गर्मी और शरीर में पानी की कमी होने की वजह से उसकी जान चली गई. मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चलेगी.
बड़वानी ज़िला महाराष्ट्र सीमा पर है. इससे पहले भी बड़वानी में एक मज़दूर की मौत चैकपोस्ट पार करते हुये हो गई थी. वहीं 21 अप्रैल को एक पैदल जा रहे मज़दूर की मौत हो गई थी.
हालांकि सरकार ने बुधवार को लॉकडाउन में छूट देते हुये फंसे हुए प्रवासी मज़दूर को और छात्रों को घर जाने की इजाज़त दे दी थी. इसके लिये राज्य सरकारों को बसों का इंतज़ाम करने के लिये कहा था. वहीं कई राज्य सरकारों ट्रेनों के ज़रिये अपने प्रदेश के मज़दूरों को ला रही है.
लेकिन कई दिनों से फंसे ये मज़दूर खाने पीने की दिक्क़तों और काम न होने की वजह से अपने प्रदेश में जल्द से जल्द पहुंचना चाहते हैं. इसलिये वो ऐसे सफ़र करके अपनी जान भी जोख़िम में डाल रहे हैं.
वहीं, मध्य प्रदेश में कोरोना मरीज़ों का संख्या लगातार बढ़ रही है. प्रदेश में अब तक 2770 मरीज़ पॉज़िटिव पाये गये हैं. 129 लोगों की मौत हो चुकी है. इंदौर में कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों की संख्या 1545 पहुंच चुकी है. भोपाल में 523, उज्जैन में 151 मरीज़ संक्रमित पाये गये हैं.
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