निर्भया मामलाः सुनवाई फिर टली, रो पड़ीं पीड़िता की माँ - आज की बड़ी ख़बरें

आशा देवी

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2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता की माँ बुधवार को अदालत में रो पड़ीं. अदालत ने नया डेथ वारंट की उनकी अपील पर सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी.

अदालत में आशा देवी का सब्र उस समय टूट गया जब अदालत ने एक अभियुक्त पवन गुप्ता को क़ानूनी सहायता देने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया.

आशा देवी ने चारों अभियुक्तों के लिए नया डेथ वारंट जारी करने की माँग की और कहा, मैं यहाँ डेढ़ साल से आ रही हूँ और इंतज़ार कर रही हूँ कि वे कैसे क़ानूनी रास्तों का लाभ उठा रहे हैं. मेरे भी कुछ अधिकार हैं. मैं आपसे अनुरोध करती हूँ कि आप डेथ वारंट जारी करें.

पवन गुप्ता के पिता ने अदालत के सामने कहा था कि कोई भी वकील उनका मुक़दमा नहीं लड़ना चाहता इसलिए उन्हें और समय चाहिए.

अदालत ने इसके बाद उन्हें क़ानूनी सहायता देने की पेशकश की जिसपर पीड़िता के पिता ने आपत्ति की मगर न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने कहा कि उन्हें क़ानून का पालन करना है.

अदालत ने सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी जिसके बाद नाराज़ आशा देवी अदालत से बाहर निकल गईं.

केजरीवाल चुने गए AAP विधायक दल के नेता, 16 को लेंगे शपथ

मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी की दिल्ली चुनाव में शानदार जीत के बाद अरविन्द केजरीवाल को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. केजरीवाल 16 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ लेंगे.

आप नेता मनीष सिसोदिया ने दिल्ली की जनता को शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है.

सिसोदिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दिल्ली के चुनावों में नफरत की राजनीति की हार हुई है और दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के काम को जनता ने वोट दिया.

उन्होंने यह भी बताया कि केजरीवाल के साथ कैबिनेट के बाकी सदस्य भी शपथ लेंगे.

दिल्ली की 70 सीटों में से आम आदमी पार्टी को 62 और बीजेपी को आठ सीटें मिली हैं. वहीं कांग्रेस को एक बार फिर मायूसी झेलनी पड़ी और उसे एक भी सीट नहीं मिली.

साल 2015 के विधानसभा चुनावों में आप को 67 और बीजेपी को तीन सीटें मिली थीं.

एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन

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असम में एनआरसी डेटा सुरक्षित: केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने कहा है कि असम में एनआरसी डेटा सुरक्षित है. केंद्र ने ये स्वीकार किया है कि कुछ तकनीकी समस्या थी, जो जल्द ही ठीक कर ली जाएगी.

कई अख़बारों में ऐसी रिपोर्टें आई थी कि असम में एनआरसी की आधिकारिक वेबसाइट से फ़ाइनल लिस्ट ग़ायब है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि एनआरसी डेटा सुरक्षित है.

रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अक्तूबर में रजिस्टर में शामिल और रजिस्टर से बाहर सभी नागरिकों की पूरी जानकारी nrcassam.nic.in पर अपलोड की गई थी. इस पूरी लिस्ट में रजिस्टर में शामिल 3.11 करोड़ लोगों के साथ-साथ रजिस्टर से बाहर 19.06 लाख लोगों की भी पूरी जानकारी थी. ये डेटा फ़िलहाल लोगों को दिख नहीं रहा है

विप्रो कंपनी असम सरकार को एनआरसी डेटा के लिए क्लाउड स्पेस मुहैय्या कराती है और कंपनी का क़रार हाल में ख़त्म हुआ था.

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