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दिल्ली के भजनपुरा में निर्माणधीन इमारत ढही, चार की मौत
दिल्ली के भजनपुरा इलाक़े में शनिवार दोपहर एक निर्माणधीन इमारत ढहने से चार लोगों की मौत हो गई.
इस इमारत के अंदर एक कोचिंग सेंटर चलाया जा रहा था. जिस समय इमारत ढही, उस समय छात्र वहां पर मौजूद थे और वे मलबे में फंस गए.
मौक़े पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने 13 लोगों को मलबे से निकाला. समाचार एजेंसी एनएनआई के अनुसार, मलबे के नीचे दबने से चार लोगों की जान गई है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटना पर दुख जताया है. स्थानीय नेताओं, विधायक और पार्षद के अलावा दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी घटनास्थल का दौरा किया.
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा है कि इस घटना के लिए जो भी ज़िम्मेदार पाया जाएगा, उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.
CAA के ख़िलाफ़ राजस्थान विधानसभा में भी प्रस्ताव पास
केरल और पंजाब के बाद अब राजस्थान तीसरा ऐसा राज्य बन गया है जिसकी विधानसभा में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास किया गया है.
इस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ राजस्थान विधानसभ में हंगामा भी देखने को मिला. सदन में जब विरोध प्रस्ताव रखा गया तो वेल में आकर बीजेपी नेताओं ने अपना विरोध जताया.
नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास करते समय बीजेपी नेताओं ने क़ानून के समर्थन में भी नारेबाज़ी की.
राजस्थान में सत्तारुढ़ कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों को व्हिप जारी किया था कि वो 25 जनवरी को सदन में मौजूद रहें. वहीं, बीजेपी ने भी इसके विरोध की पूरी तैयारी की थी.
विपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने विधानसभा का सत्र बुलाने की आलोचना की थी. उनका कहना था कि बजट सत्र को बुलाने के लिए 21 दिनों पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था.
कटारिया ने कहा था कि यह विधानसभा का मज़ाक बनाने वाला है.
इससे पहले 17 जनवरी को पंजाब विधानसभा ने नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास किया था. पंजाब से पहले केरल ने इस क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास किया था.
पश्चिम बंगाल में भी आएगा प्रस्ताव
दो दिन के विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन पंजाब सरकार के मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्र ने इस क़ानून के विरोध में प्रस्ताव पेश किया था.
उन्होंने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, "इस क़ानून के विरोध में देश के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर हैं."
विधानसभा में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा था कि सरकार भेदभाव करने वाले क़ानून को राज्य में लागू नहीं कर सकती.
इस क़ानून के ख़िलाफ़ पश्चिम बंगाल भी विरोध प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. पश्चिम बंगाल विधानसभा में सत्तारुढ़ टीएमसी 27 जनवरी को नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव ला सकती है.
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