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बीजेपी प्रत्याशी का वीडियो, बटन कोई भी दबाओ वोट कमल कोः प्रेस रिव्यू
हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले ईवीएम को लेकर भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
वीडियो में हरियाणा की असंध सीट से बीजेपी विधायक बक्शीश सिंह विर्क को यह कहते सुना जा सकता है कि ईवीएम में बटन कोई भी दबाएंगे वोट बीजेपी को ही जाएगा.
इस वीडियो के वायरल होने से जुड़ी ख़बरें कई अख़बारों में प्रकाशित हुई हैं. अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने पूर्व प्रशासनिक अधिकारी विनोद जुत्शी को हरियाणा की असंध सीट के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है.
चुनाव आयोग ने इनेलो सहित अन्य विपक्षी दलों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए पूर्व उपचुनाव आयुक्त जुत्शी को करनाल ज़िले की असंध विधानसभा सीट के लिए विशेष पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त करने का फ़ैसला लिया.
बक्शीश सिंह विर्क मौजूदा विधायक हैं और हरियाणा के असंध विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी हैं.
पाकिस्तान ने पहली बार भारत से डाक सेवा रोकी
पाकिस्तान ने पहली बार भारत के साथ पहली बार पोस्टल सेवा रोक दी है.
इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित समाचार के अनुसार जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों क हटाने के जवाब में पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच सालों से चली आ रही पोस्टल सेवा को रोक दिया है.
पाकिस्तान ने करीब डेढ महीने पहले भारत से कोई डाक स्वीकार की थी. डाक सेवाओं के निदेशक आर वी चौधरी ने बताया है कि ऐसा पहली बार है जब पाकिस्तान की तरफ से डाक सेवाओं को रोका गया है.
भारत में कुल 28 फ़ॉरेन पोस्ट ऑफ़िस (एफ़पीओ) हैं, जो विदेशी डाक सेवाओं का काम देखते हैं. इनमें से दिल्ली और मुंबई के एफ़पीओ पाकिस्तान से जुड़ी डाक को देखते हैं.
अयोध्या फ़ैसले का असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगाः मुस्लिम पक्ष
अयोध्या मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद मुस्लिम पक्ष ने पहली बार अपनी बात रखी है.
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार मुस्लिम पक्ष ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला भले ही किसी के भी पक्ष में जाए लेकिन इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा.
मुस्लिम पक्ष की तरफ से कहा गया, ''इस फ़ैसले का देश की राजनीति पर भी व्यापक असर होगा. कोर्ट का फै़सला से उन लाखों लोगों के मन पर असर पड़ेगा जो इस देश के नागरिक हैं और जो 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र घोषित होने के समय अपनाए गए संवैधानिक मूल्यों पर विश्वास करते हैं.''
देश के इस सबसे पुराने मुकदमे में मुस्लिम पक्षकारों ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में सील बंद लिफाफे में 'मोल्डिंग ऑफ रिलीफ़' दाखिल किया.
मुस्लिम पक्षकारों की ओर से 'मोल्डिंग ऑफ़ रिलीफ़' सील बंद लिफाफे में दाखिल करने पर हिन्दू पक्षकारों ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मुस्लिम पक्ष ने रविवार को अपनी याचिका सार्वजनिक कर दी.
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