महिलाओं का सम्मान करें, यही असली लक्ष्मी पूजा होगी: प्रधानमंत्री मोदी

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'मां की उपासना, शक्ति की साधना करने वाला देश हर मां और बेटी का सम्मान, गौरव और गरिमा की रक्षा करे, यह संकल्प लेना हमारी ज़िम्मेदारी बनती है.'

ये बातें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी ने दशहरा पर्व के मौके पर दिल्ली के द्वारका स्थित डीडीए ग्राउंड में कही. उन्होंने डीडीए ग्राउंड में आयोजित दशहरा और रावण दहन कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

अब तक आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होते थे लेकिन पीएम मोदी ने ये परंपरा तोड़ते हुए डीडीए ग्राउंड के कार्यक्रम में शामिल हुए.

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत तीन बार 'जय श्री राम कहकर' की. उन्होंने संधाधनों की बचत से लेकर महिलाओं के सम्मान पर ज़ोर दिया.

भारत में आज भी महिलाओं के ख़िलाफ़ अत्याचार की घटनाएं बड़े पैमाने पर होती हैं.

14 फरवरी 2017 को प्रकाशित हिन्दुस्तान टाइम्स के एक समाचार के मुताबिक़, देश की राजधानी दिल्ली में ही हर चार घंटे में एक महिला के साथ बलात्कार की घटना होती है.

दिल्ली पुलिस की वार्षिक रिपोर्ट में ये बात सामने आई थी. अपराध की घटनाएं लगातार तीसरे साल बढ़ी थी. साल 2016 में दर्ज हर चार में से तीन केस दिल्ली पुलिस नहीं सुलझा पाई थी.

वहीं 20 अप्रैल 2018 को बीबीसी पर प्रसारित एक खबर के मुताबिक़, अमर उजाला ने एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म की एक रिपोर्ट के हवाले से ख़बर दी थी कि देश के 48 सांसद और विधायकों पर महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले दर्ज हैं.

उनके भाषण की कुछ अहम बातें-

'भारत को क्लब कल्चर की ज़रूरत नहीं'

'भारत उत्सवों की धरती है और साल का शायद ही कोई एक दिन हो जिस दिन कोई त्योहार नहीं मनाया जाता है. उत्सव हमें जोड़ते भी हैं और मोड़ते भी हैं. उत्सव उमंग उत्साह भरते हैं और नए-नए सपने को सजाने का सामर्थ्य भी देते हैं.

उत्सव हमारे सामाजिक जीवन का प्राण तत्व भी है. इसीलिए भारत को क्लब कल्चर की ज़रूरत नहीं पड़ी. उत्सव के दौरान हमारे यहां प्रतिभा को निखारने का, प्रतिभा को सामाजिक गरिमा देने का, प्रतिभा को पुरस्कृत करने का प्रयास चलता है.

उत्सव के साथ विभिन्न प्रकार की कला जुड़ी है. इसलिए भारतीय परंपरा रोबोट पैदा नहीं होते हैं, जीते-जागते इंसान पैदा होते हैं.'

'महिलाओं को सम्मानित करें, वही लक्ष्मी पूजन होगा'

'मां की उपासन शक्ति की साधना करने वाला देश हर मां और बेटी का सम्मान, गौरव और गरिमा की रक्षा करे, यह संकल्प लेना हमारी ज़िम्मेदारी बनती है.

उन्होंने कहा कि दिवाली पर लक्ष्मी का पूजन करते हैं, हमारे मन में सपना होता है.

जबकि हर घर, मोहल्ले, गांव और शहर में भी बेटी के रूप में लक्ष्मी होती है तो हम ऐसा क्यों न करें कि जिन बेटियों ने जो हासिल किया है जो हमें प्रेरणा दे सकती हैं. उन्हें सामूहिक कार्यक्रम कर सम्मानित करें, वही हमारा लक्ष्मी पूजन होना चाहिए.'

'देश की संपत्ति बचाने का संकल्प लें'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'हम आज जब गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं तो हम यह संकल्प लें कि हम देश की भलाई के लिए एक संकल्प पूरा करके रहेंगे.

अगर मैं पानी बचाता हूं तो संकल्प है, कभी खाना खाता हूं जूठा नहीं छोड़ूंगा वह भी संकल्प, बिजली बचाना संकल्प है, देश की संपत्ति का नुकसान न हो वह भी संकल्प हो सकता है.

पीएम मोदी ने इस मौके पर भारतीय वायुसेना को भी वायुसेना दिवस की बधाइयां दीं. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की समाप्ति भी तीन बार 'जय श्री राम' का नारा लगाकर की.'

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