ट्रंप ने फिर साधा भारत पर निशाना, क्या होगा अगला क़दम: पांच बड़ी खबरें

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ट्रंप मोदी सरकार की नीतियों को लेकर ख़फ़ा हैं. एक बार फिर से ट्रंप ने भारत को चेताया है

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर से भारत को निशाने पर लिया है. ट्रंप ने कहा कि अमरीकी उत्पादों पर भारत की ओर से भारी टैक्स अब स्वीकार नहीं है.

हालांकि ट्रंप ने इस मामले में कोई और जानकारी नहीं दी कि अगर भारत ने टैक्स ख़त्म नहीं किया तो वो अगला क़दम क्या उठाएंगे. आशंका जताई जा रही है कि ट्रंप ने ट्वीट कर साफ़ कर दिया है कि वो भारत के ख़िलाफ़ आने वाले दिनों में कोई क़दम उठाने वाले हैं.

ट्रंप ने ट्वीट किया है, ''भारत लंबे समय से अमरीकी उत्पादों पर टैक्स लगा रहा है. अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.''

जून महीने की शुरुआत में जी-20 की बैठक से ठीक पहले अमरीकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा था कि भारत 28 अमरीकी उत्पादों से टैक्स वापस ले.

तब प्रधानमंत्री मोदी जी-20 की बैठक में शरीक होने के लिए जापान के ओसाका शहर में थे और दोनों नेताओं की मुलाक़ात भी हुई थी.

ट्रंप ने कहा था, ''मैं भारत के प्रधानमंत्री से इस मामले पर बात करूंगा. भारत वर्षों से अमरीकी उत्पादों पर भारतीय बाज़ार में भारी टैक्स वसूल रहा है. यहां तक कि हाल ही मैं और टैक्स बढ़ा दिया गया. यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और भारत इसे वापस ले.''

एक जून को जब अमरीका ने भारत से कारोबार में विशेष छूट वापस ली उसके बाद भारत ने अपने बाज़ार में 28 अमरीकी उत्पादों पर टैक्स लगाना शुरू किया. ट्रंप का कहना था कि भारत को मिले विशेष दर्जे के कारण वो 5.6 अरब डॉलर का सामान बिना टैक्स के अमरीकी बाज़ार में बेच रहा था. ट्रंप ने ऐसे फ़ैसले कई देशों के ख़िलाफ़ लिए हैं ताकि व्यापार घाटा कम किया जा सके. ट्रंप 'अमरीका फ़र्स्ट' की नीति पर चल रहे हैं यानी कि पहले अमरीकी हित उसके बाद बाक़ी की चीज़ें.

विदेश जाने से पहले दें 18 हज़ार करोड़ की बैंक गारंटी- कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि बंद हो चुके जेट एयरवेज़ के प्रमोटर नरेश गोयल जब तक 18 हज़ार करोड़ की बैंक गारंटी जमा नहीं कराते, तब तक उन्हें विदेश जाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

दरअसल, गोयल ने कोर्ट में याचिका लगाई थी कि उन्हें एयरलाइन को फिर से शुरू करने के लिए पैसा जुटाने को दुबई जाना होगा, लेकिन जस्टिस सुरेश कुमार ने उनकी ये याचिका ख़ारिज कर दी और कहा कि "अगर आप 18 हज़ार करोड़ की बैंक गारंटी देने को तैयार हैं तो (विदेश) जा सकते हैं."

गोयल और उनकी पत्नी को 25 मई को दुबई की एक फ्लाइट से उतार दिया गया था. इसके बाद उन्होंने विदेश जाने से रोकने वाले "लुक-आउट सर्कुलर" को चुनौती दी थी.

गोयल के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि जेट के प्रमोटर ना तो किसी मामले में अभियुक्त हैं और ना ही प्रवर्तन निदेशालय की किसी एफ़आईआर या शिकायत में उनका नाम है, इसलिए उनके ख़िलाफ़ लुक-आउट सर्कुलर उचित नहीं है.

ऐम्बुलेंस में कोर्ट पहुंचे सरवण भवन के मालिक

क़रीब 18 साल बाद सरवण भवन होटल में काम करने वाले प्रिंस सांताकुमार के अपहरण और हत्या मामले में मुख्य दोषी और होटल चेन के मालिक पी.राजगोपाल मंगलवार को सिटी कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचे.

उनकी तबीयत ठीक ना होने के चलते उन्हें ऐम्बुलेंस में लाया गया था.

2004 में विशेष अदालत ने राजगोपाल और उनके पांच साथियों को 10 साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई थी.

इसके ख़िलाफ़ मद्रास हाइ कोर्ट में अपील दायर की गई. लेकिन 2009 में मद्रास हाई कोर्ट ने उन्हें और पांच अन्य को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई.

मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने भी मद्रास हाई कोर्ट के फ़ैसले को बरकरार रखा और दोषियों को आत्म समर्पण करने के लिए सात जुलाई का वक़्त दिया.

राजगोपाल ने क़ैद से बचने के लिए आख़िरी कोशिश करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे मंगलवार को ख़ारिज कर दिया गया और उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा.

राहुल गांधी अमेठी जाएंगे

कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने के बाद राहुल गांधी 10 जुलाई को अमेठी जाएंगे.

बताया जा रहा है कि वो पहले लखनऊ पहुंचेंगे और फिर सड़क रास्ते से अमेठी जाएंगे.

कार्यक्रम के मुताबिक़ राहुल गाधी गौरीगंज में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात करेंगे और फिर शिव महेश कॉलेज में एक समारोह में शामिल होंगे.

माना जा रहा है कि वो आम चुनाव में पार्टी की हार की समीक्षा भी करेंगे और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे.

नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ माने जाते रहे अमेठी से पूर्व सांसद राहुल गांधी 17वीं लोक सभा चुनाव में स्मृति ईरानी से हार गए थे.

इस सीट से उनके माता-पिता, सोनिया और राजीव गांधी भी चुनाव लड़े और जीते थे.

नगालैंड में भी एनआरसी

असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) को अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उसका पड़ोसी राज्य नगालैंड ने भी इस तरह की सूची अपडेट करने जा रहा है. अवैध आप्रवासियों की पहचान करने के लिए इसकी शुरुआत आज से होगी.

नकली और फ़र्ज़ी प्रमाणपत्र की समस्या से निपटने के लिए नगालैंड सरकार ने रजिस्टर ऑफ इंडिजिनियस इनहैबिटेंट्स ऑफ नगालैंड (RIIN) स्थापित करने का फ़ैसला किया है.

नगालैंड सरकार के गृह आयुक्त आर. रामकृष्णन ने 29 जून को एक अधिसूचना जारी की थी.

इसमें रजिस्टर ऑफ आरआईआईएन स्थापित किए जाने की बात कही गई थी.

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